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नागरिकों की मौलिक अधिकारों की सुरक्षा के लिए कोशिश की जा रही है : जतिंदर सिंह
  • संविधान के अनुसार नागरिकों के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं: जतिंदर सिंह शांति
  • -कहा! अब अस्पताल बकाया बिल या पैसे की कमी के कारण मृतक का शव परिवार को देने से मना नहीं कर सकते
  • पुलिस प्रशासन फर्जी वीजा/इमिग्रेशन धारकों के खिलाफ शिकायत मिलने पर 24 घंटे के अंदर FIR दर्ज करेगा
  • मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए सभी जिलों में बनाए गए कोर ग्रुप के काम की भी सराहना की

लुधियाना / सत्ता संदेश

मानवाधिकार आयोग मानवाधिकारों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है और संविधान के अनुसार हर नागरिक के मौलिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। ये शब्द पंजाब राज्य और चंडीगढ़ मानवाधिकार आयोग के सदस्य पद्म श्री जतिंदर सिंह शांति ने स्थानीय PSPCL के क्लब हाउस में ‘ओपन हियरिंग कैंप मीटिंग्स‘ में भाग लेते हुए कही है। उन्होंने कहा कि नवंबर 2026 में चार्ज संभालने के बाद, उन्होंने ह्यूमन राइट्स कमीशन के कामकाज और ह्यूमन राइट्स के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए पंजाब के माझा, मालवा, दोआबा और दूसरे इलाकों में करीब 7000 किमी का सफर तय किया है।

इस मौके पर एसडीएम कुलदीप बावा, एडीसीपी बैभव सहगल, म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन के जॉइंट कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों, सिविल सर्जन डॉ. हरविंदर सिंह, एचआरपीसी से हरमनप्रीत सिंह और अलग-अलग डिपार्टमेंट के सीनियर अधिकारी भी मौजूद थे।

लुधियाना वेस्ट विधानसभा क्षेत्र के तहत ह्यूमन राइट्स प्रोटेक्शन कमेटी द्वारा आयोजित एक कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए जतिंदर सिंह ने कहा कि पुलिस प्रशासन को यह पक्का करना चाहिए कि नकली वीजा/नकली इमिग्रेशन होल्डर्स के खिलाफ शिकायत मिलने के 24 घंटे के अंदर FIR दर्ज की जाए। उन्होंने पुलिस प्रशासन के सीनियर अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि वे यह पक्का करें कि उनके अंडर के SHO पीड़ितों को न्याय दिलाने में कोई ढिलाई न बरतें। उन्होंने साफ किया कि जो इमिग्रेशन सेंटर भोले-भाले पंजाबियों से लाखों रुपये ठग रहे हैं, उन पर भी सख्ती की जानी चाहिए।

उन्होंने खुशी जताई कि ह्यूमन राइट्स कमीशन की पहल की वजह से पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जहां अब कोई भी अस्पताल बकाया बिल न चुकाने पर बॉडी को रोककर नहीं रख सकता। पंजाब सरकार की तरफ से सख्त गाइडलाइंस जारी की गई हैं कि कोई भी सरकारी या प्राइवेट अस्पताल बकाया बिल या पैसे की कमी की वजह से मृतक की बॉडी परिवार को देने से मना नहीं कर सकता, ऐसा करना गैर-कानूनी और ह्यूमन राइट्स का उल्लंघन है। पद्म श्री शांति ने कहा कि इस कानून के आने से अब प्राइवेट अस्पताल बिना किसी सही वजह के मरीजों को वेंटिलेटर पर रखकर लोगों से पैसे ऐंठने से बचेंगे।

इसके अलावा, उन्होंने यह भी कहा कि अगर कोई मरीज इलाज का पैसा नहीं दे पा रहा है, तो उससे एक डिक्लेरेशन फॉर्म लेकर यह पक्का किया जाना चाहिए कि इलाज के बाद उसे डिस्चार्ज कर दिया जाए। उन्होंने कहा कि 20 बेड से ज़्यादा कैपेसिटी वाले अस्पतालों में ‘मोर्चरी और एम्बुलेंस’ की सुविधा ज़रूरी होनी चाहिए।

उन्होंने कहा कि कमीशन ने लोगों की शिकायतों के तुरंत निपटारे के लिए एक असरदार सिस्टम बनाया है, जिसके तहत ह्यूमन राइट्स की रक्षा के लिए सभी जिलों में 10 से 15 लोगों का एक कोर ग्रुप बनाया गया है, जिसमें वकील, डॉक्टर, रिटायर्ड और पढ़े-लिखे समझदार लोग शामिल हैं। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ महीनों में राज्य के सभी जिलों में ऐसे कैंप लगाकर जागरूकता बढ़ाई गई है और बनाए गए कोर ग्रुप अपनी ज़िम्मेदारी भी अच्छे से निभा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि पहले कमीशन को रोज़ाना 10-15 शिकायतें मिलती थीं, लेकिन अब जागरूकता कैंप के ज़रिए यह संख्या बढ़कर 500 हो गई है। उन्होंने कहा कि अब लोग घर बैठे ‘WhatsApp हेल्पलाइन नंबर 98554-75547’ पर अपनी शिकायतें लिखकर भेज सकते हैं, जिन पर तय समय में कार्रवाई की जाती है।

पंजाब राज्य और चंडीगढ़ ह्यूमन राइट्स कमीशन के सदस्य पद्म श्री जतिंदर सिंह शांति की ओर से NGOs को न्योता देते हुए उन्होंने कहा कि वे ह्यूमन राइट्स कमीशन की “आंख और कान” बनकर काम करें और समाज में पाई जा रही कमियों को सामने लाने में सहयोग करें। उन्होंने अलग-अलग NGOs की तरफ से किए जा रहे सामाजिक कामों की भी बहुत तारीफ़ की।

बाद में, उन्होंने लोगों से ‘ड्रग्स के खिलाफ जंग छेड़ो’ के बैनर तले ड्रग्स के खिलाफ़ एकजुट होने की भी अपील की, ताकि पंजाब में बहने वाली छठी नदी को रोका जा सके।

