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मानसा में नशा तस्करों पर और कसेगा शिकंजा, सरकार ने बनाई नई रणनीति

मानसा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बिट्टू बुढलाडा

पंजाब सरकार की ओर से नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ के तहत मानसा में अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक में कैबिनेट मंत्री गुरमीत सिंह खुड्डियां ने अधिकारियों और संबंधित विभागों के साथ नशे की रोकथाम तथा नशा तस्करों के खिलाफ की जा रही कार्रवाई की समीक्षा की।

बैठक के दौरान जिले में नशे के कारोबार पर लगाम लगाने के लिए अब तक की गई कार्रवाई और आगे की रणनीति पर विस्तार से चर्चा की गई। मंत्री खुड्डियां ने कहा कि पंजाब सरकार प्रदेश को नशामुक्त बनाने के लिए लगातार सख्त कदम उठा रही है। नशा तस्करी में शामिल लोगों के खिलाफ किसी भी स्तर पर ढील नहीं बरती जाएगी।

नशा तस्करों पर कार्रवाई के साथ युवाओं पर भी फोकस

गुरमीत सिंह खुड्डियां ने कहा कि सरकार की मुहिम का उद्देश्य सिर्फ नशा तस्करी को रोकना नहीं, बल्कि युवाओं को नशे की गिरफ्त से बचाना भी है। इसके लिए नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान और अन्य स्तरों पर लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए प्रशासन, पुलिस और संबंधित विभागों को मिलकर प्रभावी तरीके से काम करना होगा।

आम लोगों से भी सहयोग की अपील

मंत्री ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई केवल सरकार या पुलिस की जिम्मेदारी नहीं है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए आम लोगों की भागीदारी भी बेहद जरूरी है।

उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि उनके आसपास नशा तस्करी से जुड़ी कोई जानकारी सामने आती है तो उसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।

अधिकारियों से आपसी तालमेल बढ़ाने पर जोर

बैठक में अधिकारियों ने मानसा जिले में नशे की रोकथाम के लिए किए जा रहे प्रयासों और अब तक की कार्रवाई की जानकारी मंत्री के साथ साझा की। इस दौरान अभियान को और प्रभावी बनाने तथा नशे की समस्या से निपटने के लिए भविष्य की रणनीति पर भी विचार-विमर्श किया गया।

मंत्री खुड्डियां ने सभी संबंधित विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करने के निर्देश देते हुए कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य लक्ष्य प्रदेश को नशामुक्त बनाना और युवा पीढ़ी को नशे की दलदल से बचाना है।

हरसिमरत कौर बादल हिरासत में, CM आवास की ओर बढ़ रही अकाली महिलाओं को पुलिस ने रोक

Chandigarh Protest: डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों के विरोध में अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। हरसिमरत कौर बादल को पुलिस ने हिरासत में लिया।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर लगे कथित भ्रष्टाचार के आरोपों को लेकर शनिवार को चंडीगढ़ में शिरोमणि अकाली दल की महिला इकाई ने रोष मार्च निकाला। सांसद हरसिमरत कौर बादल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अकाली महिला कार्यकर्ता मुख्यमंत्री आवास की ओर बढ़ीं, लेकिन पुलिस ने उन्हें बैरिकेड लगाकर रोक दिया।

प्रदर्शनकारियों को रोकने के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के बीच टकराव की स्थिति बन गई। इसके बाद पुलिस ने सांसद हरसिमरत कौर बादल को हिरासत में ले लिया। पुलिस कार्रवाई के बाद प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर बैठ गईं और धरना शुरू कर दिया।

अकाली दल की महिला कार्यकर्ताओं ने पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन को देखते हुए मुख्यमंत्री आवास की ओर जाने वाले रास्ते पर पुलिस ने भारी सुरक्षा व्यवस्था की थी और बैरिकेडिंग की गई थी।

पांच करोड़ रुपये के कथित आरोपों की जांच की मांग

शिरोमणि अकाली दल का आरोप है कि मुख्यमंत्री भगवंत मान की पत्नी डॉ. गुरप्रीत कौर पर पांच करोड़ रुपये मांगने से जुड़े गंभीर आरोप लगाए गए हैं। पार्टी की मांग है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सच्चाई सामने लाई जाए।

अकाली दल इस मुद्दे को लेकर पंजाब सरकार पर लगातार निशाना साध रहा है। पार्टी नेताओं का कहना है कि सत्ता में बैठे लोगों से जुड़े ऐसे आरोपों की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच जरूरी है।

NHRC ने मांगी जांच रिपोर्ट

मामले को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) के संज्ञान का भी अकाली दल की ओर से हवाला दिया गया है। पार्टी के अनुसार, NHRC ने पंजाब के मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक से मामले में जांच कर कार्रवाई रिपोर्ट मांगी है।

हालांकि, डॉ. गुरप्रीत कौर से जुड़े ये आरोप अभी जांच के दायरे में हैं और अदालत में साबित नहीं हुए हैं। इसलिए मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने के बाद ही सामने आएगा।

परनीत कौर ने भी उठाई निष्पक्ष जांच की मांग

दूसरी ओर, पूर्व केंद्रीय मंत्री और भाजपा नेता परनीत कौर ने भी मामले को लेकर पंजाब सरकार पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े गंभीर आरोपों की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

परनीत कौर के मुताबिक, सत्ता में बैठे लोगों पर लगे आरोपों को केवल राजनीतिक मामला बताकर खारिज करने के बजाय जांच एजेंसियों को मामले की सच्चाई सामने लानी चाहिए।

शनिवार को चंडीगढ़ में हुए इस प्रदर्शन के दौरान पुलिस और अकाली कार्यकर्ताओं के आमने-सामने आने से कुछ समय के लिए माहौल तनावपूर्ण रहा। फिलहाल प्रदर्शनकारी महिलाएं सड़क पर धरने पर बैठी रहीं और सरकार के खिलाफ नारेबाजी करती रहीं।

पंजाब कैबिनेट के बड़े फैसले: PPSC नियमों में संशोधन, 132 पदों को मंजूरी

Punjab Cabinet Meeting: सीएम भगवंत मान की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में PPSC ग्रुप-1 रेगुलेशन में संशोधन, फूड ग्रेन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी और अस्पतालों में 132 पद भरने को मंजूरी दी गई।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की अध्यक्षता में शनिवार को चंडीगढ़ में पंजाब कैबिनेट की अहम बैठक हुई। बैठक में राज्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा के बाद विभिन्न फैसलों को मंजूरी दी गई। बैठक के बाद कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने सरकार की ओर से लिए गए फैसलों की जानकारी साझा की।

कैबिनेट बैठक में PPSC ग्रुप-1 रेगुलेशन में संशोधन को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा राज्य में नई सरकारी भर्तियां निकालने को लेकर भी चर्चा हुई। सरकार की ओर से युवाओं को रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने पर जोर दिया जा रहा है।

बैठक में पंजाब फूड ग्रेन ट्रांसपोर्ट पॉलिसी को भी हरी झंडी दे दी गई। इस फैसले के जरिए खाद्यान्न के परिवहन से जुड़े कामकाज को लेकर नीति को मंजूरी प्रदान की गई है।

अस्पतालों में पद भरने को मंजूरी

कैबिनेट ने राज्य के स्वास्थ्य क्षेत्र से जुड़े पदों को भरने की भी मंजूरी दी। जानकारी के मुताबिक, चमकौर साहिब अस्पताल में 33 पद, जबकि मलेरकोटला और धूरी के अस्पतालों में 19 पद भरने को मंजूरी दी गई है। इसके अलावा डेंटल विभाग में 80 पदों को भरने की अनुमति दी गई है।

इस तरह स्वास्थ्य और डेंटल विभाग से जुड़े कुल 132 पदों को भरने का रास्ता साफ हुआ है।

अब तक 71 हजार सरकारी नौकरियां देने का दावा

कैबिनेट मंत्री हरपाल चीमा ने कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार ने अपने कार्यकाल के दौरान अब तक युवाओं को 71 हजार सरकारी नौकरियां दी हैं। उन्होंने सरकार की भर्ती प्रक्रिया और युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों को भी रेखांकित किया।

पंजाब कैबिनेट के इन फैसलों को राज्य में सरकारी भर्ती, स्वास्थ्य सेवाओं और खाद्यान्न परिवहन व्यवस्था से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णयों के तौर पर देखा जा रहा है।

