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सीसीपीए ने भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कोचिंग संस्थानों पर जुर्माना लगाया

सीसीपीए ने कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के खिलाफ राष्ट्रव्यापी कार्रवाई की; कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए गए और उन पर 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया गया

केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने भ्रामक विज्ञापनों, अनुचित व्यापार प्रथाओं और उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के अंतर्गत उपभोक्ता अधिकारों के उल्लंघन में लिप्त पाए जाने पर मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ 10 लाख रुपये का जुर्माना और सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) के खिलाफ 5 लाख रुपये का जुर्माना लगाते हुए अंतिम आदेश पारित किया है।

यह निर्णय उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा और उन्हें बढ़ावा देने तथा यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया है कि उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 के प्रावधानों के उल्लंघन में किसी भी वस्तु या सेवा के संबंध में कोई झूठा या भ्रामक विज्ञापन न दिया जाए।

मुख्य आयुक्त श्रीमती निधि खरे और आयुक्त श्री अनुपम मिश्र की अध्यक्षता वाले केंद्रीय उपभोक्ता संरक्षण प्राधिकरण (सीसीपीए) ने मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड और करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी), सीकर के खिलाफ आदेश पारित किए हैं। प्राधिकरण ने पाया कि कोचिंग संस्थानों ने आईआईटी-जेईई और नीईटी परीक्षाओं में सफल उम्मीदवारों के नाम, फोटो और उपलब्धियों का प्रमुखता से उपयोग करते हुए बड़े-बड़े दावे किए और इन उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई।

मोशन एजुकेशन प्राइवेट लिमिटेड का मामला : निम्नलिखित दावे किए गए थे –

  1. जेईई एडवांस्ड परिणाम 2025: मोशन के अनुसार जेईई एडवांस्ड में उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 3231/6332 = 51.02 प्रतिशत
  2. जेईई (मुख्य परीक्षा) 65.8 प्रतिशत 6930/10532”
  3. ” मोशन है तो सिलेक्शन है “
  4. नीट परिणाम 2025: उत्तीर्ण छात्रों का प्रतिशत 6972/7645 = 91.2 प्रतिशत
  5. नीट परिणाम 2025- शीर्ष 500 अखिल भारतीय रैंक (सामान्य और ओबीसी) में 19 छात्र और हमारे छात्रों ने 100 से कम में अखिल भारतीय रैंक प्राप्त की है।”

सीसीपीए ने संस्थान द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट, यूट्यूब चैनल, इंस्टाग्राम अकाउंट और समाचार पत्रों में प्रकाशित भ्रामक विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया। सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने सफल उम्मीदवारों के नाम और तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित कीं, साथ ही साथ “पूर्णकालिक कक्षा कार्यक्रम”, “आवासीय कार्यक्रम”, “नर्चर बैच”, “एन्थ्यूज बैच” और “ड्रॉपर/लीडर बैच” जैसे अपने सशुल्क कार्यक्रमों का विज्ञापन किया, जबकि सफल उम्मीदवारों द्वारा किए गए वास्तविक पाठ्यक्रमों का खुलासा नहीं किया।

जांच महानिदेशक द्वारा की गई जांच में पता चला कि विज्ञापनों में दिखाए गए अधिकांश छात्र “आई-एकलव्य (ऑनलाइन)” पाठ्यक्रमों में नामांकित थे। सीसीपीए ने पाया कि “आई-एकलव्य” पाठ्यक्रम जेईई और नीट उम्मीदवारों के लिए एक प्रमुख रैंकर्स बैच है, जो ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्रारूपों में उपलब्ध है और चयनित छात्रों को परीक्षा और साक्षात्कार प्रक्रिया के माध्यम से निःशुल्क प्रदान किया जाता है। हालांकि, विज्ञापनों में यह महत्वपूर्ण जानकारी, यानी सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए पाठ्यक्रम का खुलासा नहीं किया गया था।

जांच में यह भी पाया गया कि संस्थान ने परीक्षा संपन्न होने के बाद दाखिला लेने वाले कुछ छात्रों के नाम और तस्वीरों का भी इस्तेमाल किया था, जिससे प्रचार के उद्देश्य से उनकी सफलता का झूठा श्रेय संस्थान को दिया गया था। जांच में यह भी पाया गया कि छात्रों या उनके माता-पिता/अभिभावकों की उचित सहमति प्राप्त किए बिना छात्रों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल किया गया था।

