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वाल्मीकि तीर्थ पहुंचे प्रगट सिंह और सचिन पायलट, केंद्र पर बरसे कांग्रेस नेता; 13 करोड़ वोटरों के नाम हटाने का लगाया आरोप

अमृतसर के श्री वाल्मीकि तीर्थ पर प्रगट सिंह और सचिन पायलट ने माथा टेका। सचिन पायलट ने मतदाता सूची से 13 करोड़ नाम हटाने का आरोप लगाया, जबकि प्रगट सिंह ने नफरत की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाई।

सचिन पायलट बोले—नोटबंदी के बाद अब देश में ‘वोटबंदी’ का खेल; प्रगट सिंह ने कहा, नफरत और विभाजनकारी ताकतों को कांग्रेस देगी जवाब

अमृतसर / सत्ता संदेश

दिनांक : 9 अक्टूबर 2026

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रगट सिंह और पंजाब कांग्रेस प्रभारी सचिन पायलट ने अमृतसर स्थित पवित्र श्री वाल्मीकि तीर्थ पर माथा टेककर आशीर्वाद लिया। इस दौरान पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। दर्शन के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए दोनों नेताओं ने केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्षी दलों को लेकर अपने विचार रखे। सचिन पायलट ने मतदाता सूची से नाम हटाए जाने का आरोप लगाया, जबकि प्रगट सिंह ने कांग्रेस की एकजुटता और पंजाब में शांति व भाईचारे की रक्षा के लिए पार्टी की प्रतिबद्धता दोहराई।

‘देश में वोटबंदी का खेल खेला जा रहा है’: सचिन पायलट

सचिन पायलट ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार के कार्यकाल में लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और संवैधानिक मूल्यों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। उन्होंने कहा कि नोटबंदी के बाद अब देश में ‘वोटबंदी’ का खेल चल रहा है। पायलट के मुताबिक, मतदाता सूची के मसौदे से लगभग 13 करोड़ लोगों के नाम हटाए गए हैं। उन्होंने इस प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़ा गंभीर मुद्दा बताया।

पायलट ने आरोप लगाया कि सरकार सवाल पूछने वाले विपक्षी नेताओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के नेतृत्व में कांग्रेस और इंडिया गठबंधन लोकतंत्र तथा संविधान की रक्षा के लिए जनआंदोलन चला रहे हैं। उन्होंने कार्यकर्ताओं से लोगों को जागरूक करने और लोकतांत्रिक अधिकारों से जुड़े मुद्दों को जनता के बीच उठाने का आह्वान किया।

नफरत की राजनीति का विरोध करेगी कांग्रेस: प्रगट सिंह

पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष प्रगट सिंह ने कहा कि वह श्री वाल्मीकि तीर्थ पर पंजाब की शांति, भाईचारे और लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए आशीर्वाद लेने पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि कांग्रेस नफरत और विभाजन की राजनीति का मजबूती से विरोध करेगी और जनहित से जुड़े मुद्दों को उठाती रहेगी।

आगामी राजनीतिक चुनौतियों पर बात करते हुए प्रगट सिंह ने कांग्रेस संगठन पर भरोसा जताया। उन्होंने कहा कि पार्टी की टीम मजबूत है और उसके पास प्रतिभाशाली नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की कमी नहीं है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस अपनी एकजुटता और संगठनात्मक तैयारी के दम पर राजनीतिक चुनौतियों का सामना करेगी।

प्रगट सिंह ने भारतीय जनता पार्टी, आम आदमी पार्टी और शिरोमणि अकाली दल पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कांग्रेस जनता के अधिकारों, आपसी भाईचारे और प्रदेश के हितों से जुड़े मुद्दों पर अपना संघर्ष जारी रखेगी।

दोनों नेताओं ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ताओं को ब्लॉक और मंडल स्तर तक सक्रिय किया जाएगा, ताकि लोगों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जा सके। उन्होंने लोकतंत्र और संविधान से जुड़े मुद्दों पर जनता के बीच जाकर आवाज उठाने तथा सड़क से संसद तक संघर्ष जारी रखने की बात कही।

वड़िंग का दावा- 2027 में पंजाब में कांग्रेस बनाएगी सरकार

माछीवाड़ा में राजा वड़िंग ने कहा कि 2027 में कांग्रेस हाईकमान योग्य समझे तो वह मुख्यमंत्री भगवंत मान के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे। उन्होंने कांग्रेस की टिकट और गुटबाजी समेत कई मुद्दों पर बयान दिया।