गांवों के विकास के लिए पंचायतों को मजबूत करना जरूरी: हरदीप सिंह मुंडियन

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के राजस्व, पुनर्वास एवं आपदा प्रबंधन, जल आपूर्ति एवं सैनिटेशन तथा हाउसिंग एवं अर्बन डेवलपमेंट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा है कि गांवों के समग्र विकास के लिए ग्राम पंचायतों को मजबूत करना बेहद जरूरी है। उन्होंने सरपंचों से पंचायतों को अधिक सक्षम बनाने और गांवों में विकास कार्यों की रफ्तार बढ़ाने के लिए सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया।

मुंडियन आज लुधियाना के गुरु नानक देव भवन के ऑडिटोरियम में पंचायती राज संस्थाओं के निर्वाचित प्रतिनिधियों (सरपंचों) के लिए आयोजित जिला स्तरीय एक दिवसीय कार्यशाला में मुख्य अतिथि के तौर पर शामिल हुए। कार्यशाला का उद्देश्य सरपंचों को ओन सोर्स रेवेन्यू (ORS) और ग्राम पंचायत डेवलपमेंट स्कीम सहित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के बारे में व्यावहारिक जानकारी उपलब्ध करवाना था।

कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि इस तरह की कार्यशालाएं सरपंचों को सरकारी योजनाओं, उनके क्रियान्वयन की प्रक्रिया और पंचायतों की जिम्मेदारियों को समझने में मदद करती हैं। उन्होंने कहा कि पंचायत प्रतिनिधियों को योजनाओं की सही जानकारी होने से वे अपने गांव की जरूरतों के अनुसार विकास कार्यों को अधिक प्रभावी ढंग से आगे बढ़ा सकते हैं।

उन्होंने कहा कि कार्यशाला के दौरान सरपंचों को पंचायतों के अपने स्रोत से आय बढ़ाने, ओन सोर्स रेवेन्यू के विभिन्न माध्यमों और पंचायतों की आर्थिक स्थिति मजबूत करने के तरीकों के बारे में विस्तार से जानकारी दी गई। मुंडियन के अनुसार पंचायतों की अपनी आय में बढ़ोतरी होने से विकास कार्यों के लिए अतिरिक्त संसाधन उपलब्ध हो सकते हैं और गांवों में विकास को और गति दी जा सकती है।

कार्यशाला में ग्राम पंचायत डेवलपमेंट स्कीम से संबंधित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं के उद्देश्य, लाभार्थियों, पात्रता, योजनाओं को लागू करने की प्रक्रिया और ग्राम पंचायत स्तर पर निर्वाचित प्रतिनिधियों की भूमिका के बारे में भी जानकारी दी गई।

संबंधित विभागों के विशेषज्ञों और नोडल अधिकारियों ने विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं पर विशेष जानकारी साझा की। इस दौरान सरपंचों की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब भी दिए गए और योजनाओं के व्यावहारिक पहलुओं को समझाया गया।

मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने कहा कि पंजाब सरकार का मुख्य उद्देश्य गांवों को मजबूत, आत्मनिर्भर और विकास की दृष्टि से आगे बढ़ाना है। इसके लिए ग्राम पंचायतों और निर्वाचित प्रतिनिधियों की सक्रिय भागीदारी बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने सरपंचों से सरकार की योजनाओं का अधिक से अधिक लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने और गांवों के विकास कार्यों में तेजी लाने की अपील की।

इस अवसर पर विधायक जीवन सिंह संगोवाल, विधायक हाकम सिंह ठेकेदार, विधायक जगतार सिंह दयालपुरा, लुधियाना जिला परिषद के चेयरमैन जगरूप सिंह सेह, लुधियाना के डिस्ट्रिक्ट डेवलपमेंट एंड पंचायत ऑफिसर (DDPO) हितेन कपिला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी और बड़ी संख्या में सरपंच मौजूद रहे।

Ludhiana: मिशन क्लीन पंजाब के तहत MLA सर्वजीत कौर ने संभाली सफाई अभियान की कमान

जगराओं / सत्ता संदेश

  • MLA सर्वजीत कौर मानूके ने जगराओं में खुद सफाई अभियान की कमान संभाली
  • मिशन क्लीन पंजाब के साथ, हम जगराओं को साफ, सुंदर और साफ-सुथरा बनाएंगे: MLA सर्वजीत कौर मानूके

