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टांडा में शुरू हुआ 7 दिन का ‘प्लांट लंगर’ | 1 लाख मुफ्त पौधे बांटने का लक्ष्य | Cancer Awareness Trust

होशियारपुर के टांडा उर्मुर में कैंसर अवेयरनेस ट्रस्ट ने अपने 15वें स्थापना दिवस पर 7 दिवसीय “प्लांट लंगर” अभियान की शुरुआत की। इस अभियान के तहत एक लाख पौधे मुफ्त वितरित करने का लक्ष्य रखा गया है। कार्यक्रम में पर्यावरण संरक्षण, हरियाली बढ़ाने और कैंसर जागरूकता का संदेश दिया गया। देखें पूरी रिपोर्ट।

टांडा उर्मुर / सत्ता संदेश

Report : जसप्रीत सिंह सैनी

पर्यावरण संरक्षण और कैंसर जागरूकता का संदेश लेकर होशियारपुर के टांडा उर्मुर में एक अनोखी पहल शुरू हुई है। कैंसर अवेयरनेस ट्रस्ट ने अपने 15वें स्थापना दिवस के अवसर पर सात दिवसीय ‘प्लांट लंगर’ अभियान की शुरुआत की है। इस अभियान का लक्ष्य है एक लाख पौधे मुफ्त वितरित कर पूरे इलाके को हरियाली से जोड़ना।

गैलेक्सी होटल में आयोजित इस कार्यक्रम में समाजसेवी संस्थाओं के प्रतिनिधियों, पर्यावरण प्रेमियों और विभिन्न क्षेत्रों की प्रमुख हस्तियों ने हिस्सा लिया। अभियान के तहत लोगों को देसी आम, जामुन, आंवला, बेल, हरड़, बेर सहित कई फलदार पौधों के साथ-साथ नीम, अर्जुन, अमलतास, कचनार और अन्य छायादार पौधे भी निशुल्क वितरित किए गए।

कैंसर अवेयरनेस ट्रस्ट के अध्यक्ष मनजिंदर सिंह सैनी (गोल्डी) ने कहा कि ट्रस्ट ने विभिन्न सामाजिक संगठनों के सहयोग से एक लाख पौधे मुफ्त बांटने का लक्ष्य तय किया है। ये पौधे गांवों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर लगाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि सिर्फ पौधे लगाना ही नहीं, बल्कि उनकी देखभाल करना भी हर नागरिक की जिम्मेदारी है।

उन्होंने कहा कि “एक पेड़ – एक ज़िंदगी” के संदेश के साथ शुरू किया गया यह अभियान लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करेगा और स्वच्छ हवा व हरियाली के जरिए कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों से बचाव का संदेश भी देगा।

कार्यक्रम में ऑल इंडिया सैनी सेवा समाज यूथ विंग के जिला अध्यक्ष जसप्रीत सिंह सैनी ने इस पहल को समाज के लिए प्रेरणादायक बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इस अभियान का हिस्सा बनने की अपील की।

इस अवसर पर भगवान सिंह सैनी सहित कई समाजसेवी संगठनों के प्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों ने भी पर्यावरण संरक्षण का संकल्प लिया और इस अभियान की सराहना की।

हिमाचल में बारिश का कहर! 145 सड़कें बंद | 224 ट्रांसफार्मर ठप | 798 करोड़ का नुकसान

हिमाचल प्रदेश / सत्ता संदेश

हिमाचल प्रदेश में जारी मूसलाधार बारिश ने एक बार फिर जनजीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र (SEOC) द्वारा शुक्रवार सुबह 10 बजे जारी की गई रिपोर्ट के अनुसार, प्रदेश में 145 सड़कें यातायात के लिए बंद हैं, 224 बिजली वितरण ट्रांसफार्मर (DTR) ठप पड़े हैं, और 14 पेयजल योजनाएं भी प्रभावित हुई हैं।

जिलेवार स्थिति और प्रभाव
बारिश का सबसे अधिक प्रकोप मंडी जिले में देखा जा रहा है, जहां अकेले 66 सड़कें अवरुद्ध हैं। इसके अतिरिक्त, मंडी में 182 बिजली ट्रांसफार्मर भी प्रभावित हुए हैं। कुल्लू जिले में 31 सड़कें और 31 ट्रांसफार्मर प्रभावित हुए हैं। सिरमौर में 28 सड़कें, शिमला में 12 सड़कें, कांगड़ा में पांच, ऊना में दो और किन्नौर में एक सड़क बंद है। किन्नौर में चौरा-छोटा कंबा लिंक रोड भी अवरुद्ध होने से आवागमन बाधित हो गया है।

बिजली आपूर्ति की बात करें तो मंडी के बाद कुल्लू सबसे अधिक प्रभावित है। शिमला में सात और सोलन में तीन ट्रांसफार्मर बंद होने के कारण कई इलाकों में बिजली व्यवस्था चरमरा गई है। पेयजल योजनाओं पर भी बारिश का गंभीर असर पड़ा है, जिसमें शिमला जिले की पांच योजनाएं सबसे अधिक प्रभावित हुई हैं।विज्ञापन

मानसून से अब तक 798 करोड़ का नुकसान
राज्य सरकार द्वारा जारी संचयी मानसून क्षति रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून से 6 अगस्त 2026 के बीच मानसून के कारण प्रदेश में 142 लोगों की जान जा चुकी है, जबकि 224 लोग घायल हुए हैं। इस अवधि में सार्वजनिक और निजी संपत्तियों को मिलाकर लगभग 797.86 करोड़ रुपये का भारी नुकसान हुआ है।

रिपोर्ट के अनुसार, विभिन्न सरकारी विभागों में लोक निर्माण विभाग (PWD) को सर्वाधिक नुकसान हुआ है। इसके अलावा, बिजली, जल शक्ति, शिक्षा, ग्रामीण विकास और अन्य विभागों को भी भारी आर्थिक क्षति का सामना करना पड़ा है। निजी संपत्तियों, मकानों, कृषि और बागवानी क्षेत्र को भी नुकसान दर्ज किया गया है।

प्रशासन की अपील
राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने लोगों से आग्रह किया है कि वे खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और प्रशासन द्वारा जारी की गई एडवाइजरी का सख्ती से पालन करें। यह कदम आगे होने वाली किसी भी अप्रिय घटना से बचने में सहायक सिद्ध होगा।