मंत्री शिवराज चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC आधारित DBT का किया शुभारंभ
  • केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ में CBDC‑आधारित DBT का किया शुभारंभ; PDS में पारदर्शिता की नई क्रांति
  • पंजाब के राज्यपाल गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में हुआ कार्यक्रम, केंद्रीय मंत्री प्रल्हाद जोशी और राज्य मंत्री निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया भी उपस्थित
  • किसानों के हक में कोई समझौता नहीं: ट्रेड डील को लेकर केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा- किसानों का हित सर्वोपरि
  • हर घर तिरंगा, हर थाली सुरक्षित: गरीब कल्याण अन्न योजना पर सबका विश्वास- शिवराज सिंह
  • चंडीगढ़ में जनहित का नया प्रयोग: चुस्त, पारदर्शी और लाभार्थी‑केंद्रित वितरण- शिवराज सिंह
  • डीबीटी से गड़बड़ी पर वार; राशन खाद्यान्न व आवश्यक वस्तुओं तक सीमित रहेगा- शिवराज सिंह
  • प्रधानमंत्री का विजन “सरकार फाइल में नहीं, जनता की ज़िंदगी में दिखनी चाहिए”- शिवराज सिंह चौहान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में आज पंजाब के राज्यपाल श्री गुलाबचंद कटारिया की अध्यक्षता में आयोजित कार्यक्रम में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण तथा ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्य अतिथि के रूप में सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी (CBDC) आधारित डायरेक्ट बेनेफिट ट्रांसफर (DBT) व्यवस्था का शुभारंभ किया। इस अवसर पर केंद्रीय शिक्षा तथा उपभोक्ता मामले, खाद्य और सार्वजनिक वितरण एवं नवीन व नवीकरणीय ऊर्जा मंत्री श्री प्रल्हाद जोशी और केंद्रीय राज्य मंत्री (खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण) श्रीमती निमुबेन जयंतीभाई बंभणिया विशेष अतिथि के रूप में उपस्थित रहीं। श्री चौहान ने कहा कि यह पहल सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) में पारदर्शिता, सुरक्षा और समयबद्धता लाने का अहम कदम है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और मार्गदर्शन में किसानों व गरीबों के हित से कोई समझौता नहीं होगा।

पारदर्शिता और भरोसे का नया सिस्टम

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि CBDC‑आधारित DBT के जरिए राशन और खाद्यान्न का भुगतान सीधे, सुरक्षित और पारदर्शी तरीके से लाभार्थियों तक पहुंचेगा। चंडीगढ़ में शुरू यह प्रयोग देशव्यापी मॉडल के रूप में अपनाया जाएगा। नई व्यवस्था में तकनीकी पाबंदियां इस तरह लगाई गई हैं कि लाभार्थी केवल खाद्यान्न व अन्य आवश्यक खाद्य वस्तुओं की खरीद पर ही लेनदेन कर सके ताकि पैसा गलत जगह खर्च न हो। साथ ही, लाभार्थियों को चॉइस की सुविधा भी मिलेगी। वे गेहूँ‑चावल के अलावा दाल या अन्य जरूरी खाद्य पदार्थ चुन सकेंगे। श्री चौहान ने विभागीय टीम और अधिकारियों की तारीफ करते हुए इसे बड़ा नवाचार बताया।

किसानों के हित पर अटल रुख

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने स्पष्ट किया कि कृषि नीतियों और खाद्य सुरक्षा के मामले में किसानों के हित से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसानों के लिए जितने भी समझौते दुनियाभर के देशों से हुए वो राष्ट्रहित, किसानहित और जनताहित सर्वोपरी की अवधारणा को लेकर हुए। बड़े दुख के साथ कहना पड़ रहा है कि विपक्ष को इसमें भी तकलीफ है। उन्होंने देश के गेहूँ‑धान के मजबूत भंडारों का हवाला देते हुए कहा कि अब भारत अपनी जरूरतें पूरी कर रहा है और ज़रूरत पड़ने पर निर्यात भी करता है। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में किसान सम्मान निधि और अन्य लाभों की पारदर्शी डिलीवरी जारी रहेगी और किसानों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता बनी रहेगी।

संसद में व्यवधान पर कड़ी टिप्पणी

कार्यक्रम में केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने संसद में हो रही बाधाओं और विपक्ष के व्यवहार पर तीखा आरोप लगाते हुए कहा कि लोकतंत्र की गरिमा बनाए रखना आवश्यक है। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यवधान संविधान और लोकतांत्रिक प्रक्रिया का अपमान हैं और देशहित में आवश्यक निर्णय लिए जाएंगे। श्री चौहान ने जोर देकर कहा कि लोकतंत्र में बहस जरूरी है, पर व्यवधान अस्वीकार्य है।

गरीब कल्याण अन्न योजना और सामाजिक सुरक्षा

केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना की सराहना की और कहा कि 80 करोड़ से अधिक लोगों को निःशुल्क राशन उपलब्ध कराना देश की बड़ी सामाजिक सुरक्षा है। श्री चौहान ने बताया कि यह योजना सिर्फ पेट भरने तक सीमित नहीं है; इससे परिवारों की आर्थिक मजबूती आएगी और खर्च बचकर बच्चों की पढ़ाई व अन्य आवश्यकताओं पर लगाया जा सकेगा। उन्होंने कहा कि सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी गरीब भूखा न रहे और हर थाली में भोजन की कमी न हो।

डीबीटी के फायदे और नए उपाय

श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि डीबीटी से लाभ सीधे खाताधारक के पास पहुंचते हैं जिससे मध्यस्थता और घपला कम हुआ है। साथ ही उन्होंने माना कि नकद मिलने के बाद गलत उपयोग का जोखिम रहता है इसीलिए CBDC‑आधारित व्यवस्था में तकनीक ऐसी रखी गई है कि लाभार्थी का भुगतान सीधे राशन/खाद्य पदार्थ पर खर्च हो और ग़लत इस्तेमाल रोका जा सके। इस तकनीकी नवाचार के लिए उन्होंने विभाग की तारीफ की।

चंडीगढ़ को मॉडल शहर बताया; विस्तार का आह्वान

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने चंडीगढ़ की विशेषता व नागरिक चेतना का जिक्र करते हुए कहा कि इस शहर में शुरू यह प्रयोग सफल होने पर धीरे‑धीरे पूरे देश में लागू किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि स्थानीय बाधाओं को दूर कर व्यवस्था का विस्तार सुनिश्चित किया जाए ताकि हर परिवार तक सुविधाएँ पहुंचे। श्री चौहान ने चंडीगढ़ की तारीफ़ में कहा कि यहाँ अनुशासन, सफ़ाई और शहरी जिम्मेदारी का भाव है।

