पारस एस्टेट निवासी बच्ची प्रबलीन के परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने परिवार के साथ खड़े होने का ऐलान किया है। जालंधर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े नहीं हैं, लेकिन परिवार की इंसाफ की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते रहेंगे।
शीतल अंगुराल ने कहा कि प्रबलीन की पिछले वर्ष हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से परिवार को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि लंबे समय के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया।
मोहिंदर भगत को पांच दिन का अल्टीमेटम
पूर्व विधायक ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत को पांच दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में प्रबलीन के परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी गई तो वह मंत्री के घर के बाहर धरना देंगे।
उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से सरकार से किए गए वादे को पूरा करने और इंसाफ की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई है।
‘परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देंगे’
शीतल अंगुराल ने कहा कि पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। जब तक परिवार को इंसाफ नहीं मिलता, वह उनके साथ खड़े रहेंगे।
उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए किए गए वादे को पूरा करना चाहिए। अब पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।
लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर हलके के विभिन्न वार्डों में राष्ट्रीय ध्वज फहराया। इस दौरान उन्होंने क्षेत्रवासियों और देशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
इस मौके पर MLA ग्रेवाल ने देश की आजादी के लिए अपना बलिदान देने वाले महान शहीदों को याद किया। उन्होंने कहा कि शहीद-ए-आजम सरदार भगत सिंह, राजगुरु, सुखदेव, करतार सिंह सराभा, मदन लाल ढींगरा, लाला लाजपत राय और शहीद ऊधम सिंह सहित अनेक महान स्वतंत्रता सेनानियों ने देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर किया।
पंजाबियों की कुर्बानियों को किया याद
MLA दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि यह पंजाब और पंजाबियों के लिए गर्व की बात है कि देश की आजादी की लड़ाई में पंजाब के लोगों ने बड़ी संख्या में कुर्बानियां दीं। उन्होंने कहा कि पंजाबी हमेशा देश और समाज के हितों की रक्षा के लिए आगे रहे हैं।
बड़ी संख्या में मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी सरकार ने पिछले चार वर्षों में राज्य के लोगों से किए गए वादों और गारंटियों को पूरा करने के लिए गंभीरता से काम किया है। उन्होंने दावा किया कि सरकार ने कई ऐतिहासिक फैसले लिए हैं और लोगों के हित में लगातार काम किया जा रहा है।
शहीदों के सपनों का पंजाब बनाने का दावा
MLA ग्रेवाल ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार शहीदों के सपनों को साकार करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार पंजाब को दोबारा ‘रंगला पंजाब’ बनाने की दिशा में काम कर रही है।
इस दौरान MLA ग्रेवाल ने टिब्बा रोड, ताजपुर रोड, शक्ति नगर, सुभाष नगर, राहों रोड, सेक्टर-32 सहित लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न वार्डों में तिरंगा फहराया और लोगों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रमों में AAP नेता और विभिन्न वार्डों के पार्षदों सहित पार्टी के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता मौजूद रहे। इनमें कुलविंदर ग्रेवाल, सुरिंदर सिंह मदान, जसविंदर संधू, राज ग्रेवाल, बाऊ राम शर्मा, पार्षद लखविंदर चौधरी, पार्षद जगदीश लाल दिशा, भूषण शर्मा, पार्षद अनुज चौधरी, जगपाल सिंह लाली, गग्गी शर्मा, पार्षद सुखमेल सिंह ग्रेवाल, पार्षद जसप्रीत कौर, पार्षद अश्विनी शर्मा, सुखवंत सिंह सुखा, दर्शन चावला, अंकुरलती, राजेश पिंका, अमरजीत सिंह पार्षद (लवली मिनोचा) सहित अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
