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लुधियाना : हेल्थ डिपार्टमेंट की बड़ी कार्रवाई, चाप और फ्रोजन फूड में मिली फफूंद; वेज-नॉनवेज सामान एक ही फ्रीजर में

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और साफ-सफाई को लेकर लुधियाना हेल्थ डिपार्टमेंट ने बड़ी कार्रवाई की है। डिवीजन नंबर-3 इलाके में शिकायत के आधार पर हेल्थ डिपार्टमेंट की टीम ने फ्रोजन फूड और चाप बेचने वाली एक दुकान पर छापा मारा। जांच के दौरान बड़ी मात्रा में खराब और फफूंद लगा हुआ सामान बरामद किया गया। विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, कई फ्रोजन प्रोडक्ट्स पर न तो एक्सपायरी डेट दर्ज थी और न ही उनके कंटेंट की जानकारी दी गई थी।

जांच के दौरान टीम को डीप फ्रीजर में रखी चाप और अन्य फ्रोजन खाद्य सामग्री बेहद खराब हालत में मिली। कुछ सामान पर फफूंद लगी हुई थी। इतना ही नहीं, जिस डीप फ्रीजर में खाद्य सामग्री रखी गई थी, उसमें भी गंदगी और फफूंद पाई गई। अधिकारियों के मुताबिक, फ्रीजर की लंबे समय से सफाई नहीं किए जाने जैसी स्थिति दिखाई दे रही थी।

हेल्थ डिपार्टमेंट के अनुसार, दुकान में रखे कई फ्रोजन प्रोडक्ट्स पर मैन्युफैक्चरिंग, एक्सपायरी और कंटेंट संबंधी जरूरी जानकारी उपलब्ध नहीं थी। इससे यह पता लगाना भी मुश्किल था कि खाद्य सामग्री कितने समय से स्टोर करके रखी गई थी। अधिकारियों ने बताया कि ऐसी स्थिति में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और लोगों की सेहत को लेकर गंभीर सवाल खड़े होते हैं।

एक ही फ्रीजर में वेज और नॉन-वेज सामान

कार्रवाई के दौरान टीम ने पाया कि दुकान के एक ही फ्रीजर में वेजिटेरियन और नॉन-वेजिटेरियन खाद्य सामग्री रखी गई थी। खाद्य सुरक्षा के नियमों के तहत खाद्य पदार्थों के भंडारण और हैंडलिंग में स्वच्छता और उचित पृथक्करण का ध्यान रखना जरूरी है। इस तरह की लापरवाही से क्रॉस-कंटैमिनेशन का खतरा बढ़ सकता है।

विशेष रूप से शाकाहारी खाद्य पदार्थों का सेवन करने वाले लोगों के लिए ऐसी व्यवस्था चिंता का विषय बन सकती है। अधिकारियों ने खाद्य कारोबारियों को साफ-सफाई और खाद्य पदार्थों के सुरक्षित भंडारण के नियमों का पालन करने की हिदायत दी है।

फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट भी एक्सपायर

हेल्थ डिपार्टमेंट की जांच में दुकान के फूड सेफ्टी सर्टिफिकेट को लेकर भी सवाल सामने आए। विभाग के मुताबिक, दुकानदार के पास मौजूद फूड सेफ्टी प्रमाणपत्र की वैधता समाप्त हो चुकी थी। अधिकारियों ने बताया कि इसकी तारीख 2025 में ही खत्म हो गई थी।

कार्रवाई के दौरान खाद्य पदार्थों के सैंपल भी लिए गए हैं, जिन्हें जांच के लिए भेजा जाएगा। वहीं, संबंधित विभाग की ओर से दुकानदार का चालान भी किया गया और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।

हेल्थ डिपार्टमेंट ने जब्त किया सामान

डिस्ट्रिक्ट हेल्थ ऑफिसर ने कहा कि जांच के दौरान सामने आए खाद्य सामान को जब्त करने की प्रक्रिया की जाएगी और नियमों के मुताबिक आगे की कार्रवाई की जाएगी। विभाग ने लोगों से भी अपील की है कि फ्रोजन फूड, चाप या किसी भी पैक्ड खाद्य पदार्थ को खरीदने से पहले उसकी एक्सपायरी डेट, पैकिंग, कंटेंट और साफ-सफाई जरूर जांचें।

खाद्य पदार्थों को लंबे समय तक गलत तापमान पर रखना या गंदे फ्रीजर में स्टोर करना स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा पैदा कर सकता है। ऐसे में खाद्य कारोबारियों की जिम्मेदारी है कि वे लोगों को सुरक्षित और निर्धारित मानकों के अनुरूप खाद्य सामग्री उपलब्ध कराएं।

लुधियाना : डेंगू को लेकर हेल्थ विभाग का अभियान, अंबेडकर नगर में मिले 4 लार्वा

लुधियाना / सत्ता संदेश

बदलते मौसम के बीच डेंगू के बढ़ते खतरे को देखते हुए लुधियाना हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से हर शुक्रवार को “डेंगू एंड वार” कैंपेन चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत स्वास्थ्य विभाग की टीम ने अंबेडकर नगर इलाके में अभियान चलाकर डेंगू के लार्वा की जांच की।

अभियान के दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम को चार स्थानों पर डेंगू का लार्वा मिला, जिसे मौके पर ही नष्ट किया गया। टीम ने लोगों को घरों और आसपास पानी जमा न होने देने तथा डेंगू से बचाव के लिए जरूरी सावधानियां बरतने की अपील की।

