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पीएम मोदी ने पचपदरा में देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी का उद्घाटन किया

राजस्थान / सत्ता संदेश

राजस्थान के औद्योगिक इतिहास में आज का दिन एक नए युग की शुरुआत के रूप में हुई. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने आज बालोतरा जिले के पचपदरा में एचपीसीएल राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड को राष्ट्र को समर्पित किया. करीब 79,459 करोड़ रुपए की लागत से तैयार यह परियोजना केवल राजस्थान की पहली रिफाइनरी नहीं है, बल्कि देश की पहली ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-सह-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स भी है. प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी की महिला कर्मचारियों से की बात उनके साथ फोटो भी खिंचवाया. प्रधानमंत्री ने रिफाइनरी कंट्रोल रूम में जाकर पूरी तकनीक की जानकारी भी कर्मचारियों से ली।

राजस्थान रिफाइनरी का लोकार्पण करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी ने कहा कि राजस्थान की इस धरती से भारत ने आत्मनिर्भर होने की दिशा में बहुत बड़ा कदम उठाया है. ये रिफाइनरी यहां हजारों लोगों के रोजगार का माध्यम बनेगी. आज का दिन साक्षी है कि बीजेपी सरकारें परियोजनाओं को सिर्फ केवल शिलान्यास करके नहीं छोड़ती है. हम उन परियोजनाओं को पूरा करने के लिए दिन-रात एक कर देते हैं. दो महीने पहले यहां जो हादसा हुआ, उसके बाद इतनी तेजी से काम पूरा कर लेना परिश्रम की परिकाष्ठा का उदाहरण है. नया भारत अपने संकल्प से न पीछे हटता है और न ही अपनी रफ्तार कम करता है।

तेल संकट पर भारत के प्रयास पड़े भारीः उन्होंने तेल का संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया हाहाकार मचा है. हर देश त्रस्त है, इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया. बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, 21वीं सदी के सबसे ऊर्जा संकट पर भारत के प्रयास भारी पड़े हैं. भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए. संकट का समय रहते सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई. भारत के संसाधनों का सही प्रयोग किया, तब जाकर भारत संकट से ऊबर पाया है. जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी तब देश में दिन-रात काम हो रहा था, किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था, वो प्रयास, धैर्य, नीतिगत, कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए एक-एक संवेदनशील कदम अभूतपूर्व है।

जनता पर भार नहीं पड़ने दियाः पीएम ने कहा कि एलपीजी के घरेलू उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ने दिया, जो हालात थे उसमें घरेलू गैस की कीमत दो हजार तक जा सकती थी. रसोई गैस के विषय में हम सभी जानते हैं कि हमारी जरूरतों की 60 फीसदी एलपीजी दूसरे देशों से आयात होती है. इसमें से 90 प्रतिशत एलपीजी गल्फ देशों से आ रही थी, होर्मुज होते हुए. अचानत उत्पन्न हुई संकट ने उस सप्लाई को बंद कर दिया, लेकिन राजस्थान की इस धरती ने हमें चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है. हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरी के सामर्थ्य पर काम किया. तीन महीनों के भीतर एलपीजी के उत्पादन की बढ़ोतरी हुई, पहले 35 हजार मेट्रिक टन उत्पादन होता था, वो बढ़कर 54 हजार मेट्रिक टन हो गया. रसोई गैस का पूरा लोड एलपीजी पर न पड़े, इसका भी ध्यान रखा, पीएनजी गैस कनेक्शन का अभियान चलाया गया. बहुत कम समय में 11 लाख कनेक्शन पीएनजी से जोड़ दिया गया. घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पड़ने दिया. हमारे यहां अभी भी घरेलू सिलेंडर 950 रुपए से कम में दिया जा रहा है।

