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केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने TOFEI ऐप के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया। यह तंबाकू और निकोटीन की लत के विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिणामों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने देखा है कि तंबाकू और निकोटीन उत्पादों को अक्सर इस तरह से डिजाइन और विपणन किया जाता है जिससे विशेषकर युवाओं को लुभाने के लिए वे आकर्षक लगें। इसके लिए आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, अप्रत्यक्ष विज्ञापन और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले चित्रण का उपयोग किया जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसी रणनीतियां तंबाकू और निकोटीन के सेवन के बारे में गलत धारणा पैदा कर सकती हैं और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर बल दिया ताकि वे जागरूक रहें, सतर्क रहें और तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन को अस्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इस वर्ष का विषय, “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन”, अर्थात निकोटीन और तंबाकू की लत को छुड़ाने की अपील का व्यापक स्तर पर प्रसार रणनीति। यह विषय युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत के हानिकारक प्रभावों से बचाने के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

TOFEI एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू मुक्त मानदंडों के कार्यान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यक्रम अधिकारियों को मानकीकृत निगरानी, ​​रिपोर्टिंग और अनुपालन मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से सहयोग मिलने की आशा है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों और किशोरों के लिए स्वस्थ, तंबाकू मुक्त वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

WNTD 2026 का आयोजन WHO द्वारा घोषित विषय “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन” के अनुरूप है। यह अभियान तंबाकू और निकोटीन उद्योगों द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न रणनीतियों पर ध्यान आकर्षित करता है, जिनमें आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और भ्रामक उत्पाद प्रचार शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान “तंबाकू निषेध की शपथ” दिलाई गई, जिसमें तंबाकू मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने NTCP वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन “तंबाकू निषेध की शपथ” की सुविधा भी उपलब्ध कराई है और सहयोगी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों को इस शपथ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने TOFEI ऐप के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया

दिल्ली / सत्ता संदेश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस के अवसर पर, पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कर्तव्य भवन में राष्ट्रीय तंबाकू नियंत्रण कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित एक राष्ट्रीय कार्यक्रम में तंबाकू मुक्त शैक्षणिक संस्थान एप्लिकेशन के पायलट संस्करण का शुभारंभ किया। यह तंबाकू और निकोटीन की लत के विनाशकारी स्वास्थ्य, सामाजिक, आर्थिक और पर्यावरणीय परिणामों से वर्तमान और भविष्य की पीढ़ियों की रक्षा के प्रति भारत की दृढ़ प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

उन्होंने देखा है कि तंबाकू और निकोटीन उत्पादों को अक्सर इस तरह से डिजाइन और विपणन किया जाता है जिससे विशेषकर युवाओं को लुभाने के लिए वे आकर्षक लगें। इसके लिए आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, अप्रत्यक्ष विज्ञापन और सोशल मीडिया एवं डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दिखाए जाने वाले चित्रण का उपयोग किया जाता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि ऐसी रणनीतियां तंबाकू और निकोटीन के सेवन के बारे में गलत धारणा पैदा कर सकती हैं और युवाओं में जागरूकता बढ़ाने के महत्व पर बल दिया ताकि वे जागरूक रहें, सतर्क रहें और तंबाकू एवं निकोटीन के सेवन को अस्वीकार करने के लिए प्रतिबद्ध हों।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने इस अवसर पर अपने संबोधन में कहा कि विश्व तंबाकू निषेध दिवस का इस वर्ष का विषय, “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन”, अर्थात निकोटीन और तंबाकू की लत को छुड़ाने की अपील का व्यापक स्तर पर प्रसार रणनीति। यह विषय युवाओं और आने वाली पीढ़ियों को तंबाकू और निकोटीन की लत के हानिकारक प्रभावों से बचाने के संदर्भ में विशेष रूप से प्रासंगिक है।

TOFEI एक डिजिटल पहल है जिसका उद्देश्य देश भर के स्कूलों और कॉलेजों में तंबाकू मुक्त मानदंडों के कार्यान्वयन और निगरानी को मजबूत करना है। इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों, शैक्षणिक संस्थानों और कार्यक्रम अधिकारियों को मानकीकृत निगरानी, ​​रिपोर्टिंग और अनुपालन मूल्यांकन तंत्र के माध्यम से सहयोग मिलने की आशा है, जिससे जवाबदेही बढ़ेगी और बच्चों और किशोरों के लिए स्वस्थ, तंबाकू मुक्त वातावरण को बढ़ावा मिलेगा।

WNTD 2026 का आयोजन WHO द्वारा घोषित विषय “अनमास्किंग द अपील- काउंटरिंग निकोटीन एंड टुबैको अडिक्शन” के अनुरूप है। यह अभियान तंबाकू और निकोटीन उद्योगों द्वारा युवाओं को लुभाने के लिए अपनाई जा रही विभिन्न रणनीतियों पर ध्यान आकर्षित करता है, जिनमें आकर्षक स्वाद, पैकेजिंग, डिजिटल मार्केटिंग और भ्रामक उत्पाद प्रचार शामिल हैं।

