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सहभागिता की शक्ति: भारत टीबी के खिलाफ जंग में कैसे निर्णायक मोड़ ला रहा है
श्री जगत प्रकाश नड्डा
आज, जब भारत एक और टीबी-मुक्त भारत अभियान - एक 100 दिवसीय अभियान - की शुरुआत कर रहा है, तो मैं टीबी को समाप्त करने की हमारी यात्रा को अत्यंत गर्व और नई आशा के साथ याद करता हूँ। हाल के वर्षों में, भारत की टीबी के खिलाफ प्रतिक्रिया असाधारण रही है, जो माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी की दूरदृष्टि से प्रेरित जनभागीदारी और सामूहिक जिम्मेदारी की भावना पर आधारित है। समाज आधारित इस समग्र दृष्टिकोण ने विभिन्न क्षेत्रों में अपनी शक्ति साबित की है, जैसे कि मिशन इंद्रधनुष जैसी प्रमुख पहलों की सफलता को आगे बढ़ाना और सामुदायिक स्तर पर 'स्वस्थ महिलाएं, मजबूत परिवार' के संदेश को सुदृढ़ करना। दिसंबर 2024 में शुरू किए गए 100 दिवसीय गहन टीबी-मुक्त भारत अभियान के अनुभव ने जनशक्ति में हमारे विश्वास को और मजबूत किया है।
एक चिकित्सा अभियान के रूप में शुरू हुआ यह प्रयास अब एक जन आंदोलन बन चुका है। इसके परिणाम स्वयं ही सब कुछ बयां करते हैं: भारत में 2015 से टीबी के मामलों में 21% की गिरावट आई है—जो वैश्विक दर से लगभग दोगुनी है—साथ ही टीबी से होने वाली मृत्यु दर में भी 25% की गिरावट आई है। यह दर्शाता है कि जब विज्ञान, व्यवस्था और समाज मिलकर काम करते हैं तो क्या हासिल किया जा सकता है।
आज, भारत में टीबी के खिलाफ लड़ाई सामूहिक भागीदारी की शक्ति को दर्शाती है। केंद्रीय मंत्रालयों से लेकर ग्राम पंचायतों तक, डॉक्टरों से लेकर जन प्रतिनिधियों तक, हर कोई इसमें शामिल है। यहां तक ​​कि जिन मरीजों का इलाज पूरा हो चुका है, वे भी टीबी से जीत हासिल करने वाले अन्य लोगों का समर्थन कर रहे हैं। जिन मरीजों का इलाज पूरा हो चुका है, वे भी टीबी से ठीक हो चुके अन्य लोगों की मदद कर रहे हैं। स्वास्थ्य मंत्रालय ने 25 अन्य मंत्रालयों, सभी पंचायती राज संस्थानों और सामुदायिक संगठनों के साथ मिलकर उनकी विशेषज्ञता, नेटवर्क और बुनियादी ढांचे को साझा करने के लिए हाथ मिलाया है।
टीबी रोगियों को मानसिक और सामाजिक सहायता प्रदान करने, उपचार के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को सुधारने और उनकी गरिमा को बहाल करने के लिए 2 लाख से अधिक मेरा भारत स्वयंसेवकों ने पंजीकरण कराया है।
विज्ञान और नवाचार का प्रभाव
हमारी रणनीति नए साक्ष्यों और उभरती चुनौतियों के जवाब में लगातार विकसित होती रही है। भारत के राष्ट्रीय टीबी प्रसार सर्वेक्षणों से पता चला है कि आधे मरीज़ों में विशिष्ट लक्षण नहीं दिखते हैं। इसके चलते लक्षणहीन संवेदनशील आबादी में सक्रिय परीक्षण की ओर बदलाव आया है। लक्षणहीन मामले संक्रमण फैलाते हैं – एक ऐसा रोगी जिसका परीक्षण नहीं हुआ है, अनजाने में दूसरों को संक्रमित कर सकते हैं, इसलिए शुरुआती जांच न केवल एक आवश्यकता है बल्कि एक नागरिक जिम्मेदारी भी है।
एआई-सक्षम छोटी एक्स-रे मशीनों और उन्नत आणविक परीक्षण तकनीक से लैस, निकश्या वाहन सबसे अधिक जोखिम वाले समुदायों के लिए आसान परीक्षण की सुविधा प्रदान करते हैं। इस कार्यक्रम के तहत अब तक 20 करोड़ से अधिक लोगों की जांच की जा चुकी है, जिसके परिणामस्वरूप 32.65 लाख टीबी के मामले सामने आए हैं, जिनमें 10.9 लाख लक्षणहीन मामले भी शामिल हैं, जिनका अन्यथा इलाज संभव नहीं है। इस गति को बनाए रखते हुए, टीबी मुक्त भारत अभियान के अगले 100 दिनों में 3,000 से अधिक एआई-संचालित छोटे एक्स-रे उपकरण और अगली पीढ़ी की निदान मशीनें तैनात की जाएंगी।
डेटा-आधारित उपकरण उच्च जोखिम वाले गांवों और शहरी वार्डों की पहचान करने में मदद करेंगे जहां लक्षित परीक्षण का सबसे बड़ा प्रभाव हो सकता है।

