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Punjab Employees Strike: पंजाब में 21-22 अक्टूबर को सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की हड़ताल

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों ने 21-22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल का ऐलान किया। मुख्यमंत्री भगवंत मान से बैठक और मांगों के समाधान की मांग।

जालंधर / सत्ता संदेश

पंजाब में सरकारी कर्मचारियों और पेंशनरों की मांगों को लेकर विरोध तेज हो गया है। पंजाब मुलाजिम एवं पेंशनर सांझा फ्रंट और अन्य सरकारी कर्मचारी संगठनों ने 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल करने का ऐलान किया है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से बैठक बुलाकर उनकी समस्याओं का समाधान करने का आश्वासन दिया गया था, लेकिन अभी तक इस दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया।

जालंधर में कर्मचारी संगठनों के प्रधानों ने बातचीत के दौरान बताया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अक्टूबर की शुरुआत में सरकारी कर्मचारियों के साथ बैठक करने और उनकी मांगों का समाधान करने का भरोसा दिया था। हालांकि, अक्टूबर के कई दिन बीत जाने के बावजूद बैठक नहीं हुई। इसी के विरोध में संगठनों ने 21 और 22 अक्टूबर को सामूहिक छुट्टी लेकर हड़ताल करने का फैसला किया है।

कर्मचारी नेताओं ने कहा कि वे लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर सरकार के सामने आवाज उठा रहे हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा। संगठनों ने सरकार से जल्द बैठक बुलाने और कर्मचारियों तथा पेंशनरों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने की अपील की है।

कर्मचारी संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो 21 और 22 अक्टूबर की हड़ताल के बाद बड़े स्तर पर दोबारा प्रदर्शन किया जाएगा। कर्मचारी नेताओं ने कहा कि यदि आंदोलन आगे बढ़ता है, तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी।

इस हड़ताल का सरकारी कार्यालयों में कामकाज और आम लोगों को मिलने वाली सेवाओं पर कितना असर पड़ेगा, यह संबंधित विभागों में कर्मचारियों की भागीदारी पर निर्भर करेगा।

जालंधर : बाबा सोढल मेले की धूम, राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया ने मंदिर में की पूजा-अर्चना

जालंधर / सत्ता संदेश

जालंधर में प्रसिद्ध श्री सिद्ध बाबा सोढल मंदिर में शुक्रवार को वार्षिक बाबा सोढल मेले के अवसर पर श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु बाबा सोढल के दर्शन और आशीर्वाद लेने के लिए पहुंचे। मेले का आयोजन अनंत चतुर्दशी के अवसर पर किया जाता है।

इस अवसर पर पंजाब के राज्यपाल गुलाब चंद कटारिया भी बाबा सोढल मंदिर पहुंचे। उन्होंने मंदिर में नतमस्तक होकर पूजा-अर्चना की और प्रसाद ग्रहण किया। राज्यपाल ने मेले की शुरुआत से पहले आयोजित धार्मिक पूजा में भी हिस्सा लिया। उनके साथ इस दौरान कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे।

बाबा सोढल मेला जालंधर के प्रमुख धार्मिक आयोजनों में शामिल है। हर साल अनंत चतुर्दशी के अवसर पर आयोजित होने वाले इस मेले में पंजाब सहित देश के विभिन्न हिस्सों और विदेशों से श्रद्धालु पहुंचते हैं। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए धार्मिक आयोजन, दुकानें और विभिन्न प्रकार के झूले लगाए गए हैं।

मेले को लेकर प्रशासन और पुलिस की ओर से भी विशेष सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जालंधर पुलिस ने श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए करीब 1,500 पुलिसकर्मियों की तैनाती की है और मंदिर के आसपास निगरानी के लिए कंट्रोल रूम समेत अन्य व्यवस्थाएं की गई हैं।

प्रबलीन के परिवार के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहूंगा: शीतल अंगुराल, मोहिंदर भगत को 5 दिन का अल्टीमेटम

