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चंडीगढ़: बिक्रम मजीठिया की AAP नेताओं को चेतावनी, बोले- छवि खराब करने पर करेंगे कानूनी कार्रवाई

चंडीगढ़ में SAD नेता बिक्रम मजीठिया ने AAP नेताओं को छवि खराब करने के आरोप में कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी। अमित शाह और अमन अरोड़ा को लेकर भी दिया बयान।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल (SAD) के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं को चेतावनी देते हुए कहा है कि उनकी छवि खराब करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ वह कानूनी कार्रवाई करेंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह इस मामले को कानूनी अंजाम तक पहुंचाएंगे।

मजीठिया ने आरोप लगाया कि AAP नेताओं की ओर से सोशल मीडिया पर की जा रही पोस्ट केवल उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि इनके जरिए केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की छवि खराब करने की भी कोशिश की जा रही है।

SAD नेता ने दावा किया कि आम आदमी पार्टी को आशंका है कि भविष्य में भारतीय जनता पार्टी (BJP) और शिरोमणि अकाली दल के बीच गठबंधन हो सकता है। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि दोनों दलों के बीच गठबंधन को लेकर अभी कोई फैसला नहीं हुआ है।

मजीठिया ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री अमन अरोड़ा को भी चेतावनी देते हुए कहा कि उन्हें अपने बयानों में तार्किक और तथ्यात्मक बात करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि उनके खिलाफ गलत या छवि खराब करने वाले बयान दिए गए तो वह अमन अरोड़ा के खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेंगे।

अकाली दल का AAP सरकार पर हमला, सुखबीर बादल बोले- सत्ता में आए तो ड्रग तस्करों की संपत्ति होगी जब्त

सुखबीर सिंह बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे, अवैध माइनिंग, भ्रष्टाचार और OPS को लेकर निशाना साधा। सुखबीर ने ड्रग तस्करों पर सख्त कानून का ऐलान किया।

अमृतसर / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर कानून-व्यवस्था, नशे, अवैध माइनिंग, भ्रष्टाचार और कर्मचारियों से जुड़े मुद्दों को लेकर निशाना साधा है। SAD अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल और वरिष्ठ नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए और आगामी समय में पार्टी की सरकार बनने पर नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कानून लाने की बात कही।

सुखबीर सिंह बादल ने कहा कि पंजाब में नशे की समस्या गंभीर है और उनके अनुसार मौजूदा सरकार के कार्यकाल में ड्रग्स की पहुंच बढ़ी है। उन्होंने कहा कि अगर शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनती है तो ड्रग तस्करों के खिलाफ सख्त कानून बनाया जाएगा।

ड्रग तस्करों की संपत्ति जब्त करने का ऐलान

सुखबीर बादल ने कहा कि प्रस्तावित व्यवस्था के तहत ड्रग तस्करों को कम से कम 10 साल तक जमानत नहीं मिल सकेगी और उन्हें उम्रकैद की सजा का प्रावधान किया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि नशे के कारोबार से जुड़ी उनकी संपत्तियों को सरकार जब्त करेगी। उनके इस बयान की हालिया रिपोर्टों में भी पुष्टि हुई है।

उन्होंने नशे के खिलाफ लड़ाई में महिलाओं और परिवारों की भूमिका पर भी जोर दिया और कहा कि समाज को मिलकर इस समस्या के खिलाफ आवाज उठानी होगी।

मजीठिया ने अवैध माइनिंग और भ्रष्टाचार के आरोप लगाए

बिक्रम सिंह मजीठिया ने पंजाब में कानून-व्यवस्था और प्रशासन को लेकर सरकार पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर और आसपास के क्षेत्रों में अवैध माइनिंग का नेटवर्क सक्रिय है और स्थानीय स्तर पर पुलिस तथा प्रशासनिक अधिकारियों की भूमिका की जांच होनी चाहिए।

मजीठिया ने GMADA और मुख्यमंत्री कार्यालय से जुड़े मामलों को लेकर भी भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि अगर प्रवर्तन निदेशालय (ED) कथित वित्तीय लेन-देन की मनी ट्रेल की जांच करे तो कई बड़े नाम सामने आ सकते हैं। ये आरोप मजीठिया की ओर से लगाए गए हैं और इनकी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।

