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कांग्रेस ने पूर्वोत्तर की उपेक्षा की और अपने शासनकाल में असम में उग्रवाद को बढ़ावा दिया : मोदी

गुवाहाटी, 14 फरवरी (भाषा) प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए उस पर पूर्वोत्तर की उपेक्षा करने और अपने शासनकाल के दौरान असम में उग्रवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाया।

मोदी ने यहां एक रैली में भाजपा कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस ने हमेशा देश की सुरक्षा को खतरे में डाला है और असम में उसके कार्यकाल के दौरान भय और असुरक्षा का माहौल बना रहा।

उन्होंने कहा, ‘‘कांग्रेस ने ध्रुवीकरण और वोट बैंक की राजनीति में लिप्त होकर ऐसे निर्णय लिए, जिनसे इन चीजों को बढ़ावा मिला।’’

मोदी ने कहा, ‘‘देश का विभाजन मुस्लिम लीग के कारण हुआ था, लेकिन अब ‘एमएमसी’ – माओवादी, मुस्लिम, कांग्रेस – हैं और लोगों को इनके बारे में जागरूक होना चाहिए।’’

प्रधानमंत्री ने कांग्रेस पर घुसपैठियों को संरक्षण देने का आरोप लगाया, लेकिन भाजपा ‘‘अवैध अप्रवासन को समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है और इसलिए अगले पांच साल राज्य के लिए बहुत महत्वपूर्ण हैं’’।

उन्होंने यह भी दावा किया कि असम में 10 वर्षों से सत्ता से बाहर रहने के कारण कांग्रेस ‘‘सत्ता में रहने के समय से भी अधिक खतरनाक हो गई है और यह बात उसके नेताओं द्वारा दिये गये जहरीले बयानों से स्पष्ट है।’’

उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने सात दशकों में ब्रह्मपुत्र नदी पर केवल तीन पुलों का निर्माण किया, लेकिन भाजपा सरकार ने 10 वर्षों में पांच पुलों का निर्माण किया।

मोदी ने कहा कि भाजपा सरकार के प्रयासों से असम में चौतरफा विकास हो रहा है।

उन्होंने कहा, ‘‘भाजपा असम की पहचान और उसकी परंपराओं की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।’’

मोदी ने कहा कि भाजपा की सफलता का श्रेय केवल पार्टी कार्यकर्ताओं को जाता है और पार्टी संगठनात्मक शक्ति में भरोसा रखती है।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा, “भाजपा कार्यकर्ता होना मेरी सबसे बड़ी योग्यता और सम्मान है और यह मेरे लिए गर्व का स्रोत है।’’

संसद में भारी हंगामा: पीएम मोदी का भाषण टला, राहुल गांधी और भाजपा सांसद के बीच छिड़ा ‘किताबों का युद्ध’

नेशनल डेस्क : लोकसभा में विपक्ष के भारी हंगामे के कारण बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव का जवाब टल गया, जिसके बाद सदन को कल तक के लिए स्थगित कर दिया गया। जैसे ही शाम 5 बजे कार्यवाही शुरू हुई, कांग्रेस, टीएमसी और समाजवादी पार्टी के सांसद तख्तियां लेकर वेल में पहुंच गए और नारेबाजी शुरू कर दी। विपक्ष का आरोप है कि राहुल गांधी को बोलने से रोका जा रहा है, जिसके विरोध में उन्होंने सदन की कार्यवाही ठप कर दी।

सदन में ‘किताबों की जंग‘ : बुधवार को संसद के भीतर किताबों को लेकर एक अनोखा संग्राम देखने को मिला। नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी पूर्व सेना प्रमुख मनोज मुकुंद नरवणे की एक अप्रकाशित किताब लेकर सदन पहुंचे और मीडिया के सामने दावा किया कि हमारी सेना चीन के टैंकों पर हमला करना चाहती थी क्योंकि वे भारतीय सीमा में घुस आए थे। इस पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद निशिकांत दुबे 100 किताबें लेकर संसद पहुंच गए और कहा कि नेहरू-गांधी परिवार के इतिहास का सच सामने आना चाहिए। इस जुबानी जंग के कारण कामकाज पूरी तरह ठप हो गया।

प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव के तीखे हमले : सदन के बाहर भी सियासी पारा काफी चढ़ा रहा। कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने पीएम मोदी पर निशाना साधते हुए कहा कि वह “डर गए” हैं और इसीलिए सदन में नहीं आए। वहीं, समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने अमेरिका के साथ हुई नई ट्रेड डील पर गंभीर सवाल उठाए। अखिलेश ने आरोप लगाया कि इस डील से भारतीय किसान बर्बाद हो जाएंगे और सरकार चीन को भारतीय बाजार सौंप रही है जबकि चीन हमारी जमीन पहले ही छीन चुका है।

नेहरू-इंदिरा की निंदा पर राज्यसभा में हंगामा: सिर्फ लोकसभा ही नहीं, बल्कि राज्यसभा में भी विपक्ष ने सरकार को जमकर घेरा। मल्लिकार्जुन खड़गे ने लोकसभा में पंडित नेहरू और इंदिरा गांधी की निंदा वाली किताबें लहराए जाने पर कड़ी आपत्ति जताई। शाम 5 बजे जब लोकसभा दोबारा शुरू हुई, तो विपक्षी सांसद पोस्टर लेकर केंद्रीय मंत्रियों के पास तक पहुंच गए, जिससे सदन में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। लगातार तीसरे दिन भी लोकसभा में धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा पूरी नहीं हो सकी।English Tags: PM Modi Speech, Lok Sabha Adjourned, Rahul Gandhi Book War, Nishikant Dubey, Parliament Protests, Priyanka Gandhi, Akhilesh Yadav, US-India Trade Deal, Budget 2026, National News India