पंजाब सरकार द्वारा राज्य को साफ, सुंदर और पर्यावरण के अनुकूल बनाने के मकसद से चलाए जा रहे ‘मिशन क्लीन पंजाब’ अभियान के तहत जगराओं शहर के वार्ड नंबर 1 और 11 में एक खास सफाई अभियान चलाया गया। यह अभियान जगराओं विधानसभा क्षेत्र की MLA सर्वजीत कौर मानूके के नेतृत्व में चलाया गया। इस मौके पर MLA ने खुद सफाई के काम में हिस्सा लिया और सफाई के इंतज़ामों का जायज़ा लेने के लिए अलग-अलग इलाकों का दौरा किया।

MLA मानूके ने सफाई कर्मचारियों से बात की और उनकी समस्याएं सुनीं और सफाई के काम को अच्छे से करने के लिए हर मुमकिन मदद का भरोसा दिया। उन्होंने कहा कि अभियान का मुख्य मकसद शहर की गलियों, सड़कों, अंदरूनी इलाकों और पब्लिक जगहों को कूड़े के ढेरों से मुक्त करना है।

उन्होंने कहा कि स्पेशल सफाई कैंपेन 7 सितंबर तक चलेगा, इस दौरान टेम्पररी कूड़े के डंप हटाने के साथ-साथ शहर के हर हिस्से में सफाई पक्की की जाएगी। कैंपेन को और ज़्यादा नतीजे वाला बनाने के लिए अलग-अलग वार्डों की ज़िम्मेदारी नेताओं और पार्षदों को सौंपी गई है।

MLA माणूके ने जगराओं के लोगों से अपील की कि शहर को साफ़ रखना सिर्फ़ प्रशासन या नगर परिषद की ज़िम्मेदारी नहीं है, बल्कि हर नागरिक की मिली-जुली ज़िम्मेदारी है। लोग अपने घरों और दुकानों का कूड़ा तय जगहों पर ही फेंकें और पब्लिक जगहों पर गंदगी न फैलाएं।

उन्होंने कहा कि अगर किसी नागरिक को कूड़े का ढेर या गंदी जगह दिखे, तो वे नगर परिषद के प्रेसिडेंट, E.O. या उनके ऑफिस में संपर्क कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मिशन क्लीन पंजाब’ का मकसद सिर्फ़ कूड़ा इकट्ठा करना नहीं है, बल्कि लोगों में सफाई के प्रति जागरूकता पैदा करके जगराओं को एक साफ़, सुंदर और साफ-सुथरा शहर बनाना है।

MLA ने भरोसा दिलाया कि एडमिनिस्ट्रेशन, म्युनिसिपल काउंसिल और संबंधित सफाई टीमें 7 सितंबर तक लगातार कैंपेन की मॉनिटरिंग करेंगी और शहर के सफाई सिस्टम को और बेहतर बनाने के लिए पूरी लगन से काम करेंगी।

Ludhiana : 1 सितबंर से शुरु होंगे C-Pyte कैंप के ट्रायल, सभी तरह की भर्ती की मिलेगी फ्री ट्रेनिंग

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना और मलेरकोटला जिले के युवाओं के लिए सरकारी भर्ती की तैयारी का अच्छा अवसर सामने आया है। C-Pyte कैंप लुधियाना में CAPF (GD), CISF, CRPF, ITBP, SSB और SSF की भर्ती के लिए ट्रेनिंग हेतु ट्रायल 1 सितंबर 2026 से शुरू होने जा रहे हैं।

C-Pyte कैंप लुधियाना के ट्रेनिंग ऑफिसर इंदरजीत कुमार ने बताया कि दोनों जिलों के इच्छुक युवा ट्रायल में हिस्सा लेकर भर्ती की तैयारी के लिए ट्रेनिंग प्राप्त कर सकते हैं।

ITI गिल रोड कैंप में होंगे ट्रायल

ट्रेनिंग ऑफिसर के अनुसार, इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से C-Pyte कैंप, ITI गिल रोड, लुधियाना में ट्रायल के लिए पहुंच सकते हैं।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे निर्धारित स्थान पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ रिपोर्ट करें और भर्ती की तैयारी के इस अवसर का लाभ उठाएं।

इन सुरक्षा बलों की भर्ती के लिए मिलेगी ट्रेनिंग

C-Pyte कैंप में युवाओं को निम्नलिखित भर्ती परीक्षाओं की तैयारी के लिए ट्रेनिंग दी जाएगी:

  • CAPF (GD)
  • CISF
  • CRPF
  • ITBP
  • SSB
  • SSF

बताया गया है कि इन भर्तियों के लिए सितंबर और अक्टूबर महीने में रजिस्ट्रेशन किया जा रहा है।

ट्रायल के लिए कौन से दस्तावेज जरूरी?

