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आरसीबी ने रचा इतिहास: गुजरात को हराकर लगातार दूसरी बार बनी आईपीएल चैंपियन

स्पोर्ट्स डेस्क: अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में खेले गए आईपीएल 2026 के फाइनल मुकाबले में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (RCB) ने गुजरात टाइटन्स (GT) को 5 विकेट से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया है। इस ऐतिहासिक जीत के साथ आरसीबी लगातार दो बार आईपीएल ट्रॉफी जीतने वाली चेन्नई सुपर किंग्स और मुंबई इंडियंस के क्लब में शामिल हो गई है।

मैच में गुजरात की टीम पहले बल्लेबाजी करते हुए 155 रन ही बना सकी। गुजरात की ओर से वॉशिंगटन सुंदर ने सर्वाधिक 50 रन (नाबाद) बनाए। आरसीबी की ओर से रसिक सलाम डार सबसे सफल गेंदबाज रहे, जिन्होंने 3 विकेट झटके, जबकि भुवनेश्वर कुमार और जोश हेजलवुड को 2-2 विकेट मिले।

लक्ष्य का पीछा करने उतरी आरसीबी के लिए विराट कोहली जीत के सबसे बड़े हीरो साबित हुए। उन्होंने मात्र 42 गेंदों पर नाबाद 75 रनों की पारी खेली। इस दौरान कोहली ने महज 25 गेंदों में अपनी सबसे तेज आईपीएल फिफ्टी भी पूरी की। अंत में कोहली ने छक्का जड़कर टीम को 12 गेंद शेष रहते जीत दिला दी।

आईपीएल 2026: वैभव सूर्यवंशी की तूफानी पारी के बावजूद राजस्थान रॉयल्स बाहर, हार के बाद मैदान पर रो पड़े युवा स्टार

स्पोर्टस डेस्क : आईपीएल 2026 के दूसरे क्वालिफायर में राजस्थान रॉयल्स का सफर बेहद भावुक मोड़ पर खत्म हुआ। गुजरात टाइटंस के खिलाफ मिली 7 विकेट की हार ने न केवल राजस्थान को टूर्नामेंट से बाहर कर दिया, बल्कि उनके स्टार बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी (Vaibhav Sooryavanshi) को भी पूरी तरह तोड़ दिया।

मैच का हाल और वैभव का प्रदर्शन : वैभव सूर्यवंशी ने इस अहम मैच में अपनी ताबड़तोड़ बल्लेबाजी का जलवा दिखाते हुए 96 रनों की तूफानी पारी खेली, जिसकी मदद से राजस्थान रॉयल्स ने 214 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया। हालांकि, गुजरात टाइटंस के बल्लेबाजों ने इस लक्ष्य को 8 गेंद शेष रहते ही महज 3 विकेट खोकर हासिल कर लिया। राहुल तेवतिया के विनिंग चौके के साथ ही राजस्थान का फाइनल में पहुँचने का सपना टूट गया।

मैदान पर छलके आंसू: मैच हारने के बाद वैभव सूर्यवंशी काफी भावुक नजर आए। शुरुआत में वह थोड़े गुस्से में दिखे, जहाँ सीनियर खिलाड़ी रवींद्र जडेजा उन्हें शांत कराते और समझाते हुए देखे गए। इसके बाद वैभव डगआउट में चले गए और अपनी टोपी से मुंह छिपाकर रोने लगे, हालांकि उनकी नम आंखें कैमरे में कैद हो गईं। दुख इतना गहरा था कि उन्होंने गुजरात के खिलाड़ियों से हाथ तक नहीं मिलाया।

रिकॉर्ड्स से भरा रहा सीजन : भले ही वैभव की टीम बाहर हो गई हो, लेकिन व्यक्तिगत रूप से उन्होंने इस सीजन कई कीर्तिमान स्थापित किए: उन्होंने आईपीएल 2026 में 776 रन बनाए और 72 छक्कों के साथ सीजन में सबसे ज्यादा छक्के लगाने वाले खिलाड़ी बने।