भावनात्मक अपील

स्वतंत्रता सेनानियों को नमन करते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि हमें देश के लिए जीने की प्रतिज्ञा लेनी चाहिए और नागरिक कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करना चाहिए। उन्होंने “हर घर तिरंगा” की अपील की और कहा कि शहीदों के सपनों को साकार करने का सबसे बेहतर तरीका है कि हम ईमानदारी से काम करें और देश के विकास में योगदान दें। श्री चौहान ने नागरिकों से पर्यावरण‑हित का काम (जैसे पौधा लगाना) करने की भी अपील की।

सरकार जनता की ज़िंदगी में दिखे

केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के इस संकल्प को दोहराया कि “सरकार फाइल में नहीं, जनता की लाइफ में दिखनी चाहिए”। उन्होंने कहा कि आज का कार्यक्रम इसी सोच का नतीजा है, जहां तकनीक और नीतियां आम आदमी की रोजमर्रा की ज़िंदगी में सुधार ला रही हैं। श्री चौहान ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री मोदी के नेतृत्व में सरकार जनता की सेवा में हरसंभव प्रयास कर रही है और आने वाले दिनों में और भी बड़े लक्ष्य हासिल किए जाएंगे जिनमें “लखपति दीदी” का लक्ष्य भी शामिल है जिसके तहत 2029 तक 6 करोड़ ग्रामीण महिलाओं को लखपति बनाने का संकल्प है।

चंडीगढ़ में अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 का आयोजन; युवा चेंजमेकर्स को किया गया सम्मानित

चंडीगढ़, / सत्ता संदेश

ग्लोबल यूथ फेडरेशन द्वारा अंतर्राष्ट्रीय युवा दिवस 2026 का आयोजन गोस्वामी गणेश दत्त सनातन धर्म कॉलेज, सेक्टर-32 सी, चंडीगढ़ में किया गया। कार्यक्रम का आयोजन स्टेट NSS सेल, यू.टी. चंडीगढ़; माय भारत चंडीगढ़, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार; रोटरी क्लब चंडीगढ़; APSWDP तथा मेजबान कॉलेज के सहयोग से किया गया।

कार्यक्रम में युवा नेतृत्व, स्वयंसेवा, मानवीय सेवा एवं सामुदायिक विकास के क्षेत्र में युवाओं की भूमिका को रेखांकित किया गया। इसमें युवा नेता, स्वयंसेवक, सामाजिक कार्यकर्ता, शिक्षाविद् एवं विद्यार्थी शामिल हुए।

चंडीगढ़ के माननीय महापौर श्री सौरभ जोशी कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम में डॉ. अजय शर्मा, प्राचार्य, GGDSD कॉलेज; डॉ. नेमी चंद, राज्य संपर्क अधिकारी, NSS; सुश्री अनास्तासिया इल्यूशिना, रशियन हाउस, नई दिल्ली; डॉ. विवेक त्रिवेदी, नगर निगम चंडीगढ़; श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माय भारत चंडीगढ़ सहित अन्य गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।

अपने संबोधन में श्री सौरभ जोशी ने राष्ट्र निर्माण में युवाओं की महत्वपूर्ण भूमिका पर प्रकाश डालते हुए युवाओं से स्वयंसेवा एवं सामुदायिक सेवा में सक्रिय भागीदारी का आह्वान किया।

कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण पुरस्कार एवं सम्मान समारोह रहा, जिसमें मानवीय सेवा एवं सामुदायिक विकास में उल्लेखनीय योगदान देने वाले व्यक्तियों, NGOs, शिक्षकों, सामाजिक कार्यकर्ताओं, स्वयंसेवकों एवं युवा चेंजमेकर्स को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, प्रेरणादायक सत्र एवं अंतर्राष्ट्रीय युवा संदेश भी प्रस्तुत किए गए।

इस अवसर पर TB मुक्त भारत शपथ एवं स्वच्छता शपथ दिलाई गई। श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माय भारत चंडीगढ़ ने सभी उपस्थित प्रतिभागियों को स्वच्छता शपथ दिलाई, जिसमें सभी ने स्वच्छता एवं स्वस्थ राष्ट्र के निर्माण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।

ग्लोबल यूथ फेडरेशन, इंडिया के निदेशक श्री रोहित कुमार ने कहा कि युवाओं को अवसर, सम्मान एवं नेतृत्व के मंच प्रदान करना एक समावेशी एवं सतत समाज के निर्माण के लिए आवश्यक है।

कार्यक्रम का समापन धन्यवाद ज्ञापन, राष्ट्रगान एवं हाई-टी के साथ हुआ। आयोजकों ने सभी गणमान्य अतिथियों, सहयोगी संस्थाओं, स्वयंसेवकों एवं प्रतिभागियों का कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए आभार व्यक्त किया।

SIT समन में जांच करने में मदद करेंगे सुखबीर सिंह, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

पंजाब / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल सोमवार यानी 20 जुलाई को पूछताछ के लिए पंजाब पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) के सामने पेश होंगे. इसे लेकर अकाली दल ने शक्ति प्रदर्शन की तैयारी की है. मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, पेशी से पहले सुखबीर सिंह बादल ने पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान को उन्हें गिरफ्तार कराए जाने का भी चैलेंज किया है.

20 जुलाई यानी सोमवार को सुखबीर सिंह बादल को सुबह 11 बजे पंजाब पुलिस ऑफिसर्स इंस्टीट्यूट, सेक्टर 32, चंडीगढ़ में पेश होना है. बता दें कि 14 अक्तूबर 2015 में फरीदकोट के बहबलकलां और कोटकपूरा में श्री गुरु ग्रंथ साहिब जी की बेअदबी के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस फायरिंग हुई थी. जिसमें दो सिख प्रदर्शनकारियों गुरजीत सिंह और कृष्ण भगवान सिंह की मौत हो गई थी. इस घटना के वक्त सुखबीर बादल पंजाब के डिप्टी सीएम और गृहमंत्री थे. इसी मामले को लेकर कल सुखबीर बादल से पूछताछ होनी है.