ट्रेनिंग ऑफिसर इंदरजीत कुमार के मुताबिक, ट्रायल में आने वाले उम्मीदवार अपने जरूरी दस्तावेजों की फोटोकॉपी साथ लेकर आएं।

इनमें मुख्य रूप से शामिल हैं:

  • 10वीं का सर्टिफिकेट
  • 12वीं का सर्टिफिकेट
  • उच्च शिक्षा से संबंधित शैक्षणिक योग्यता प्रमाणपत्र
  • आधार कार्ड
  • पासपोर्ट साइज फोटो

युवाओं को सलाह दी गई है कि वे दस्तावेजों की फोटोकॉपी के साथ कैंप में रिपोर्ट करें।

ट्रायल पास करने वालों को मिलेगी फ्री ट्रेनिंग, रहने-खाने की सुविधा

C-Pyte कैंप के अनुसार, ट्रायल में सफल रहने वाले युवाओं को पंजाब सरकार की ओर से CAPF (GD), CISF, CRPF, ITBP, SSB और SSF की भर्ती के लिए मुफ्त ट्रेनिंग दी जाएगी।

इसके साथ ही चयनित उम्मीदवारों के लिए रहने और खाने की सुविधा भी उपलब्ध करवाई जाएगी।

युवाओं के लिए रोजगार की दिशा में महत्वपूर्ण अवसर

सुरक्षा बलों में भर्ती की तैयारी कर रहे लुधियाना और मलेरकोटला जिलों के युवाओं के लिए यह एक महत्वपूर्ण अवसर है। इच्छुक उम्मीदवार 1 सितंबर से C-Pyte कैंप पहुंचकर ट्रायल में भाग ले सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए संपर्क

ट्रायल और ट्रेनिंग से संबंधित अधिक जानकारी के लिए उम्मीदवार इन नंबरों पर संपर्क कर सकते हैं:

78885-86296
98766-17258

उम्मीदवारों को सलाह है कि ट्रायल में शामिल होने से पहले फोन पर आवश्यक प्रक्रिया, समय और अन्य शर्तों की जानकारी जरूर प्राप्त कर लें।

SDM ने इसरु में शहीदी समारोह की तैयारियों का लिया जायजा, अधिकारियों को सौंपी जिम्मदारियां

खन्ना / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार की ओर से शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू के शहीदी दिवस के अवसर पर 15 अगस्त को गांव इसरू में राज्य स्तरीय समारोह आयोजित किया जाएगा। समारोह में पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरपाल सिंह चीमा शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित करेंगे।

समारोह की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए खन्ना की सब-डिविजनल मजिस्ट्रेट (SDM) स्वाति टिवाना ने शुक्रवार को गांव इसरू में सिविल और पुलिस प्रशासन के अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने कार्यक्रम को सुचारू और व्यवस्थित तरीके से संपन्न करवाने के लिए विभिन्न विभागों के अधिकारियों को जिम्मेदारियां सौंपीं।

हरपाल सिंह चीमा देंगे शहीद को श्रद्धांजलि

SDM स्वाति टिवाना ने बताया कि पंजाब के वित्त, योजना, कार्यक्रम क्रियान्वयन, कराधान एवं आबकारी और परिवहन मंत्री हरपाल सिंह चीमा राज्य स्तरीय समारोह में विशेष रूप से शामिल होकर शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू को श्रद्धांजलि देंगे। इस अवसर पर पंजाब सरकार के अन्य कैबिनेट मंत्री, विधायक और कई प्रमुख हस्तियां भी शहीद को नमन करेंगी।

गर्मी को देखते हुए किए जाएंगे विशेष इंतजाम

SDM ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि समारोह में आने वाले लोगों के लिए पर्याप्त बैठने की व्यवस्था की जाए। गर्मी के मौसम को देखते हुए शामियाने, पेयजल और अन्य आवश्यक सुविधाओं के उचित प्रबंध सुनिश्चित किए जाएं।

उन्होंने बताया कि शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू की आदमकद प्रतिमा और स्मारक को सजाने की जिम्मेदारी भी संबंधित अधिकारियों को दी गई है। कार्यक्रम स्थल पर साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं पर भी विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए गए।