भारत में तेजी से शहरीकरण हो रहा है। घनी आबादी और संवेदनशील समुदायों को देखते हुए, यदि परीक्षण और देखभाल को मजबूत नहीं किया गया तो यह बीमारी अनजाने में फैल सकती है। इसीलिए हम औपचारिक बस्तियों, प्रवासी श्रमिक समूहों और अन्य कमजोर आबादी जैसे उच्च जोखिम वाले शहरी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
आगे का रास्ता
जैसे-जैसे हम आगे बढ़ते हैं, हमारा कार्य स्पष्ट होता जाता है; प्राप्त गति को बनाए रखना और इसे और भी तेज करना। भारत एक राष्ट्र है,जब हम साथ मिलकर काम करते हैं, तो सफलता हमेशा मिलती है। हमने पोलियो उन्मूलन के लिए साथ मिलकर काम किया। माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के नेतृत्व में, हमने रिकॉर्ड समय में एक अरब से अधिक लोगों को कोविड-19 का टीका लगाया।'मेड इन इंडिया' विकास रणनीति के साथ, हम अपेक्षा से कहीं अधिक निश्चितता की ओर बढ़ रहे हैं। हम इस साझा मिशन में प्रत्येक नागरिक, संगठन और युवा मंच को शामिल करके शीघ्र निदान को बढ़ावा देना, निदान तक पहुंच का विस्तार करना और सार्वजनिक भागीदारी को बढ़ाना जारी रखेंगे। भारत का टीबी विरोधी अभियान केवल एक जन स्वास्थ्य प्रयास नहीं है। यह एक जन भागीदारी का प्रयास है - जो किसी उद्देश्य के लिए एकजुट होने की हमारे देश की क्षमता का प्रमाण है।
यदि हम एकजुट होकर खड़े हों, तो हम यह सुनिश्चित कर सकते हैं कि आने वाली पीढ़ी टीबी को इतिहास का एक अध्याय मात्र समझे, न कि उनके जीवन की एक वास्तविकता। यही वो भारत है जिसके लिए हम काम कर रहे हैं। यही वो भारत है जिसका निर्माण हम सब मिलकर करेंगे। मुझे पूरा विश्वास है कि हमारे संयुक्त प्रयासों से हम अपने आदरणीय प्रधानमंत्री द्वारा निर्धारित संकल्प को प्राप्त कर लेंगे, 'हां, हम टीबी को खत्म कर सकते हैं'।
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(लेखक केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री और रसायन एवं उर्वरक मंत्री हैं।)

कोलंबिया में भीषण सैन्य विमान हादसा: 80 सैनिकों के मारे जाने की आशंका, टेकऑफ के वक्त हुआ क्रैश

इंटरनेशनल डेस्क: कोलंबिया के दक्षिणी हिस्से से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है, जहाँ सोमवार, 23 मार्च 2026 को एक सैन्य परिवहन विमान दुर्घटनाग्रस्त हो गया। इस भीषण हादसे में विमान में सवार 80 सैनिकों के मारे जाने की आशंका जताई जा रही है।

टेकऑफ के दौरान हुआ हादसा: सैन्य सूत्रों और न्यूज एजेंसी एएफपी के अनुसार, यह ‘हरक्यूलिस’ एयरक्राफ्ट इक्वाडोर के साथ लगती दक्षिणी सीमा के पास स्थित प्यूर्टो लेगुइजामो से उड़ान भर रहा था। टेकऑफ करते समय ही विमान अनियंत्रित होकर क्रैश हो गया। बताया गया है कि इस विमान की क्षमता करीब 100 लोगों को ले जाने की थी और हादसे के वक्त इसमें दो प्लाटून (80 लोग) सवार थे।