आप सरकार पर जमकर बरसे बादल

वहीं समन को लेकर सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है. उन्होंने आरोप लगाया कि आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार चुनावों से पहले राजनीतिक कारणों से इस मुद्दे को फिर से उठा रही है. उन्होंने इसे राज्य सरकार का “एक और हथकंडा” बताया, लेकिन साथ ही कहा कि वह जांच में सहयोग करेंगे, क्योंकि अतीत में भी जब-जब उन्हें बुलाया गया, उन्होंने जांच में हिस्सा लिया था. सुखबीर बादल ने कहा कि बीते 10 साल से चालान तक पेश नहीं किया गया. आरोपियों को पकड़ने की बजाय राजनीति खेली जा रही है. अब चार माह के बाद असली आरोपी हम पकड़ेंगे.

बीजेपी नेता विजय सांपला से भी की थी पूछताछ

यह घटनाक्रम वरिष्ठ बीजेपी नेता विजय सांपला से स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) द्वारा पूछताछ किए जाने के कुछ ही दिनों बाद सामने आया है. सांपला ने पंजाब सरकार पर गलत जानकारी फैलाने और जांच में दखल देने का आरोप लगाया है. उनका कहना है कि राजनीतिक तौर पर नियुक्त लोग SIT को दिए गए उनके बयान के बारे में सार्वजनिक रूप से दावे कर रहे हैं.

NITTTR चंडीगढ़ द्वारा NIT मणिपुर के संकाय सद्स्यों के लिए क्षमता निर्माण कार्यक्रम का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ द्वारा एनआईटी मणिपुर के संकाय सदस्यों के लिए पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण कार्यक्रम आयोजित; शैक्षणिक सहयोग को बढ़ावा देने हेतु एमओयू पर हस्ताक्षर

चंडीगढ़, 19 जुलाई, 2026: राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईटीटीटीआर), चंडीगढ़ ने 15 से 19 जुलाई, 2026 तक अपने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी) मणिपुर के संकाय सदस्यों के लिए “संकाय उत्कृष्टता, गुणवत्ता आश्वासन एवं तकनीकी शिक्षा में संस्थागत परिवर्तन” विषय पर पाँच दिवसीय क्षमता निर्माण प्रशिक्षण कार्यक्रम का सफलतापूर्वक आयोजन किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उद्घाटन सत्र के साथ एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ एवं एनआईटी मणिपुर के मध्य समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर के साथ हुआ। यह समझौता दोनों संस्थानों के मध्य दीर्घकालिक शैक्षणिक सहयोग, संकाय विकास, संयुक्त अनुसंधान, पाठ्यक्रम नवाचार तथा संस्थागत क्षमता निर्माण को नई दिशा प्रदान करेगा।

प्रतिभागियों एवं अतिथियों का स्वागत करते हुए प्रो. (डॉ.) बी. आर. गुर्जर, निदेशक, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ ने कहा कि वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धी शैक्षणिक संस्थानों के निर्माण के लिए संकाय का सतत् व्यावसायिक विकास अत्यंत आवश्यक है।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रो. डी. पी. अग्रवाल, पूर्व अध्यक्ष, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी), भारत सरकार ने उच्च शिक्षा में गुणवत्ता, नवाचार और नेतृत्व की आवश्यकता पर बल दिया। विशिष्ट अतिथि प्रो. अनिल कुमार त्रिपाठी, निदेशक, भारतीय विज्ञान शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (आईआईएसईआर), मोहाली ने अंतर्विषयक शिक्षा तथा अनुसंधान-आधारित शिक्षण की महत्ता पर प्रकाश डाला। प्रो. डी. वी. एल. एन. सोमयाजुलु, निदेशक, एनआईटी मणिपुर ने इस पहल की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रशिक्षण कार्यक्रम संकाय सदस्यों को नवीन शिक्षण पद्धतियों, तकनीकी दक्षताओं तथा नेतृत्व कौशल से सशक्त बनाएगा, जिससे वे शैक्षणिक उत्कृष्टता की दिशा में और अधिक प्रभावी योगदान दे सकेंगे।

कार्यक्रम का समन्वयन डॉ. मीनाक्षी सूद, एनआईटीटीटीआर चंडीगढ़ द्वारा किया गया। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में शिक्षक केवल ज्ञान प्रदान करने वाले नहीं, बल्कि नवाचार के प्रेरक, मार्गदर्शक, शोधकर्ता तथा शैक्षणिक नेतृत्वकर्ता की भूमिका निभा रहे हैं। इसलिए बदलते शैक्षिक परिवेश के अनुरूप संकाय सदस्यों का सतत् क्षमता विकास अत्यंत आवश्यक है।

समापन सत्र में पाँच दिवसीय प्रशिक्षण के दौरान प्राप्त शिक्षण अनुभवों, प्रतिभागियों की प्रतिक्रियाओं तथा अधिगम परिणामों की समीक्षा की गई। इस अवसर पर डॉ. शिव कुमार शर्मा, राष्ट्रीय संगठन सचिव, विभा (VIBHA) विशेष रूप से उपस्थित रहे। प्रतिभागियों ने कार्यक्रम की विषयवस्तु, व्यावहारिक उपयोगिता तथा बहुविषयक दृष्टिकोण की सराहना करते हुए विश्वास व्यक्त किया कि वे अर्जित ज्ञान एवं कौशल का प्रभावी उपयोग अपने-अपने विभागों एवं संस्थानों में करेंगे।

कार्यक्रम का समापन अत्यंत सकारात्मक वातावरण में हुआ। इस अवसर पर दोनों संस्थानों ने भविष्य के लिए संकाय विकास, संस्थागत उत्कृष्टता तथा तकनीकी शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन के क्षेत्र में मिलकर कार्य करने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम भविष्य के लिए सक्षम, नवाचारी एवं वैश्विक दृष्टिकोण रखने वाले शिक्षकों के निर्माण की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल सिद्ध हुआ।

WCTR 2026 टूलूज़, फ्रांस में पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज की शोध उपलब्धि

 चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

स्थान: विश्व परिवहन अनुसंधान सम्मेलन (WCTR 2026), 6–10 जुलाई 2026, टूलूज़, फ्रांस आयोजन: वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसपोर्ट रिसर्च सोसाइटी (WCTRS) द्वारा टूलूज़ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (TSE) एवं टूलूज़ कैपिटोल यूनिवर्सिटी, फ्रांस के सहयोग से।

शोधपत्र: Development of Rural Accessibility Model for Terrain-Sensitive Settlements: A GIS–AHP Framework with Participatory Calibration (पेपर आईडी: A82796AB)