सुरक्षा, पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था की जिम्मेदारी पुलिस को

समारोह में बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए खन्ना पुलिस को सुरक्षा व्यवस्था संभालने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस विभाग को पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने की जिम्मेदारी भी सौंपी गई है, ताकि कार्यक्रम के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो।

वहीं, PSPCL अधिकारियों को कार्यक्रम के दौरान निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक ड्यूटी सौंपी गई है।

कई अधिकारी और पंचायत प्रतिनिधि रहे मौजूद

बैठक के दौरान चेयरमैन ब्लॉक समिति खन्ना लखवीर सिंह गिल, जिला परिषद सदस्य मास्टर अवतार सिंह दैहिरू, OSD करण अरोड़ा, अमरदीप सिंह पुरेवाल, BDPO खन्ना सतविंदर सिंह कंग, सेक्रेटरी मार्केट कमेटी खन्ना कमलदीप सिंह, SMO खन्ना मनिंदर भसीन, पंचायत अधिकारी कुलदीप सिंह, सरपंच जतिंदरजोत सिंह इसरू सहित पंचायत प्रतिनिधि और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।

15 अगस्त को आयोजित होने वाला यह राज्य स्तरीय समारोह गोवा की आजादी के महान शहीद मास्टर करनैल सिंह इसरू के बलिदान और देश के प्रति उनके योगदान को याद करने के लिए आयोजित किया जा रहा है।

मानसा में डिपो होल्डरों का प्रदर्शन, 1700 रोजगार छीनने का आरोप; सिरसा-बरनाला रोड जाम

मानसा में पंजाब भर के डिपो होल्डरों ने डिपो बहाली की मांग को लेकर सिरसा-बरनाला रोड जाम कर प्रदर्शन किया। 1700 डिपो होल्डरों का रोजगार छीनने का आरोप, सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी।

मानसा / सत्ता संदेश

Report : बिट्टू बुढलाडा

पंजाब भर के डिपो होल्डरों ने अपने डिपो बहाल करने की मांग को लेकर मंगलवार को मानसा में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में डिपो होल्डरों ने सिरसा-बरनाला रोड पर धरना देकर सड़क जाम कर दी और पंजाब सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार पर करीब 1700 डिपो होल्डरों का रोजगार छीनने का आरोप लगाया।

डिपो होल्डरों ने मांग की कि जिन पुराने डिपो को बंद किया गया है, उन्हें जल्द से जल्द बहाल किया जाए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि बिना किसी शिकायत के कई डिपो होल्डरों का रोजगार प्रभावित हुआ है, जिससे उनके परिवारों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।

2020-21 में युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से जारी हुए थे डिपो

डिपो होल्डर यूनियन पंजाब के प्रधान सुखविंदर सिंह कांझला ने कहा कि वर्ष 2020-21 में तत्कालीन कांग्रेस सरकार के समय युवाओं को रोजगार देने के उद्देश्य से पंजाब भर में राशन डिपो जारी किए गए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि बाद में आम आदमी पार्टी सरकार ने पुराने डिपो वापस लेकर नए डिपो जारी कर दिए।

कांझला ने आरोप लगाया कि सरकार की इस कार्रवाई से पुराने डिपो होल्डरों का रोजगार छिन गया है। उन्होंने कहा कि जिन डिपो होल्डरों के खिलाफ किसी तरह की शिकायत नहीं थी, उन्हें भी इस प्रक्रिया का खामियाजा भुगतना पड़ा।

कोरोना काल में भी डिपो होल्डरों ने दी सेवाएं

प्रदर्शनकारियों ने कहा कि कोरोना महामारी के दौरान जब आम लोगों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था, उस समय भी डिपो होल्डरों ने लोगों तक राशन पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई थी।

उनका कहना है कि लंबे समय तक लोगों को राशन उपलब्ध करवाने के बावजूद आज उनके रोजगार को समाप्त किया जा रहा है। डिपो होल्डरों ने सरकार से उनकी सेवाओं और पुराने डिपो की स्थिति पर दोबारा विचार करने की मांग की है।

करीब 1700 डिपो होल्डर प्रभावित होने का दावा

यूनियन के अनुसार पंजाब में करीब 1700 डिपो होल्डर इस मामले से प्रभावित हुए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि डिपो होल्डरों के साथ-साथ उन उपभोक्ताओं को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है, जो इन डिपो के माध्यम से राशन प्राप्त करते थे।

