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संयुक्त राष्ट्र में भारत का पाकिस्तान पर तीखा प्रहार, कहा- सीमा पार आतंकवाद की कीमत चुकानी होगी

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

India ने संयुक्त राष्ट्र में Pakistan को सीमा पार आतंकवाद के मुद्दे पर कड़ा संदेश देते हुए साफ कहा है कि आतंकवाद को प्रायोजित करने के गंभीर “परिणाम” भुगतने पड़ते हैं। भारत ने दो टूक शब्दों में कहा कि उसे पड़ोसी देश की ओर से प्रायोजित आतंकवादी हमलों से अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े मामलों में वह किसी भी तरह की ढिलाई नहीं बरतेगा।

संयुक्त राष्ट्र में भारतीय प्रतिनिधियों ने कहा कि पाकिस्तान लंबे समय से सीमा पार आतंकवाद को समर्थन देता रहा है, जिससे क्षेत्रीय शांति और स्थिरता प्रभावित हुई है। भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ एकजुट और सख्त रुख अपनाने की अपील करते हुए कहा कि किसी भी देश को आतंकवाद को विदेश नीति के औजार के रूप में इस्तेमाल करने की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए।

भारत की ओर से यह भी कहा गया कि आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई आत्मरक्षा का वैध अधिकार है और अंतरराष्ट्रीय कानून भी इसकी अनुमति देता है। भारतीय प्रतिनिधियों ने जोर देकर कहा कि जब निर्दोष नागरिकों और राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरा होता है, तब किसी भी संप्रभु राष्ट्र को अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने का अधिकार होता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि संयुक्त राष्ट्र में भारत का यह बयान अंतरराष्ट्रीय मंच पर आतंकवाद के खिलाफ उसकी सख्त नीति को दोहराता है। हाल के वर्षों में भारत लगातार पाकिस्तान पर आतंकवादी संगठनों को समर्थन देने का आरोप लगाता रहा है और वैश्विक मंचों पर इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाता आया है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार भारत का यह कड़ा रुख ऐसे समय सामने आया है जब वैश्विक स्तर पर आतंकवाद और क्षेत्रीय सुरक्षा को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। भारत यह संदेश देना चाहता है कि आतंकवाद के खिलाफ उसकी नीति स्पष्ट और निर्णायक है तथा वह अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाने को तैयार है।

दिल्ली में ‘क्वाड’ की हुंकार: जयशंकर ने आतंकवाद पर घेरा, रुबियो बोले- ‘अब केवल चर्चा नहीं, एक्शन का मंच है क्वाड’

नेशनल डेस्क : भारत की मेजबानी में आज राजधानी दिल्ली में क्वाड (Quad) विदेश मंत्रियों की एक हाई-प्रोफाइल बैठक आयोजित की गई। विदेश मंत्री डॉ. एस जयशंकर ने इस रणनीतिक बैठक की अध्यक्षता की, जिसमें अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो, जापानी विदेश मंत्री तोशिमित्सु मोतेगी और ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग शामिल हुए।

आतंकवाद पर कड़ा रुख : बैठक के दौरान विदेश मंत्री एस जयशंकर ने आतंकवाद के मुद्दे पर स्पष्ट संदेश दिया। उन्होंने कहा कि आतंकवाद के प्रति ‘बिल्कुल भी सहनशीलता’ (Zero Tolerance) नहीं होनी चाहिए और प्रभावित देशों को अपनी रक्षा करने का पूरा अधिकार है। उन्होंने जोर देकर कहा कि क्वाड देश व्यापार, स्वास्थ्य और डिजिटल सहयोग के माध्यम से क्षेत्र में समृद्धि लाने के लिए एकजुट हैं।

‘एक्शन फोरम’ बना क्वाड: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत की मेजबानी की सराहना करते हुए कहा कि क्वाड अब केवल बातचीत का मंच नहीं रहा, बल्कि एक ‘एक्शन फोरम’ में बदल चुका है, जो धरातल पर ठोस कार्रवाई कर रहा है। वहीं, जापानी विदेश मंत्री ने संदेश दिया कि यह समूह एक स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत (Indo-Pacific) के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत एक वैश्विक शक्ति: ऑस्ट्रेलियाई विदेश मंत्री पेनी वोंग ने भारत को एक ‘प्रमुख वैश्विक शक्ति’ बताया जो दुनिया को नया आकार दे रही है। उन्होंने समुद्री सुरक्षा, अवैध मछली पकड़ने पर लगाम लगाने के लिए सैटेलाइट डेटा साझा करने और बुनियादी ढांचे के विकास जैसे क्षेत्रों में क्वाड के ठोस परिणामों पर चर्चा की।