सीसीपीए ने पाया कि बार-बार अवसर दिए जाने और दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत करने के निर्देश दिए जाने के बावजूद संस्थान विज्ञापनों में किए गए कई दावों को साबित करने में विफल रहा। प्राधिकरण ने माना कि सफल उम्मीदवारों द्वारा लिए गए पाठ्यक्रमों की प्रकृति के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाना उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 की धारा 2(28) के अंतर्गत भ्रामक विज्ञापन और धारा 2(47) के तहत अनुचित व्यापार व्यवहार के अंतर्गत आता है।

सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) का मामला : निम्नलिखित आरोप लगाए गए थे –

  1. एमबीबीएसआईआईटी और अन्य संस्थानों में 1650 से अधिक सीएलसी छात्र
  2. नीट में ऑल इंडिया रैंक-100 में सीएलसी छात्र
  3. “3 सीएलसी छात्र दिल्ली के एम्स में
  4. “6 सीएलसी छात्रों ने 720 में से 710 से अधिक अंक प्राप्त किए
  5. ऑल इंडिया रैंक-1000 में परिणामों में गुना वृद्धि
  6. ” सीकर में पिछले वर्ष में सर्वश्रेष्ठ सीएलसी एआईआर-1000 में सर्वाधिक 7 गुना वृद्धि “

सीसीपीए ने सीकर स्थित करियर लाइन कोचिंग (सीएलसी) द्वारा अपनी आधिकारिक वेबसाइट और समाचार पत्रों में प्रकाशित भ्रामक विज्ञापनों का स्वतः संज्ञान लिया। सीसीपीए ने पाया कि संस्थान ने सफल उम्मीदवारों की तस्वीरें प्रमुखता से प्रदर्शित कीं और साथ ही विभिन्न कक्षा कार्यक्रमों का प्रचार किया, जबकि उम्मीदवारों द्वारा चुने गए वास्तविक पाठ्यक्रमों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी छिपाई।

जांच महानिदेशक द्वारा की गई जांच में पता चला कि संस्थान ने बार-बार अवसर दिए जाने के बावजूद अपने दावों को साबित करने के लिए दस्तावेजी साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किए। जांच में यह भी पाया गया कि कई छात्र जिनके नाम और तस्वीरें विज्ञापनों में इस्तेमाल की गई थीं, वे केवल परीक्षा श्रृंखला पाठ्यक्रमों में नामांकित थे, जिसे विज्ञापनों में जानबूझकर छिपाया गया था।

सीसीपीए ने आगे पाया कि संस्थान ने “एमबीबीएस, आईआईटी और अन्य संस्थानों में 1650 से अधिक सीएलसी छात्रों” के अपने दावे के संबंध में विरोधाभासी रुख अपनाया। अपने लिखित बयान में संस्थान ने कहा कि यह आंकड़ा 1996 से संचयी चयन का प्रतिनिधित्व करता है, जबकि सुनवाई के दौरान उसने दावा किया कि यह आंकड़ा केवल वर्ष 2024 से संबंधित है। प्राधिकरण ने माना कि इस तरह के विरोधाभासी बयानों ने दावे को निराधार और भ्रामक बना दिया है।

प्राधिकरण ने यह भी पाया कि दोनों संस्थान परिणाम घोषित होने के बाद सफल उम्मीदवारों से लिखित सहमति प्राप्त करने का दस्तावेजी साक्ष्य प्रदान करने में विफल रहे, जैसा कि कोचिंग क्षेत्र में भ्रामक विज्ञापन की रोकथाम के लिए दिशानिर्देश, 2024 के अंतर्गत अनिवार्य है।

सीसीपीए ने दोनों कोचिंग संस्थानों को तत्काल प्रभाव से भ्रामक विज्ञापन बंद करनेभविष्य में भ्रामक विज्ञापन प्रकाशित न करने और भविष्य के विज्ञापनों में सत्य और पूर्ण जानकारी देने का निर्देश दिया था। हालांकि, दोनों संस्थानों ने राष्ट्रीय उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (एनसीडीआरसी) के समक्ष अपील दायर करके सीसीपीए के आदेशों को चुनौती दी है।