जालंधर / सत्ता संदेश

पारस एस्टेट निवासी बच्ची प्रबलीन के परिवार को इंसाफ दिलाने की मांग को लेकर पूर्व विधायक शीतल अंगुराल ने परिवार के साथ खड़े होने का ऐलान किया है। जालंधर प्रेस क्लब में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने कहा कि वह फिलहाल किसी राजनीतिक पार्टी से जुड़े नहीं हैं, लेकिन परिवार की इंसाफ की लड़ाई में कंधे से कंधा मिलाकर साथ देते रहेंगे।

शीतल अंगुराल ने कहा कि प्रबलीन की पिछले वर्ष हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद आम आदमी पार्टी सरकार की ओर से परिवार को सरकारी नौकरी देने का आश्वासन दिए जाने की बात कही गई थी, लेकिन परिवार का आरोप है कि लंबे समय के बावजूद यह वादा पूरा नहीं किया गया।

मोहिंदर भगत को पांच दिन का अल्टीमेटम

पूर्व विधायक ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री मोहिंदर भगत को पांच दिन का समय देते हुए कहा कि यदि इस अवधि में प्रबलीन के परिवार के किसी सदस्य को सरकारी नौकरी नहीं दी गई तो वह मंत्री के घर के बाहर धरना देंगे।

उन्होंने कहा कि परिवार लंबे समय से सरकार से किए गए वादे को पूरा करने और इंसाफ की मांग कर रहा है, लेकिन अभी तक उनकी मांग पर उचित कार्रवाई नहीं हुई है।

‘परिवार के साथ अन्याय नहीं होने देंगे’

शीतल अंगुराल ने कहा कि पीड़ित परिवार को अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। जब तक परिवार को इंसाफ नहीं मिलता, वह उनके साथ खड़े रहेंगे।

उन्होंने कहा कि सरकार को पीड़ित परिवार की स्थिति को गंभीरता से लेते हुए किए गए वादे को पूरा करना चाहिए। अब पांच दिन के अल्टीमेटम के बाद आगे की रणनीति तय की जाएगी।

जालंधर में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो का कहर, महिला और बच्ची गंभीर घायल; चालक फरार

जालंधर / सत्ता संदेश

जालंधर: मुस्लिम कॉलोनी इलाके में तेज रफ्तार स्कॉर्पियो कार की चपेट में आने से सड़क किनारे खड़ी एक महिला और बच्ची गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिसे देखते हुए स्कॉर्पियो चालक वाहन को मौके पर ही छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलते ही थाना रामामंडी पुलिस मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी।

सब्जी लेने मार्केट आई थी महिला

पीड़ित महिला के ससुर मोहिंदर सिंह ने बताया कि उनकी बहू सब्जी लेने के लिए मार्केट आई थी। इसी दौरान तेज रफ्तार स्कॉर्पियो वहां से गुजर रही थी। बताया जा रहा है कि स्कॉर्पियो के पीछे एक फॉर्च्यूनर कार भी आ रही थी और दोनों वाहनों के बीच तेज रफ्तार में पीछा चल रहा था।

इसी दौरान स्कॉर्पियो चालक ने वाहन से नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़ी महिला और बच्ची को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में दोनों गंभीर रूप से घायल हो गईं।

लोगों ने अस्पताल पहुंचाया

हादसे के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल महिला और बच्ची को तुरंत उपचार के लिए निजी अस्पताल पहुंचाया। वहीं, घटनास्थल पर लोगों की भीड़ जुटती देख स्कॉर्पियो चालक कार को मौके पर छोड़कर फरार हो गया।

पुलिस ने स्कॉर्पियो कब्जे में ली

थाना रामामंडी के जांच अधिकारी सुरजीत सिंह ने बताया कि कंट्रोल रूम के माध्यम से मुस्लिम कॉलोनी में कार की चपेट में आने से महिला के घायल होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्कॉर्पियो को कब्जे में ले लिया।

पुलिस अधिकारी के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। हादसा किन परिस्थितियों में हुआ और इसमें कौन-कौन लोग शामिल थे, इसकी जांच के बाद तथ्यों के आधार पर बनती कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