प्रस्तुतकर्ता: डॉ. बी. आदिनारायण, सहायक प्रोफेसर, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने फ्रांस में टूलूज़ में आयोजित प्रतिष्ठित विश्व परिवहन अनुसंधान सम्मेलन में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। डॉ बी आदिनारायण ने पर्वतीय क्षेत्रों के ग्रामीण बसावटों के लिए विकसित भू-भाग संवेदनशील ग्रामीण पहुंच मॉडल पर अपना शोध प्रस्तुत किया। इस तकनीकी सत्र में लगभग 60 अंतर्राष्ट्रीय शिक्षाविदों, वैज्ञानिकों, शोधकर्ताओं, परिवहन विशेषज्ञों एवं प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। प्रस्तुति के दौरान शोध पर व्यापक तकनीकी चर्चा हुई तथा विश्व के अग्रणी परिवहन विषेशज्ञों के साथ सार्थक संवाद स्थापित हुआ।

इस सम्मेलन में लगभग 140 देशों के परिवहन शोधकर्ता, नीति-निर्माता, शिक्षाविद, उद्योग विशेषज्ञ एवं व्यावसायिक प्रतिनिधि शामिल हुए। यह सम्मेलन वैश्विक ज्ञान आदान-प्रदान, वैज्ञानिक सहयोग एवं परिवहन अनुसंधान के क्षेत्र में नेटवर्किंग का महत्वपूर्ण मंच साबित हुआ।

यह सम्मेलन वर्ल्ड कॉन्फ्रेंस ऑन ट्रांसपोर्ट रिसर्च सोसाइटी (WCTRS) द्वारा टूलूज़ स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स (TSE) तथा टूलूज़ कैपिटोल यूनिवर्सिटी के सहयोग से आयोजित किया गया।

इस शोध में भौगोलिक सूचना प्रणाली (GIS), एनालिटिक हाइरार्की प्रोसेस (AHP), मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग तथा हितधारकों की सहभागिता को एकीकृत कर ग्रामीण पहुंच का एक नवीन मॉडल विकसित किया गया, जो न्यायसंगत एवं सतत आधारभूत संरचना नियोजन में सहायक है। इस मॉडल का उपयोग मेघालय के पश्चिम गारो हिल्स जिले की 1,176 ग्रामीण बस्तियों तथा लगभग 5.01 लाख की आबादी पर किया गया।

शोध पद्धति में भू-भाग आधारित यात्रा अवरोध मॉडलिंग, डिजिटल एलिवेशन मॉडल (DEM), सड़क नेटवर्क विश्लेषण, कॉस्ट-डिस्टेंस मॉडलिंग, Sentinel-2 उपग्रह चित्र, Random Forest आधारित बस्ती पहचान तथा हितधारकों द्वारा निर्धारित AHP भारांक का उपयोग किया गया।

मुख्य उपलब्धियां

  • पर्वतीय ग्रामीण क्षेत्रों के लिए नवीन GIS–AHP आधारित पहुंच मूल्यांकन मॉडल विकसित किया।
  • मशीन लर्निंग एवं रिमोट सेंसिंग के माध्यम से 89.7% सटीकता के साथ बस्तियों का वर्गीकरण किया।
  • Accessibility Index का मान 0.130 से 0.642 के बीच पाया गया, जिससे लगभग पांच गुना असमानता का पता चला।
  • 57.7% ग्रामीण बस्तियां निम्न या अत्यंत निम्न पहुंच श्रेणी में पाई गईं।
  • जिले की आधे से अधिक आबादी को आवश्यक सार्वजनिक सेवाओं तक पर्याप्त पहुंच उपलब्ध नहीं है।
  • सबसे कम पहुंच वाली 81% बस्तियां 600 मीटर से अधिक ऊंचाई पर स्थित हैं।
  • अध्ययन से स्पष्ट हुआ कि केवल सड़क संपर्क आधारित सूचकांक वास्तविक पहुंच का सही आकलन नहीं करते तथा यात्रा-समय आधारित पहुंच मूल्यांकन अधिक प्रभावी है।

शोध में राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों के आधार पर ग्रामीण पहुंच का तुलनात्मक विश्लेषण किया गया, जिससे पता चला कि पश्चिम गारो हिल्स वैश्विक औसत से नीचे है।

यह शोध संयुक्त राष्ट्र के सतत विकास लक्ष्यों (SDGs) विशेष रूप से SDG-9 (उद्योगनवाचार एवं आधारभूत संरचना) तथा SDG-11 (सतत शहर एवं समुदाय) की प्राप्ति में महत्वपूर्ण योगदान देता है।

यह मॉडल नीति-निर्माताओं, परिवहन योजनाकारों, सरकारी एजेंसियों एवं विकास संगठनों को कठिन भौगोलिक क्षेत्रों में आधारभूत संरचना निवेश की प्राथमिकता तय करने हेतु वैज्ञानिक आधार प्रदान करता है।

भविष्य में इस शोध को वास्तविक समय GPS डेटा, क्राउडसोर्स्ड गतिशीलता डेटा, डिजिटल कनेक्टिविटी संकेतकों तथा मौसमी पहुंच विश्लेषण के साथ और अधिक उन्नत बनाया जाएगा।

WCTR 2026 में इस शोध की प्रस्तुति ने अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श एवं नए वैश्विक शोध सहयोग स्थापित करने का उत्कृष्ट अवसर प्रदान किया। यह अध्ययन दर्शाता है कि GIS, मशीन लर्निंग, रिमोट सेंसिंग तथा सहभागी निर्णय प्रक्रिया का समन्वय दूरस्थ एवं पर्वतीय क्षेत्रों में अधिक समावेशी, टिकाऊ एवं लचीली परिवहन अवसंरचना विकसित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।

विश्व के प्रतिष्ठित परिवहन सम्मेलनों में इस शोध की सफल प्रस्तुति पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ की बढ़ती अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा तथा वैश्विक परिवहन चुनौतियों के समाधान हेतु उच्च गुणवत्ता वाले अनुसंधान के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है।

PM की यात्रा से पहले PGIMER ने स्वास्थ्य सेवाओं की रुपरेखा पेश की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER ), चंडीगढ़ ने सोमवार को 17 जुलाई को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा राष्ट्र को समर्पित किए जाने वाले ऐतिहासिक स्वास्थ्य अवसंरचना परियोजनाओं के महत्व से मीडिया को अवगत कराया।

