ब्रेकिंग न्यूज़
जालंधर में खाकी दागदार: फर्जी नाका लगाकर उगाही कर रहा था PAP कांस्टेबल, निहंग सिंह की मुस्तैदी से पकड़ा गया

पंजाब डेस्क: पंजाब के जालंधर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के एक कांस्टेबल ने ही फर्जी नाका लगाकर राहगीरों से अवैध वसूली शुरू कर दी। यह घटना जालंधर के नकोदर रोड पर हुई, जहाँ असली पुलिस जवान के इस कारनामे को देखकर लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज: घटना के वक्त आरोपी कांस्टेबल सिविल वर्दी में था और अपने एक साथी के साथ सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। वे दस्तावेजों की जांच के नाम पर लोगों से पैसों की मांग कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने वहां से गुजर रहे एक निहंग सिंह को रुकने का इशारा किया।

निहंग सिंह के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद आरोपी उनसे उलझने लगा और पैसों की मांग की। शक होने पर जब निहंग सिंह ने सख्ती से पूछताछ की और पुलिस बुलाने की बात कही, तो आरोपी घबरा गया। इस बीच मौका पाकर उसका साथी कार में बैठकर फरार हो गया।

आक्रोशित भीड़ ने सिखाया सबक: हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी कांस्टेबल को दबोच लिया। गुस्साई भीड़ ने उसकी बीच सड़क जमकर पिटाई की। आरोपी काफी देर तक अपना चेहरा छिपाता रहा, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

पुलिस हिरासत में आरोपी: घटना की सूचना मिलते ही थाना लांबड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जालंधर में पहले भी फर्जी नाके लगाकर वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, जो पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

लुधियाना: लॉरेंस बिश्नोई गैंग का कुख्यात गुर्गा पंकज राजपूत गिरफ्तार; दिल्ली पुलिस ने लुधियाना में मारा छापा

पंजाब डेस्क : दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए लॉरेंस बिश्नोई सिंडिकेट से जुड़े कुख्यात गैंगस्टर पंकज राजपूत को लुधियाना के जमालपुर इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। कैटेगरी-बी का यह गैंगस्टर दिल्ली के एक बड़े कारोबारी से करोड़ों रुपये की रंगदारी मांगने के मामले में वांछित था।

स्थानीय पुलिस को नहीं लगी भनक: हैरानी की बात यह है कि पंकज पिछले पांच दिनों से लुधियाना के पुनीत नगर में अपने एक रिश्तेदार के घर छिपा हुआ था, लेकिन स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। जबकि पंजाब पुलिस महानगर में ‘ऑपरेशन प्रहार 2’ चला रही थी, दूसरे राज्य की पुलिस आकर इतने बड़े अपराधी को पकड़ ले गई।

अपराधिक इतिहास और विदेशी कनेक्शन: पंकज राजपूत का नाता अंतरराष्ट्रीय गैंगस्टरों गोल्डी बराड़ और रोहित गोदारा से सीधा बताया जाता है। उस पर हत्या के प्रयास, रंगदारी, ड्रग्स और हथियारों की तस्करी जैसे करीब डेढ़ दर्जन संगीन मामले दर्ज हैं।

अमेरिका फरार हुआ था आरोपी: साल 2023 में जमानत पर बाहर आने के बाद पंकज चकमा देकर अमेरिका भाग गया था।नेटवर्क विस्तार: हाल ही में भारत लौटकर उसने पंजाब में अपना नेटवर्क दोबारा सक्रिय करना शुरू किया था और लुधियाना के दरेसी मैदान के आसपास अपना आधार बना रहा था।

ड्रग्स और हथियारों की तस्करी में संलिप्तता: पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, पंकज का नाम 1 किलो हेरोइन की बरामदगी और जगरांव मुठभेड़ जैसे मामलों से भी जुड़ा हुआ है। साल 2019 में जेल में रहने के दौरान भी उसके पास से मोबाइल मिला था, जिससे पता चलता है कि वह सलाखों के पीछे से भी अपना गिरोह चला रहा था।

अगली कार्रवाई: दिल्ली पुलिस अब आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लेकर गहन पूछताछ करेगी। माना जा रहा है कि पंकज की गिरफ्तारी से फिरौती और ड्रग सिंडिकेट से जुड़े कई बड़े नामों और स्थानीय मददगारों का पर्दाफाश हो सकता है। लुधियाना के अलावा संगरूर, फिरोजपुर और बठिंडा पुलिस भी पुराने मामलों में उससे पूछताछ की तैयारी कर रही है।

गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के माता-पिता गिरफ्तार: इस मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई

पंजाब डेस्क: पंजाब पुलिस ने गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के जबरन वसूली नेटवर्क के खिलाफ अपने अभियान में एक बड़ी सफलता हासिल करते हुए गोल्डी बराड़ के माता-पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के मुताबिक, गैंगस्टर के पिता शमशेर सिंह और मां प्रीतपाल कौर को श्री मुक्तसर साहिब में कोटकपूरा रोड के पास से गिरफ्तार किया गया है।

क्या है पूरा मामला? यह गिरफ्तारी 3 दिसंबर, 2024 को श्री मुक्तसर साहिब के सदर पुलिस स्टेशन में दर्ज FIR (नंबर 233) के संबंध में की गई है। गांव उदेकरन के रहने वाले सतनाम सिंह, जो शिक्षा विभाग में सेवारत हैं, ने शिकायत दर्ज कराई थी कि 27 नवंबर, 2024 को ड्यूटी के दौरान उन्हें एक धमकी भरा फोन आया था। फोन करने वाले ने उनसे 50 लाख रुपये की फिरौती मांगी और पैसे न देने पर सतनाम सिंह और उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी।

कानूनी कार्रवाई: पुलिस ने इंडियन पीनल कोड (IPC) की धारा 308(4), 351(1) और 351(3) के तहत केस दर्ज किया है। जांच में पता चला कि गोल्डी बराड़ के माता-पिता आदर्श नगर की गली नंबर 1 में रहते थे।

गैंगस्टर नेटवर्क पर बड़ा हमला: गोल्डी बराड़ के माता-पिता की गिरफ्तारी पुलिस की पूरे गैंगस्टर नेटवर्क को खत्म करने की कोशिश का हिस्सा है। इस महीने की शुरुआत में, पंजाब पुलिस ने बराड़ से जुड़े एक जबरन वसूली गैंग का भंडाफोड़ किया था और उसके 10 खास साथियों को गिरफ्तार किया था। उनके पास से दो ऑस्ट्रियन ग्लॉक पिस्टल समेत 12 मॉडर्न हथियार और जिंदा कारतूस बरामद किए गए थे।

लुधियाना के पुलिस कमिश्नर स्वप्न शर्मा ने कहा कि यह कार्रवाई ऑर्गनाइज्ड क्राइम और गैर-कानूनी हथियारों के नेटवर्क को खत्म करने का साफ संदेश है।