मजीठा में चुनावी विवाद पर आमने-सामने आए बिक्रम मजीठिया और आप नेता तलबीर सिंह गिल
मजीठा / सत्ता संदेश
मजीठिया ने पुलिस और प्रशासन पर दबाव में काम करने के लगाए आरोप
आप नेता तलबीर सिंह गिल बोले – “मजीठा में अब गुंडागर्दी नहीं चलने देंगे”
दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर मारपीट, धमकाने और चुनावी माहौल खराब करने के लगाए आरोप
मजीठा में नगर काउंसिल चुनावों के दौरान हुए विवाद ने राजनीतिक माहौल को और गरमा दिया है। शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और आम आदमी पार्टी के हल्का मजीठा इंचार्ज तलबीर सिंह गिल ने मीडिया के सामने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए। दोनों पक्षों ने चुनावी माहौल खराब करने, गुंडागर्दी करने और पुलिस प्रशासन पर दबाव बनाने के आरोप लगाए हैं।
मीडिया से बातचीत करते हुए बिक्रम मजीठिया ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के फोन आने के बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से बाहर निकाल दिया। उन्होंने कहा कि जिस व्यक्ति ने कथित तौर पर मारपीट की और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाई, उसे पुलिस हिरासत में लेकर आई थी, लेकिन बाद में दबाव के चलते छोड़ दिया गया। मजीठिया ने आरोप लगाया कि एसएसपी तक पुलिस अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा था और शिकायत दर्ज करने से भी बचा जा रहा था।
मजीठिया ने कहा कि पूरी घटना की वीडियो मौजूद है, जिसमें पुलिस कथित आरोपी को पकड़कर बाहर लाती दिखाई दे रही है। उन्होंने कहा कि किसी की पगड़ी को हाथ लगाना और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना बेहद गंभीर मामला है, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन कार्रवाई करने से बच रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार राजनीतिक दबाव के जरिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।
दूसरी ओर आम आदमी पार्टी के नेता तलबीर सिंह गिल ने अकाली दल पर बाहरी लोगों को बुलाकर माहौल खराब करने के आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि मजीठा में भाईचारे और शांति को खराब करने की कोशिश की गई, लेकिन अब इलाके के लोग ऐसी “गुंडागर्दी” बर्दाश्त नहीं करेंगे। गिल ने कहा कि उन्होंने हमेशा महिलाओं और बहनों का सम्मान किया है और मजीठा में आपसी भाईचारे को बनाए रखने के लिए काम किया है।
तलबीर सिंह गिल ने आरोप लगाया कि अकाली दल के समर्थक 20 से 25 गाड़ियों में भरकर आए और चुनावी माहौल खराब करने की कोशिश की। उन्होंने दावा किया कि उनके पास पूरी घटना की वीडियो मौजूद है और वे सभी सबूत पुलिस को देंगे। गिल ने कहा कि यदि किसी ने कानून अपने हाथ में लिया है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए।
आप नेता ने कहा कि पुलिस प्रशासन और एसएसपी चुनाव प्रक्रिया को शांतिपूर्ण ढंग से संभाल रहे थे, लेकिन कुछ लोग जानबूझकर तनाव पैदा करना चाहते थे। उन्होंने कहा कि मजीठा के लोग अब बाहरी लोगों की दादागिरी स्वीकार नहीं करेंगे और चुनावों को लोकतांत्रिक तरीके से ही होने दिया जाएगा।
घटना के बाद इलाके में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और प्रशासन पूरे मामले पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल पुलिस दोनों पक्षों के आरोपों की जांच कर रही है।