पीएम मोदी के दौरे से पहले केंद्रीय मंत्री ने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का किया निरिक्षण

जालंधर / सत्ता संदेश

रेल मंत्रालय तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय में राज्य मंत्री रवनीत सिंह ने फिरोजपुर मंडल के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ पुनर्विकसित जालंधर कैंट (जेआरसी) रेलवे स्टेशन का दौरा कर पीएम नरेंद्र मोदी के प्रस्तावित आगमन की तैयारियों का जायजा लिया। प्रधानमंत्री 17 जुलाई 2026 को इस स्टेशन पुनर्विकास परियोजना का उद्घाटन करने वाले हैं।

इस अवसर पर केंद्रीय मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा रेल सूचना एवं प्रसारण और इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्री अश्विनी वैष्णव का हार्दिक आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पंजाब के लोगों को यह ऐतिहासिक सौगात प्रदान करने तथा क्षेत्र के एक महत्वपूर्ण रेलवे स्टेशन को विश्वस्तरीय यात्री सुविधा केंद्र में परिवर्तित करने के लिए वे उनके प्रति कृतज्ञ हैं।

लगभग 110 वर्ष पुराने जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास लगभग ₹125 करोड़ की लागत से किया गया है। इस परियोजना में स्टेशन की ऐतिहासिक वास्तुकला को संरक्षित रखते हुए पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाने वाले तत्वों को भी समाहित किया गया है।

पुनर्विकसित स्टेशन में विशाल डबल-हाइट एयर कॉन्कोर्स, मजबूत स्टील प्लेटफॉर्म रूफिंग, स्लिप-प्रतिरोधी फर्श, ऊर्जा-कुशल एलईडी प्रकाश व्यवस्था, शहर के दोनों ओर से सुविधाजनक प्रवेश तथा 6 मीटर और 9 मीटर चौड़ाई वाले दो नए फुट ओवर ब्रिज (एफओबी) जैसी आधुनिक सुविधाएं विकसित की गई हैं।

अन्य प्रमुख सुविधाओं में 40 मीटर चौड़ी ट्रफ रूफ, जो 200 मीटर लंबे प्लेटफॉर्म (8,720 वर्गमीटर) को कवर करती है, 36 मीटर चौड़ा 1,770 वर्गमीटर का एयर कॉन्कोर्स, 300 वर्गमीटर क्षेत्रफल वाला नया द्वितीय प्रवेश स्टेशन भवन तथा 4,855 वर्गमीटर का पार्किंग क्षेत्र शामिल है।

वर्तमान में जालंधर कैंट रेलवे स्टेशन पर प्रतिदिन औसतन 7,500 यात्रियों का आवागमन होता है। स्टेशन पर 66 अप तथा 66 डाउन ट्रेनों का ठहराव है, जिनमें दो जोड़ी वंदे भारत एक्सप्रेस, एक हमसफर एक्सप्रेस, एक गरीब रथ एक्सप्रेस तथा अनेक मेल/एक्सप्रेस और यात्री ट्रेनें शामिल हैं। यह स्टेशन पूर्णतः यात्री सेवाओं के लिए समर्पित है तथा यहां किसी प्रकार का माल परिवहन नहीं किया जाता।

निरीक्षण के दौरान श्री रवनीत सिंह ने यात्री सुविधाओं एवं चल रही तैयारियों का विस्तृत अवलोकन किया तथा पुनर्विकास कार्यों की गुणवत्ता पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि उन्नत सुविधाओं से युक्त यह स्टेशन यात्रियों की सुविधा में उल्लेखनीय वृद्धि करेगा तथा भारतीय रेलवे की आधुनिक, सुरक्षित, सुगम एवं विश्वस्तरीय अवसंरचना विकसित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक बनेगा। साथ ही, यह पंजाब की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान को भी प्रभावी रूप से प्रदर्शित करेगा।

पंजाब में भीषण गर्मी के बीच बिजली संकट: 28 अप्रैल तक 8-10 घंटे के लंबे पावर कट, जानें अपने शहर का शेड्यूल