उपभोक्ता संरक्षण अधिनियम, 2019 उपभोक्ताओं को सूचित होने का अधिकार प्रदान करता है, जिसमें सत्य और सटीक जानकारी प्राप्त करने का अधिकार भी शामिल हैजिससे वे सोच-समझकर निर्णय ले सकें । भ्रामक विज्ञापन इस अधिकार को कमजोर करते हैं और उपभोक्ता हितों को प्रतिकूल रूप से प्रभावित करते हैं, विशेष रूप से शिक्षा के क्षेत्र में जहां इच्छुक छात्र अपना काफी समय, प्रयास और वित्तीय संसाधन निवेश करते हैं।

सीसीपीए ने पाया कि सफल उम्मीदवारों द्वारा चुने गए विशिष्ट पाठ्यक्रमों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी को छिपाना , जिसमें यह जानकारी भी शामिल है कि क्या ऐसे उम्मीदवारों ने पूर्णकालिक कक्षा कार्यक्रमों, ऑनलाइन पाठ्यक्रमों, फाउंडेशन बैचों, क्रैश पाठ्यक्रमों या केवल परीक्षा श्रृंखलाओं में भाग लिया था, अधिनियम के तहत भ्रामक विज्ञापन के बराबर है।

छात्रों के हितों की रक्षा और कोचिंग क्षेत्र में पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए, सीसीपीए ने अब तक भ्रामक विज्ञापनों और अनुचित व्यापार प्रथाओं के लिए कोचिंग संस्थानों को 60 से अधिक नोटिस जारी किए हैं। विस्तृत जांच के बाद, सीसीपीए ने यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा (सीएसई), आईआईटी-जेईई, नीट, आरबीआई और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की कोचिंग देने वाले 31 कोचिंग संस्थानों पर 1.39 करोड़ रुपये से अधिक का जुर्माना लगाया है

पेक ने ‘अचीवर्स अवॉर्ड फंक्शन 2026’ में छात्र उत्कृष्टता का किया सम्मान

चंडीगढ़/ /सत्ता संदेश

चंडीगढ़ : 30 अप्रैल, 2026:पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ के डीन स्टूडेंट अफेयर्स (डीेएसए) कार्यालय द्वारा ‘अचीवर्स अवॉर्ड फंक्शन 2026’ का आयोजन किया गया। इस प्रतिष्ठित समारोह का उद्देश्य विभिन्न क्षेत्रों—शैक्षणिक, खेल, तकनीकी गतिविधियों, एनसीसी एवं सांस्कृतिक आयोजनों—में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को सम्मानित करना था।

इस समारोह में पेक के माननीय निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया मुख्य रूप से उपस्थित रहे। उनके साथ डॉ. डी.आर. प्रजापति, डीन स्टूडेंट अफेयर्स; डॉ. शोभना धीमन (एडीएसए, हॉस्टल्स); एवं डॉ. एम.पी. गर्ग भी मौजूद रहे। इस अवसर पर बड़ी संख्या में संकाय सदस्य, कर्मचारी एवं छात्र उपस्थित रहे और उन्होंने विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना की।

डीन स्टूडेंट अफेयर्स डॉ. डी.आर. प्रजापति ने कहा कि ये पुरस्कार केवल सफलता का प्रतीक नहीं हैं, बल्कि छात्रों की मेहनत, समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाते हैं। उन्होंने राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अनुसंधान, खेल और शिक्षा के क्षेत्र में पीईसी के छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की।

पेक के निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उत्साह और दृढ़ संकल्प की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि ये उपलब्धियां न केवल आपकी प्रतिभा को दर्शाती हैं, बल्कि टीमवर्क, समर्पण और ईमानदारी जैसे मूल्यों को भी प्रतिबिंबित करती हैं। उन्होंने छात्रों को हमेशा उच्च नैतिक मानकों को बनाए रखने और पूरे जुनून के साथ भागीदारी करने के लिए प्रेरित किया।

इसके उपरांत पुरस्कार वितरण समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में कुल 277 छात्रों को सम्मानित किया गया, जिनमें विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 237 छात्र तथा विभिन्न क्लबों, सेल्स, एनसीसी, एनएसएस, खेल और तकनीकी सोसायटियों से जुड़े 40 छात्र सचिव एवं संयुक्त सचिव शामिल थे।