कैरोन ब्लॉक के बोर्ड रूम में आयोजित मीडिया ब्रीफिंग को संबोधित करते हुए PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इसे संस्थान की स्वास्थ्य उत्कृष्टता की दिशा में एक ऐतिहासिक उपलब्धि बताते हुए कहा, “माननीय प्रधानमंत्री की आगामी यात्रा पीजीआईएमईआर की विकास यात्रा में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है। ये केवल नई इमारतें नहीं हैं, बल्कि उत्तर भारत के करोड़ों लोगों तक उन्नत, सुलभ और किफायती स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाने की हमारी क्षमता में एक परिवर्तनकारी छलांग का प्रतीक हैं।”

प्रधानमंत्री एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर (AMCC) तथा एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर (ANC) का उद्घाटन करेंगे, साथ ही प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। लगभग ₹1,200 करोड़ की लागत वाली ये परियोजनाएं उत्तर भारत में तृतीयक स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा शिक्षा तथा उन्नत अनुसंधान को नई मजबूती प्रदान करेंगी।

रोगी सेवा के प्रति संस्थान की प्रतिबद्धता दोहराते हुए प्रो. लाल ने कहा, “हमारा मूल मंत्र हमेशा से केवल एक रहा है—रोगी सेवा, रोगी सेवा और रोगी सेवा। हमारी प्रत्येक नई सुविधा इसी उद्देश्य से विकसित की गई है कि हर मरीज को गरिमा, संवेदनशीलता और अत्याधुनिक चिकित्सा तकनीक के साथ विश्वस्तरीय उपचार उपलब्ध कराया जा सके।”

मीडिया ब्रीफिंग के दौरान उपस्थित वरिष्ठ अधिकारियों में डीन (अकादमिक) प्रो. संजय जैन, उपनिदेशक (प्रशासन) श्री पंकज राय, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष प्रो. एस.के. गुप्ता, चिकित्सा अधीक्षक प्रो. अशोक कुमार, बाल रोग विभागाध्यक्ष प्रो. प्रवीण कुमार, प्रसूति एवं स्त्री रोग विभागाध्यक्ष प्रो. वनीता जैन, अस्थि रोग विभागाध्यक्ष प्रो. विजय गोनी, प्रोफेसर इंचार्ज (इंजीनियरिंग) प्रो. समीर अग्रवाल, लेफ्टिनेंट कर्नल गुरविंदर सिंह भट्टी (एस.एच.ई.), एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर के अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक डॉ. राजीव चौहान तथा अस्पताल प्रशासन विभाग से डॉ. रमन शर्मा एवं डॉ. विजय तड़िया उपस्थित रहे।

एडवांस्ड मदर एंड चाइल्ड सेंटर की जानकारी देते हुए निदेशक ने कहा, “₹505 करोड़ की लागत से निर्मित यह अत्याधुनिक केंद्र आधुनिक चिकित्सा तकनीकों से सुसज्जित है। 300 बिस्तरों वाले इस केंद्र में अत्याधुनिक नवजात गहन चिकित्सा इकाइयां (NICU), मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटर तथा मातृ एवं नवजात स्वास्थ्य सेवाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध होंगी। इससे पीजीआईएमईआर की प्रतिवर्ष 6,000 से अधिक उच्च जोखिम वाली प्रसूतियों के प्रबंधन की क्षमता और सुदृढ़ होगी।”

इन्फोसिस फाउंडेशन के सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “उन्नत चिकित्सा उपकरणों की स्थापना के लिए ₹147 करोड़ का उदार सहयोग प्रदान करने पर हम इन्फोसिस फाउंडेशन के अत्यंत आभारी हैं। सार्वजनिक एवं निजी क्षेत्र की यह अनुकरणीय साझेदारी हमारी अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की क्षमता को उल्लेखनीय रूप से मजबूत करेगी तथा आने वाली पीढ़ियों तक मरीजों को लाभान्वित करेगी।”

300 बिस्तरों वाला एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर न्यूरोलॉजी, न्यूरोसर्जरी, न्यूरोरेडियोलॉजी, न्यूरोएनेस्थीसिया, न्यूरोक्रिटिकल केयर तथा पुनर्वास सेवाओं को एक ही परिसर में समाहित करेगा। 61 गहन चिकित्सा बिस्तरों, मॉड्यूलर ऑपरेशन थिएटरों तथा अत्याधुनिक डायग्नोस्टिक सुविधाओं से युक्त यह केंद्र जटिल न्यूरोलॉजिकल रोगों के उपचार को नई दिशा देगा।

इसकी महत्ता पर प्रकाश डालते हुए प्रो. लाल ने कहा, “यह नया केंद्र उपचार में होने वाली देरी को कम करेगा, मरीजों के जीवित रहने की संभावना तथा दीर्घकालिक न्यूरोलॉजिकल परिणामों में सुधार लाएगा और पीजीआईएमईआर को न्यूरोसाइंस शिक्षा, अनुसंधान एवं उन्नत उपचार के राष्ट्रीय केंद्र के रूप में स्थापित करेगा।”

माननीय प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के अंतर्गत लगभग ₹244 करोड़ की लागत से विकसित किए जाने वाले 150 बिस्तरों वाले क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल ब्लॉक की आधारशिला भी रखेंगे। कोविड-19 महामारी के अनुभवों को ध्यान में रखते हुए विकसित की जा रही यह सुविधा आपातकालीन तैयारियों तथा बहुविषयक क्रिटिकल केयर सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ करेगी।

पीजीआईएमईआर में बढ़ते मरीजों की संख्या पर टिप्पणी करते हुए प्रो. लाल ने कहा, “पीजीआईएमईआर में आने वाले मरीजों की बढ़ती संख्या हमारे लिए बोझ नहीं, बल्कि इस संस्थान पर लोगों के अटूट विश्वास का प्रमाण है। हम इसे अपनी जिम्मेदारी मानते हैं कि निरंतर अपनी अवसंरचना और सेवाओं का विस्तार करें ताकि कोई भी मरीज गुणवत्तापूर्ण उपचार से वंचित न रहे।”

