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प्रधानमंत्री ने धरती माता द्वारा समस्‍त मानवता को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में स्वीकारने की विशेषता को दर्शाने वाले संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया

दिल्ली /सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री श्री नरेन्‍द्र मोदी ने आज एक संस्कृत सुभाषितम् को साझा किया। इसका अर्थ है कि धरती माता समस्त मानवता को एक परिवार मानती है। श्री मोदी ने कहा कि धरती मां के लिए यह संपूर्ण विश्व एक घर के समान है, जहां प्रत्येक संस्कृति का अपना महत्व और सम्मान है।

प्रधानमंत्री ने एक्‍स पर पोस्ट में लिखा:

“धरती माता पूरी मानवता को एक परिवार मानती हैं। उनके लिए यह पूरा संसार एक घर की तरह है, जहां हर संस्कृति का अपना महत्त्व और सम्मान है।

जनं बिभ्रती बहुधा विवाचसं नानाधर्माणं पृथिवी यथौकसम्।

सहस्रं धारा द्रविणस्य मे दुहां ध्रुवेव धेनुरनपस्फुरन्ती ॥”

धरती माता विभिन्न भाषाएं बोलने वाले और विभिन्न धर्मों और परंपराओं का पालन करने वाले लोगों को एक ही परिवार के सदस्य के रूप में अपनाती है। ईश्वर करे कि यह धरती मां हमारे लिए समृद्धि की हजारों धाराएं प्रवाहित करती रहे, ठीक उसी प्रकार जैसे एक शांत और स्‍नेहमयी गौ माता दूध प्रदान करती है।

Punjab Government ने श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को बड़े स्तर पर मनाने के लिए घोषित कार्यक्रमों की श्रृंखला के तहत सोमवार को CT University में श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं और दर्शन को समर्पित एक विशेष सेमिनार आयोजित किया।

लुधियान /सत्ता संदेश

सेमिनार को संबोधित करते हुए दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने युवाओं से आह्वान किया कि वे श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को अपनाकर समाज से सामाजिक और आर्थिक असमानताओं को समाप्त करने में अग्रणी भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि गुरु रविदास जी ने समानता, सार्वभौमिक भाईचारे और सामाजिक न्याय का संदेश दिया था, लेकिन आज भी शिक्षा और अर्थव्यवस्था सहित कई क्षेत्रों में भेदभाव और असमानता बनी हुई है।

आर्थिक असमानता का उल्लेख करते हुए सिसोदिया ने कहा कि भारत की 140 करोड़ आबादी में से करीब 40 प्रतिशत संपत्ति केवल 1.5 करोड़ लोगों के पास केंद्रित है, जबकि देश की 50 प्रतिशत आबादी के पास केवल 6 प्रतिशत संपत्ति है। उन्होंने देश की शिक्षा व्यवस्था को “पूरी तरह जर्जर” बताते हुए युवाओं के बेहतर भविष्य के लिए व्यापक सुधारों की आवश्यकता पर जोर दिया।

उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे असमानता और भेदभाव के खिलाफ आवाज उठाएं और श्री गुरु रविदास जी के सपनों के समानतावादी समाज के निर्माण में योगदान दें, जहां किसी प्रकार का सामाजिक विभाजन या अन्याय न हो।

मनीष सिसोदिया ने कहा कि Punjab Government मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में पूरे वर्ष ऐसे कार्यक्रम आयोजित कर रही है ताकि गुरु साहिब के संदेश और दर्शन का प्रचार-प्रसार किया जा सके। उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत बनाने पर विशेष ध्यान दे रही है ताकि हर पंजाबी को गुणवत्तापूर्ण सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर युवाओं के लिए मिस्ड कॉल अभियान (9090029090) भी शुरू किया गया।

इस दौरान पंजाब पर्यटन एवं सांस्कृतिक मामलों के सलाहकार दीपक बाली ने कहा कि इन कार्यक्रमों का उद्देश्य युवाओं को श्री गुरु रविदास जी के जीवन, शिक्षाओं और दर्शन से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार गुरु साहिब के आदर्शों के अनुरूप समावेशी समाज के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

संत केवल सिंह ने भी युवाओं से गुरु जी की शिक्षाओं को अपनाने की अपील की और कहा कि 650 वर्ष पहले दिए गए समानता और समान अवसर के संदेश को सभी को अपने जीवन में लागू करना चाहिए।

इस अवसर पर CT University के चांसलर चरणजीत सिंह चन्नी, प्रो-चांसलर डॉ. मनबीर सिंह, वाइस चेयरमैन हरप्रीत सिंह, एसडीएम वेस्ट कुलदीप बावा सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति भी उपस्थित रहे।