जंगल में लगी आग: स्थानीय मीडिया और स्टेट ब्रॉडकास्टर आरसीएम द्वारा जारी तस्वीरों में दिखाया गया है कि विमान जंगल के एक खुले मैदान में बुरी तरह क्षतिग्रस्त हालत में पड़ा है और उसके फ्यूजलेज (मुख्य हिस्से) में भीषण आग लगी हुई है।

रक्षा मंत्री ने जताया दुख: कोलंबिया के रक्षा मंत्री पेड्रो सांचेज ने इस घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए इसे देश के लिए एक दर्दनाक क्षण बताया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर जानकारी दी कि मिलिट्री यूनिट्स राहत और बचाव कार्य के लिए मौके पर पहुँच चुकी हैं। हालांकि, अभी तक मरने वालों की सटीक संख्या और दुर्घटना के कारणों की आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है।

जालंधर में खाकी दागदार: फर्जी नाका लगाकर उगाही कर रहा था PAP कांस्टेबल, निहंग सिंह की मुस्तैदी से पकड़ा गया

पंजाब डेस्क: पंजाब के जालंधर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के एक कांस्टेबल ने ही फर्जी नाका लगाकर राहगीरों से अवैध वसूली शुरू कर दी। यह घटना जालंधर के नकोदर रोड पर हुई, जहाँ असली पुलिस जवान के इस कारनामे को देखकर लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज: घटना के वक्त आरोपी कांस्टेबल सिविल वर्दी में था और अपने एक साथी के साथ सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। वे दस्तावेजों की जांच के नाम पर लोगों से पैसों की मांग कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने वहां से गुजर रहे एक निहंग सिंह को रुकने का इशारा किया।

निहंग सिंह के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद आरोपी उनसे उलझने लगा और पैसों की मांग की। शक होने पर जब निहंग सिंह ने सख्ती से पूछताछ की और पुलिस बुलाने की बात कही, तो आरोपी घबरा गया। इस बीच मौका पाकर उसका साथी कार में बैठकर फरार हो गया।

आक्रोशित भीड़ ने सिखाया सबक: हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी कांस्टेबल को दबोच लिया। गुस्साई भीड़ ने उसकी बीच सड़क जमकर पिटाई की। आरोपी काफी देर तक अपना चेहरा छिपाता रहा, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

पुलिस हिरासत में आरोपी: घटना की सूचना मिलते ही थाना लांबड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जालंधर में पहले भी फर्जी नाके लगाकर वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, जो पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

पंजाब सुसाइड केस में बड़ी कार्रवाई: पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर गिरफ्तार, अमित शाह ने दिए CBI जांच के संकेत

पंजाब डेस्क: पंजाब के वेयरहाउस डिस्ट्रिक्ट मैनेजर (DM) गगनदीप सिंह रंधावा आत्महत्या मामले में आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के पूर्व मंत्री लालजीत भुल्लर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अमृतसर के डीसीपी रविंदर पाल के अनुसार, भुल्लर को फतेहगढ़ साहब पुलिस की मदद से मंडी गोबिंदगढ़ से हिरासत में लिया गया और अब उन्हें अमृतसर ले जाया जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया ने भुल्लर का इस्तीफा भी मंजूर कर लिया है।

CBI जांच की तैयारी: इस मामले की गूंज लोकसभा में भी सुनाई दी, जहाँ केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने घोषणा की कि यदि पंजाब के सांसद उन्हें लिखित में आवेदन देते हैं, तो वे इस मामले की जांच CBI को ट्रांसफर कर देंगे।

इसके तुरंत बाद कांग्रेस के चार सांसदों (चरणजीत सिंह चन्नी, सुखजिंदर रंधावा, गुरजीत औजला और धर्मवीर गांधी) और अकाली दल की सांसद हरसिमरत कौर बादल ने गृह मंत्री को पत्र सौंप दिया है। मृतक की पत्नी उपिंदर कौर ने भी निष्पक्ष जांच के लिए पहले ही सीबीआई की मांग की थी।

