पंजाब में बीएलओ को जनगणना ड्यूटी से मिली राहत: SIR की तैयारियों के कारण CEO ने दिया हटाने का आदेश
पंजाब डेस्क : पंजाब के चीफ इलेक्टोरल ऑफिसर (CEO) ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लेते हुए स्पष्ट किया है कि राज्य के बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) अब जनगणना (Census) का काम नहीं करेंगे। सीईओ ने सभी जिलों के डीसी (DC) को निर्देश दिए हैं कि जिन बीएलओ की ड्यूटी जनगणना में लगाई गई है, उन्हें तुरंत वहां से हटा दिया जाए।
दोहरी जिम्मेदारी से मिली मुक्ति : सीईओ पंजाब का तर्क है कि बीएलओ एक साथ दो बड़े काम नहीं संभाल सकते। यदि किसी बीएलओ की ड्यूटी जनगणना में लग चुकी है, तो उन्हें कार्यमुक्त (Relieve) कर उनकी जगह दूसरे कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा।
SIR की तैयारियों पर है मुख्य ध्यान: इस निर्णय के पीछे का मुख्य कारण आगामी एसआईआर (SIR – Summary Interim Revision) है। बीएलओ वर्तमान में मतदाता सूचियों (Voter Lists) को दुरुस्त करने की महत्वपूर्ण प्रक्रिया में जुटे हैं, जिसमें निम्नलिखित कार्य शामिल है।
वोटर लिस्ट में सुधार: सूची से मृतकों, घर बदलने वालों या शादी के बाद शिफ्ट हुए लोगों के नाम हटाना और गलत फोटो ठीक करना।
मैपिंग का कार्य: 2003 की पुरानी वोटर लिस्ट का नई लिस्ट से मिलान करना। वर्तमान में राज्य में 80% मैपिंग हो चुकी है, जिसे 100% तक पहुँचाना है। लुधियाना जैसे जिलों में अभी यह काम 60-65% ही हुआ है।
हाउस-टू-हाउस वेरिफिकेशन: बीएलओ घर-घर जाकर यह सत्यापन कर रहे हैं कि कितने मतदाता क्षेत्र छोड़ चुके हैं या किनके नाम अभी तक सूची में दर्ज नहीं हैं।
इस कदम का उद्देश्य चुनाव कार्यालय से जुड़ी मैपिंग और वेरिफिकेशन प्रक्रिया को समय पर पूरा करना है ताकि डुप्लिकेट वोटों को हटाया जा सके और एक सटीक मतदाता सूची तैयार हो सके।