पंजाब डेस्क : पंजाब में पड़ रही भीषण गर्मी और सूरज की तपिश के बीच आम जनता की मुश्किलें और बढ़ने वाली हैं। एक ओर मौसम विभाग ने राज्य में हीटवेव (Heatwave) का येलो अलर्ट जारी किया है, वहीं दूसरी ओर पावरकॉम (PSPCL) ने राज्य के प्रमुख शहरों में 8 से 10 घंटे तक के लंबे बिजली कट लगाने का फैसला किया है। मेंटेनेंस के नाम पर लगाए जा रहे ये कट 21 अप्रैल से शुरू होकर 28 अप्रैल तक जारी रहेंगे, जिससे लुधियाना, अमृतसर और जालंधर जैसे महानगरों की रफ्तार थम सकती है।

पावरकॉम का पब्लिक नोटिस और प्रभावित शहर : पावरकॉम ने मेंटेनेंस कार्यों के चलते एक सार्वजनिक नोटिस जारी कर लोगों को अपने जरूरी काम पहले ही निपटाने की सलाह दी है।

इस कटौती का सबसे ज्यादा असर निम्नलिखित शहरों में दिखेगा:

लुधियाना: यहाँ कई इलाकों में सुबह 10 से शाम 5 बजे तक बिजली गुल रहेगी।

मोहाली: आईटी सिटी और फेज-3 समेत कई क्षेत्रों में सुबह 10 से दोपहर 3 बजे तक कट लगेंगे।

अमृतसर और जालंधर: इन शहरों के रिहायशी और कमर्शियल इलाकों में 4 से 6 घंटे की कटौती की जाएगी।

पटियाला और बठिंडा: यहाँ भी दोपहर के समय 5 घंटे तक बिजली बंद रहने की सूचना है।

गर्मी का बढ़ता प्रकोप और बिजली की मांग: राज्य में गर्मी तेजी से बढ़ रही है और 21 जिलों में तापमान 35 से 40 डिग्री सेल्सियस के पार जा चुका है। बिजली की मांग वर्तमान में लगभग 6,000 मेगावाट है, लेकिन तापमान 40 डिग्री पार करने पर यह 10,000 मेगावाट तक पहुँचने की उम्मीद है। वर्तमान में पंजाब खुद 3,300 मेगावाट बिजली पैदा कर रहा है और बाकी की कमी केंद्रीय पूल से खरीदकर पूरी की जा रही है।

सेहत विभाग की एडवाइजरी : बढ़ती गर्मी और बिजली कटों को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने भी एडवाइजरी जारी की है और अस्पतालों को 24 घंटे स्टाफ के साथ हाई अलर्ट पर रखा गया है। लोगों को सलाह दी गई है कि वे हीटवेव के दौरान सीधे धूप में निकलने से बचें।

जालंधर की मशहूर रेडियो होस्ट को कनाडा में 5.5 साल की जेल: 83 करोड़ की ड्रग तस्करी मामले में कोर्ट का बड़ा फैसला

इंटरनेशनल डेस्क : जालंधर के नकोदर की रहने वाली और कनाडा में एक जाना-माना चेहरा बन चुकीं पंजाबी रेडियो ब्रॉडकास्टर सुखविंदर कौर संघा (47) को ड्रग तस्करी के संगीन जुर्म में साढ़े पांच साल की जेल की सजा सुनाई गई है,। ब्रिटिश कोलंबिया की सुप्रीम कोर्ट ने यह फैसला 15 अप्रैल को सुनाया।

83 करोड़ की ड्रग के साथ फिल्मी अंदाज में गिरफ्तारी: सुखविंदर संघा की गिरफ्तारी अक्टूबर 2021 में हुई थी, जो किसी फिल्मी ड्रामे से कम नहीं थी। वह फ्लोरिडा नंबर प्लेट वाली एक रेंटल कार में अमेरिका से कनाडा की सीमा में प्रवेश कर रही थीं। जब सरे (B.C.) में सीमा शुल्क अधिकारियों ने उन्हें चेकिंग के लिए रोका, तो वह कार भगा ले गईं। पुलिस ने पीछा कर उन्हें दबोचा, तो कार से 4 बैगों में भरी 108 किलोग्राम मेथामफेटामाइन बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लगभग 83 करोड़ रुपये है।