CCTV और सुसाइड वीडियो ने खोला राज: घटना से जुड़े सीसीटीवी फुटेज में गगनदीप रंधावा 21 मार्च की सुबह अपने घर के आंगन में टहलते और फिर सल्फास की गोलियां खाते हुए दिखाई दे रहे हैं। जहर खाने के बाद उन्होंने एक 12 सेकंड का वीडियो बनाया था, जिसमें उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि वे मंत्री लालजीत भुल्लर से तंग आकर यह कदम उठा रहे हैं।

परिवार का रुख: शुरुआत में परिवार ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया था, लेकिन अब वे इसके लिए तैयार हो गए हैं। हालांकि, परिजनों ने अभी भी गगनदीप का मोबाइल पुलिस को सौंपने से मना कर दिया है क्योंकि उन्हें डर है कि सबूतों के साथ छेड़छाड़ हो सकती है। फिलहाल लालजीत भुल्लर के साथ उनके पिता सुखदेव भुल्लर और पीए दिलबाग पर भी मामला दर्ज है।

आयकर विभाग ने चंडीगढ़ में शहीदी दिवस का आयोजन किया, शहीदों के परिजनों का सम्मान; सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से दी गई

प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त, उत्तर-पश्चिम क्षेत्र, श्री अशोक कुमार सरोहा के संरक्षण में आयकर विभाग द्वारा एनआईटीटीटीआर सभागार, सेक्टर-26, चंडीगढ़ में शहीदी दिवस का गरिमामय आयोजन किया गया।इस अवसर पर विभाग द्वारा क्षेत्र के उन शहीदों के परिजनों को सम्मानित किया गया, जिन्होंने राष्ट्र की सेवा में अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। मेजर अनुज राजपूत, कैप्टन सतीश चंद्र सहगल, कैप्टन रमेश चंदर शर्मा, लांस नायक हरचंद तथा लांस नायक विक्रम सिंह के अदम्य साहस एवं बलिदान को गहरी श्रद्धा एवं कृतज्ञता के साथ स्मरण किया गया।

कार्यक्रम में विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों की गरिमामयी उपस्थिति रही, जिनमें मुख्य आयकर आयुक्त, पंचकूला एवं शिमला, सुश्री विदिशा कालरा, आई.आर.एस.; महानिदेशक आयकर (अन्वेषण), सुश्री वत्सला झा, आई.आर.एस.; मुख्य आयकर आयुक्त, अमृतसर, डॉ. जी. एस. फणी किशोर, आई.आर.एस.; तथा मुख्य आयकर आयुक्त (ओएसडी), सुश्री कोमल जोगपाल, आई.आर.एस. शामिल थीं।

शहीदों के परिजनों को विभाग की ओर से सम्मान एवं कृतज्ञता के प्रतीक स्वरूप विशेष रूप से निर्मित स्मृति चिन्ह भेंट किए गए।

सांस्कृतिक कार्यक्रम के अंतर्गत सतलुज पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों एवं शिक्षकों द्वारा देशभक्ति गीतों की समूह एवं एकल प्रस्तुतियाँ दी गईं। इसके अतिरिक्त, चंडीगढ़ के प्रख्यात नाट्य समूह “मंथन” द्वारा भगत सिंह एवं अन्य स्वतंत्रता सेनानियों पर आधारित एक प्रभावशाली नाट्य प्रस्तुति दी गई, जिसने उपस्थित दर्शकों को भावविभोर कर दिया।

इस अवसर को चिह्नित करते हुए, पूर्वाह्न में आयकर भवन, चंडीगढ़ एवं पंचकूला में रक्तदान शिविरों का आयोजन किया गया। ये शिविर पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़, नेशनल इंटीग्रेटेड फोरम ऑफ आर्टिस्ट्स एंड एक्टिविस्ट्स (निफा), श्री राकेश कुमार सांगड़ के नेतृत्व में, तथा श्री शिव कांवड़ महासंघ चैरिटेबल ट्रस्ट के सहयोग से आयोजित किए गए।

कार्यक्रम का सफल संचालन सुश्री पूनम राय, आई.आर.एस. द्वारा किया गया तथा इसमें विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों की उत्साहपूर्ण भागीदारी रही। यह आयोजन राष्ट्रभक्ति एवं बलिदान की भावना को समर्पित एक गरिमामय एवं स्मरणीय श्रद्धांजलि के रूप में संपन्न हुआ।