वह आईपीएल इतिहास में सबसे कम (440) गेंदों में 1000 रन बनाने वाले बल्लेबाज बने। उनका स्ट्राइक रेट 237.31 का रहा, जो 700+ रन बनाने वाले बल्लेबाजों में सबसे अधिक है। पिछले चार मैचों में वैभव तीन बार शतक बनाने से चूके—लखनऊ के खिलाफ 93, हैदराबाद के खिलाफ 97 और अब गुजरात के खिलाफ 96 रन।

पारंपरिक स्विंग से आधुनिक विविधताओं तक, भुवनेश्वर कुमार की कला फिर बल्लेबाजों पर भारी

अहमदाबाद / सत्ता संदेश

Bhuvneshwar Kumar ने एक बार फिर साबित कर दिया कि अनुभव, नियंत्रण और गेंदबाजी की समझ आज भी टी20 क्रिकेट में उतनी ही प्रभावी है जितनी पहले हुआ करती थी। Shubman Gill का विकेट इसका ताजा उदाहरण बना, जब भारतीय तेज गेंदबाज ने अपनी पारंपरिक स्विंग कला और आधुनिक विविधताओं के बेहतरीन मिश्रण से बल्लेबाज को पूरी तरह छका दिया।

मुकाबले के दौरान शुभमन गिल आगे बढ़कर बड़ा शॉट खेलने की कोशिश कर रहे थे, लेकिन भुवनेश्वर कुमार की अच्छी लेंथ पर पड़ी और हल्की अंदर आती गेंद ने उनका संतुलन बिगाड़ दिया। गेंद सीधे स्टंप्स से जा टकराई और गुजरात टाइटंस के कप्तान का विकेट बिखर गया। यह सिर्फ एक विकेट नहीं था, बल्कि तेज गेंदबाजी की सूक्ष्म कला का शानदार प्रदर्शन माना गया।

भुवनेश्वर कुमार लंबे समय से अपनी स्विंग गेंदबाजी के लिए पहचाने जाते रहे हैं। हालांकि टी20 क्रिकेट में जहां बल्लेबाजों का दबदबा लगातार बढ़ा है, वहां उन्होंने अपनी गेंदबाजी में विविधताएं जोड़कर खुद को प्रासंगिक बनाए रखा है। धीमी गेंद, कटर, लेंथ में बदलाव और सटीक लाइन-लेंथ ने उन्हें अभी भी सबसे भरोसेमंद गेंदबाजों में शामिल रखा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि भुवनेश्वर की सबसे बड़ी ताकत उनकी नियंत्रण क्षमता और बल्लेबाज की मानसिकता को पढ़ने की कला है। वे केवल गति पर निर्भर नहीं रहते, बल्कि परिस्थितियों और बल्लेबाज की चाल के अनुसार अपनी रणनीति बदलते हैं।

आईपीएल जैसे तेज और आक्रामक प्रारूप में जहां बल्लेबाज शुरुआत से ही बड़े शॉट खेलने की कोशिश करते हैं, वहां भुवनेश्वर जैसे गेंदबाज अपनी बुद्धिमत्ता और अनुभव से अंतर पैदा करते हैं। शुभमन गिल जैसे तकनीकी रूप से मजबूत बल्लेबाज का विकेट इस बात का प्रमाण माना जा रहा है।

विशेषज्ञों के अनुसार, आधुनिक क्रिकेट में केवल तेज गति ही सफलता की गारंटी नहीं है। सही समय पर सही गेंद डालना, बल्लेबाज को जाल में फंसाना और दबाव बनाना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। भुवनेश्वर कुमार इसी कला के माहिर माने जाते हैं।

भारतीय क्रिकेट में भुवनेश्वर कुमार को लंबे समय से नई गेंद के सबसे कुशल स्विंग गेंदबाजों में गिना जाता रहा है। चोटों और उतार-चढ़ाव के बावजूद उन्होंने अपने अनुभव और तकनीकी कौशल के दम पर वापसी की है।

अब आईपीएल 2026 के आगे के मुकाबलों में भी उनकी भूमिका बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है, खासकर उन परिस्थितियों में जहां अनुभव और रणनीतिक गेंदबाजी मैच का रुख बदल सकती है।

