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लुधियाना : CBI रेड के विरोध में AAP का प्रदर्शन, BJP ऑफिस के बाहर जमकर नारेबाजी

लुधियाना / सत्ता संदेश

दिनांक: 7 अक्टूबर 2026

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD और उनसे जुड़े लोगों के ठिकानों पर हुई CBI की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बुधवार को लुधियाना में BJP कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन दाना मंडी, अरोड़ा पैलेस के पास स्थित BJP कार्यालय के बाहर किया गया।

प्रदर्शन में AAP जिला इंचार्ज जतिंदर सिंह खंगूरा, विधायक अशोक पराशर पप्पी, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, कुलवंत सिंह सिद्धू, जीवन सिंह संगोवाल, हाकम सिंह ठेकेदार, लोकसभा इंचार्ज शरणपाल सिंह मक्कड़ और चेयरमैन हेमराज राजी समेत बड़ी संख्या में पार्टी नेता, कार्यकर्ता और वॉलंटियर शामिल हुए।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने BJP कार्यालय के आसपास बैरिकेडिंग कर सुरक्षा बढ़ा दी थी। AAP नेताओं ने CBI की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और BJP पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल पंजाब में राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।

AAP नेताओं ने कहा कि BJP पंजाबियों को डराकर आगामी विधानसभा चुनाव नहीं जीत सकती। उन्होंने आरोप लगाया कि CBI की कार्रवाई का उद्देश्य मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनकी सरकार की छवि को नुकसान पहुंचाना है। मुख्यमंत्री भगवंत मान ने भी CBI कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे चुनाव से पहले केंद्रीय एजेंसियों के इस्तेमाल से जोड़कर देखा है।

प्रदर्शन के दौरान AAP कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और BJP के खिलाफ नारेबाजी की। दूसरी ओर, BJP कार्यकर्ताओं ने भी विरोध जताते हुए मुख्यमंत्री भगवंत मान का पुतला जलाया। पुलिस ने दोनों पक्षों के प्रदर्शन को देखते हुए इलाके में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखी।

CBI की कार्रवाई को लेकर पंजाब में AAP और BJP के बीच राजनीतिक टकराव और तेज हो गया है। CBI की जांच मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुमन और अन्य लोगों से जुड़े कथित भ्रष्टाचार के मामले में हो रही है, जबकि AAP इस कार्रवाई को राजनीतिक दबाव बता रही है।

रेगुलर DGP की नियुक्ति को लेकर सुखबीर बादल का बयान, बोले- पंजाब के लिए स्थायी पुलिस प्रमुख जरूरी

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट की ओर से राज्य में नियमित DGP की नियुक्ति को लेकर पंजाब सरकार को उचित निर्णय लेने के निर्देश दिए जाने के बाद शिरोमणि अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रतिक्रिया दी है। हाईकोर्ट ने 2 अक्टूबर को कहा था कि DGP के पद पर तदर्थ व्यवस्था को अनिश्चितकाल तक जारी नहीं रखा जा सकता और सरकार को इस संबंध में उचित निर्णय लेकर 13 अक्टूबर तक जानकारी देने को कहा है।

सुखबीर बादल ने कहा कि यह अच्छी बात है कि हाईकोर्ट के आदेश के बाद पंजाब में नियमित DGP की नियुक्ति का रास्ता साफ हो रहा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी सरकार पर पिछले चार वर्षों में नियमित DGP नियुक्त नहीं करने का आरोप लगाया।

बादल ने आरोप लगाया कि सरकार की ओर से पुलिस अधिकारियों पर दबाव रखा जाता था और अधिकारियों को उनकी पसंद के अनुसार काम करने की स्थिति में ही अस्थायी तौर पर पद पर बनाए रखने की बात कही जाती थी। ये आरोप सुखबीर बादल के राजनीतिक बयान हैं; इनकी स्वतंत्र पुष्टि इस रिपोर्ट में नहीं हुई है।

