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28 से 30 सितंबर तक तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित, 25 सितंबर तक निपटा लें जरूरी काम

26-27 सितंबर को साप्ताहिक अवकाश के चलते लगातार पांच दिन प्रभावित हो सकता है बैंकिंग कामकाज; SLBC पंजाब ने ग्राहकों को दी सलाह

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

बैंक ग्राहकों के लिए सितंबर के आखिरी सप्ताह में बैंकिंग सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (UFBU) की ओर से 28 से 30 सितंबर 2026 तक तीन दिवसीय बैंक हड़ताल प्रस्तावित की गई है। इससे पहले 26 और 27 सितंबर को शनिवार और रविवार का साप्ताहिक अवकाश रहेगा।

ऐसे में बैंक शाखाओं का नियमित कामकाज लगातार कई दिनों तक प्रभावित होने की संभावना है। स्टेट लेवल बैंकर्स कमेटी (SLBC), पंजाब ने ग्राहकों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए अपने जरूरी बैंकिंग कार्य 25 सितंबर 2026 तक पूरे कर लें।

SLBC के अनुसार, प्रस्तावित हड़ताल के दौरान बैंक शाखाओं की सेवाओं पर असर पड़ सकता है। ऐसे में ग्राहकों को नकदी निकासी और अन्य जरूरी बैंकिंग कार्यों के लिए डिजिटल और वैकल्पिक बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

ग्राहक जरूरत के अनुसार एटीएम, इंटरनेट बैंकिंग, मोबाइल बैंकिंग, UPI, BC एजेंट/कस्टमर सर्विस सेंटर (CSP) समेत अन्य डिजिटल बैंकिंग माध्यमों का इस्तेमाल कर सकते हैं।

बैंकों की ओर से ग्राहकों को जरूरी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए वैकल्पिक व्यवस्थाएं किए जाने की बात कही गई है, लेकिन हड़ताल की स्थिति में शाखा स्तर पर होने वाले काम प्रभावित हो सकते हैं।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की ओर से भी ग्राहकों को महत्वपूर्ण शाखा-संबंधी कार्य पहले ही निपटाने और जरूरत के अनुसार डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का इस्तेमाल करने की सलाह दी गई है।

ग्राहकों को सलाह दी गई है कि वे बैंक शाखा से जुड़े ऐसे काम, जिनमें व्यक्तिगत रूप से शाखा जाना जरूरी है, उन्हें निर्धारित तारीख से पहले पूरा कर लें, ताकि प्रस्तावित हड़ताल के दौरान किसी तरह की परेशानी से बचा जा सके।

भारत-नेपाल के बीच सीमा पार धन प्रेषण सेवा शुरू, UPI और नेपाल के भुगतान नेटवर्क का सीधा एकीकरण

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और नेपाल ने डिजिटल वित्तीय सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए सीमा पार व्यक्ति-से-व्यक्ति धन प्रेषण तंत्र की शुरुआत कर दी है। 6 जून को लॉन्च की गई इस नई व्यवस्था के तहत भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस और नेपाल के नेशनल पेमेंट इंटरफेस को सीधे जोड़ा गया है।

इस एकीकरण के माध्यम से दोनों देशों के नागरिक अब मोबाइल बैंकिंग ऐप और डिजिटल वॉलेट की मदद से वास्तविक समय में सुरक्षित, तेज और निर्बाध तरीके से धन हस्तांतरित कर सकेंगे। यह कदम भारत और नेपाल के बीच वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल और आर्थिक एकीकरण को भी मजबूत करेगा।

यह तकनीकी साझेदारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड के सहयोग से लागू की गई है। इसका उद्देश्य सीमा पार भुगतान को अधिक सुलभ, सुरक्षित और किफायती बनाना है।

नई व्यवस्था से दोनों देशों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें मुद्रा विनिमय की जटिलताओं, अधिक नकदी साथ रखने और अतिरिक्त विदेशी मुद्रा शुल्क जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं नेपाल के स्थानीय व्यापारियों और व्यवसायों को भारतीय पर्यटकों और ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलने से व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।

इसके अलावा डिजिटल भुगतान प्रणाली से नकदी प्रबंधन की लागत कम होगी, भुगतान का निपटान वास्तविक समय में होगा और सीमा पार नकदी ले जाने की आवश्यकता भी घटेगी। इससे व्यापारिक लेनदेन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेंगे।

गौरतलब है कि वर्तमान में यूपीआई दुनिया के नौ देशों—सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया—में स्वीकार किया जाता है। इन देशों में भारतीय यात्री अपने परिचित यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-नेपाल के बीच शुरू हुई यह नई भुगतान व्यवस्था दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय डिजिटल भुगतान सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी।