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बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहें

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में अकाली समागम हुआ। बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से गुरु की शिक्षाओं पर चलने की अपील की, जबकि सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट और पंथिक एकता को लेकर चिंता जताई।

बाबा बकाला / सत्ता संदेश

रखड़ पुण्या के पवित्र अवसर पर बाबा बकाला की धरती पर आयोजित राजनीतिक समागम में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंथिक एकता, पार्टी की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए पंथिक ताकत को मजबूत करने की अपील की।

बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं को दिया चढ़दी कला में रहने का संदेश

अपने संबोधन में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में घबराने के बजाय सिखों को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर मजबूती के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख इतिहास हर कठिन परिस्थिति में हिम्मत, दृढ़ता और सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव में न झुकने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की।

मजीठिया ने कहा कि अचानक आने वाली मुश्किल परिस्थिति से कोई भी व्यक्ति कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन मजबूत इरादों वाला व्यक्ति हालात का डटकर सामना करता है। उन्होंने अकाली कार्यकर्ताओं से भी मुश्किल समय में संयम बनाए रखने और पार्टी के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट को लेकर जताई चिंता

समागम के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने पंथिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिख इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को याद करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बाबा बंदा सिंह बहादुर की यादगार, छोटा घल्लूघारा और वड्डा घल्लूघारा जैसी ऐतिहासिक जगहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों से सिख समुदाय के इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों की प्रेरणा मिलती है।

‘अकाली दल कमजोर हुआ तो बढ़ा सरकारी दखल’

सुखबीर बादल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल मजबूत स्थिति में था, तब कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों का प्रबंधन पंथिक संगठनों के हाथों में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के कमजोर होने के बाद कुछ धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकारी दखल बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन मजबूत पंथिक संस्थाओं के हाथों में रहना जरूरी है। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से पंथिक ताकत को मजबूत करने और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

माझा को बताया अकाली दल की पारंपरिक ताकत

सुखबीर बादल ने माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल की पारंपरिक ताकत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ दिया है।

उन्होंने पंजाब के पिछले दशकों के राजनीतिक और सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने कई मुश्किल दौर देखे हैं और लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

पंथिक एकता और अकाली दल को मजबूत करने की अपील

समागम के दौरान अकाली नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सिख इतिहास से प्रेरणा लेने, पंथिक एकता को मजबूत करने और शिरोमणि अकाली दल को दोबारा मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में आयोजित यह समागम अकाली दल के लिए धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी नेताओं ने पंथिक मुद्दों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।


बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहे