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लुधियाना वार्ड 18 में नशे के खिलाफ महिलाओं ने उठाई आवाज, रणजीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में जागरूकता अभियान

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट– गुरमीत सिंह

लुधियाना के वार्ड नंबर 18 में शिरोमणि अकाली दल के पूर्व विधायक सरदार रणजीत सिंह ढिल्लों की अगुवाई में नशे के खिलाफ जागरूकता अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान बड़ी संख्या में महिलाओं और मोहल्ला निवासियों ने नशे के बढ़ते कारोबार के खिलाफ आवाज उठाई।

कार्यक्रम में वार्ड प्रधान ईशर सिंह (राजन अरोड़ा) के साथ महिलाओं ने शिरोमणि अकाली दल की वरिष्ठ नेता एवं सांसद हरसिमरत कौर बादल द्वारा चलाए जा रहे ‘मावां-धियां दी ललकार, बंद करवांगे नशे दा व्यापार’ अभियान के समर्थन में भागीदारी की। महिलाओं ने नशे के खिलाफ मुहिम को आगे बढ़ाने और अपने क्षेत्र में लोगों को जागरूक करने का संकल्प लिया।

इस दौरान एमआईजी वार्ड नंबर 18 की महिलाओं और मोहल्ला निवासियों ने पूर्व विधायक रणजीत सिंह ढिल्लों के समक्ष आगामी 2027 विधानसभा चुनाव को लेकर शिरोमणि अकाली दल का समर्थन करने की बात कही। यह स्थानीय कार्यक्रम में मौजूद लोगों की ओर से व्यक्त राजनीतिक समर्थन था।

गौरतलब है कि हरसिमरत कौर बादल ने हाल के दिनों में पंजाब में महिलाओं को नशे के खिलाफ अभियान से जोड़ने की मुहिम तेज की है। अक्टूबर में उन्होंने ‘ਮਾਈ ਭਾਗੋ ਮਾਵਾਂ-ਧੀਆਂ ਦੀ ਫੌਜ’ अभियान की भी शुरुआत की, जिसके तहत महिलाओं से अपने क्षेत्रों में नशा तस्करी से जुड़ी जानकारी सामने लाने की अपील की गई है।

कार्यक्रम में पूर्व विधायक सरदार रणजीत सिंह ढिल्लों, वार्ड प्रधान ईशर सिंह (राजन अरोड़ा), तनीशा शर्मा, अलका, लक्ष्मी देवी, पम्मी, पूजा राजपूत, सुमित्रा देवी, ममता, मनीषा खन्ना, मनप्रीत कौर, नवरूप कौर, पिंकी शर्मा, कंचन बजाज, तनीशा, कौशल्या विरला सहित अन्य मोहल्ला निवासी मौजूद रहे।

Punjab CM Bhagwant Mann Camp Office CBI Raid: भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का दावा, जानें पूरा मामला

पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का दावा, बोले- चुनाव से पहले BJP कर रही एजेंसियों का दुरुपयोग

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके कैंप ऑफिस पर छापेमारी की है। मुख्यमंत्री मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पोस्ट में कहा कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कैंप ऑफिस पर CBI की टीम पहुंची है और आने वाले समय में पंजाब सरकार तथा उन्हें बदनाम करने के लिए ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब में उन्हें मिल रहे लोगों के प्यार से भाजपा घबरा गई है।

जानकारी के मुताबिक, CBI की टीमें पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं। इसी कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के आवास पर भी CBI टीम के पहुंचने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम कथित तौर पर संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI की कार्रवाई

CBI की यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामले की CBI जांच के निर्देश दिए गए थे। बताया जा रहा है कि इसी मामले के सिलसिले में CBI की टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है।

बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया ‘बड़ी कार्रवाई’

CBI की कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे CBI की बड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के खेल के अंत की शुरुआत है।

क्या है ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा पूरा मामला?

मामला पंजाब में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग तथा कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब के DGP को पत्र लिखे जाने की बात सामने आई थी। इन पत्रों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।

ED की ओर से लगाए गए आरोपों में IAS और IPS अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित हस्तक्षेप तथा सरकारी टेंडरों से जुड़े मामलों में दखल का उल्लेख किया गया था। एजेंसी ने इन आरोपों के संबंध में कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग भी की थी।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष अलग विषय हैं। CBI की मौजूदा कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर बनी हुई है।

पंजाब में CM भगवंत मान से जुड़े ठिकानों पर CBI रेड के बाद सियासी घमासान, 2027 चुनाव से जोड़ा मामला