कोर्ट में बहाने नहीं आए काम: अदालती कार्यवाही के दौरान संघा ने दावा किया कि उन्हें डरा-धमकाकर इस काम के लिए मजबूर किया गया था। हालांकि, उनके मोबाइल संदेशों ने उनकी पोल खोल दी। टेक्स्ट मैसेज से पता चला कि वह इस तस्करी में न केवल अपनी मर्जी से शामिल थीं, बल्कि वह गिरोह की एक भरोसेमंद पार्टनर थीं और पहले भी ऐसी कई खेप पहुंचा चुकी थीं। जज जॉन गिब-कार्सले ने उनके दावों को खारिज करते हुए कहा कि उनकी बातों का लहजा कहीं से भी डरे हुए व्यक्ति जैसा नहीं था।

पंजाबी समुदाय को लगा बड़ा झटका: सुखविंदर संघा पिछले एक दशक से पंजाबी रेडियो और टीवी जगत का बड़ा चेहरा थीं और उनके शो में बड़े राजनेता और मशहूर हस्तियां शामिल होती थीं। उनकी सजा की खबर से कनाडा में रह रहे पंजाबियों को गहरा धक्का लगा है।

समुदाय के लोगों को डर है कि इस घटना के बाद कनाडा में पंजाबियों के खिलाफ हेट स्पीच और नस्लीय भेदभाव के मामले और बढ़ सकते हैं। न्यू वेस्टमिंस्टर की अदालत ने फैसला सुनाते हुए संघा को जेल में आत्मचिंतन करने की सलाह दी है।

जालंधर में खाकी दागदार: फर्जी नाका लगाकर उगाही कर रहा था PAP कांस्टेबल, निहंग सिंह की मुस्तैदी से पकड़ा गया

पंजाब डेस्क: पंजाब के जालंधर से एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ पंजाब आर्म्ड पुलिस (PAP) के एक कांस्टेबल ने ही फर्जी नाका लगाकर राहगीरों से अवैध वसूली शुरू कर दी। यह घटना जालंधर के नकोदर रोड पर हुई, जहाँ असली पुलिस जवान के इस कारनामे को देखकर लोगों ने उसकी जमकर धुनाई कर दी।

ऐसे खुला फर्जीवाड़े का राज: घटना के वक्त आरोपी कांस्टेबल सिविल वर्दी में था और अपने एक साथी के साथ सड़क पर वाहनों को रोक रहा था। वे दस्तावेजों की जांच के नाम पर लोगों से पैसों की मांग कर रहे थे। मामला तब बिगड़ा जब उन्होंने वहां से गुजर रहे एक निहंग सिंह को रुकने का इशारा किया।

निहंग सिंह के पास सभी वैध दस्तावेज मौजूद थे, इसके बावजूद आरोपी उनसे उलझने लगा और पैसों की मांग की। शक होने पर जब निहंग सिंह ने सख्ती से पूछताछ की और पुलिस बुलाने की बात कही, तो आरोपी घबरा गया। इस बीच मौका पाकर उसका साथी कार में बैठकर फरार हो गया।

आक्रोशित भीड़ ने सिखाया सबक: हंगामा बढ़ता देख आसपास के लोग बड़ी संख्या में इकट्ठा हो गए और उन्होंने आरोपी कांस्टेबल को दबोच लिया। गुस्साई भीड़ ने उसकी बीच सड़क जमकर पिटाई की। आरोपी काफी देर तक अपना चेहरा छिपाता रहा, लेकिन लोगों का गुस्सा शांत नहीं हुआ।

पुलिस हिरासत में आरोपी: घटना की सूचना मिलते ही थाना लांबड़ा पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह आरोपी को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में लिया। स्थानीय लोगों के अनुसार, जालंधर में पहले भी फर्जी नाके लगाकर वसूली के मामले सामने आ चुके हैं, जो पुलिस की निगरानी प्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करते हैं।

