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PGIMER चंडीगढ़ के ‘प्रोजेक्ट सारथी’ को राष्ट्रीय सम्मान, मरीजों की मदद और सुरक्षा में उत्कृष्ट पहल के लिए मिला अवॉर्ड

PGIMER चंडीगढ़ के प्रोजेक्ट सारथी को राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन 2026 में Outstanding Best Practice और Special Recognition Award से सम्मानित किया गया। जानिए कैसे 2,700 से अधिक छात्र मरीजों की मदद कर चुके हैं।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पोस्टग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (PGIMER), चंडीगढ़ को मरीजों के मार्गदर्शन, नेविगेशन और बेहतर अस्पताल अनुभव के लिए संचालित ‘प्रोजेक्ट सारथी’ के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया है। इस पहल को राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन (NPSC) 2026 में “Outstanding Best Practice” के रूप में मान्यता मिली है।

नागपुर में 11 और 12 सितंबर 2026 को आयोजित राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सम्मेलन का आयोजन AIIMS नागपुर ने राष्ट्रीय रोगी सुरक्षा सचिवालय, स्वास्थ्य सेवा महानिदेशालय तथा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के सहयोग से किया। सम्मेलन में PGIMER को “Best Practices in Patient Safety 2026” के लिए विशेष सम्मान पुरस्कार (Special Recognition Award) भी प्रदान किया गया।

PGIMER के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि प्रोजेक्ट सारथी को मिला राष्ट्रीय सम्मान संस्थान के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि सारथी यह दिखाता है कि सहानुभूति, स्वयंसेवा और जिम्मेदार नागरिकता के माध्यम से स्वास्थ्य सेवाओं को अधिक सुलभ और मानवीय बनाया जा सकता है।

उन्होंने कहा कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में मरीजों की सेवा करने वाले संस्थान में किसी मरीज का मार्गदर्शन करना, उसकी बात सुनना और उसकी सहायता करना उसके अस्पताल अनुभव में बड़ा सकारात्मक बदलाव ला सकता है। PGIMER इस मॉडल को और मजबूत करने तथा व्यापक स्तर पर लागू करने के लिए प्रतिबद्ध है।

PGIMER के उप निदेशक (प्रशासन) श्री पंकज राय ने कहा कि सारथी ने यह साबित किया है कि एक सुव्यवस्थित स्वयंसेवी कार्यक्रम मरीजों के अनुभव के साथ-साथ अस्पताल की कार्यक्षमता पर भी सकारात्मक प्रभाव डाल सकता है। स्वयंसेवक मरीजों को अस्पताल की व्यवस्था समझने, सही स्थान तक पहुंचने और गैर-चिकित्सकीय समस्याओं के समाधान में सहायता प्रदान करते हैं।

उन्होंने कहा कि सारथी स्वयंसेवक मरीजों की सुचारू आवाजाही और अस्पताल की सेवाओं के बेहतर उपयोग में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं और राष्ट्रीय सम्मान PGIMER के छात्रों तथा पूरी टीम की प्रतिबद्धता का प्रमाण है।

राष्ट्रीय मंच पर सुश्री सरयू डी. मद्रा, कंसल्टेंट (IEC/मीडिया), ROTTO North एवं सह-जनसंपर्क अधिकारी (PRO), PGIMER चंडीगढ़ ने संस्थान का प्रतिनिधित्व किया। उन्होंने सम्मेलन में प्रोजेक्ट सारथी की कार्यप्रणाली, इसके नवाचारपूर्ण दृष्टिकोण, कार्यान्वयन ढांचे, प्रभाव और अन्य स्वास्थ्य संस्थानों में इसे लागू किए जाने की संभावनाओं पर प्रस्तुति दी। उन्होंने PGIMER की ओर से सम्मान एवं पुरस्कार भी प्राप्त किया।

मई 2024 में शुरू हुआ था प्रोजेक्ट सारथी

प्रोजेक्ट सारथी का पूरा नाम Students’ Alliance for Responsible Action to Transform Healthcare Institutes है। इसके तहत प्रशिक्षित छात्र स्वयंसेवकों को मरीजों और उनके परिजनों की सहायता के लिए जोड़ा जाता है। खासतौर पर ऐसे मरीजों की मदद की जाती है जो अस्पताल की जटिल व्यवस्था से परिचित नहीं होते।

सारथी स्वयंसेवक मरीजों को OPD में मार्गदर्शन, पंजीकरण, विभिन्न सेवाओं के स्थान, कतारों, जांच, रिपोर्ट तथा अन्य गैर-चिकित्सकीय जरूरतों से संबंधित सहायता उपलब्ध कराते हैं। इसका उद्देश्य मरीज को सही समय पर सही स्थान और सही सेवा तक पहुंचने में मदद करना है।

2,700 से अधिक छात्रों ने दी 1.6 लाख घंटे से ज्यादा सेवा

PGIMER में हर साल 30 लाख से अधिक OPD विजिट होती हैं। ऐसे में प्रोजेक्ट सारथी बड़े पैमाने पर मरीज सहायता मॉडल के रूप में विकसित हुआ है। अब तक 2,700 से अधिक छात्र सारथी स्वयंसेवक के रूप में इस पहल से जुड़ चुके हैं और उन्होंने 1.6 लाख घंटे से अधिक सेवा प्रदान की है।

इस पहल के माध्यम से बड़ी संख्या में मरीजों और उनके परिजनों को अस्पताल की सेवाओं को समझने और उनका सही तरीके से उपयोग करने में मदद मिली है। साथ ही OPD क्षेत्रों में अनावश्यक भ्रम और प्रतीक्षा को कम करने में भी यह मॉडल उपयोगी साबित हुआ है।

NEP 2020 की भावना से भी जुड़ा है सारथी मॉडल

प्रोजेक्ट सारथी को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 की भावना के अनुरूप भी माना जा रहा है, जिसमें छात्रों के बीच अनुभवात्मक शिक्षा, सामुदायिक सहभागिता और सामाजिक जिम्मेदारी को बढ़ावा देने पर जोर दिया गया है। PGIMER में यह भी सुनिश्चित किया जाता है कि स्वयंसेवी गतिविधियों के कारण छात्रों की शैक्षणिक जिम्मेदारियां प्रभावित न हों।

प्रोजेक्ट सारथी ने यह संदेश भी मजबूत किया है कि रोगी सुरक्षा केवल चिकित्सकीय उपचार तक सीमित नहीं है। स्पष्ट संवाद, अस्पताल में आसान पहुंच, उचित मार्गदर्शन और संवेदनशील एवं मानवीय मरीज अनुभव भी सुरक्षित और गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।