आईपीएल 2026: वैभव सूर्यवंशी की निरंतरता ने सबको प्रभावित किया, अनिल कुंबले ने की जमकर तारीफ

मुंबई / सत्ता संदेश

Indian Premier League 2026 में Anil Kumble ने Rajasthan Royals के युवा खिलाड़ी Vaibhav Suryavanshi के प्रदर्शन की खुलकर सराहना की है। भारतीय स्पिन दिग्गज कुंबले ने कहा कि वैभव ने पूरे टूर्नामेंट में जिस निरंतरता और परिपक्वता के साथ खेल दिखाया है, वह बेहद प्रभावशाली है।

कुंबले के अनुसार, आईपीएल जैसे बड़े और दबाव भरे मंच पर लगातार अच्छा प्रदर्शन करना किसी भी युवा खिलाड़ी के लिए आसान नहीं होता, लेकिन वैभव सूर्यवंशी ने अपने खेल से यह साबित किया है कि उनमें लंबी रेस का खिलाड़ी बनने की क्षमता है।

उन्होंने कहा कि वैभव ने केवल प्रतिभा ही नहीं दिखाई, बल्कि मैच परिस्थितियों को समझने और दबाव में संयम बनाए रखने की क्षमता भी प्रदर्शित की। यही गुण किसी खिलाड़ी को विशेष बनाते हैं।

आईपीएल 2026 के दौरान राजस्थान रॉयल्स के लिए वैभव सूर्यवंशी कई मुकाबलों में महत्वपूर्ण खिलाड़ी बनकर उभरे। उनकी बल्लेबाजी और मैच के अहम क्षणों में जिम्मेदारी निभाने की क्षमता ने टीम को कई मौकों पर मजबूती प्रदान की।

कुंबले ने विशेष रूप से इस बात पर जोर दिया कि युवा खिलाड़ियों के लिए निरंतरता सबसे बड़ी चुनौती होती है। उन्होंने कहा कि एक-दो अच्छी पारियां खेलना अलग बात है, लेकिन पूरे सीजन में लगातार योगदान देना खिलाड़ी की मानसिक मजबूती और तकनीकी क्षमता को दर्शाता है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि आईपीएल में अच्छे प्रदर्शन के बाद वैभव सूर्यवंशी भविष्य में राष्ट्रीय चयनकर्ताओं की नजरों में भी आ सकते हैं। भारतीय क्रिकेट में युवा प्रतिभाओं को मंच देने में आईपीएल की भूमिका लगातार महत्वपूर्ण रही है।

राजस्थान रॉयल्स की टीम प्रबंधन ने भी इस सीजन में कई युवा खिलाड़ियों पर भरोसा जताया है, और वैभव का प्रदर्शन उस रणनीति की सफलता के रूप में देखा जा रहा है।

फिलहाल क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजर इस बात पर है कि वैभव सूर्यवंशी आने वाले मुकाबलों और भविष्य के घरेलू तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपने प्रदर्शन को किस तरह आगे बढ़ाते हैं।

भारतीय टीम में पहली बार चुने गए हर्ष दुबे का बड़ा बयान, बोले- किसी की जगह नहीं, अपनी पहचान बनाने आया हूं

नागपुर / सत्ता संदेश

भारतीय क्रिकेट में उभरते सितारे के रूप में तेजी से पहचान बना रहे युवा स्पिन गेंदबाजी ऑलराउंडर Harsh Dubey ने पहली बार भारतीय टीम में चयन के बाद बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह किसी वरिष्ठ खिलाड़ी के विकल्प के रूप में नहीं, बल्कि अपनी अलग पहचान बनाने के इरादे से टीम इंडिया में आए हैं। 23 वर्षीय विदर्भ खिलाड़ी ने कहा कि भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व करना उनके लिए गर्व और जिम्मेदारी दोनों है, और वह अपने प्रदर्शन से देश का भरोसा जीतना चाहते हैं।