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

दिनांक : 07 अक्टूबर 2026

Punjab CBI Raid: पंजाब में मुख्यमंत्री भगवंत मान के कैंप ऑफिस और उनके OSD राजबीर सिंह घुम्मन से जुड़े ठिकानों पर CBI की कार्रवाई के बाद राज्य की सियासत गरमा गई है। संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने CBI की रेड को आगामी 2027 विधानसभा चुनाव से जोड़ते हुए केंद्र सरकार और बीजेपी पर निशाना साधा।

भगवंत मान ने आरोप लगाया कि चुनाव नजदीक आते ही विपक्षी नेताओं और उनके परिवारों को केंद्रीय जांच एजेंसियों के जरिए परेशान करना बीजेपी की कार्यशैली रही है। उन्होंने कहा कि CBI की कार्रवाई से अब साफ हो गया है कि पंजाब में चुनावी माहौल शुरू हो चुका है।

रेड में कुछ नहीं मिला- CM भगवंत मान

संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया कि CBI ने जिन-जिन ठिकानों पर छापेमारी की, वहां से कुछ नहीं मिला। उन्होंने कहा कि जांच एजेंसी के अधिकारी कार्रवाई के बाद चले गए और उन्हें कोई आपत्तिजनक चीज नहीं मिली।

मान ने आरोप लगाया कि इस कार्रवाई का मकसद उन्हें, उनके परिवार और पंजाब सरकार को बदनाम करना है। उन्होंने कहा कि अगर सरकार ने कुछ गलत नहीं किया है तो वह किसी भी जांच से डरने वाले नहीं हैं। मुख्यमंत्री ने OSD राजबीर सिंह घुम्मन के गांव के लोगों द्वारा उनके समर्थन में खड़े होने की भी बात कही।

CBI ने पंजाब और चंडीगढ़ में 8 ठिकानों पर की तलाशी

वहीं, CBI के मुताबिक पंजाब और चंडीगढ़ में कुल आठ ठिकानों पर तलाशी ली गई। कार्रवाई के दौरान लैपटॉप, मोबाइल फोन और कई दस्तावेज जब्त किए गए हैं, जिनकी जांच की जा रही है।

CBI ने यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश के बाद दर्ज की गई FIR के आधार पर की है।

राजबीर सिंह घुम्मन समेत 6 लोग FIR में आरोपी

CBI ने मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत छह लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। FIR में राजबीर घुम्मन के अलावा नितिन गोहल, जितिन गोहल उर्फ राजा, रोमी राजा महाजन, बीर देविंदर और आरएस नागरा के नाम शामिल हैं।

CBI के अनुसार, जांच में आरोप है कि आरोपियों ने IAS और IPS अधिकारियों की पोस्टिंग, विभागीय कार्यवाही, नीतिगत फैसलों, प्रशासनिक मंजूरियों, टेंडर की शर्तों, लाइसेंसिंग, जमीन के इस्तेमाल में बदलाव, संपत्ति विवाद और राजस्व से जुड़े मामलों को प्रभावित करने के बदले कथित तौर पर आर्थिक लाभ हासिल किया।

हाईकोर्ट के आदेश के बाद CBI की एंट्री

इस मामले की शुरुआत ED की जांच से हुई थी। ED ने पंजाब के DGP को पत्र लिखकर कथित भ्रष्टाचार के आरोपों में FIR दर्ज करने को कहा था। इसके बाद मामला पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट पहुंचा।

5 अक्टूबर को हाईकोर्ट ने CBI को मामले की जांच सौंपने और FIR दर्ज करने का निर्देश दिया। अदालत ने पंजाब पुलिस की शुरुआती कार्रवाई पर भी सवाल उठाए और CBI को दो महीने के भीतर रिपोर्ट दाखिल करने को कहा।

हाईकोर्ट के इस आदेश को पंजाब सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी। इसी बीच CBI ने FIR दर्ज कर अगले ही दिन पंजाब और चंडीगढ़ में कई ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया।

फिलहाल CBI की कार्रवाई के बाद पंजाब की राजनीति में आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने इसे राजनीतिक कार्रवाई बताया है, जबकि CBI अपनी जांच के तहत जब्त किए गए इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों और दस्तावेजों की जांच कर रही है।

पंजाब में AAP का बड़ा डोर-टू-डोर अभियान, 20 सितंबर से घर-घर पहुंचेंगे 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य

पंजाब में AAP 20 सितंबर से राज्यव्यापी डोर-टू-डोर अभियान शुरू करेगी। मनीष सिसोदिया के मुताबिक 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर मान सरकार के काम और योजनाओं की जानकारी देंगे।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में 2027 विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने राज्यव्यापी डोर-टू-डोर अभियान शुरू करने का ऐलान किया है। पार्टी पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने 18 सितंबर को चंडीगढ़ में इसकी घोषणा की। अभियान की शुरुआत 20 सितंबर से होगी और पार्टी के अनुसार करीब 2.68 लाख बूथ कमेटी सदस्य घर-घर जाकर भगवंत मान सरकार के कामकाज, योजनाओं और नीतियों की जानकारी लोगों तक पहुंचाएंगे।

इस अभियान में मुख्यमंत्री भगवंत मान भी शामिल होंगे। पार्टी के मुताबिक मान 20 सितंबर को अपनी विधानसभा सीट धुरी से डोर-टू-डोर अभियान में हिस्सा लेंगे। इसके बाद पार्टी के कार्यकर्ता, मंत्री और बूथ स्तर के पदाधिकारी राज्यभर में लोगों से संपर्क करेंगे।

मनीष सिसोदिया के मुताबिक अभियान का उद्देश्य सरकार के कार्यों और जनकल्याण से जुड़ी योजनाओं को सीधे लोगों तक पहुंचाना है। इसके साथ ही आम आदमी पार्टी का सदस्यता अभियान भी शुरू किया जाएगा। पार्टी संगठन के स्तर पर नए लोगों को जोड़ने और बूथ स्तर पर अपनी पहुंच बढ़ाने पर भी जोर देगी।

19 सितंबर को लुधियाना में जारी होगा पैंफलेट

डोर-टू-डोर अभियान से एक दिन पहले, 19 सितंबर को लुधियाना में मुख्यमंत्री भगवंत मान AAP के चुनावी अभियान का पैंफलेट जारी करेंगे। पार्टी के अनुसार इसमें अभियान की रूपरेखा और जनता तक पहुंचाए जाने वाले प्रमुख संदेशों की जानकारी होगी।

AAP का यह अभियान आगामी 2027 पंजाब विधानसभा चुनावों की तैयारियों के बीच शुरू किया जा रहा है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि सरकार के कामकाज की जानकारी को संगठन के माध्यम से सीधे हर घर तक पहुंचाया जाएगा।

19 सितंबर को माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी नशा मुक्त पंजाब यात्रा, दशहरा मैदान में बड़ी रैली

बीजेपी की ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू होकर माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी। दशहरा मैदान में रैली आयोजित होगी, रेखा गुप्ता भी होंगी शामिल।

माछीवाड़ा साहिब / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसबीर सिंह अलबेला

पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी राजनीतिक गतिविधियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में बीजेपी की ओर से निकाली जा रही ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ 19 सितंबर को फतेहगढ़ साहिब से शुरू होगी। यात्रा में दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता भी शामिल होंगी और इसके बाद यह माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी।

माछीवाड़ा साहिब के दशहरा मैदान में यात्रा के स्वागत के मौके पर बड़ी रैली का आयोजन किया जा रहा है। रैली की तैयारियों को लेकर बीजेपी के वरिष्ठ नेता नीशू शर्मा ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ तैयारियों का जायजा लिया।

नीशू शर्मा के अनुसार, यात्रा 19 सितंबर को दोपहर करीब 2 बजे माछीवाड़ा साहिब पहुंचेगी। इससे पहले यात्रा में शामिल बीजेपी के वरिष्ठ नेता ऐतिहासिक गुरुद्वारा श्री चरण कंवल साहिब में नतमस्तक होंगे।

उन्होंने बताया कि रैली को सफल बनाने के लिए पार्टी कार्यकर्ताओं की ओर से क्षेत्र के गांवों में बैठकें की जा रही हैं। इसके साथ ही लोगों से संपर्क कर उन्हें कार्यक्रम में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया जा रहा है।

बीजेपी नेता के मुताबिक, हलका समराला में ‘नशा मुक्त पंजाब यात्रा’ के तहत माछीवाड़ा साहिब, समराला और गांव चहलां में तीन रैलियां आयोजित की जाएंगी।

नीशू शर्मा ने पंजाब में नशे के मुद्दे को लेकर आम आदमी पार्टी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि सरकार नशे की समस्या को खत्म करने में सफल नहीं रही है। उन्होंने कहा कि बीजेपी की यात्रा का उद्देश्य नशे के खिलाफ लोगों को जागरूक करना और पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए जनभागीदारी बढ़ाना है।

बीजेपी ने राज्य में नशे के खिलाफ चार ‘नशा मुक्त पंजाब यात्राओं’ का कार्यक्रम घोषित किया है। पार्टी के अनुसार, ये यात्राएं अलग-अलग मार्गों से होकर पंजाब के विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगी।