हमारी सरकार की ‘युद्ध नशेआं विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब नशा-मुक्त नहीं हो जाता: मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम के 500 दिन पूरे; अब तक 70,000 नशा तस्कर गिरफ्तार: सीएम मान
विलेज डिफेंस कमेटियों का एक साल पूरा; 1.25 लाख वॉलंटियर ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की ताकत बने: सीएम मान
अकाली दल ने नशे लाए, कांग्रेस ने उनको संरक्षण दिया; ‘आप’ सरकार इस कलंक को खत्म कर रही है: सीएम मान
पंजाब का हर गाँव और शहर नशों के विरुद्ध सरकार की जंग में सक्रिय रूप से सहयोग कर रहा है:सीएम मान
इलाज, पुनर्वास और जन जागरूकता अभियानों के साथ-साथ नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई: सीएम मान
विपक्ष का दावा था कि नशे कभी खत्म नहीं हो सकते, पर लोगों के सहयोग ने इस कलंक की रीढ़ तोड़ने में हमारी मदद की है : भगवंत सिंह मान
भाजपा, अकाली दल और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया; वे सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं : मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान
लुधियाना / सत्ता संदेश
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार की ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ मुहिम तब तक जारी रहेगी, जब तक राज्य से नशों की जड़ से सफाई नहीं हो जाती। उन्होंने घोषणा की कि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ की शानदार सफलता लोगों की सक्रिय भागीदारी से ही संभव हुई है। लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटी (वी.डी.सी.) के वॉलंटियरों (गाँवों के पहरेदारों) से मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री ने बताया कि इस मुहिम के 500 दिन पूरे हो गए हैं, जिस दौरान 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि 13,000 गाँवों में 1.25 लाख वॉलंटियर इस आंदोलन की रीढ़ बनकर उभरे हैं।
पिछली सरकारों पर तीखा हमला करते हुए भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने नशे लाए और कांग्रेस ने इस कलंक को संरक्षण दिया, जबकि आप सरकार ने तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की, पीड़ितों के इलाज व पुनर्वास और बेमिसाल जन जागरूकता अभियान के जरिए इसकी रीढ़ तोड़ दी है। उन्होंने कहा कि कभी ‘उड़दा पंजाब’ के रूप में बदनाम किया गया राज्य अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है, जो स्कूली शिक्षा में राज्य की रैंकिंग, जे.ई.ई. और नीट में रिकॉर्ड सफलता और योग्यता-आधारित रोजगार से स्पष्ट होता है। उन्होंने दोहराया कि नशों के खिलाफ जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब पूरी तरह नशा-मुक्त नहीं हो जाता।
इस कार्यक्रम के कुछ अंश साझा करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने एक्स पर लिखा, “आज लुधियाना में विलेज डिफेंस कमेटियों के वॉलंटियरों से मुलाकात की। नशों के खिलाफ हमारी मुहिम ने पिछले 500 से अधिक दिनों में शानदार नतीजे दिए हैं। पंजाब पुलिस और हमारे वॉलंटियरों के संयुक्त प्रयासों से 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिससे नशा तस्करी की रीढ़ टूट गई है। जिस राज्य को कभी ‘उड़दा पंजाब’ कहा जाता था, वह अब ‘पढ़दा और तंदरुस्त पंजाब’ में बदल रहा है। स्कूली शिक्षा में पंजाब का पहला स्थान, 882 विद्यार्थियों का नीट क्वालीफाई करना और 68,500 से अधिक सरकारी नौकरियाँ इस बदलाव का प्रत्यक्ष प्रमाण हैं। यह जंग तब तक जारी रहेगी, जब तक पंजाब से नशों का पूरी तरह खात्मा नहीं हो जाता। आओ सब मिलकर ‘रंगला पंजाब’ बनाएँ। इंकलाब जिंदाबाद।”
सभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “आज का दिन बहुत महत्वपूर्ण है क्योंकि ‘युद्ध नशियाँ विरुद्ध’ के 500 दिन पूरे हो गए हैं और हमारी विलेज डिफेंस कमेटियों ने एक साल पूरा कर लिया है। मैं पंजाब के लोगों का धन्यवाद करता हूँ, जिन्होंने इन दोनों पहलों को जन आंदोलन में बदल दिया। वह दिन दूर नहीं, जब ये दोनों लहरें मिलकर पंजाब में से नशों के कलंक का पूरी तरह खात्मा कर देंगी।”
