पंजाब निकाय चुनाव: ‘आप’ की बड़ी जीत, पर 2027 की राह में कांग्रेस और एंटी-इनकम्बेंसी की चुनौती
लुधियाना/चंडीगढ़: पंजाब के 104 निकायों (8 नगर निगमों सहित) के चुनाव परिणामों में सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) ने 1977 में से 958 वार्ड जीतकर अपना दबदबा साबित किया है। हालांकि, जानकारों का मानना है कि यह जीत 2027 के विधानसभा चुनाव का ‘ट्रेलर’ तो है, लेकिन AAP के लिए आगे की राह इतनी आसान नहीं होगी, क्योंकि कांग्रेस अभी भी एक मजबूत प्रतिद्वंद्वी के रूप में टिकी हुई है।

कांग्रेस का गढ़ बरकरार, ‘आप’ के लिए चेतावनी: भले ही AAP सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है, लेकिन वह कांग्रेस के 2021 के रिकॉर्ड (1199 वार्ड) को नहीं तोड़ पाई। रोचक तथ्य यह है कि 2021 में सभी 8 निगम जीतने के बावजूद कांग्रेस 2022 का विधानसभा चुनाव हार गई थी। एक्सपर्ट्स के अनुसार, निकाय चुनाव सफाई और सीवरेज जैसे स्थानीय मुद्दों पर लड़े जाते हैं, जबकि विधानसभा चुनाव में बेरोजगारी, ड्रग्स और कानून-व्यवस्था जैसे बड़े मुद्दे और एंटी-इनकम्बेंसी (सत्ता विरोधी लहर) का असर दिखेगा।
दिग्गजों के क्षेत्र में ‘आप’ की सेंध : AAP ने कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग के गढ़ गिद्दड़बाहा और प्रताप सिंह बाजवा के क्षेत्र धारीवाल में एकतरफा जीत हासिल कर जमीनी स्तर पर अपने कैडर विस्तार का प्रमाण दिया है। यह जीत 2024 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के गिरे हुए ग्राफ के बाद विधायकों के लिए एक ‘बूस्टर डोज’ मानी जा रही है।
BJP और अकाली दल का प्रदर्शन : इन चुनावों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) चौथे नंबर की पार्टी बनकर रह गई है, जिससे संकेत मिलते हैं कि उसका शहरी कोर वोट बैंक भी खिसक गया है। वहीं, शिरोमणि अकाली दल (SAD) की स्थिति में भी कोई खास सुधार नहीं दिखा है और वह तीसरे नंबर की लड़ाई लड़ रही है। कांग्रेस ने कपूरथला नगर निगम में बहुमत हासिल कर अपनी मौजूदगी दर्ज कराई है।