किसानों की फसल खरीद का मुद्दा भी उठाया

प्रेस कॉन्फ्रेंस में अकाली नेताओं ने मंडियों में किसानों की फसल खरीद से जुड़े मुद्दे भी उठाए। मजीठिया ने आरोप लगाया कि खरीद में देरी के कारण किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ रहा है और कुछ किसानों को कम कीमत पर फसल बेचने की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है।

OPS और कर्मचारियों के मुद्दे पर सरकार को घेरा

सुखबीर बादल ने पंजाब के सरकारी कर्मचारियों की पुरानी पेंशन योजना (OPS) बहाल करने की मांग दोहराई। अकाली नेताओं ने कर्मचारियों के DA और अन्य लंबित मांगों को लेकर भी सरकार पर सवाल उठाए।

सुखबीर बादल ने कहा कि OPS कर्मचारियों की लंबे समय से चली आ रही मांग है और इसे बहाल किया जाना चाहिए। उन्होंने सरकार पर कर्मचारियों से किए वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया।

कानून-व्यवस्था को लेकर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

पंजाब में कानून-व्यवस्था को लेकर विपक्ष लगातार AAP सरकार को घेर रहा है। हाल में पुलिस की कथित सुरक्षा एडवाइजरी को लेकर भी विपक्षी नेताओं ने सवाल उठाए थे, हालांकि पंजाब पुलिस ने उस वायरल दस्तावेज को फर्जी बताया था।

अकाली दल की ओर से लगाए गए आरोपों पर सरकार की प्रतिक्रिया इस मामले में अलग से सामने आने पर तस्वीर और स्पष्ट होगी।

बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहें

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में अकाली समागम हुआ। बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से गुरु की शिक्षाओं पर चलने की अपील की, जबकि सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट और पंथिक एकता को लेकर चिंता जताई।

बाबा बकाला / सत्ता संदेश

रखड़ पुण्या के पवित्र अवसर पर बाबा बकाला की धरती पर आयोजित राजनीतिक समागम में शिरोमणि अकाली दल के नेताओं ने पंथिक एकता, पार्टी की मजबूती और गुरुद्वारा प्रबंधन से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने विचार रखे। इस दौरान अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया और पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और विरोधियों पर निशाना साधते हुए पंथिक ताकत को मजबूत करने की अपील की।

बिक्रम मजीठिया ने कार्यकर्ताओं को दिया चढ़दी कला में रहने का संदेश

अपने संबोधन में बिक्रम सिंह मजीठिया ने कहा कि मुश्किल परिस्थितियों में घबराने के बजाय सिखों को गुरु साहिबानों की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर मजबूती के साथ खड़ा रहना चाहिए।

उन्होंने कहा कि सिख इतिहास हर कठिन परिस्थिति में हिम्मत, दृढ़ता और सच्चाई के रास्ते पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। मजीठिया ने कार्यकर्ताओं से किसी भी तरह के दबाव में न झुकने और गुरु की शिक्षाओं के अनुसार जीवन जीने की अपील की।

मजीठिया ने कहा कि अचानक आने वाली मुश्किल परिस्थिति से कोई भी व्यक्ति कुछ समय के लिए परेशान हो सकता है, लेकिन मजबूत इरादों वाला व्यक्ति हालात का डटकर सामना करता है। उन्होंने अकाली कार्यकर्ताओं से भी मुश्किल समय में संयम बनाए रखने और पार्टी के लिए मजबूती से खड़े रहने का आह्वान किया।

सुखबीर बादल ने गुरुद्वारा मैनेजमेंट को लेकर जताई चिंता

समागम के दौरान सुखबीर सिंह बादल ने पंथिक मुद्दों को लेकर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सिख इतिहास से जुड़ी महत्वपूर्ण ऐतिहासिक जगहों और स्मारकों को याद करने की जरूरत पर जोर दिया।

उन्होंने बाबा बंदा सिंह बहादुर की यादगार, छोटा घल्लूघारा और वड्डा घल्लूघारा जैसी ऐतिहासिक जगहों का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थानों से सिख समुदाय के इतिहास, संघर्ष और कुर्बानियों की प्रेरणा मिलती है।

‘अकाली दल कमजोर हुआ तो बढ़ा सरकारी दखल’

सुखबीर बादल ने कहा कि जब शिरोमणि अकाली दल मजबूत स्थिति में था, तब कई महत्वपूर्ण गुरुद्वारों का प्रबंधन पंथिक संगठनों के हाथों में था। उन्होंने आरोप लगाया कि अकाली दल के कमजोर होने के बाद कुछ धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन में सरकारी दखल बढ़ा है।