स्वास्थ्य विभाग के मुताबिक, डेंगू के हॉटस्पॉट इलाकों में विशेष गाड़ियों के माध्यम से स्प्रे भी किया जा रहा है, ताकि मच्छरों और डेंगू के लार्वा को खत्म किया जा सके।

डॉ. नारंग ने बताया कि हेल्थ डिपार्टमेंट की ओर से हर शुक्रवार को डेंगू एंड वार कैंपेन के तहत अभियान जारी रखा जा रहा है। विभाग की टीमें अलग-अलग इलाकों में जाकर डेंगू के लार्वा की जांच और उसे खत्म करने का काम कर रही हैं।

Ludhiana : हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की होगी सख्त मॉनिटरिंग, DC हिमांशु जैन ने SMOs को दिए निर्देश

Ludhiana : DC हिमांशु जैन ने मिशन जीवनी के तहत हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की मॉनिटरिंग, फॉलो-अप और काउंसलिंग मजबूत करने के निर्देश दिए।

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना जिले में हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी (HRP) के मामलों की पहचान, ट्रैकिंग और फॉलो-अप को और प्रभावी बनाने के लिए प्रशासन ने निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन, IAS की अध्यक्षता में सर्किट हाउस में मिशन जीवनी के स्पेशल इंटेंसिव कैंपेन के तहत दूसरी रिव्यू मीटिंग आयोजित की गई।

मीटिंग के दौरान 25 अगस्त 2026 को जारी निर्देशों के पालन की समीक्षा की गई। डिप्टी कमिश्नर ने हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी वाली महिलाओं की समय पर पहचान, नियमित फॉलो-अप, ट्रैकिंग और काउंसलिंग सुनिश्चित करने के लिए स्वास्थ्य अधिकारियों को कई महत्वपूर्ण निर्देश दिए।

हाई-रिस्क प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए बनेगा मंथली ड्यूटी रोस्टर

डिप्टी कमिश्नर हिमांशु जैन ने जिले के सभी सीनियर मेडिकल ऑफिसर्स (SMOs) को हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी मामलों की निगरानी के लिए मंथली ड्यूटी रोस्टर तैयार करने के निर्देश दिए। इसके साथ ही ब्लॉक स्टैटिस्टिकल असिस्टेंट (BSA) की मदद से रोटेशनल टेलीफोन फॉलो-अप सुनिश्चित करने को कहा गया।

पिछले सप्ताह किए गए फॉलो-अप की संख्या को हर मंगलवार एक्शन टेकन रिपोर्ट के माध्यम से रिकॉर्ड किया जाएगा, ताकि HRP मामलों की निगरानी में किसी तरह की कमी न रहे।

लो-रिस्क से हाई-रिस्क होने पर तुरंत अपडेट होगा रिकॉर्ड

DC ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि यदि किसी गर्भवती महिला की पहली ANC जांच के दौरान स्थिति लो-रिस्क पाई जाती है, लेकिन बाद में वह हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी की श्रेणी में आती है, तो उसके स्टेटस में हुए बदलाव को तुरंत फ्लैग किया जाए और HRP डेटा में शामिल किया जाए।

उन्होंने कहा कि ऐसी जानकारी ASHA वर्कर से ANM, फिर LHV और BSA तक समय पर पहुंचनी चाहिए, ताकि महिला को जरूरत के अनुसार आगे की स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई जा सकें।

HRP मामलों में काउंसलिंग पर भी जोर

हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों में काउंसलिंग को प्रभावी बनाने के लिए ANM को प्रत्येक मामले की रिपोर्ट संबंधित SMO को देने के निर्देश दिए गए। SMOs अपने-अपने क्षेत्रों में हर सप्ताह ASHA वर्कर्स और ANMs को संवेदनशील बनाएंगे तथा इसकी एक्शन रिपोर्ट भी जमा करेंगे।

प्रत्येक ब्लॉक से बेहतर प्रदर्शन करने वाली ASHA वर्कर का नाम भी भेजने के निर्देश दिए गए हैं।

अस्पतालों और नर्सिंग होम का निरीक्षण होगा

डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि प्रत्येक HRP मरीज को इलाज करने वाले डॉक्टर की ओर से यह स्पष्ट रूप से बताया जाना चाहिए कि आगे के बेहतर प्रबंधन और इलाज के लिए उसे किस स्वास्थ्य संस्थान में जाना है।

इसके अलावा SMOs को अपने अधिकार क्षेत्र में आने वाले अस्पतालों और नर्सिंग होम का निरीक्षण करने के निर्देश भी दिए गए। इस दौरान कुम कलां और साहनेवाल ब्लॉक पर विशेष ध्यान देने को कहा गया।

बैठक में स्पेशल ड्यूटी (अर्बन अफेयर्स) ऑफिसर डॉ. प्रगति वर्मा, IAS, सिविल सर्जन डॉ. रमनदीप कौर, डिस्ट्रिक्ट फैमिली प्लानिंग ऑफिसर डॉ. अमनप्रीत कौर, नोडल ऑफिसर जीवनदीप सिंह, CGO अंबर बंद्योपाध्याय सहित जिले के सभी SMOs मौजूद रहे।

सभी संबंधित अधिकारियों को दिए गए निर्देशों के अनुपालन की रिपोर्ट 8 सितंबर 2026 तक जमा करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन का उद्देश्य हाई-रिस्क प्रेग्नेंसी के मामलों की समय पर पहचान कर गर्भवती महिलाओं को उचित निगरानी, काउंसलिंग और आवश्यक उपचार उपलब्ध कराना है।