माछीवाड़ा / सत्ता संदेश

पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा बयान दिया है। वड़िंग ने कहा कि अगर कांग्रेस हाईकमान उन्हें योग्य समझता है तो वह 2027 के विधानसभा चुनाव में मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के खिलाफ चुनाव लड़ना चाहेंगे।

माछीवाड़ा में अपने करीबी साथी और जिला उपप्रधान कस्तूरी लाल मिंटू के कार्यालय पहुंचे राजा वड़िंग ने पत्रकारों से बातचीत के दौरान पंजाब की राजनीति, कांग्रेस की चुनावी रणनीति और पार्टी में गुटबाजी समेत कई मुद्दों पर अपनी बात रखी।

टिकटों को लेकर कांग्रेस की तैयारी

राजा वड़िंग ने कहा कि आगामी विधानसभा चुनाव के लिए कांग्रेस इस बार उम्मीदवारों की घोषणा में पीछे नहीं रहेगी। उन्होंने संकेत दिया कि पार्टी हाईकमान जल्द ही विधानसभा उम्मीदवारों की सूची जारी कर सकती है।

उन्होंने कहा कि कांग्रेस चुनाव को लेकर पूरी तरह तैयार है और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार काम किया जा रहा है।

गुटबाजी पर बोले वड़िंग- लगभग हर पार्टी में मतभेद

कांग्रेस में गुटबाजी के सवाल पर प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि आज लगभग हर राजनीतिक दल में गुटबाजी और मतभेद देखने को मिलते हैं। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में मौजूद मतभेदों को हाईकमान जल्द ही खत्म कर देगा।

वड़िंग ने पार्टी के भीतर कथित तौर पर मौजूद ‘स्लीपर सेल’ का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने पूर्व कांग्रेस नेता रवनीत सिंह बिट्टू का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि बिट्टू कांग्रेस में रहते हुए भाजपा नेताओं से मुलाकात करते रहे और बाद में भाजपा में शामिल हो गए।

वड़िंग ने दावा किया कि पार्टी में ऐसे और लोग भी हो सकते हैं, जिनकी पहचान करना जरूरी है।

1984 के मामले में सज्जन कुमार की मौत पर क्या बोले?

1984 के सिख कत्लेआम मामले में दोषी रहे सज्जन कुमार की मौत से जुड़े सवाल पर राजा वड़िंग ने कहा कि गुनहगारों को सजा देने का काम भगवान का है।

उन्होंने कहा कि जिन्होंने हत्या की या हत्या करवाई, उनके बारे में अकाल पुरख सब जानता है और वही न्याय करता है।

मुख्यमंत्री चेहरे पर फैसला हाईकमान करेगा

पंजाब में कांग्रेस के मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर वड़िंग ने कहा कि यह फैसला उनके अधिकार क्षेत्र में नहीं है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे या राहुल गांधी इस संबंध में निर्णय लेंगे।

वड़िंग ने कहा कि कांग्रेस पंजाब में राहुल गांधी के चेहरे पर चुनाव लड़ेगी और जीत हासिल कर राज्य में सरकार बनाएगी।

कस्तूरी लाल मिंटू की तारीफ

माछीवाड़ा दौरे के दौरान वड़िंग ने अपने साथी कस्तूरी लाल मिंटू की भी प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि मिंटू जैसे मेहनती नेताओं के प्रयासों से पंजाब में कांग्रेस को मजबूती मिलेगी और पार्टी सत्ता में वापसी कर सकती है।

बाबा बकाला सम्मेलन को लेकर मान-मजीठिया पर निशाना

बाबा बकाला साहिब में हुए राजनीतिक सम्मेलनों को लेकर राजा वड़िंग ने मुख्यमंत्री भगवंत मान और अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया पर भी निशाना साधा।

उन्होंने कहा कि पंजाब में नशे, कर्ज और रोजगार जैसे गंभीर मुद्दे हैं, लेकिन इन मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय दोनों नेता एक-दूसरे पर राजनीतिक तंज कसते नजर आए। वड़िंग ने इसे उचित नहीं बताया और कहा कि राजनीतिक नेताओं को पंजाब के वास्तविक मुद्दों पर चर्चा करनी चाहिए।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर राजा वड़िंग का यह बयान पंजाब की राजनीति में चर्चा का विषय बन सकता है। हालांकि, मुख्यमंत्री के खिलाफ चुनाव लड़ने को लेकर अंतिम निर्णय कांग्रेस हाईकमान और चुनावी परिस्थितियों पर निर्भर करेगा।