सभा का धन्यवाद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि वे सच्ची भावना से पंजाब की सेवा करने वाले सभी लोगों के ऋणी हैं। उन्होंने कहा कि हमारा दृढ़ संकल्प साबित करता है कि संयुक्त प्रयासों से कोई भी बड़ी से बड़ी चुनौती पर काबू पाया जा सकता है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “जो समस्या कभी असंभव लगती थी, वह 500 दिनों के भीतर-भीतर धीरे-धीरे खत्म हो रही है। बहुत से लोगों का मानना था कि इस कोढ़ को कभी खत्म नहीं किया जा सकता, पर लोगों के सक्रिय सहयोग से हमने इस समस्या की कमर तोड़ दी है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार ने नशों के दलदल में फँसे लोगों को नशा-छुड़ाऊ और पुनर्वास केंद्रों में ले जाकर उनका इलाज सुनिश्चित किया है ताकि वे गरिमा और स्वाभिमान से जी सकें। उन्होंने कहा, “हमने पिछले 500 दिनों में 70,000 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। 13,000 गाँवों में लगभग 1.25 लाख वॉलंटियर नशों के खात्मे के लिए सक्रिय रूप से काम कर रहे हैं। लोगों की भलाई के लिए प्रतिबद्ध एक ईमानदार सरकार ही ऐसा ठोस कदम उठा सकती थी।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि अकाली दल ने पंजाब में ‘चिट्टा’ लाया और कांग्रेस ने इसे आगे बढ़ाया और इसको संरक्षण दिया। ये दोनों पार्टियाँ राज्य में बुरे शासन के लिए जिम्मेदार थीं। उन्होंने आगे कहा, “आज हमारी सरकार ने राज्य से नशों की सफाई कर दी है। किसी को नशा छुड़ाने में मदद करना उस व्यक्ति को तीर्थ यात्रा पर ले जाने के बराबर है। मुझे इस बात की बहुत संतुष्टि है कि हमारी सरकार ने शिक्षा क्रांति के जरिए पंजाब के इतिहास को ‘उड़दा पंजाब’ से ‘पढ़दा पंजाब’ में बदल दिया है।”
मुख्यमंत्री ने दोहराया कि पिछले चार वर्षों के दौरान राज्य सरकार के निरंतर प्रयासों के कारण पंजाब प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वाला राज्य बनकर उभरा है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार ने प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा का स्तर ऊँचा किया है, समग्र ढाँचे को मजबूत किया है, स्मार्ट क्लासरूम शुरू किए हैं और शिक्षकों के लिए उन्नत प्रशिक्षण सुनिश्चित किया है। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब ने केरल, महाराष्ट्र और दिल्ली को पछाड़कर प्राइमरी और मिडिल स्कूल शिक्षा में पहला स्थान हासिल किया है। भारत सरकार के प्रमुख संस्थानों में से एक नीति आयोग द्वारा जारी किए गए ताजा आँकड़े इस बात की पुष्टि करते हैं कि पंजाब अब इस क्षेत्र में देश में पहले नंबर पर है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले चार वर्षों से राज्य सरकार ने शिक्षकों के प्रशिक्षण, पढ़ाने के आधुनिक तरीकों और स्मार्ट क्लासरूमों पर ध्यान केंद्रित किया है, जिसके कारण पंजाब अब शीर्ष स्थान पर है। उन्होंने आगे कहा, “पहले केरल पहले नंबर पर था, पर आज पंजाब ने बड़े अंतर से पहला स्थान हासिल कर लिया है। हम आने वाले वर्षों में और भी बड़े प्रयास जारी रखेंगे क्योंकि शिक्षा वह प्रकाश है, जो जीवन के अंधेरे को दूर करता है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब सरकार ने पदभार संभाला था तो पंजाब स्कूली शिक्षा में 27वें नंबर पर था, पर आज राज्य पहले नंबर पर पहुँच गया है। उन्होंने आगे बताया कि जहाँ 2021 में पंजाब के सरकारी स्कूलों के केवल 80 विद्यार्थियों ने नीट परीक्षा पास की थी, वहाँ 2026 में यह संख्या बढ़कर 881 विद्यार्थी हो गई है, जो पंजाब के सरकारी स्कूलों की अब तक की सबसे बड़ी उपलब्धि है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि आप सरकार शिक्षा क्षेत्र को मजबूत करने के लिए संयुक्त प्रयास कर रही है ताकि आम परिवारों के बच्चों को भी आगे बढ़ने के वही अवसर मिल सकें, जो बाकियों को मिलते हैं।