उन्होंने कहा कि गुरु घरों का प्रबंधन मजबूत पंथिक संस्थाओं के हाथों में रहना जरूरी है। सुखबीर बादल ने कार्यकर्ताओं से पंथिक ताकत को मजबूत करने और धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता के लिए एकजुट होकर काम करने की अपील की।

माझा को बताया अकाली दल की पारंपरिक ताकत

सुखबीर बादल ने माझा क्षेत्र को शिरोमणि अकाली दल की पारंपरिक ताकत बताते हुए कहा कि इस क्षेत्र के लोगों ने कठिन परिस्थितियों में भी पार्टी का साथ दिया है।

उन्होंने पंजाब के पिछले दशकों के राजनीतिक और सामाजिक हालात का जिक्र करते हुए कहा कि राज्य ने कई मुश्किल दौर देखे हैं और लोगों ने अलग-अलग समय पर बड़ी कुर्बानियां दी हैं।

पंथिक एकता और अकाली दल को मजबूत करने की अपील

समागम के दौरान अकाली नेताओं ने कार्यकर्ताओं से सिख इतिहास से प्रेरणा लेने, पंथिक एकता को मजबूत करने और शिरोमणि अकाली दल को दोबारा मजबूत बनाने के लिए मिलकर काम करने की अपील की।

रखड़ पुण्या के मौके पर बाबा बकाला में आयोजित यह समागम अकाली दल के लिए धार्मिक और राजनीतिक दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, जहां पार्टी नेताओं ने पंथिक मुद्दों के साथ-साथ संगठन को मजबूत करने का संदेश कार्यकर्ताओं तक पहुंचाया।


बाबा बकाला में अकाली नेताओं की हुंकार, मजीठिया बोले- गुरु की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर चढ़दी कला में रहे

पंजाब में सड़कों का इतना बड़ा नेटवर्क पहले कभी नहीं था: हरभजन सिंह ETO

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर। पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ETO ने राज्य में चल रहे सड़क निर्माण और विकास कार्यों को लेकर विपक्ष पर निशाना साधा है। प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ETO ने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार राज्य में बड़े स्तर पर सड़क निर्माण करवा रही है और पंजाब में सड़कों का इतना बड़ा नेटवर्क पहले कभी नहीं था।

मंत्री ने आरोप लगाया कि कुछ लोग सोशल मीडिया पर विकास कार्यों की अधूरी तस्वीरें और वीडियो पोस्ट कर सरकार को बदनाम करने की कोशिश कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव नजदीक आते ही राजनीतिक दलों की ओर से सरकार के खिलाफ गलत प्रचार तेज किया जा रहा है।

बठिंडा की सड़क को लेकर विपक्ष पर निशाना

हरभजन सिंह ETO ने बठिंडा में निर्माणाधीन सड़क का उदाहरण देते हुए कहा कि सड़क का काम अभी चल रहा था, लेकिन इसी दौरान कुछ नेताओं ने सोशल मीडिया पर सड़क की तस्वीरें और वीडियो शेयर कर उसकी गुणवत्ता पर सवाल उठाए।

ETO ने आरोप लगाया कि हरसिमरत कौर बादल और बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी इस संबंध में सोशल मीडिया पर पोस्ट शेयर किए। उन्होंने कहा कि संबंधित नेता उस समय मौके पर पहुंचे जब सड़क का काम पूरा भी नहीं हुआ था।

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि निर्माणाधीन सड़क को देखकर उसकी अंतिम गुणवत्ता का आकलन करना उचित नहीं है। सड़क का काम पूरा होने के बाद ही उसकी गुणवत्ता की सही तरीके से जांच की जा सकती है।

ETO की चुनौती- सुबह 11 बजे मौके पर पहुंचकर करेंगे निरीक्षण

हरभजन सिंह ETO ने हरसिमरत कौर बादल और सुखबीर सिंह बादल को चुनौती देते हुए कहा कि वह अगले दिन सुबह 11 बजे खुद बठिंडा में संबंधित सड़क के मौके पर पहुंचेंगे और निर्माण कार्य का निरीक्षण करेंगे।

उन्होंने कहा कि अगर सड़क की गुणवत्ता में कोई कमी पाई जाती है या निर्माण में किसी तरह की गड़बड़ी सामने आती है तो संबंधित ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। मंत्री ने स्पष्ट किया कि सरकार विकास कार्यों में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगी।

उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में राजनीतिक हस्तक्षेप नहीं होना चाहिए और सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सड़कें और अन्य बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करवाना है।

झूठी अफवाहें फैलाने पर कार्रवाई की चेतावनी

ETO ने आरोप लगाया कि अकाली दल के कुछ नेता सरकार द्वारा किए जा रहे विकास कार्यों से खुश नहीं हैं और इसी वजह से लोगों के बीच गलत सूचनाएं फैलाई जा रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जानबूझकर झूठी अफवाहें फैलाकर लोगों को गुमराह करने या सरकार की छवि खराब करने की कोशिश की गई तो नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

मंत्री ने कहा कि जैसे-जैसे चुनाव नजदीक आ रहे हैं, राजनीतिक दलों की ओर से सरकार को बदनाम करने की कोशिशें तेज हो रही हैं। उन्होंने विपक्ष से अपील की कि विकास कार्यों पर राजनीति करने के बजाय मौके पर जाकर वास्तविक स्थिति देखें।

रेप केस के आरोपों पर भी दी सफाई

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान ETO ने रेप केस को लेकर सरकार पर लगाए जा रहे आरोपों को भी खारिज किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने किसी को बचाने की कोशिश नहीं की है। संबंधित मामले में 15 दिन का समय मांगा गया है और सरकार तय समय के भीतर अपना जवाब देगी।

उन्होंने कहा कि सरकार तथ्यों के आधार पर अपना पक्ष रखेगी और जांच व कार्रवाई के बाद सच्चाई सामने आएगी।

बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत: आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में ज़मानत मिली

पंजाब डेस्क: शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता और पंजाब के पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिली है। कोर्ट ने आय से ज़्यादा संपत्ति मामले में उनकी ज़मानत अर्ज़ी मंज़ूर कर ली है। गौरतलब है कि मजीठिया को 25 जून, 2025 को उनके अमृतसर वाले घर से गिरफ़्तार किया गया था और तब से वे नई नाभा जेल में बंद हैं।

40 हज़ार पेज की चार्जशीट और आरोप: विजिलेंस ब्यूरो ने मजीठिया के ख़िलाफ़ मोहाली कोर्ट में 40 हज़ार पेज की चार्जशीट फ़ाइल की है, जिसमें पता चला है कि उन्होंने 700 करोड़ रुपये की गैर-कानूनी संपत्ति जमा की है। इस मामले में पंजाब पुलिस के पूर्व अधिकारियों और ED अधिकारियों समेत करीब 200 सरकारी गवाह बनाए गए हैं।

पॉलिटिकल रिएक्शनशिरोमणि अकाली दल: पार्टी के चीफ स्पोक्सपर्सन एडवोकेट अर्शदीप सिंह कलेर ने कोर्ट के फैसले का स्वागत किया और कहा कि भले ही इसमें समय लगा, लेकिन इंसाफ हुआ है। उन्होंने कहा कि मजीठिया के बाहर आने से पूरे अकाली दल में खुशी की लहर है।

आम आदमी पार्टी: पंजाब के कैबिनेट मिनिस्टर हरपाल सिंह चीमा ने कहा कि बेल मिलने का मतलब यह नहीं है कि वह बरी हो गए हैं। उन्होंने दावा किया कि मजीठिया के खिलाफ पक्के सबूत हैं और लीगल प्रोसेस जारी रहेगा।

2027 के चुनाव पर असर पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मजीठिया की जाट सिख वोट बैंक और माझा इलाके में मजबूत पकड़ है। उनकी रिहाई से 2027 के विधानसभा चुनाव में अकाली दल को बड़ी बढ़त मिलने की उम्मीद है। इसके अलावा, राधा स्वामी सत्संग ब्यास के हेड बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लों और मजीठिया के बीच जेल में हुई मुलाकात को भी पॉलिटिकल तौर पर अहम माना जा रहा है।

वह जेल से कब रिहा होंगे? मजीठिया को NDPS केस में पहले ही बेल मिल चुकी है। अब सुप्रीम कोर्ट के ऑर्डर की कॉपी मिलने और लीगल प्रोसेस पूरा होने के बाद वह जल्द ही जेल से बाहर आ सकते हैं। हालांकि, सरकारी काम में रुकावट डालने के एक अलग केस में उनकी बेल को लेकर अभी स्थिति साफ नहीं है।