इसी मुद्दे को लेकर पंजाब भर से डिपो होल्डर मानसा पहुंचे और सरकार के खिलाफ अपना रोष जाहिर किया।

सरकार को आंदोलन तेज करने की चेतावनी

प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द ही पुराने डिपो बहाल नहीं किए गए तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। सुखविंदर सिंह कांझला ने कहा कि सरकार ने अगर उनकी मांगों पर जल्द कोई ठोस फैसला नहीं लिया तो आने वाले विधानसभा चुनाव में डिपो होल्डर आम आदमी पार्टी सरकार का कड़ा विरोध करेंगे।,

प्रदर्शन के दौरान सुखविंदर सिंह कांझला, फिरोजपुर से जगतार सिंह भुल्लर, सरदूलगढ़ से जसवीर सिंह सहित पंजाब के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचे बड़ी संख्या में डिपो होल्डर मौजूद रहे।

समराला में 29 दिन बाद खत्म हुई सफाई कर्मचारियों की हड़ताल, वेतन बढ़ोतरी के बाद शुरू हुआ सफाई अभियान

समराला / सत्ता संदेश

Report : परमिंदर वर्मा, समराला

समराला में 29 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल वेतन बढ़ोतरी के बाद समाप्त हो गई। नगर काउंसिल ने कर्मचारियों का स्वागत किया, शहर में फिर शुरू हुई सफाई।

समराला शहरवासियों के लिए राहत भरी खबर है। पिछले 29 दिनों से जारी सफाई कर्मचारियों की हड़ताल आखिरकार समाप्त हो गई है। पंजाब सरकार द्वारा कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी किए जाने के बाद सफाई कर्मचारी काम पर लौट आए हैं और पूरे शहर में दोबारा सफाई अभियान शुरू कर दिया गया है।

हड़ताल समाप्त होने के बाद नगर काउंसिल समराला के प्रधान लाला मंगत राय ने सफाई कर्मचारियों का मुंह मीठा करवाकर उनका स्वागत किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने कर्मचारियों की जायज मांगों को स्वीकार करते हुए उनके वेतन में वृद्धि की है। इसके साथ ही शहर की सफाई व्यवस्था एक बार फिर सामान्य होने लगी है।

सफाई कर्मचारी यूनियन समराला के प्रधान मास्टर सुरिंदर कुमार ने बताया कि कच्चे सफाई कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर पिछले 29 दिनों से हड़ताल पर थे। इस दौरान शहरवासियों ने उनका पूरा सहयोग किया। उन्होंने कहा कि सरकार के सकारात्मक फैसले से कर्मचारियों को बड़ी राहत मिली है और सभी कर्मचारी इस निर्णय से संतुष्ट हैं।

कर्मचारियों ने भरोसा दिलाया कि वे पहले की तरह पूरी जिम्मेदारी और मेहनत के साथ शहर को स्वच्छ बनाए रखने के लिए कार्य करेंगे। इस अवसर पर नगर काउंसिल प्रधान लाला मंगत राय, यूनियन प्रधान मास्टर सुरिंदर कुमार और महिला सफाई कर्मचारी भारती देवी ने भी अपने विचार साझा किए।

शहरवासियों को उम्मीद है कि सफाई व्यवस्था सामान्य होने से पिछले कई दिनों से जमा कचरे का जल्द निपटारा होगा और समराला फिर से स्वच्छ एवं साफ-सुथरा नजर आएगा।

बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार ने श्री अकाल तख्त सचिवालय को सौंपा संशोधन मसौदा

अमृतसर / सत्ता संदेश

श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा।

Punjab government's draft on sacrilege law submitted to Sri Akal Takht

श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार बेअदबी कानून पर सरकार का मसाैदा तख्त सचिवालय को साैंप दिया गया।

पंजाब सरकार के प्रतिनिधि विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और अमृतसर के डीसी तलविंदरजीत सिंह ने बुधवार को बेअदबी रोकथाम कानून में आपत्तिजनक मानी गई धाराओं से संबंधित सरकार का पक्ष और संशोधन का मसौदा श्री अकाल तख्त सचिवालय में इंचार्ज सरदार बगीचा सिंह को आधिकारिक रूप से सौंप दिया। 

यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन की गई। श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जत्थेदार और संबंधित धार्मिक प्रतिनिधियों की ओर से आगे का फैसला लिया जाएगा।