बाएं हाथ के स्पिनर और उपयोगी बल्लेबाज के रूप में पहचान रखने वाले हर्ष दुबे को अगले महीने India national cricket team में पहली बार जगह मिली है। उन्हें अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाले एकमात्र टेस्ट मैच और तीन मैचों की एकदिवसीय श्रृंखला के लिए भारतीय टीम में शामिल किया गया है। चयन के बाद क्रिकेट जगत में उनकी चर्चा तेज हो गई है और उन्हें भारतीय क्रिकेट का भविष्य माना जा रहा है।

नागपुर में मीडिया से बातचीत के दौरान दुबे ने कहा कि टीम इंडिया में जगह बनाना उनके लिए किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि बचपन से ही देश के लिए खेलने का सपना देखा था और अब जब वह मौका मिला है, तो वह पूरी मेहनत और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारी निभाना चाहते हैं।

दुबे ने कहा, “मैं किसी की जगह लेने की कोशिश नहीं कर रहा हूं। भारतीय टीम में कई महान खिलाड़ी हैं जिन्होंने वर्षों तक देश के लिए शानदार प्रदर्शन किया है। मेरा लक्ष्य सिर्फ इतना है कि मैं अपनी मेहनत और प्रदर्शन से खुद की पहचान बनाऊं।”

युवा ऑलराउंडर ने कहा कि वह अपने खेल को लगातार बेहतर बनाने पर ध्यान दे रहे हैं। उन्होंने घरेलू क्रिकेट में मिले अनुभव को अपनी सबसे बड़ी ताकत बताया। पिछले कुछ वर्षों में घरेलू टूर्नामेंटों और रणजी क्रिकेट में उनके लगातार अच्छे प्रदर्शन ने चयनकर्ताओं का ध्यान आकर्षित किया था।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि हर्ष दुबे आधुनिक क्रिकेट की जरूरतों के मुताबिक एक संतुलित ऑलराउंडर साबित हो सकते हैं। उनकी बाएं हाथ की स्पिन गेंदबाजी और निचले क्रम में तेजी से रन बनाने की क्षमता टीम के लिए उपयोगी मानी जा रही है। खासतौर पर सीमित ओवरों के क्रिकेट में ऐसे खिलाड़ियों की भूमिका बेहद अहम होती जा रही है।

विदर्भ क्रिकेट से जुड़े कोच और पूर्व खिलाड़ियों ने भी दुबे की मेहनत और अनुशासन की सराहना की है। उनका कहना है कि हर्ष ने घरेलू स्तर पर लगातार संघर्ष किया और हर मौके का सही उपयोग किया। यही वजह है कि इतनी कम उम्र में उन्हें राष्ट्रीय टीम का टिकट मिला।

भारतीय क्रिकेट टीम के आगामी कार्यक्रम को देखते हुए चयनकर्ताओं की नजर युवा खिलाड़ियों पर लगातार बनी हुई है। अफगानिस्तान के खिलाफ श्रृंखला को कई नए खिलाड़ियों के लिए खुद को साबित करने का महत्वपूर्ण अवसर माना जा रहा है। ऐसे में हर्ष दुबे पर भी सभी की निगाहें रहेंगी।

क्रिकेट प्रशंसकों के बीच भी दुबे को लेकर उत्साह देखा जा रहा है। सोशल मीडिया पर लोग उन्हें शुभकामनाएं दे रहे हैं और उम्मीद जता रहे हैं कि वह आने वाले समय में भारतीय टीम के लिए अहम खिलाड़ी साबित होंगे।

विशेषज्ञों का कहना है कि भारतीय क्रिकेट में प्रतिस्पर्धा बेहद कड़ी है और टीम में जगह बनाए रखना आसान नहीं होता। ऐसे में हर्ष दुबे का यह बयान कि वह किसी का विकल्प नहीं बल्कि अपनी अलग पहचान बनाना चाहते हैं, उनके आत्मविश्वास और सकारात्मक सोच को दर्शाता है।

अब सभी की नजर अफगानिस्तान के खिलाफ होने वाली श्रृंखला पर टिकी है, जहां यह युवा ऑलराउंडर पहली बार अंतरराष्ट्रीय मंच पर अपने हुनर का प्रदर्शन करता नजर आ सकता है।

महिला टी20 विश्व कप में दिखेगी भारतीय महिला अधिकारियों की मजबूत मौजूदगी, आईसीसी पैनल में चार भारतीय शामिल