मुख्यमंत्री ने चिंता व्यक्त की कि केंद्र सरकार एक भी नीट परीक्षा पारदर्शी ढंग से कराने में असफल रही है, जिसमें परीक्षा के पेपर बार-बार लीक हो रहे हैं और विद्यार्थियों में निराशा फैल रही है। उन्होंने आगे कहा, “इसके विपरीत हमारी सरकार ने पंजाब में एक भी पेपर लीक हुए बिना साढ़े चार साल का कार्यकाल पूरा कर लिया है। कुछ दिन पहले फार्मेसी परीक्षा के दौरान नकल का मामला सामने आया था और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर लिया गया।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि लोगों को मानक स्वास्थ्य सुविधाएँ प्रदान करवाने के लिए इस समय पंजाब भर में 1,090 आम आदमी क्लीनिक चल रहे हैं और जल्द ही यह संख्या 1,400 हो जाएगी। उन्होंने कहा कि ये क्लीनिक सुगम स्वास्थ्य सेवाओं का आधार बन चुके हैं, जिनमें अब तक पाँच करोड़ से अधिक ओ.पी.डी. हो चुकी है।
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि हर नागरिक के लिए व्यापक स्वास्थ्य देखभाल सुनिश्चित करने के लिए पंजाब सरकार ने ‘मुख्यमंत्री सेहत योजना’ शुरू की है, जो देश में अपनी तरह की पहली योजना है। उन्होंने कहा, “यह योजना पंजाब के हर निवासी परिवार को 10 लाख रुपये तक का कैशलेस मुफ्त इलाज प्रदान करती है। पंजाब भारत का पहला राज्य है, जो इतनी व्यापक स्वास्थ्य बीमा कवरेज प्रदान कर रहा है। इससे लोगों पर वित्तीय बोझ काफी घटा है और मानक इलाज सुनिश्चित हुआ है।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि इस ऐतिहासिक पहल का उद्देश्य राज्य के हर परिवार को स्वास्थ्य देखभाल कवरेज देना है। उन्होंने बताया कि लोग इस योजना के तहत 937 करोड़ रुपये से अधिक का मुफ्त इलाज करवा चुके हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में खेल संस्कृति को बढ़ावा देने के लिए पंजाब के सभी जिलों में कुल 3,100 खेल मैदान विकसित किए जा रहे हैं। उन्होंने आगे कहा, “नौजवानों को नशों के कलंक से दूर करने के लिए खेल सबसे कारगर हथियार हैं। आप सरकार सफलतापूर्वक ‘खेड़ाँ वतन पंजाब दियाँ’ करवा रही है, जिसमें एक ही परिवार की तीन पीढ़ियाँ – दादा-दादी से लेकर पोते-पोतियाँ तक – एक साथ भाग लेती हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत गर्व की बात है कि पंजाबी खिलाड़ी देश की बड़ी खेल टीमों का नेतृत्व कर रहे हैं, जिसमें भारतीय पुरुष क्रिकेट टीम, भारतीय महिला क्रिकेट टीम और भारतीय हॉकी टीम के कप्तान पंजाबी हैं।
उन्होंने कहा कि पिछली सरकारों ने पंजाब की छवि को दागदार किया था, जबकि मौजूदा सरकार इस दिखने को फिर से साफ कर रही है। मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा, “पहले पिछली सरकारों के समय सरकारी गाड़ियों में नशे की सप्लाई होती थी। आज नशा तस्कर जेल की सलाखों के पीछे हैं।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि अकाली दल, भाजपा और कांग्रेस ने पंजाब को बर्बाद करने के अलावा कुछ नहीं किया और अब सिर्फ राज्य को लूटने के लिए सत्ता चाहते हैं। उन्होंने कहा, “इन पार्टियों ने पंजाब के साथ धोखा किया है और बार-बार इसके लोगों के हितों की अनदेखी की है। पंजाब सरकार ग्रामीण संपर्क को मजबूत करने के लिए राज्य भर में 43,000 किलोमीटर सड़कों का निर्माण करवा रही है। ये सड़क परियोजनाएँ बनाने वाले ठेकेदार ही इनके रख-रखाव के लिए जिम्मेदार होंगे।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह बहुत ही गर्व की बात है कि पंजाब सरकार ने नौजवानों को 68,000 से अधिक सरकारी नौकरियाँ दी हैं। उन्होंने आगे कहा, “पंजाब में पैसे लेकर नौकरियाँ देने और सिफारिशों का दौर खत्म हो गया है। आज सरकारी नौकरियाँ पूरी तरह योग्यता और मेरिट के आधार पर दी जा रही हैं। हर सरकारी नियुक्ति मेरिट पर पारदर्शी ढंग से की गई है, जिस कारण एक भी भर्ती को किसी अदालत में चुनौती नहीं दी गई।”