निदेशक ने आयुष्मान भारत योजना के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा, “इस योजना ने अनेक जटिल उपचारों और उन्नत शल्य चिकित्सा प्रक्रियाओं को उन मरीजों के लिए भी आर्थिक रूप से सुलभ बनाया है, जो पहले वित्तीय बाधाओं के कारण इनका लाभ नहीं उठा पाते थे। अंग प्रत्यारोपण, कैंसर उपचार से लेकर जटिल हृदय एवं न्यूरोलॉजिकल प्रक्रियाओं तक, पीजीआईएमईआर विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करते हुए मरीजों पर आर्थिक बोझ को न्यूनतम कर रहा है।”

उन्नत उपचार की किफायत पर बल देते हुए प्रो. लाल ने कहा, “आज पीजीआईएमईआर इस बात का जीवंत उदाहरण है कि अत्याधुनिक स्वास्थ्य सेवाएं अत्यधिक महंगी होना आवश्यक नहीं हैं। आयुष्मान भारत योजना और हमारी अमृत फार्मेसियों के माध्यम से अनेक महंगी दवाएं पश्चिमी देशों की तुलना में लगभग तीन सौवें हिस्से की लागत पर उपलब्ध कराई जा रही हैं, जिससे जीवनरक्षक उपचार जरूरतमंद मरीजों की पहुंच में आ सका है।”

प्रो. लाल ने भारत सरकार तथा केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के निरंतर सहयोग के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, “ये ऐतिहासिक परियोजनाएं रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा, अनुसंधान तथा आपातकालीन स्वास्थ्य तैयारियों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएंगी और देश के अग्रणी चिकित्सा संस्थानों में पीजीआईएमईआर की प्रतिष्ठा को और सुदृढ़ करेंगी।”

मीडिया ब्रीफिंग का समापन संवादात्मक सत्र के साथ हुआ, जिसमें निदेशक ने रोगी सेवाओं, नई स्वास्थ्य अवसंरचना की तैयारियों तथा भविष्य की विस्तार योजनाओं से संबंधित मीडिया के प्रश्नों के उत्तर दिए तथा उत्कृष्ट रोगी सेवा, चिकित्सा शिक्षा और अनुसंधान के प्रति पीजीआईएमईआर की अटूट प्रतिबद्धता दोहराई।

MY Bharat पंजाब ने गहन युवा पंजीकरण और जागरूकता अभियान की शुरुआत की

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा मामले और खेल मंत्रालय, भारत सरकार के तहत एक स्वायत्त निकाय, मेरा युवा भारत (MY Bharat) पंजाब ने 1 जुलाई से 15 अगस्त 2026 तक पंजाब के सभी 23 जिलों में MY Bharat पोर्टल पर एक गहन पंजीकरण और जागरूकता अभियान शुरू किया है।
यह अभियान युवाओं को जोड़ने में तेजी लाने और मार्च 2027 तक MY Bharat पोर्टल पर 5 करोड़ युवा पंजीकरण के राष्ट्रीय लक्ष्य में योगदान देने के देशव्यापी प्रयास का हिस्सा है।

पंजाब ने पोर्टल पर पहले ही 5,62,959 युवा पंजीकरण दर्ज किए हैं, और वर्तमान अभियान का उद्देश्य प्रत्येक स्कूल, कॉलेज, ब्लॉक और गाँव से युवाओं को इस प्लेटफॉर्म पर लाकर इस आधार का महत्वपूर्ण रूप से विस्तार करना है।

MY Bharat एक परिवर्तनकारी “फिजीटल” (भौतिक + डिजिटल) प्लेटफॉर्म है जो देश के युवाओं को सशक्त बनाता है और उन्हें राष्ट्र निर्माण के अवसरों से जोड़ता है। पंजीकरण पूरी तरह से निःशुल्क है और www.mybharat.gov.in पर 15-29 आयु वर्ग के युवाओं के लिए खुला है। इस प्लेटफॉर्म के माध्यम से, पंजीकृत युवा अनुभवात्मक शिक्षण कार्यक्रमों (ELPs) तक पहुँच प्राप्त कर सकते हैं जो कक्षा से परे व्यावहारिक अनुभव और कौशल-निर्माण के अवसर प्रदान करते हैं। स्वयंसेवक अवसर (VOs) जो युवाओं को स्थानीय स्तर पर सामुदायिक विकास और सरकारी पहलों में योगदान करने में सक्षम बनाते हैं। मंत्रालय द्वारा आयोजित राष्ट्रीय प्रमुख कार्यक्रमों, युवा आदान-प्रदान कार्यक्रमों, त्योहारों और आयोजनों के लिए एक एकल-खिड़की गेटवे। कौशल विकास, इंटर्नशिप और परामर्श के मार्ग जो रोजगार क्षमता और व्यक्तिगत विकास को बढ़ाते हैं। एक युवा स्वयंसेवक के रूप में एक सत्यापित डिजिटल पहचान, जो राष्ट्र निर्माण गतिविधियों में भागीदारी के लिए मान्यता और प्रमाणन प्रदान करती है।

सामुदायिक और नागरिक जुड़ाव में एक आवाज, जो प्रेरित युवाओं को साथी चेंजमेकर्स से जोड़ती है और उन्हें जमीनी स्तर की पहलों का नेतृत्व करने में सक्षम बनाती है।

“पंजाब के युवाओं ने लगातार राष्ट्र निर्माण के प्रति अपनी ऊर्जा और प्रतिबद्धता दिखाई है। यह अभियान हमारे जिलों के हर युवा को—चाहे वे स्कूलों, कॉलेजों या गाँवों में हों—MY Bharat आंदोलन में शामिल होने और राष्ट्र के भविष्य को आकार देने में सक्रिय भागीदार बनने का एक आमंत्रण है। हमारा ध्यान समावेशी भागीदारी पर है, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि महिलाएँ, ग्रामीण युवा, दिव्यांग युवा और हमारी युवा आबादी के हर वर्ग को इस प्लेटफॉर्म पर जगह मिले।”

MY Bharat पंजाब ने राज्य भर के सभी युवाओं, शैक्षणिक संस्थानों और हितधारकों से आगे आने और MY Bharat पोर्टल पर पंजीकरण करने, और भारत के सबसे बड़े युवा जुड़ाव मंच का हिस्सा बनने की अपील की है।

पंजीकरण और विवरण के लिए, देखें: www.mybharat.gov.in

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती पर निबंध लेखन प्रतियोगिता एवं वृक्षारोपण कार्यक्रम का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माय भारत, चंडीगढ़ द्वारा डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी जयंती के अवसर पर उनके जीवन, विचारों एवं राष्ट्र निर्माण में दिए गए योगदान को स्मरण करते हुए विभिन्न कार्यक्रमों का आयोजन किया गया।

यह कार्यक्रम श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माय भारत चंडीगढ़ के मार्गदर्शन एवं निर्देशन में आयोजित किया गया। कार्यक्रम के अंतर्गत निबंध लेखन प्रतियोगिता का आयोजन किया गया, जिसमें 45 प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, राष्ट्रवाद, शिक्षा, राष्ट्रीय एकता तथा भारत के विकास संबंधी उनके विचारों पर अपने निबंध प्रस्तुत किए।

कार्यक्रम के दौरान संजीव राणा, संस्थापक, कर्तव्यनिष्ठ फाउंडेशन ने प्रतिभागियों को संबोधित करते हुए डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के जीवन, उनके दर्शन एवं राष्ट्र निर्माण में उनके अमूल्य योगदान पर प्रेरणादायक व्याख्यान दिया। उन्होंने युवाओं से डॉ. मुखर्जी के आदर्शों को आत्मसात करते हुए राष्ट्र सेवा, सामाजिक उत्तरदायित्व एवं नैतिक मूल्यों के प्रति समर्पित रहने का आह्वान किया।

कार्यक्रम के अंत में डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी को पुष्पांजलि अर्पित की गई तथा पर्यावरण संरक्षण एवं हरित भारत के संदेश को जन-जन तक पहुँचाने के उद्देश्य से वृक्षारोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया।

माय भारत, चंडीगढ़ ने युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के आदर्शों एवं राष्ट्र निर्माण के संकल्प को अपने जीवन में अपनाते हुए समाज एवं देश के विकास में सक्रिय योगदान दें।

श्री सौरभ विजय, सीईओ यूआईडीएआई, ने क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़, का दौरा किया और आधार सेवा वितरण तंत्र की समीक्षा की

चंडीगढ़, / सत्ता संदेश

श्री सौरभ विजय, भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (यूआईडीएआई) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ), ने आज यूआईडीएआई क्षेत्रीय कार्यालय, चंडीगढ़ का दौरा किया ताकि क्षेत्र में क्षेत्रीय कार्यालय और आधार सेवा वितरण पारिस्थितिकी तंत्र के संचालन की समीक्षा की जा सके।

इस दौरे के दौरान, श्री सौरभ विजय ने क्षेत्रीय कार्यालय चंडीगढ़ के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ विस्तृत बातचीत की और क्षेत्र में चल रही विभिन्न आधार-संबंधी पहलों की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने आधार सेवाओं के कुशल कार्यान्वयन को सुनिश्चित करने में अधिकारियों और कर्मचारियों के प्रयासों की सराहना की और पारदर्शिता, दक्षता और नागरिक-केंद्रित सेवा वितरण के उच्चतम मानकों को बनाए रखने के महत्व पर प्रकाश डाला।

सीईओ ने परिचालन कार्यप्रवाह की समीक्षा की और आधार नामांकन, अपडेटेशन, प्रमाणीकरण पारिस्थितिकी तंत्र, शिकायत निवारण तंत्र और जागरूकता पहलों से संबंधित विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। उन्होंने निवासी अनुभव में सुधार करने और क्षेत्र में आधार सेवाओं की पहुंच और विश्वसनीयता को मजबूत करने पर निरंतर ध्यान देने की आवश्यकता पर ज़ोर दिया।

कर्मचारियों के साथ अपनी बातचीत के दौरान, श्री सौरभ विजय ने अधिकारियों को निवासियों को निर्बाध और सुरक्षित पहचान सेवाएँ प्रदान करने के विज़न की ओर समर्पण के साथ काम जारी रखने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने परिचालन दक्षता और सेवा गुणवत्ता को और बढ़ाने के लिए प्रौद्योगिकी और नवाचार का लाभ उठाने के महत्व को भी रेखांकित किया।

अपने दौरे के हिस्से के रूप में, श्री सौरभ विजय ने क्षेत्रीय कार्यालय आने वाले निवासियों से भी बातचीत की और आधार-संबंधी सेवाओं के साथ उनके अनुभव के बारे में पूछा। निवासियों ने नामांकन और अद्यतन प्रक्रियाओं के बारे में अपनी प्रतिक्रिया साझा की, और सीईओ ने हर निवासी के लिए सरल, सुविधाजनक और परेशानी-मुक्त सेवा वितरण सुनिश्चित करने के प्रति यूआईडीएआई की प्रतिबद्धता को दोहराया।

सीईओ ने आगे आधार सेवा केंद्र (एएसके), चंडीगढ़ का भी दौरा किया, जहाँ उन्होंने आधार नामांकन, जनसंख्या संबंधी अपडेट, बायोमेट्रिक अपडेट, और दस्तावेज़ सत्यापन प्रक्रियाओं सहित एंड-टू-एंड निवासी सेवा प्रक्रियाओं की समीक्षा की। उन्होंने केंद्र के कार्यकलापों का अवलोकन किया और सेवा वितरण प्रथाओं व परिचालन व्यवस्थाओं के संबंध में कर्मचारियों से बातचीत की।

आधार सेवा केंद्र के दौरे के दौरान, श्री सौरभ विजय ने आधार सेवाएँ प्राप्त कर रहे निवासियों से भी बातचीत की और केंद्र में प्रतीक्षा समय, सेवा पहुँच और समग्र अनुभव के बारे में प्रतिक्रिया ली। उन्होंने निवासी-अनुकूल वातावरण बनाए रखने के लिए किए जा रहे प्रयासों की सराहना की और समयपरक तथा कुशल सेवा वितरण सुनिश्चित करने के महत्व पर ज़ोर दिया।

उन्होंने यह ज़ोर दिया कि आधार निवासियों के लिए विभिन्न कल्याण योजनाओं और सेवाओं तक पहुँच सुगम बनाकर अच्छे शासन और जीवन की सहजता को सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता रहता है। उन्होंने सभी आधार-संबंधी गतिविधियों में डेटा सुरक्षा, सेवा अखंडता और परिचालन उत्कृष्टता बनाए रखने के महत्व पर और बल दिया।

यह दौरा आधार को सुदृढ़ करने के प्रति यूआईडीएआई की निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है