दुबई / सत्ता संदेश

International Cricket Council ने इंग्लैंड और वेल्स में 12 जून से शुरू होने वाले महिला टी20 विश्व कप के लिए मैच अधिकारियों के 18 सदस्यीय पैनल की घोषणा कर दी है। खास बात यह है कि इस प्रतिष्ठित टूर्नामेंट के लिए चुने गए पूरे पैनल में केवल महिला अधिकारी शामिल हैं। इस सूची में भारत की चार महिला अधिकारियों को भी जगह मिली है, जिनमें अनुभवी मैच रेफरी GS Lakshmi का नाम प्रमुख है।

आईसीसी द्वारा लगातार तीसरी बार महिला टी20 विश्व कप के लिए पूरी तरह महिला अधिकारियों का पैनल नियुक्त किया गया है। इसे महिला क्रिकेट और खेल प्रशासन में बढ़ती भागीदारी की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

भारतीय अधिकारियों में जीएस लक्ष्मी के अलावा अंपायरिंग से जुड़े अन्य भारतीय नाम भी शामिल किए गए हैं, जिससे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में भारतीय महिला अधिकारियों की बढ़ती प्रतिष्ठा को बल मिला है। खेल विशेषज्ञों का मानना है कि यह भारतीय महिला क्रिकेट प्रशासन और अंपायरिंग प्रतिभा के लिए गर्व का विषय है।

इस बार टूर्नामेंट में कई नए चेहरों को भी मौका दिया गया है। कैन्डेस ला बोर्ड, गायत्री वेणुगोपालन, केरिन क्लास्टे और शथीरा जाकिर जेसी पहली बार महिला टी20 विश्व कप के मैच अधिकारियों के रूप में अपनी भूमिका निभाएंगी। आईसीसी का कहना है कि इन अधिकारियों ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है, जिसके आधार पर उन्हें इस बड़े मंच के लिए चुना गया।

महिला क्रिकेट के लगातार बढ़ते प्रभाव और लोकप्रियता के बीच आईसीसी महिला अधिकारियों को अधिक अवसर देने की दिशा में सक्रिय रूप से काम कर रहा है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह के फैसले खेल में लैंगिक समानता को बढ़ावा देने के साथ-साथ नई पीढ़ी की महिला अंपायरों और मैच अधिकारियों को प्रेरित करेंगे।

इंग्लैंड और वेल्स में आयोजित होने वाला महिला टी20 विश्व कप इस बार कई मायनों में खास माना जा रहा है। दुनिया की शीर्ष महिला क्रिकेट टीमें खिताब के लिए मुकाबला करेंगी, वहीं मैदान के भीतर और बाहर महिला नेतृत्व की मजबूत उपस्थिति भी देखने को मिलेगी।

क्रिकेट जगत में भारतीय महिला अधिकारियों की बढ़ती भूमिका को सकारात्मक संकेत माना जा रहा है। जीएस लक्ष्मी पहले भी कई बड़े अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में मैच रेफरी की भूमिका निभा चुकी हैं और उन्हें महिला क्रिकेट प्रशासन में अग्रणी चेहरों में गिना जाता है।

अब क्रिकेट प्रशंसकों की नजर आगामी महिला टी20 विश्व कप पर टिकी है, जहां खिलाड़ियों के साथ-साथ महिला मैच अधिकारियों की पेशेवर क्षमता भी वैश्विक मंच पर दिखाई देगी।

आईपीएल 2026: वैभव सूर्यवंशी का तूफान, ऑरेंज कैप की रेस में निकले सबसे आगे

स्पोर्टस डेस्क: आईपीएल 2026 में ऑरेंज कैप की रेस अब अपने अंतिम पड़ाव पर है और यह बेहद रोमांचक हो गई है। राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने अपनी तूफानी बल्लेबाजी से दुनिया भर के दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया है और फिलहाल 680 रनों के साथ नंबर एक पर काबिज हो गए हैं।

