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PM Modi Meeting: राज्य मंत्रियों के साथ 3 घंटे चली बैठक, योजनाओं के लाभ पर जोर

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार को एक दर्जन से अधिक राज्य मंत्रियों और स्वतंत्र प्रभार वाले मंत्रियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। प्रधानमंत्री कार्यालय सेवा तीर्थ में हुई यह बैठक तीन घंटे से अधिक समय तक चली। बैठक में विभिन्न मंत्रालयों में किए गए सुधारों, नई पहलों और अब तक की प्रगति का मंत्रियों ने प्रधानमंत्री के सामने विस्तृत ब्यौरा रखा।

सूत्रों के मुताबिक, बैठक के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने मंत्रालयों के कामकाज में समयबद्धता, गुणवत्ता और पारदर्शिता को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने मंत्रियों से कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं और परियोजनाओं को तय समयसीमा के भीतर पूरा किया जाए और उनके क्रियान्वयन में गुणवत्ता से किसी भी तरह का समझौता न हो।

योजनाओं का लाभ लाभार्थियों तक पहुंचाने पर जोर

प्रधानमंत्री मोदी ने राज्य मंत्रियों से विशेष रूप से कहा कि केंद्र सरकार की योजनाओं का वास्तविक लाभ निर्धारित लाभार्थियों तक पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य तभी पूरा होगा, जब उनका सीधा फायदा लक्षित वर्ग तक पहुंचे।

सूत्रों के अनुसार, प्रधानमंत्री ने मंत्रियों को योजनाओं की जमीनी स्थिति पर लगातार नजर रखने और उनके प्रभाव का आकलन करने पर भी जोर दिया। बैठक में प्रशासनिक कामकाज को अधिक प्रभावी और परिणाम आधारित बनाने पर चर्चा हुई।

कैबिनेट मंत्री और शीर्ष नौकरशाह बैठक में नहीं थे

यह बैठक अपने स्वरूप को लेकर भी महत्वपूर्ण रही। सूत्रों के मुताबिक, यह अपनी तरह की पहली बैठक थी जिसमें किसी कैबिनेट मंत्री या शीर्ष नौकरशाह को शामिल नहीं किया गया। बैठक में केवल राज्य मंत्री और स्वतंत्र प्रभार वाले राज्य मंत्री मौजूद रहे।

जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री के साथ राज्य मंत्रियों की बैठकों का यह पहला दौर था। इसमें कृषि, शिक्षा, ग्रामीण विकास और सामाजिक न्याय जैसे महत्वपूर्ण विभागों से जुड़े राज्य मंत्री शामिल हुए।

सचिवों के साथ बैठकों के बाद मंत्रियों से संवाद

प्रधानमंत्री मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ यह बैठक हाल ही में सचिवों के अलग-अलग एम्पावर्ड ग्रुप के साथ हुई बैठकों के बाद हुई है। इन बैठकों में सुशासन, सुरक्षा, कृषि, ग्रामीण विकास और इंफ्रास्ट्रक्चर जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गई थी।

माना जा रहा है कि राज्य मंत्रियों के साथ बैठक का उद्देश्य मंत्रालयों की योजनाओं और कार्यक्रमों की प्रगति की समीक्षा के साथ-साथ उनके प्रभावी क्रियान्वयन को और मजबूत करना था।

गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर PM मोदी

बैठक के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी मंगलवार को गुजरात और महाराष्ट्र के दौरे पर रहेंगे। इस दौरान वह 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे।

आधिकारिक जानकारी के अनुसार, प्रधानमंत्री सबसे पहले गुजरात के वडोदरा पहुंचेंगे। यहां वह कई विकास परियोजनाओं की आधारशिला रखेंगे, विभिन्न परियोजनाओं का उद्घाटन करेंगे और उन्हें राष्ट्र को समर्पित करेंगे। इस दौरान वह एक जनसभा को भी संबोधित करेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर अपने कार्यक्रम की जानकारी देते हुए कहा कि वह वडोदरा, नवसारी और मुंबई में आयोजित विभिन्न कार्यक्रमों में शामिल होंगे। इन कार्यक्रमों में 35,000 करोड़ रुपये से अधिक की महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास शामिल है।

पश्चिमी डीएफसी के तीन प्रमुख सेक्शन होंगे राष्ट्र को समर्पित

प्रधानमंत्री के दौरे के दौरान पश्चिमी समर्पित माल ढुलाई गलियारे (Western Dedicated Freight Corridor) के तीन प्रमुख खंड भी देश को समर्पित किए जाएंगे। प्रधानमंत्री ने कहा कि इन परियोजनाओं से देश के लॉजिस्टिक्स क्षेत्र को बड़ा बढ़ावा मिलेगा।