श्री गुरु रविदास से संबंधित सेमिनार
श्री गुरु रविदास से संबंधित सेमिनार आज लुधियाना 21 मार्च बानी विचार चेतना मंच पंजाब 22 मार्च 2026 को सुबह 10 बजे से दोपहर 2 बजे तक श्री गुरु रविदास जी की बानी और विचारधारा से संबंधित एक सेमिनार का आयोजन कर रहा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए सेमिनार के समन्वयक डॉ. सुरजीत सिंह भदौर ने बताया कि यह सेमिनार पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना में आयोजित किया जाएगा, जिसमें दिल्ली विश्वविद्यालय के एक डॉक्टर को विशेष रूप से शोध पत्र पढ़ने के लिए आमंत्रित किया जाएगा। पटियाला के पूर्व प्रधानाचार्य कमलजीत सिंह, डॉ. गुरमीत सिंह कल्लरमजरी और पंजाब विश्वविद्यालय चंडीगढ़ के प्रोफेसर तथा पंजाबी साहित्य अकादमी लुधियाना के अध्यक्ष डॉ. सरबजीत सिंह भी मुख्य भाषण देने के लिए उपस्थित रहेंगे। पंजाब भर में इन सेमिनारों और सम्मेलनों का आयोजन किया जा रहा है। दूसरा सेमिनार 5 अप्रैल को जालंधर के डॉ. भीम राव अंबेडकर भवन में आयोजित होगा।
विधानसभा उतरी के वार्ड-92 व वार्ड-68 के डिवैल्मैंट योद्धा हर घर का दरवाजा खटखटा तैयार करेंगे विकास कार्यो की सूची : बग्गा

* विधायक बग्गा ने वालंटियर मिलनी में ब्रेकफास्ट टेबल पर की विकास कार्यो पर चर्चा  

लुधियाना। विधायक चौधरी मदन लाल बग्गा ने विधायक-वालंटियर मिलनी के तहत के वार्ड-92 वार्ड-68 के डिवैल्मैंट योद्धाओ की टीम के साथ ब्रेकफास्ट कर डिवैल्पमैंट के कार्यो की प्रगति रिपोर्ट में चर्चा की। स्थानीय सलेम टाबरी स्थित विधायक मुख्यालय में आयोजित मिलनी में वार्ड पार्षद बिट्टू भारद्वाज व पार्षद पुष्पिन्द्र भनोट बिट्टू के नेतृत्व में वार्ड में अग्रणी भूमिका निभाने वाली 200 से ज्यादा गणमान्य शख्शियतें मौजूद रही। विधायक बग्गा ने पिछले चार वर्ष के बतौर विधायक कार्यकाल में दोनो वार्डो में करवाए विकास कार्यो पर फीड बैक लिया। विधायक बग्गा ने पिछली सरकारो के समय विकास को चुनावी वर्ष से जोडऩे की प्रवृति को आम आदमी पार्टी सरकार के कार्यकाल में बदलने की निति से अवगत करवाते हुए कहा अरविन्द केजरीवाल जी व मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में आप सरकार ने पहले चार वर्षो में विकास के द्वार खोले व अब पांचवे वर्ष में विकास कार्यो का रिव्यू कर जनता से फीड बैक लेकर बाकी बचे विकास कार्यो की रुपरेखा तैयार करनी शुरु की है। बैठक में मौजूद  वार्ड-92 व वार्ड-68 के डिवैल्मैंट योद्धाओ की टीम से आग्रह किया कि वह हर घर का दरवाजा खटखटा कर डिवैल्पमैंट की फीड बैक लेकर जनमानस की जरुरत के अनुसार बाकी बचे विकास कार्यो की रिपोर्ट तैयार करें। इस दौरान आप के पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने आनलाइन बैठक में शामिल होकर पार्टी वालंटियरो से सीधे बातचीत कर सरकार की नितियो को घर-घर तक पंहुचाने का आहवान किया। पार्षद बिट्टू भारद्वाज व पार्षद पुष्पिन्द्र भनोट बिट्टू ने वार्ड में हुए करोड़ो रुपये के विकास कार्यो पर विधायक बग्गा का आभार व्यक्त करते हुए कहा विकास ही आम आदमी पार्टी सरकार का मकसद है। इस अवसर पर पार्षद अमन बग्गा, गौरव बग्गा सहित अन्य भी उपस्थित रहे।