उन्होंने कहा कि पंजाब में पुलिस व्यवस्था के लिए एक स्थायी DGP जरूरी है।

महंगाई और फसलों के दाम पर अकाली दल की चिंता

चंडीगढ़ में अकाली दल की प्रेस कॉन्फ्रेंस में वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने महंगाई और किसानों को फसलों के कम दाम मिलने का मुद्दा उठाया। पार्टी ने गेहूं के दाम में किए गए 25 रुपये के इजाफे को अपर्याप्त बताते हुए केंद्र सरकार से फसलों की कीमतों पर दोबारा विचार करने की मांग की।

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप ने हलका इंचार्जों के साथ बैठक कर आगामी कार्यक्रमों और संगठन को मजबूत करने पर चर्चा की।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

अकाली दल के मुताबिक, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा और लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों तथा प्राथमिकताओं पर सुझाव लिए जाएंगे। पार्टी का कहना है कि जनता से मिलने वाले सुझावों को चुनावी घोषणा पत्र में शामिल किया जाएगा।

पार्टी ने 1 नवंबर को चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। वहीं, 10 नवंबर से सुखबीर सिंह बादल की राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करने की बात कही गई है।

हरसिमरत कौर बादल के अभियान का अगला चरण

अकाली दल के अनुसार, हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को मुक्तसर साहिब से ‘मावां दियां ललकार—बंद करो नशे का व्यापार’ अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। इसके अलावा 8 दिसंबर को पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी रैली आयोजित करने की घोषणा की गई है।

पार्टी ने बनाई लीगल कमेटी

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अकाली दल ने पंजाब सरकार पर पार्टी और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर चरित्र हनन और गलत प्रचार करने का आरोप लगाया। पार्टी ने कहा कि ऐसे मामलों में कानूनी कार्रवाई के लिए वरिष्ठ वकीलों की लीगल कमेटी बनाई गई है। डॉ. चीमा के मुताबिक जिला स्तर पर भी कानूनी कमेटियां गठित की जाएंगी।

चंडीगढ़ : अकाली दल ने महंगाई और फसलों के दाम पर जताई चिंता, चुनावी कार्यक्रमों का ऐलान

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

शिरोमणि अकाली दल ने बढ़ती महंगाई और किसानों को फसलों के अपेक्षित दाम नहीं मिलने का मुद्दा उठाते हुए केंद्र सरकार से गेहूं के न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) में किए गए 25 रुपये के इजाफे पर पुनर्विचार करने की मांग की है। पार्टी के वरिष्ठ नेता बलविंदर सिंह भूंदड़ और डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान यह जानकारी दी। पार्टी के अनुसार, गेहूं का MSP 25 रुपये बढ़ाकर 2,610 रुपये प्रति क्विंटल किया गया है।

6 अक्टूबर से डोर-टू-डोर अभियान

डॉ. दलजीत सिंह चीमा ने बताया कि पार्टी की वरिष्ठ लीडरशिप और हलका इंचार्जों के साथ बैठक में आगामी कार्यक्रमों और संगठनात्मक गतिविधियों पर चर्चा की गई।

अकाली दल के अनुसार, 6 अक्टूबर से अटारी से डोर-टू-डोर अभियान शुरू किया जाएगा। यह अभियान पंजाब के सभी विधानसभा क्षेत्रों में चलाया जाएगा। पार्टी का कहना है कि इस दौरान लोगों से उनके प्रमुख मुद्दों और प्राथमिकताओं को लेकर सुझाव लिए जाएंगे, जिन्हें चुनावी घोषणा पत्र तैयार करने में शामिल किया जाएगा। यह अभियान 25 अक्टूबर तक चलाने की योजना है।

1 नवंबर को जारी होगा चुनावी घोषणा पत्र

अकाली दल ने 1 नवंबर को अपना चुनावी घोषणा पत्र जारी करने की घोषणा की है। पार्टी के मुताबिक, घोषणा पत्र तैयार करने के लिए अनुसूचित जाति और पिछड़ा वर्ग विंग के साथ बैठकें की जा चुकी हैं। अब किसानों, व्यापारियों, युवाओं और सरकारी कर्मचारियों से भी सुझाव लिए जाएंगे।