इसके अलावा प्रधानमंत्री मुंबई में आयोजित होने वाले ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026 में भी शामिल होंगे। यहां वह वित्तीय प्रौद्योगिकी और इससे जुड़े क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका पर अपने विचार रख सकते हैं।

प्रधानमंत्री मोदी की राज्य मंत्रियों के साथ हुई बैठक और इसके बाद गुजरात-महाराष्ट्र दौरे को सरकार के कामकाज में गति, योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स पर सरकार के फोकस के तौर पर देखा जा रहा है।

PM मोदी का गुजरात दौरा: सोमनाथ में ‘विरासत’ और राजकोट में ‘विकास’ का शानदार संगम

नेशनल डेस्क: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने तीन दिन (10 से 12 जनवरी) के गुजरात दौरे में देश को ‘विकास भी, विरासत भी’ का मज़बूत मैसेज दिया है। दौरे की शुरुआत सोमनाथ मंदिर के दर्शन से हुई, जिसके बाद उन्होंने राजकोट में इंडस्ट्रियल तरक्की का नया ब्लूप्रिंट पेश किया।

1. सोमनाथ स्वाभिमान पर्व और शौर्य यात्रा

प्रधानमंत्री ने साल 1026 में महमूद ग़ज़नवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर हमले की 1,000वीं बरसी मनाने के लिए आयोजित ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में हिस्सा लिया।

शौर्य यात्रा: रविवार सुबह उन्होंने एक किलोमीटर लंबी ‘शौर्य यात्रा’ को लीड किया, जिसमें 108 घोड़ों का एक सिंबॉलिक जुलूस निकाला गया। इस दौरान खुद PM मोदी ने डमरू और ‘चेंडा’ (पारंपरिक ढोल) बजाकर भक्तों का उत्साह बढ़ाया।खास पूजा: उन्होंने ज्योतिर्लिंग पर करीब 30 मिनट तक जल, फूल और पंचामृत से खास पूजा की।

ड्रोन शो: शनिवार रात को उन्होंने 3,000 ड्रोन के ज़रिए दिखाई गई सोमनाथ की गौरव गाथा देखी, जिसमें सरदार पटेल, अहिल्याबाई होल्कर और भगवान शिव की आकृतियाँ बनाई गई थीं।

2. PM मोदी का संबोधन: “सोमनाथ तबाही का नहीं, बल्कि फिर से बनाने का इतिहास है”सोमनाथ में इकट्ठा हुए लोगों को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा कि हमलावरों ने सोमनाथ को खत्म करने की कोशिश की, लेकिन वे यह नहीं समझ पाए कि सोमनाथ का मतलब ‘अमृत’ है जो हमेशा अमर रहता है। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का इतिहास हार का नहीं, बल्कि जीत और फिर से बनाने का प्रतीक है। उन्होंने यह भी कहा कि 1951 में मंदिर के फिर से बनने के भी 75 साल पूरे हो रहे हैं।

3. राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल समिट

धार्मिक कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री राजकोट पहुँचे, जहाँ उन्होंने रीजनल वाइब्रेंट गुजरात समिट का उद्घाटन किया।

इंडस्ट्रियल हब: PM ने अमरेली, जामनगर, कच्छ और राजकोट समेत अलग-अलग जिलों में 3,540 एकड़ में फैले 13 नए स्मार्ट इंडस्ट्रियल एस्टेट की घोषणा की।

तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी: उन्होंने भरोसा जताया कि भारत तेज़ी से दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकॉनमी बनने की ओर बढ़ रहा है।

इंटरनेशनल पार्टनरशिप: इस समिट में US और यूरोप समेत 16 देशों के 110 से ज़्यादा खरीदार हिस्सा ले रहे हैं और 1,500 से ज़्यादा MoU साइन होने की उम्मीद है।

4. अगला प्रोग्राम (12 जनवरी)

अपने दौरे के आखिरी दिन, प्रधानमंत्री जर्मनी के चांसलर से मिलेंगे। दोनों नेता मिलकर अहमदाबाद में इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल का उद्घाटन करेंगे और साबरमती आश्रम जाएंगे। इसके अलावा, PM मोदी अहमदाबाद से गांधीनगर (महात्मा मंदिर) तक नए मेट्रो सेक्शन का भी उद्घाटन करेंगे।