विधायक सिद्धू, पार्षद सोमा और सग्गू ने कैबिनेट मंत्री अरोड़ा को “शहीद भगत सिंह मेमोरियल अवॉर्ड” से सम्मानित किया

कहा- शहीदों के नाम पर लाइब्रेरी बनाना राज्य सरकार का सराहनीय काम

लुधियाना, 23 मार्च ()- कल कैबिनेट मंत्री संजीव अरोड़ा ने शहर में लगभग 1.74 करोड़ रुपये की लागत से चल रहे विकास प्रोजेक्ट्स को हरी झंडी दिखाई, जिसमें चिल्ड्रन्स डे मल्टी-पर्पस स्पोर्ट्स पार्क, सीवर लाइन बिछाना और शहीद-ए-आजम भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव के नाम पर लाइब्रेरी बनाना शामिल है। इसी सिलसिले में आज मंत्री अरोड़ा को आत्म नगर के विधायक कुलवंत सिंह सिद्धू, कुलवंत सिंह सिद्धू, पार्षद परमिंदर सोमा और जनरल सेक्रेटरी रेशम सिंह सग्गू ने शहीद भगत सिंह मेमोरियल अवॉर्ड से सम्मानित किया। इस समय चरनजीत सिंह विश्वकर्मा, इन्द्रजीत सिंह नवयुग्ग, रणजीत सिंह मठाड़ू आदि विशेष तौर पर उपस्थित थे।
इस मौके विधायक सिद्धू और रेशम सिंह सग्गू ने राज्य सरकार का धन्यवाद करते हुए कहा कि जहां स. भगवंत सिंह मान ने शहर के कई तरह के विकास कामों को प्राथमिकता दी, वहीं लाइब्रेरी का नाम शहीद भगत सिंह के नाम पर रखना शहीदों के प्रति उनकी ऊंची और पवित्र सोच को दिखाता है। उन्होंने कहा कि पब्लिक लाइब्रेरी समाज में बहुत बड़ी भूमिका निभाती हैं। ये न सिर्फ ज्ञान तक पहुंच आसान बनाती हैं, बल्कि लोगों में पढ़ने की इच्छा और सोचने-समझने की शक्ति को भी बढ़ावा देती हैं। यहां लोगों को मुफ्त किताबें, रिसर्च मटीरियल और डिजिटल रिसोर्स मिलते हैं, जिससे हर उम्र के लोग अपना ज्ञान बढ़ा सकते हैं, अपने करियर की तैयारी कर सकते हैं और अपने सपने पूरे कर सकते हैं।
इस मौके पर स. सग्गू ने कहा कि यह अच्छी पहल न सिर्फ पढ़ने के मौके देती है, बल्कि समाज से जुड़ने, लगातार सीखने और खुद के विकास के लिए एक मजबूत नींव भी देती है। इस मौके पर युवराज सिंह सिद्धू, पार्षद जसमीत सिंह नोनी, सुरिंदर कल्याण, सोहन सिंह गोगा, जगदीप रिंकू, कमल कपूर सदस्य खत्री बोर्ड पंजाब सरकार, विपन कुमार, सोशल मीडिया इंचार्ज गुरप्रीत सिंह राजा जी, राजिंदर सिंह सरहाली, रणधीर सिंह दहेले, ओबीसी चेयरमैन अवतार सिंह कंडा, सोनी, बलविंदर सिंह गोरा, जगदीप सिंह लोटे, सुखविंदर सिंह जगदेव, नीलम लखनपाल, सुखविंदर सिंह दहेले, अमरजीत सिंह लाडी, शरद, महिंदर सिंह डब्बू, नरिंदर मल्होत्रा एकुकर, अर्सदीप बिल्ला, अंगद कंडा, अवतार सिंह चाने, रचना मल्होत्रा बास्केटबॉल कोच आदि इलाका निवासी मौजूद थे।

सरे (कनाडा) के संपादक हरकीरत सिंह कोलार और रचपाल सिंह गिल को शहीद भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव जी की शहादत की बरसी पर सम्मानित किया गया।
सरे (कनाडा) से प्रकाशित होने वाले साप्ताहिक समाचार पत्रों "अकाल गार्जियन" और "पंजाबी ट्रिब्यून कनाडा" के संपादकों हरकीरत सिंह कोलार और रचपाल सिंह गिल को पंजाबी लोक विरासत अकादमी द्वारा शहीद भगत सिंह राजगुरु और सुखदेव जी के शहादत दिवस के अवसर पर सम्मानित किया गया। अकादमी ने उन्हें "अखर अखर" (गुरभजन गिल), "गंगा सागर" (डॉ. गुरदेव सिंह सिद्धू), "रवि दा रथ" और "जग्गा सूरमा" (धर्म सिंह गोरैया) की पुस्तकों के साथ-साथ कुछ अन्य साहित्यिक पुस्तकें भेंट कीं। 
यह उल्लेखनीय और गर्व की बात है कि हरकीरत सिंह कोलार और रचपाल सिंह गिल पिछले 35 वर्षों से लगातार कनाडा में पंजाबी समाचार पत्र प्रकाशित कर रहे हैं।
श्री हरकीरत सिंह कोलार लुधियाना की पंजाबी साहित्य अकादमी के संरक्षक भी हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि कनाडा में रहने वाले किसी लेखक को अकादमी में प्रतिनिधि के रूप में नामित किया जाना चाहिए, जिसके माध्यम से अकादमी पुस्तक प्रकाशन या किसी अन्य परियोजना के लिए एक प्रमुख भूमिका निभा सके। इस संबंध में उन्होंने पंजाबी साहित्य अकादमी के पूर्व अध्यक्ष को फोन पर अपने विचार भी व्यक्त किए।
एस. हरकीरत सिंह कोलार ने पूर्व सांसद एस. तरलोचन सिंह और कुछ अन्य लेखकों से भी संपर्क किया और उनसे अपील की कि वे मातृभाषा पंजाबी के विकास, विश्व शांति की सुरक्षा और गौरवशाली विरासत के बारे में जितना हो सके लिखें और इसे हमारे समाचार पत्रों को भेजें ताकि वहां रहने वाले पंजाबी लोग पंजाब की भूमि से और अधिक निकटता से जुड़ सकें।
दोनों संपादकों ने कहा कि पंजाबी लोक विरासत अकादमी को लुधियाना में वार्षिक काव्य महोत्सव का आयोजन करना चाहिए और चुनिंदा पंजाबी कविताओं के संग्रह प्रकाशित करने चाहिए। वे इस कार्य में अपना पूरा समर्थन देंगे।
पंजाबी लोक विरासत अकादमी के अध्यक्ष प्रोफेसर गुरभजन सिंह गिल ने कहा कि वे अपने सहयोगियों से परामर्श करने के बाद ही कविता मेले के संबंध में कोई निर्णय ले सकेंगे। उन्होंने कहा कि मैं अपने छात्रों रचपाल सिंह गिल और हरकीरत सिंह कोलार की भावनाओं का सम्मान करता हूं। निकट भविष्य में पंजाबी लोक विरासत अकादमी एस. जरनैल सिंह अर्शी की कविता संग्रह "ललकार", प्रोफेसर दीदार सिंह जी की अमर कविता "किस्सा शहीद भगत सिंह" और "नंद लाल नूरपुरी संपूर्ण गीत-रचनावली" प्रकाशित करने की योजना बना रही है। वे भी इस कार्य में सहयोग कर सकते हैं।

श्री गुरु रविदास के जीवन और दर्शन पर आयोजित पहला सेमिनार एक यादगार आयोजन रहा।

श्री गुरु रविदास की कविताओं में बेगमपुरा की अवधारणा विश्व के लिए एकता का संदेश है: डॉ. सरबजीत सिंह। डॉ. कमलजीत सिंह के अनुसार, गुरु रविदास ने अपनी आध्यात्मिक शक्ति से तत्कालीन राजाओं और रानियों को गुरु शब्द से जोड़ा।