पंजाब में SIR : 20.66 लाख मतदाता होंगे सूची से बाहर, 1.19 लाख डबल वोटर्स; मरने के बाद भी सूची में नाम

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब में आगामी चुनाव से पहले वोटर लिस्ट की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) का पहला चरण पूरा हो गया है। मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने मंगलवार को बताया कि प्रदेश में 2.61 करोड़ इन्यूमरेशन फॉर्म वितरित किए गए थे। इनमें से करीब 2.41 करोड़ फॉर्म यानी 90.37 प्रतिशत वापस प्राप्त हो चुके हैं। करीब 20.66 लाख फॉर्म वापस नहीं आए हैं। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान 4 लाख 12 हजार 715 मतदाताओं को ट्रेस नहीं किया जा सका जबकि 5.74 लाख मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है। वहीं 1 लाख 19 हजार 145 मतदाता डबल पाए गए हैं। 9 लाख 44 हजार 131 लोग पंजाब से परमानेंट शिफ्ट हो गए  हैं।

मित्रा ने बताया कि करीब 12 लाख मतदाताओं की वोट मैप नहीं हो पाई है। हालांकि, इन मतदाताओं के नाम मौजूदा वोटर लिस्ट में हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनमैप्ड वोटरों को घबराने की जरूरत नहीं है। वे उपलब्ध दस्तावेजों के साथ दावा पेश कर सकते हैं। जांच और सत्यापन के बाद उनके नाम वोटर लिस्ट में बरकरार रखे जाएंगे। मित्रा ने कहा कि 13 अगस्त से 12 सितंबर तक यदि किसी मतदाता को लगता है कि वे इस प्रक्रिया में छूट गया है तो वे फाॅर्म 6 भरकर अपनी वोट का दावा कर सकता है। नए युवा भी अपनी वोट बनवा सकते हैं।

13 अगस्त को जारी होगा ड्राफ्ट

मुख्य निर्वाचन अधिकारी अनिंदिता मित्रा ने बताया कि एसआईआर के तहत तैयार की गई ड्राफ्ट वोटर लिस्ट 13 अगस्त को जारी की जाएगी। ड्राफ्ट सूची सभी राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई जाएगी। इसके बाद करीब एक महीने तक मतदाता अपने नाम को लेकर दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे। इन दावों और आपत्तियों का निपटारा संबंधित निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) करेंगे।


उन्होंने कहा कि जिन मतदाताओं के दस्तावेजों को लेकर कोई संदेह होगा, उन्हें ईआरओ की ओर से नोटिस जारी किया जाएगा। संबंधित मतदाता को अपने दस्तावेजों के साथ ईआरओ के समक्ष पेश होकर सत्यापन कराना होगा।

16 अगस्त को बूथ स्तर पर लगेंगे कैंप

अनिंदिता मित्रा ने बताया कि जो मतदाता संबंधित कार्यालयों में पहुंचने में असमर्थ हैं, उनकी सुविधा के लिए 16 अगस्त को बूथ स्तर पर विशेष कैंप लगाए जाएंगे। इन कैंपों में मतदाता अपने दावे और आपत्तियां दर्ज करा सकेंगे तथा आवश्यक दस्तावेज जमा कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि चुनाव आयोग की वेबसाइट के माध्यम से भी मतदाताओं को SIR और अनमैप्ड वोटरों के संबंध में जागरूक किया जाएगा। उनका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी वास्तविक मतदाता का नाम प्रक्रिया के दौरान न छूटे।

मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने स्पष्ट किया कि 12 लाख अनमैप्ड मतदाताओं के नाम वोटर लिस्ट में मौजूद हैं, लेकिन उनका वोट निर्धारित मैपिंग से लिंक नहीं हो पाया है। ऐसे मतदाताओं को अपने दस्तावेजों के साथ दावा प्रस्तुत करना होगा। उन्होंने कहा कि केवल वोट मैप न होने के कारण उनके मतदान के अधिकार पर कोई खतरा नहीं है। मित्रा के अनुसार, जिन मतदाताओं की मृत्यु हो चुकी है या जो स्थायी रूप से कहीं और स्थानांतरित हो चुके हैं, उन्हें नोटिस जारी नहीं किया जाएगा। वहीं जिन मतदाताओं के दस्तावेजों में किसी प्रकार का संदेह होगा, उनकी नियमानुसार जांच की जाएगी।