सूर्यवंशी का रिकॉर्ड प्रदर्शन : एलिमिनेटर मुकाबले में सनराइजर्स हैदराबाद (SRH) के खिलाफ वैभव ने केवल 29 गेंदों पर 97 रनों की आतिशी पारी खेली, जिसमें 12 छक्के और 5 चौके शामिल थे। हालांकि वह महज 3 रनों से आईपीएल इतिहास के सबसे तेज शतक से चूक गए, लेकिन उन्होंने इस सीजन में अब तक 65 छक्के लगाकर एक नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है। राजस्थान रॉयल्स ने यह मैच 47 रनों से जीतकर क्वालीफायर 2 में अपनी जगह पक्की कर ली है।ऑरेंज कैप के अन्य दावेदार वैभव सूर्यवंशी को कड़ी टक्कर मिल रही है:

साई सुदर्शन (गुजरात टाइटंस): 15 मैचों में 652 रनों के साथ दूसरे स्थान पर हैं।

शुभमन गिल (गुजरात टाइटंस): 618 रनों के साथ चौथे नंबर पर हैं और उनके पास अभी भी मैच बचे हैं।

विराट कोहली (आरसीबी): कोहली 600 रन बना चुके हैं और उनकी टीम सीधे फाइनल में पहुँच चुकी है, जहाँ उनके पास एक बड़ा मौका होगा।

अब क्वालीफायर 2 में राजस्थान रॉयल्स का सामना गुजरात टाइटंस से होगा। इस मैच में जो भी जीतेगा, वह फाइनल में आरसीबी (RCB) से भिड़ेगा। वैभव सूर्यवंशी अब 700 रनों के जादुई आंकड़े से मात्र 20 रन दूर हैं।

आरसीबी से भिड़ंत से पहले जीटी के सहायक कोच विजय दहिया का बड़ा बयान, बोले- ‘क्वालिफायर-1 एक जंग से कम नहीं’

गुजरात / सत्ता संदेश


आईपीएल के अहम मुकाबले क्वालिफायर-1 से पहले गुजरात टाइटंस (जीटी) के सहायक कोच विजय दहिया ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ होने वाले मैच को “जंग” करार दिया है। दहिया ने कहा कि दोनों टीमों के बीच मुकाबला बेहद कड़ा और रोमांचक होने वाला है, क्योंकि दोनों ही टीमें फाइनल में जगह बनाने के लिए पूरी ताकत झोंक देंगी।

विजय दहिया ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आरसीबी इस सीजन शानदार फॉर्म में नजर आई है और उसके पास कई मैच विनर खिलाड़ी मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने भरोसा जताया कि गुजरात टाइटंस की टीम दबाव में बेहतर प्रदर्शन करना जानती है और बड़े मुकाबलों का अनुभव भी रखती है।

उन्होंने कहा, “प्लेऑफ के मैच हमेशा अलग होते हैं। यहां छोटी-छोटी गलतियां भी भारी पड़ सकती हैं। हमें हर विभाग में अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करना होगा। यह सिर्फ एक मैच नहीं, बल्कि एक जंग होगी।”

गुजरात टाइटंस की टीम ने लीग चरण में संतुलित प्रदर्शन किया है। बल्लेबाजी में जहां शीर्ष क्रम ने जिम्मेदारी निभाई, वहीं गेंदबाजों ने भी कई मुकाबलों में टीम को जीत दिलाई। दूसरी ओर, आरसीबी ने लगातार जीत दर्ज कर प्लेऑफ में जगह बनाई है, जिससे टीम का आत्मविश्वास काफी ऊंचा है।

क्रिकेट विशेषज्ञों का मानना है कि यह मुकाबला विराट कोहली, शुभमन गिल और दोनों टीमों के स्टार गेंदबाजों के प्रदर्शन पर काफी हद तक निर्भर करेगा। फैंस को एक हाई-वोल्टेज और कांटे की टक्कर वाले मुकाबले की उम्मीद है।

वेस्टइंडीज दौरे के लिए श्रीलंका ने घोषित की तीन अलग-अलग टीमें, नए चयन पैनल का बड़ा फैसला

कोलंबो / सत्ता संदेश


श्रीलंका क्रिकेट बोर्ड के नए अंतरिम प्रशासन के तहत नियुक्त चयन पैनल ने वेस्टइंडीज दौरे के लिए सोमवार को तीन अलग-अलग राष्ट्रीय टीमों की घोषणा कर दी। यह दौरा टेस्ट, वनडे और टी20 प्रारूप में खेला जाएगा, जिसके लिए चयनकर्ताओं ने अलग-अलग संयोजन तैयार किए हैं।

श्रीलंका की टीम वेस्टइंडीज में दो टेस्ट मैच, तीन एकदिवसीय अंतरराष्ट्रीय मुकाबले और टी20 अंतरराष्ट्रीय श्रृंखला खेलेगी। चयन पैनल ने युवा खिलाड़ियों और अनुभवी क्रिकेटरों के संतुलन पर विशेष ध्यान दिया है। नए प्रशासन के तहत यह पहला बड़ा चयन माना जा रहा है, जिस पर क्रिकेट प्रशंसकों और विशेषज्ञों की नजरें टिकी हुई हैं।

क्रिकेट बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, टीम चयन में खिलाड़ियों के हालिया प्रदर्शन, फिटनेस और विदेशी परिस्थितियों में खेलने के अनुभव को अहम आधार बनाया गया है। टेस्ट टीम में अनुभवी खिलाड़ियों को जगह दी गई है, जबकि सीमित ओवरों की टीमों में युवा चेहरों को मौका देकर भविष्य की तैयारी पर जोर दिया गया है।

वेस्टइंडीज का दौरा श्रीलंका के लिए काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि टीम आगामी अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों की तैयारियों को मजबूत करना चाहती है। कैरेबियाई परिस्थितियों में तेज गेंदबाजों और ऑलराउंडरों की भूमिका अहम रहने की उम्मीद है।

क्रिकेट प्रशंसकों को उम्मीद है कि नए चयन पैनल के नेतृत्व में श्रीलंका की टीम बेहतर प्रदर्शन करेगी और विदेशी जमीन पर जीत हासिल करने में सफल रहेगी।

क्रिकेट जगत में शोक: केएल राहुल के पूर्व साथी खिलाड़ी एसएल अक्षय का लाइव मैच के दौरान हार्ट अटैक से निधन

स्पोर्ट्स डेस्क : भारतीय क्रिकेट जगत से एक बेहद दुखद खबर सामने आई है। कर्नाटक के पूर्व तेज गेंदबाज एसएल अक्षय (SL Akshay) का रविवार को बेंगलुरु में एक मैच के दौरान दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया। वह मात्र 39 वर्ष के थे।

मैदान पर ही बिगड़ी तबीयत यह दुखद घटना: रविवार को उस समय हुई जब अक्षय बेंगलुरु में कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ (KSCA) के तीसरे डिवीजन का मैच खेल रहे थे। वह सैफायर क्रिकेट क्लब की ओर से मैदान में उतरे थे। मैच के दौरान चार ओवर गेंदबाजी करने के बाद उन्होंने असहज महसूस करने की शिकायत की और मैदान से बाहर चले गए। उन्हें तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

केएल राहुल और मनीष पांडे के साथ खेल चुके थे अक्षय : एसएल अक्षय कर्नाटक की उस ऐतिहासिक टीम का हिस्सा थे, जिसने 2014-15 सीजन में रणजी ट्रॉफी का खिताब जीता था। उन्होंने 2011 से 2013 के बीच कर्नाटक के लिए 6 फर्स्ट क्लास, 3 लिस्ट ए और 9 टी20 मैच खेले थे। उन्होंने अपना आखिरी फर्स्ट क्लास मैच केएल राहुल और मनीष पांडे जैसे स्टार खिलाड़ियों के साथ खेला था।

युवा प्रतिभाओं को निखारने में जुटे थे: क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद भी अक्षय खेल से जुड़े रहे। वह जूनियर स्तर पर कोचिंग दे रहे थे और कर्नाटक की अंडर-19 टीम के साथ काम कर रहे थे। पूर्व क्रिकेटर डोड्डा गणेश और कर्नाटक राज्य क्रिकेट संघ ने उनके असामयिक निधन पर गहरा शोक व्यक्त किया है।