वहीं, पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल 10 नवंबर से तलवंडी साबो से राज्यव्यापी बस यात्रा शुरू करेंगे। पार्टी के अनुसार, इस दौरान वह रोजाना दो से तीन विधानसभा क्षेत्रों को कवर करेंगे।

5 अक्टूबर से हरसिमरत कौर बादल का अभियान

पार्टी ने बताया कि सांसद हरसिमरत कौर बादल 5 अक्टूबर को श्री मुक्तसर साहिब से महिला केंद्रित नशा विरोधी अभियान के दूसरे चरण की शुरुआत करेंगी। अभियान का नारा ‘मावां-दियां ललकार, बंद करो नशा दा व्यापार’ रखा गया है और पार्टी के अनुसार इसे पंजाब के घर-घर तक पहुंचाने की योजना है।

8 दिसंबर को मोगा में रैली

अकाली दल के अनुसार, पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के जन्मदिवस के अवसर पर 8 दिसंबर को मोगा के नजदीक किली चहलां में बड़ी जनसभा आयोजित की जाएगी।

प्रेस कॉन्फ्रेंस में पार्टी ने पंजाब सरकार पर अकाली दल और उसके नेताओं के खिलाफ कथित तौर पर गलत और मानहानिकारक प्रचार करने का आरोप भी लगाया। डॉ. चीमा ने बताया कि ऐसे मामलों की निगरानी और कानूनी कार्रवाई के लिए पार्टी ने वकीलों की एक कमेटी गठित की है। उपलब्ध रिपोर्टों में इस कमेटी की संख्या 10 सदस्य बताई गई है।

सचिन पायलट के पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनने पर औजला का बड़ा बयान, 2027 में सरकार बनाने का दावा

अमृतसर सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस प्रभारी बनाए जाने पर बधाई दी। औजला ने कहा कि पायलट के अनुभव से संगठन मजबूत होगा और कांग्रेस 2027 में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ चुनाव लड़ेगी।

अमृतसर / सत्ता संदेश

पंजाब कांग्रेस प्रभारी भूपेश बघेल को पद से हटाए जाने और राजस्थान के वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट को पंजाब कांग्रेस का नया प्रभारी बनाए जाने के बाद पार्टी नेताओं की प्रतिक्रियाएं सामने आने लगी हैं। अमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत सिंह औजला ने सचिन पायलट को नई जिम्मेदारी मिलने पर बधाई दी और उम्मीद जताई कि उनके अनुभव से पंजाब में कांग्रेस संगठन को नई मजबूती मिलेगी।

मीडिया से बातचीत के दौरान औजला ने कहा कि पंजाब देश का एक महत्वपूर्ण राज्य है और सचिन पायलट का राजनीतिक एवं संगठनात्मक अनुभव कांग्रेस के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकता है। उन्होंने कहा कि पायलट को संगठन में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाने के साथ-साथ बड़े राज्य में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष के तौर पर काम करने का भी अनुभव है।

युवाओं को पार्टी से जोड़ने पर जोर

गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि मौजूदा राजनीतिक दौर में कांग्रेस को ऐसे नेताओं की जरूरत है जो युवाओं के साथ संवाद स्थापित कर सकें और उनकी सोच को समझ सकें। उन्होंने कहा कि सचिन पायलट युवा होने के साथ-साथ अनुभवी नेता भी हैं।

औजला ने उम्मीद जताई कि सचिन पायलट अपनी नई सोच और अनुभव के जरिए पंजाब कांग्रेस के संगठन को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर बड़ा दावा

2027 में होने वाले पंजाब विधानसभा चुनावों को लेकर औजला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी पूरी एकजुटता के साथ चुनाव मैदान में उतरेगी। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम कर रही है।

उन्होंने कहा कि पार्टी का मुख्य फोकस पंजाब से जुड़े मुद्दों को मजबूती के साथ जनता के सामने रखना और संगठन को जमीनी स्तर पर मजबूत करना होगा। कार्यकर्ताओं को भी लोगों के बीच जाकर उनके मुद्दे उठाने के लिए तैयार किया जाएगा।

कांग्रेस में मतभेद के सवाल पर क्या बोले औजला?