मुख्यमंत्री ने कहा कि आप सरकार की उद्योग-अनुकूल नीतियों और अनुकूल औद्योगिक माहौल के कारण देश के बड़े उद्योगपति राज्य में निवेश करने के लिए आगे आ रहे हैं। “सनातन टेक्सटाइल, नेस्ले, क्लास, फ्रेडनबर्ग, कारगिल, वर्बियो, डैनोन और कई अन्य प्रमुख कंपनियों ने पंजाब में अपना कामकाज शुरू कर दिया है।”
मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने आगे बताया कि टाटा स्टील ने 3,200 करोड़ रुपये के निवेश से जमशेदपुर के बाद अपना दूसरा सबसे बड़ा प्लांट पंजाब में स्थापित किया है, जबकि जापान की प्रमुख स्टील कंपनी आईची भी राज्य में निवेश कर रही है। उन्होंने कहा, “हमारी सरकार की कोशिश रोजगार के अवसर पैदा करके नौजवानों के हाथों में ‘सिरिंजों’ की बजाय टिफिन थमाना है क्योंकि खाली मन शैतान का घर होता है। हमारी सरकार नौजवानों के लिए अधिक से अधिक रोजगार के अवसर सुनिश्चित करने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है ताकि वे सामाजिक बुराइयों का शिकार न हों। बेरोजगारी कई सामाजिक समस्याओं की जड़ है और हम इसे खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा, तरुनप्रीत सिंह सौंद और डॉ. बलबीर सिंह, मुख्य सचिव के.ए.पी. सिन्हा और कई अन्य हस्तियाँ भी उपस्थित थीं।
सोमवार यानि कि 8 जून 2026 को लुधियाना नॉर्थ विधानसभा क्षेत्र के वार्ड नंबर 1 में MLA मदन लाल बग्गा ने आम लोगों की सुविधा के लिए “मेरी रसोई योजना” के तहत करीब 300 परिवारों को खास राशन किट बांटी।
इस मौके पर MLA बग्गा के साथ पार्षद अशोक कुमार, पार्षद अमन बग्गा खुराना, वरिंदर कोफी, कुलदीप सिंह मक्कड़ और बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी मौजूद थे।
MLA बग्गा ने कहा कि समाज के हर वर्ग को राहत पहुंचाना पंजाब सरकार की मुख्य प्राथमिकता है और लोगों की रोज़ाना की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए ऐसे सेवा कार्य लगातार जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि “मेरी रसोई योजना” का मुख्य मकसद आर्थिक रूप से कमज़ोर और ज़रूरतमंद परिवारों को मदद पहुंचाना है ताकि कोई भी परिवार ज़रूरी राशन से वंचित न रहे।
स्थानीय निवासियों ने पंजाब सरकार और उनके लोकप्रिय MLA मदन लाल बग्गा को धन्यवाद दिया और कहा कि मौजूदा सरकार जनकल्याण के कामों को प्राथमिकता के आधार पर कर रही है, जिससे आम परिवारों को बड़ी राहत मिल रही है।
पंजाब डेस्क: पंजाब विधानसभा का बजट सत्र आज (6 मार्च) से शुरू हो गया है, जिसकी शुरुआत गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के अभिभाषण से हुई। सत्र के पहले ही दिन सदन के भीतर और बाहर भारी राजनीतिक ड्रामा देखने को मिला। जहाँ एक ओर गवर्नर सरकार की उपलब्धियां गिना रहे थे, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस विधायकों ने नारेबाजी और प्रदर्शन शुरू कर दिया।
महिलाओं के लिए बड़ी घोषणा और बजट की तारीख : इस बजट सत्र की सबसे बड़ी खबर महिलाओं के लिए वित्तीय सहायता से जुड़ी है। AAP सरकार अपने 2022 के चुनावी वादे को पूरा करते हुए महिलाओं को हर महीने ₹1000 देने की तैयारी में है। इस योजना के लिए बजट 8 मार्च को पेश किया जाएगा और महिलाओं को यह राशि 18 मार्च से मिलना शुरू हो जाएगी।
गवर्नर द्वारा सरकार की उपलब्धियों का बखान: अपने संबोधन में गवर्नर ने कहा कि पंजाब ‘मुख्यमंत्री कैंसर राहत योजना’ लागू करने वाला देश का पहला राज्य बन गया है, जिसके तहत सरकारी और निजी दोनों तरह के अस्पतालों में इलाज के लिए वित्तीय मदद दी जा रही है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी बजट को लेकर सचिवालय में बैठक की और इसे मंजूरी दी।
सदन में ‘बैंड-बाजे’ के साथ विरोध प्रदर्शन : राजनीतिक टकराव उस समय दिलचस्प हो गया जब AAP कार्यकर्ताओं ने कांग्रेस नेता प्रताप सिंह बाजवा के खिलाफ बैंड-बाजे के साथ प्रदर्शन किया। यह विरोध बाजवा द्वारा मंत्री हरभजन ईटीओ को ‘बैंड वाला’ कहने के जवाब में था। कांग्रेस ने इस प्रदर्शन को गैरकानूनी बताते हुए गवर्नर और पुलिस से शिकायत की है। वहीं, चंडीगढ़ पुलिस ने कांग्रेसी कार्यकर्ताओं को विधानसभा तक पहुंचने से रोकने के लिए कड़े सुरक्षा इंतजाम किए हैं।