जालंधर में सीएम भगवंत मान: पासिंग आउट परेड में हुए शामिल, बोले- पंजाब पुलिस की ट्रेनिंग का दुनिया में बज रहा डंका

पंजाब डेस्क : पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान बुधवार (25 फरवरी, 2026) को जालंधर पहुंचे, जहां उन्होंने पंजाब पुलिस अकादमी में आयोजित एक भव्य पासिंग आउट परेड में शिरकत की। इस विशेष अवसर पर राज्य के डीजीपी गौरव यादव भी उनके साथ मौजूद रहे और दोनों ने परेड की सलामी ली।

ट्रेनिंग सेंटरों की अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मांग: परेड को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने गर्व के साथ कहा कि पंजाब के पुलिस ट्रेनिंग सेंटर, जैसे कि फिल्लौर और पीएपी कपूरथला, की कार्यकुशलता और ट्रेनिंग का स्तर इतना उत्कृष्ट है कि अन्य राज्यों के साथ-साथ पड़ोसी देशों से भी वहां प्रशिक्षण दिलाने के प्रस्ताव आ रहे हैं। हालांकि, सीएम मान ने यह भी साझा किया कि पंजाब में वर्तमान में चल रही बड़े स्तर की भर्तियों के कारण फिलहाल बाहरी राज्यों को ट्रेनिंग देना संभव नहीं हो पा रहा है, जो कि राज्य के लिए एक सकारात्मक संकेत है।

पुलिस अधिकारियों को सेवा और संवेदनशीलता का संदेश: नवनियुक्त पुलिस अधिकारियों को मुख्यमंत्री ने ईमानदारी और संवेदनशीलता के साथ काम करने का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि पुलिस बल को हमेशा गरीब और कमजोर वर्ग की दुआएं कमाने का प्रयास करना चाहिए, क्योंकि पीड़ित को समय पर न्याय दिलाना ही सबसे बड़ी उपलब्धि है।

शांति और खुशहाली का लक्ष्य: मुख्यमंत्री ने प्रदेश की सुख-शांति पर जोर देते हुए कहा, “हमें चूल्हों की आग जलानी है और श्मशानों की आग बुझानी है”। उन्होंने पुलिस जवानों के समर्पण की सराहना करते हुए कहा कि उनकी मुस्तैदी के कारण ही प्रदेश की जनता चैन की नींद सो पाती है। मुख्यमंत्री का यह दौरा जालंधर और दोआबा क्षेत्र के प्रति सरकार की प्राथमिकताओं और पंजाब को अपराध मुक्त बनाने के उनके विजन को दर्शाता है।

फगवाड़ा की प्राइवेट यूनिवर्सिटी में छात्र ने की खुदकुशी; जान देने से पहले सोशल मीडिया पर डाला था स्टेटस

पंजाब डेस्क : पंजाब के फगवाड़ा में एक निजी विश्वविद्यालय (Private University) के हॉस्टल की छत से छलांग लगाकर एक छात्र द्वारा आत्महत्या करने का दुखद मामला सामने आया है। मृतक की पहचान जालंधर के फिल्लौर स्थित सलेम खुर्द गांव के रहने वाले निखिल के रूप में हुई है।

सोशल मीडिया स्टेटस में किया था जिक्र: पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि निखिल पिछले कुछ दिनों से काफी परेशान था। सोमवार (16 फरवरी) सुबह वह सामान्य रूप से यूनिवर्सिटी पहुंचा था, लेकिन दोपहर को आत्मघाती कदम उठाने से पहले उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर एक स्टेटस पोस्ट किया, जिसमें उसने खुदकुशी करने का जिक्र किया था। इसके तुरंत बाद उसने हॉस्टल की छत से छलांग लगा दी।

पुलिस कार्रवाई और जांच : घटना की सूचना मिलते ही डीएसपी फगवाड़ा भरत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। डीएसपी ने बताया कि पुलिस इस मामले की गहनता से जांच कर रही है और मृतक के परिवार के सदस्यों के बयानों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।