कांग्रेस के अंदर कथित मतभेदों को लेकर पूछे गए सवाल पर गुरजीत सिंह औजला ने कहा कि सचिन पायलट की नियुक्ति का पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने स्वागत किया है। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राजा वड़िंग समेत अन्य वरिष्ठ नेताओं ने भी नए प्रभारी का स्वागत किया है।

औजला ने कहा कि इससे संकेत मिलता है कि कांग्रेस की लीडरशिप सचिन पायलट के साथ मिलकर संगठन को मजबूत करने के लिए काम करने को तैयार है।

राहुल गांधी के पंजाब दौरे की तैयारी

गुरजीत सिंह औजला ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के प्रस्तावित पंजाब दौरे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि राहुल गांधी जल्द पंजाब आने वाले हैं और इस दौरान कांग्रेस की पूरी लीडरशिप उनके कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से हिस्सा लेगी।

औजला के मुताबिक, राहुल गांधी के दौरे के दौरान पंजाब से जुड़े प्रमुख मुद्दों को उठाने के लिए पार्टी स्तर पर एक सूची तैयार की जा रही है। उन्होंने कहा कि यह सूची लगभग तैयार है और अगले एक-दो दिनों में इसे अंतिम रूप दे दिया जाएगा।

उन्होंने कहा कि राहुल गांधी के पंजाब दौरे के दौरान किन मुद्दों को प्राथमिकता दी जाएगी और जनता के साथ किस तरह संवाद किया जाएगा, इसकी जानकारी पार्टी की ओर से जल्द स्पष्ट की जाएगी।

औजला ने कहा कि सचिन पायलट का अनुभव, कांग्रेस की एकजुटता और राहुल गांधी का पंजाब दौरा पार्टी की चुनावी तैयारियों को नई दिशा दे सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि कांग्रेस एकजुट होकर जनता के बीच जाएगी और 2027 में पंजाब में सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ काम करेगी।

Punjab: 75 विधानसभा सीटों पर बदला सियासी समीकरण, 20 लाख से ज्यादा वोटरों के कटे नाम

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब में विधानसभा चुनाव से ठीक पहले सामने आई स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) की ड्राफ्ट सूची के काफी रोचक आंकड़े सामने आए हैं. पंजाब में SIR की ड्राफ्ट सूची जारी होते ही राजनीतिक तौर पर चुनावी समीकरण बदल सकते हैं. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों का विश्लेषण करें तो इसका ज्यादा असर राज्य की 117 में से 75 विधानसभा सीटों के नतीजों पर पड़ सकता है.

SIR के दौरान जिन 6 बड़े जिलों में सबसे ज्यादा वोट काटे गए हैं, वहां कुल 52 विधानसभा सीटें हैं. जिनमें सबसे ज्यादा 39 AAP, कांग्रेस 11 व अकाली दल के पास 2 सीटें हैं. बीजेपी को यहां 2022 विधानसभा चुनाव में कोई सीट नहीं मिली थी.

चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम

इन 52 सीटों पर औसतन हर सीट पर लगभग 20000 से 35000 वोटों का फेरबदल हुआ है. पंजाब में पिछले चुनावों के दौरान कई सीटों पर हार-जीत का अंतर 2 हजार से 8 हजार वोटों के बीच रहा था. ऐसे में इतनी बड़ी संख्या में वोटों की छंटनी से आगामी चुनाव में हार-जीत का अंतर बेहद कम और मुकाबला काफी दिलचस्प हो जाएगा.

इनमें 11 सीटें ऐसी हैं, जहां हार-जीत का अंतर 10 हजार से कम रहा था. वहीं पंजाब में 35 विधानसभा सीटें ऐसी हैं, जहां पिछले चुनाव में हार-जीत का अंतर 10 हजार वोट से कम रहा था. SIR में कटे वोटों के आंकड़ों के मुताबिक, राज्य की हर विधानसभा सीट पर औसत निकाला जाए तो औसतन हर विधानसभा सीट पर करीब 17,500 वोट काटे गए हैं.