बानी विचार चेतना मंच पंजाब द्वारा राज्य भर में गुरु रविदास की 650वीं जयंती के उपलक्ष्य में एक संगोष्ठी आयोजित करने के निर्णय के संबंध में, इस श्रृंखला के तहत पहली संगोष्ठी 'गुरु रविदास का जीवन दर्शन और संवाद, समाज और विचार' विषय पर पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना के छात्र हॉल में मिल्कफेड पंजाब के पूर्व महाप्रबंधक बलविंदर सिंह जतिवाल की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस संगोष्ठी में दिल्ली विश्वविद्यालय के दयाल कॉलेज के प्रोफेसर डॉ. कमलजीत सिंह ने एक विशेष शोधपत्र पढ़ा। उनके अलावा, गुरु रविदास के जीवन और काव्य पर विशेष शोध करने वाले और पूर्व प्रधानाचार्य डॉ. गुरमीत सिंह कल्मजारी ने भी शोधपत्र पढ़ा। इस संगोष्ठी में पंजाब साहित्य अकादमी लुधियाना के अध्यक्ष और पंजाब विश्वविद्यालय के सरबजीत सिंह ने मुख्य भाषण दिया। संगोष्ठी के मुख्य अतिथि डॉ. सुरजीत सिंह भदौर थे और विशेष अतिथि दलजीत सिंह, महाप्रबंधक, वेरका मिल्क प्लांट, लुधियाना थे।
उन्होंने गुरनाम सिंह अकीदा, बानी विचार चेतना मंच पंजाब के मुख्य समन्वयक के नेतृत्व में आयोजित संगोष्ठी श्रृंखला की पहली संगोष्ठी में मुख्य भाषण दिया।प्रोफेसर डॉ. भी उपस्थित थे।डॉ. सरबजीत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास की बानी में वर्णित बेगमपारा की अवधारणा विश्व को एकता का संदेश देती है। श्री गुरु ग्रंथ साहिब में दर्ज गुरु रविदास की बानी के अलावा, कई अन्य बानी भी हैं, जिनमें उन्होंने न केवल क्रांतिकारी विचारों के माध्यम से राजनीति का ज्ञान दिया है, बल्कि 'गुरु प्रसाद' का संदेश देकर आध्यात्मिकता का भी वर्णन किया है और विश्व में 'शब्द गुरु' के महत्व को समझाया है।लेख पढ़ते हुए डॉ. कमलजीत सिंह ने कहा कि श्री गुरु रविदास ने प्रारंभ से ही जातिवाद का खंडन किया, वहीं अपनी आध्यात्मिक शक्ति से वे अपने समय के राजाओं और रानियों के गुरु बने और उन्हें ईश्वर के वचन से जोड़ा। लेख पढ़ते हुए डॉ. गुरमीत सिंह कल्मजारी ने कहा कि गुरु रविदास द्वारा संचालित मिशन और उनकी अवधारणा से मार्गदर्शन लेकर आज विश्व मानवता की एकता की बात कर रहा है।
उन्होंने मनुष्यों के बीच हो रहे युद्धों को मानवता को नष्ट करने वाली एक खतरनाक आदत बताया। वर्तमान प्रश्नोत्तर सत्र में विद्वानों ने नवतेज गढ़दीवाला, परमजीत सिंह जागृति, संत सतविंदर सिंह हीरा, परमिंदर सिंह पटियाला, जसवंत सिंह, अमरजीत शेरपुरी आदि प्रख्यात लेखकों और कई अन्य लोगों द्वारा उठाए गए प्रश्नों के उत्तर दिए। संगठन के मुख्य संरक्षक बलविंदर सिंह जतिवाल ने कहा कि यहां उठाए गए प्रश्नों पर विचार किया जाएगा और आगामी सेमिनारों में कोर कमेटी द्वारा उनके उत्तर दिए जाएंगे। गुरनाम सिंह अकीदा ने बताया कि इन सेमिनारों में न केवल रविदास नाम लेवा समुदाय के विद्वान शोधपत्र पढ़ेंगे, बल्कि अन्य विद्वानों को भी आमंत्रित किया जा रहा है। अगला सेमिनार 5 अप्रैल को जालंधर में आयोजित होगा। इस दौरान पंजाब के जनसंपर्क उप निदेशक प्रभजीत सिंह नथुवाल, दिल्ली के एनबीटी से मिसरदीप सिंह, जालंधर के प्रोफेसर लाल बहादुर भाटिया, होशियारपुर के इंजीनियर जगदीश लाल बधान, रोपड़ के कुलदीप चंद नांगल, पटियाला के डॉ. संतोख सुखी, भाषा विभाग के उप निदेशक सतनाम सिंह, हरदेव सिंह बोपराई आदि ने भी प्रश्न उठाए। डी-5 पंजाबी चैनल के अलावा कई अन्य चैनलों ने भी सेमिनार का सीधा प्रसारण किया।