दस्तावेज नहीं होने पर भी सत्यापन का विकल्प

अनिंदिता मित्रा ने कहा कि यदि किसी मतदाता के पास आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं हैं, तब भी उसका मामला खत्म नहीं होगा। ऐसे मामलों में ईआरओ की ओर से नोटिस देकर सत्यापन की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। यदि सत्यापन के दौरान मतदाता सही पाया जाता है तो दस्तावेज उपलब्ध नहीं होने के बावजूद उसका नाम वोटर लिस्ट में शामिल रखा जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य किसी पात्र मतदाता का नाम हटाना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को अधिक सटीक और अद्यतन बनाना है। नए मतदाता भी अब फॉर्म नंबर छह भरकर अपना नाम मतदाता सूची में शामिल कराने के लिए आवेदन कर सकते हैं।

आंकड़ों पर एक नज
कुल वितरित इन्यूमरेशन फॉर्म : 2.61 करोड़
 वापस प्राप्त फॉर्म : करीब 2.41 करोड़ (90.37%)
 वापस नहीं आए फॉर्म : करीब 20 लाख
 ट्रेस नहीं हुए मतदाता : 4,12,715
 मृत पाए गए मतदाता : 5.74 लाख
  डबल मतदाता : 1,19,145
  अनमैप्ड मतदाता : करीब 12 लाख
   ड्राफ्ट वोटर लिस्ट : 13 अगस्त
   बूथ स्तर पर विशेष कैंप : 16 अगस्त
   फाइनल वोटर सूची  : 12 अक्तूबर को
   परमानेंट शिफ्ट हुए : 9 लाख 44 हजार 131 लोग

पंजाब भाजपा में बड़ा बदलाव: 2027 चुनाव के लिए ‘सिख’ चेहरे पर दांव

पंजाब डेस्क: केवल सिंह ढिल्लों बने पंजाब भाजपा के नए अध्यक्ष पंजाब विधानसभा चुनाव 2027 से पहले भाजपा ने एक बड़ा संगठनात्मक फेरबदल करते हुए केवल सिंह ढिल्लों को नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया है। ढिल्लों, जो पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बेहद करीबी माने जाते हैं, 4 साल पहले कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे। नियुक्ति के बाद ढिल्लों ने विश्वास जताया कि “पश्चिम बंगाल के बाद अब पंजाब में कमल खिलेगा” और 2027 में भाजपा की सरकार बनेगी।

नियुक्ति के पीछे के रणनीतिक कारण:

सिख वोट बैंक: भाजपा ने पंजाब में सिख भावनाओं को देखते हुए जट्ट-सिख चेहरे को आगे बढ़ाया है ताकि राज्य के बड़े वोट बैंक को आकर्षित किया जा सके।

मालवा क्षेत्र पर पकड़: पंजाब की 117 में से 69 सीटें मालवा क्षेत्र में आती हैं, जहाँ जट्ट-सिख समुदाय का दबदबा है। ढिल्लों खुद इसी क्षेत्र के बरनाला जिले से आते हैं।

हिंदू पार्टी’ की छवि बदलना: अब तक पार्टी की कमान सुनील जाखड़ (अध्यक्ष) और अश्वनी शर्मा (वर्किंग अध्यक्ष) जैसे हिंदू चेहरों के पास थी। भाजपा इस छवि को बदलकर सिखों में पैठ बनाना चाहती है।कैप्टन अमरिंदर सिंह की भूमिका: इस नियुक्ति को कैप्टन अमरिंदर सिंह को संतुष्ट करने के कदम के रूप में भी देखा जा रहा है, क्योंकि ढिल्लों उनके पसंदीदा नेता हैं।

विपक्ष का हमला और जाखड़ की विदाई: मुख्यमंत्री भगवंत मान ने ढिल्लों को बधाई देते हुए तंज कसा और सुनील जाखड़ के प्रति अपनी संवेदना व्यक्त की। वहीं, AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल ने कहा कि इस नियुक्ति के साथ ही भाजपा ने पंजाब चुनाव लड़ने से पहले ही हार मान ली है। पूर्व अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने ढिल्लों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि उनके नेतृत्व में संगठन और अधिक मजबूत होगा।

अन्य राज्यों में भी नियुक्तियां: भाजपा ने पंजाब के अलावा हरियाणा में डॉ. अर्चना गुप्ता को अध्यक्ष बनाया है, जो 43 साल बाद राज्य की पहली महिला भाजपा अध्यक्ष बनी हैं। इसके अलावा दिल्ली में हर्ष मल्होत्रा और त्रिपुरा में अभिषेक देबराय को नई जिम्मेदारी सौंपी गई है।