इस कार्यक्रम के दौरान “तंबाकू निषेध की शपथ” दिलाई गई, जिसमें तंबाकू मुक्त और स्वस्थ भारत के निर्माण की दिशा में सामूहिक प्रतिबद्धता की पुष्टि की गई। स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने NTCP वेबसाइट के माध्यम से ऑनलाइन “तंबाकू निषेध की शपथ” की सुविधा भी उपलब्ध कराई है और सहयोगी मंत्रालयों, राज्यों, केंद्र शासित प्रदेशों और हितधारकों को इस शपथ का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और अधिकतम भागीदारी को प्रोत्साहित करने के लिए प्रेरित किया है।

जेपी नड्डा चंडीगढ़ में 10वें राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिखर सम्मेलन का करेंगे उद्घाटन

चंडीगढ़/सत्ता संदेश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों में बेहतर और अनुकरणीय प्रथाओं तथा नवाचारों पर 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन का आयोजन 30 अप्रैल से 1 मई तक चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा।


इस शिखर सम्मेलन का उद्घाटन केंद्रीय स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री जेपी नड्डा और हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और राज्य की स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री आरती सिंह राव की मौजूदगी में किया जाएगा।


इस कार्यक्रम में अतिरिक्त मुख्य सचिव और प्रधान सचिव, मिशन निदेशक, राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्रबंधन के अंतर्गत राज्य/केंद्र शासित प्रदेश के वरिष्ठ नोडल अधिकारी और स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी भी भाग लेंगे।


राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन, स्वास्थ्य मंत्रालय की एक प्रमुख पहल है जिसका उद्देश्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों द्वारा विभिन्न सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए अपनाई गई नवोन्मेषी और प्रभावशाली पद्धतियों को प्रदर्शित करना, मान्यता देना और उनका दस्तावेजीकरण करना है। यह आपसी ज्ञानवर्धन के लिए एक मंच के रूप में भी कार्य करता है और देश भर में सफल और व्यापक रूप से लागू किए जा सकते है। और आने वाले मॉडलों के अनुकरण को सुगम बनाता है। वार्षिक शिखर सम्मेलन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण और प्रौद्योगिकी क्षेत्रों में नवोन्मेषी, साक्ष्य-आधारित और परिणाम-उन्मुख कार्यक्रमों को प्रस्तुत करने का एक मूल्यवान अवसर प्रदान करता है, जिनसे स्वास्थ्य परिणामों में उल्लेखनीय सुधार हुए हैं।


2013 में अपनी स्थापना के बाद से, इस पहल ने सार्वजनिक स्वास्थ्य सेवा वितरण में अनुभवों और नवाचारों को साझा करने के लिए राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को एक साथ लाया है। शिखर सम्मेलन का 9वां संस्करण मार्च 2025 में पुरी में आयोजित किया गया था।


मौजूदा वर्ष के लिए, 10वें राष्ट्रीय शिखर सम्मेलन की प्रक्रिया अप्रैल 2025 में शुरू हुई। राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य सेवा नवाचार के माध्यम से अपनी सर्वोत्तम कार्यप्रणालियों और नवाचारों को प्रस्तुत किया। सभी प्रस्तुतियां मंत्रालय के संबंधित कार्यक्रम प्रभागों द्वारा सावधानीपूर्वक मूल्यांकन और अंक प्रदान किए गए। इन मूल्यांकनों के आधार पर, कार्यक्रम प्रभागों से प्राप्त सुझावों और राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के सहायक एवं निदेशक मंडल की अध्यक्षता में विस्तृत समीक्षा के बाद शिखर सम्मेलन के लिए कुल 13 मौखिक प्रस्तुतियां और 32 पोस्टर प्रस्तुतियां चयनित की गई हैं।


प्रस्तुतियों के अलावा, शिखर सम्मेलन में नवंबर 2025 में 17 राज्यों में आयोजित 17वें संयुक्त समीक्षा मिशन की रिपोर्ट का प्रसार भी किया जाएगा। इस कार्य के लिए, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधिकारियों, अन्य मंत्रालयों के प्रतिनिधियों, सार्वजनिक स्वास्थ्य विशेषज्ञों, नागरिक समाज संगठनों, विकास भागीदारों और मंत्रालय के सलाहकारों से युक्त 17 बहु-विषयक टीमों का गठन किया गया था। सीआरएम के निष्कर्ष सार्वजनिक स्वास्थ्य प्रणालियों के कामकाज में महत्वपूर्ण अंतर्दृष्टि प्रदान करते हैं और भविष्य की नीति एवं कार्यक्रम संबंधी हस्तक्षेपों को दिशा देने में सहायक होंगे।


इस शिखर सम्मेलन में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवा को मजबूत करने, डिजिटल स्वास्थ्य नवाचारों और सेवा वितरण प्रणालियों में सुधार जैसे प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर केंद्रित पूर्ण सत्र, विषयगत चर्चाएं और प्रदर्शनियां होंगी। ये प्रयास आयुष्मान भारत और आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन जैसी प्रमुख पहलों के अनुरूप हैं।