तेल संकट पर भारत के प्रयास पड़े भारीः उन्होंने तेल का संकट का जिक्र करते हुए कहा कि पश्चिमी एशिया में युद्ध की वजह से पूरी दुनिया हाहाकार मचा है. हर देश त्रस्त है, इस युद्ध ने 21वीं सदी के सबसे बड़े ऊर्जा संकट को जन्म दिया. बड़े-बड़े देश आज ईंधन की किल्लत से जूझ रहे हैं, 21वीं सदी के सबसे ऊर्जा संकट पर भारत के प्रयास भारी पड़े हैं. भारत ने हर स्तर पर सही फैसले लिए. संकट का समय रहते सटीक आकलन किया, प्रभावी रणनीति बनाई. भारत के संसाधनों का सही प्रयोग किया, तब जाकर भारत संकट से ऊबर पाया है. जब सार्वजनिक तौर पर कुछ ताकतें अफवाह और आशंका फैलाने में व्यस्त थी तब देश में दिन-रात काम हो रहा था, किस तरह स्थिति को संभाला जा रहा था, वो प्रयास, धैर्य, नीतिगत, कूटनीतिक स्तर पर उठाए गए एक-एक संवेदनशील कदम अभूतपूर्व है।

जनता पर भार नहीं पड़ने दियाः पीएम ने कहा कि एलपीजी के घरेलू उपभोक्ताओं पर ज्यादा बोझ नहीं पड़ने दिया, जो हालात थे उसमें घरेलू गैस की कीमत दो हजार तक जा सकती थी. रसोई गैस के विषय में हम सभी जानते हैं कि हमारी जरूरतों की 60 फीसदी एलपीजी दूसरे देशों से आयात होती है. इसमें से 90 प्रतिशत एलपीजी गल्फ देशों से आ रही थी, होर्मुज होते हुए. अचानत उत्पन्न हुई संकट ने उस सप्लाई को बंद कर दिया, लेकिन राजस्थान की इस धरती ने हमें चुनौतियों को भी चैलेंज देना सिखाया है. हमने संकट शुरू होते ही रिफाइनरी के सामर्थ्य पर काम किया. तीन महीनों के भीतर एलपीजी के उत्पादन की बढ़ोतरी हुई, पहले 35 हजार मेट्रिक टन उत्पादन होता था, वो बढ़कर 54 हजार मेट्रिक टन हो गया. रसोई गैस का पूरा लोड एलपीजी पर न पड़े, इसका भी ध्यान रखा, पीएनजी गैस कनेक्शन का अभियान चलाया गया. बहुत कम समय में 11 लाख कनेक्शन पीएनजी से जोड़ दिया गया. घरेलू उपभोक्ताओं पर बहुत बोझ भी नहीं पड़ने दिया. हमारे यहां अभी भी घरेलू सिलेंडर 950 रुपए से कम में दिया जा रहा है।

कांग्रेस पर साधा निशानाः पीएम ने कहा कि कांग्रेस की सरकारों ने कभी राजस्थान के जल संकट को दूर करने के लिए काम नहीं किया, बीजेपी हमेशा राष्ट्र प्रथम की भावना पर चलती है. हमने जब गुजरात में पानी संकट पर काम किया तो उस समय बिना किसी वाद-विवाद गुजरात से नर्मदा का पानी राजस्थान के साथ साझा किया. आज राजस्थान और हरियाणा में बीजेपी सरकार है तो आपसी सहमति से समाधान निकाले गए. दोनों राज्य मिलकर शेखावटी को पानी पिलाएंगे. इसका लाभ सीकर, झुंझुनू, चूरू समेत आसपास के क्षेत्र को लाभ मिलने वाला है. इस पर 34 हजार करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे।

जिसका शिलान्यास करते हैं उसका लोकार्पण भी करते हैं। पीएम मोदी ने कहा कि 2015 में हमने रिफाइनरी के लिए एमओयू साइन किया था, लेकिन 2018 से 2023 तक कांग्रेस सरकार होने से असहयोग होने से काम ठप हो गया। राजस्थान में डबल इंजन की सरकार आई तो काम तेजी से बढ़ा, आज इसका लोकार्पण कर रहे हैं। ‘मेरी कार्यशैली है कि जिसका शिलान्यास करते हैं, उसका लोकार्पण भी करते हैं। इस दौरान यूरिया का जिक्र करते हुए कहा कि यूक्रेन युद्ध से यूरिया की कीमत बढ़ने के बावजूद किसानों को 300 रुपए में खाद देते रहे।