शत प्रतिशत रहा डॉ. ए.वी.एम. पब्लिक स्कूल का आठवीं कक्षा का नतीजा

लुधियाना, 15 अप्रैल: डॉ. ए.वी.एम. पब्लिक स्कूल, नजदीक ईसा नगरी  पुली का आठवीं कक्षा का परिणाम हर साल की तरह शत-प्रतिशत रहा। इस बार के नतीजों में भी एक बार फिर से लड़कियों ने बाजी मारते हुए, प्रमुख स्थानों पर कब्जा किया और स्कूल का नाम रोशन किया।

स्कूल के प्रबंधक कमेटी के डायरेक्टर राजीव कुमार लवली और प्रिंसिपल मनीषा गाबा ने शानदार नतीजे के लिए सभी विद्यार्थियों और मेहनत स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की शानदार सफलता के लिए स्कूल स्टाफ के साथ-साथ उनकी अपनी मेहनत और परिजनों का सहयोग काफी अहम होता है।

इस परीक्षा में 103 विद्यार्थियों में से अनशिका ने 89 प्रतिशत अंक लेकर प्रथम स्थान प्राप्त किया। जबकि सोनाक्षी और जानवी ने 88.6 प्रतिशत अंक लेकर दूसरा और हिमांशी ने 88.5 प्रतिशत नंबर लेकर तीसरा स्थान प्राप्त किया। इसी तरह, नेहा कुमारी ने 82.6 प्रतिशत अंक से चौथा और ऊर्वी शर्मा ने 81 प्रतिशत अंक लेकर पांचवा स्थान प्राप्त किया। इसी प्रकार बाकी विद्यार्थी 79 से 70 प्रतिशत तक अंक हासिल करने में सफल रहे।

इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर राजीव कुमार लवली, प्रिंसिपल मनीषा गाबा, वाइस प्रिंसिपल अमिता राजन, रूबी, रीमा, अमीषा, गुरलीन कौर, सपना, हर्ष बाला, सोनिया आदि स्टाफ के सदस्यों ने सभी विद्यार्थियों को उनके उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए, कहा कि अपने सपनों को ऊंची उड़ान के पंख लगाकर विश्व विजेता बन जाओ।

शत प्रतिशत रहा डॉ. एवीएम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का पांचवीं का नतीजा

स्कूल प्रबंधक कमेटी के डायरेक्टर राजीव कुमार लवली ने सभी छतों और स्टाफ के सदस्यों को बधाई दी

लुधियाना, 2 अप्रैल: डॉ एवीएम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नज़दीक ईसा नगरी पुली का पांचवीं कक्षा का परिणाम हर साल की तरह इस बार भी शत प्रतिशत रहा और लड़कियों ने एक बार फिर से सभी प्रमुख स्थानों पर कब्जा किया।

स्कूल प्रबंधक कमेटी के डायरेक्टर राजीव कुमार लवली और स्कूल की प्रिंसीपल मनीषा गाबा ने परीक्षा के शानदार नतीजों के लिए सभी छात्रों और समूह स्टाफ के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने छात्रों के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए, आगे चलकर भी इसी तरह मेहनत करने की प्रेरणा दी और कहा कि आज के बच्चे देश का आने वाला भविष्य हैं। उन्होंने कहा कि एक पढ़ा लिखा नागरिक ही अपने परिवार, समाज और देश के लिए जिम्मेदारियों को बेहतर तरीके से निभा सकता है।

गौरतलब है कि पांचवी कक्षा के लिए कुल 120 विद्यार्थियों ने परीक्षा में हिस्सा लिया था, जिनमें से दिलजीत कौर ने 97.4 प्रतिशत अंक लेकर पहला स्थान हासिल किया है। जबकि सामिया इस्लाम 94.8 प्रतिशत नंबर लेकर दूसरा और एंजेल गर्ग व टिया 94.4 प्रतिशत अंक लेकर संयुक्त रूप से तीसरे स्थान पर रहे। इसी तरह, मनप्रीत कौर ने 94.2 प्रतिशत अंकों के साथ चौथा स्थान हासिल किया। बाकी विद्यार्थी 94 से लेकर 60 प्रतिशत अंक हासिल करने में सफल रहे।

इस अवसर पर स्कूल की वाइस प्रिंसिपल अमित राजन, सोनिया, हर्ष बाला, जगदीप कौर, तरनजीत कौर, गुरप्रीत कौर, नेहा बजाज, ज्योति और स्टाफ के अन्य सदस्यों ने भी सभी विद्यार्थियों को बधाई देते हुए, उनके सुनहरी भविष्य के लिए कामना की।