दूसरी जगह शिफ्ट हो गए 10 लाख वोट

ये संख्या कई सीटों पर हार-जीत के अंतर से ज्यादा है. ऐसे में इन वोटों के सूची से बाहर होने से विधानसभा सीटों का चुनावी समीकरण बदल सकता है. SIR में काटे गए 20.66 लाख वोटों में करीब 10 लाख वोट ऐसे हैं, जो दूसरी जगह शिफ्ट हो गए हैं. इनमें बड़ी संख्या उन वोटर्स की है, जो दूसरे राज्यों से पंजाब आए थे. उनके राज्यों में SIR होने के बाद उन्होंने वहां अपना वोट रजिस्टर्ड करा लिया.

शहरी सीटों का बदल जाएगा चुनावी गणित

लुधियाना, जालंधर और मोहाली जैसे औद्योगिक और व्यावसायिक केंद्रों में बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और किराए पर रहने वाले लोग बसते हैं. पते में बदलाव, कम टाइम के लिए रहना और जरूरी कागजात ना होने के कारण इनके नाम मतदाता सूची से बड़ी संख्या में हटे हैं. इससे उन शहरी सीटों का पूरा चुनावी गणित बदल जाएगा, जहां ये प्रवासी वर्ग निर्णायक भूमिका निभाता रहा है.

बड़ी संख्या में विदेश पलायन कर चुके युवा

अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर जैसे जिलों से बड़ी संख्या में युवा विदेश पलायन कर चुके हैं, लेकिन उनके नाम कागजों में दर्ज थे. अनुपस्थित या स्थानांतरित श्रेणी के तहत ऐसे फर्जी और डुप्लीकेट वोटों के हटने से अब वास्तविक वोटरों की संख्या ही उम्मीदवारों की किस्मत का फैसला करेगी. जिन राजनीतिक दलों का वोट बैंक असंगठित क्षेत्र के मजदूरों, अस्थायी प्रवासी मजदूरों, निवासियों या युवाओं पर टिका था, उन्हें अब नए सिरे से अपनी रणनीति बनानी होगी.

पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय

विधानसभा चुनाव 2022 में पूरे राज्य में 35 सीटें ऐसी थी, जहां पर हार जीत का अंतर 500 से लेकर 9,900 वोटों के बीच था. SIR के तहत इन सीटों पर औसतन 15 हजार से 30 हजार तक वोट कटे या पेंडिंग हैं. कटने वाले वोटों की संख्या जीत के अंतर से दोगुनी या तीन गुनी हो जाती है, तो पिछली जीत का सारा समीकरण बिगड़ना तय है. इनमें से ज्यादातर सीटों पर आम आदमी पार्टी ने जीत हासिल की थी.

इन 35 में से कई सीटें शहरी या सेमी-अर्बन इलाकों में आती हैं, जहां दूसरे राज्यों से आए मजदूर वर्ग के लोग हैं. उनमें से ज्यादातर लोगों के वोट अपने गृह राज्य में बने हैं. इसलिए उन्होंने यहां अपने वोट कटवा दिए. इसके अलावा उनके दस्तावेज पूरे न होने या पते में बदलाव के कारण इस वर्ग के सबसे ज्यादा वोट कटे हैं. जो दल या प्रत्याशी इस अस्थायी वर्ग पर निर्भर थे, उनके सभी समीकरण बिगड़ सकतें हैं.

कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम कटे

चुनाव आयोग द्वारा हाल ही में जारी की गई पंजाब की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन SIR की ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के अनुसार, राज्य में कुल 20.66 लाख मतदाताओं के नाम काटे गए हैं (जो कुल वोटर्स का लगभग 9.63% है).

  • इस छंटनी के बाद पंजाब में मतदाताओं की कुल संख्या 2.14 करोड़ से घटकर 1.93 करोड़ रह गई है.
  • स्थायी रूप से शिफ्ट हुए: 9,44,131 मतदाता (4.40%) दूसरे स्थानों या राज्यों में चले गए.
  • मृतक: 5,74,568 मतदाता (2.68%) मृत पाए गए.
  • लापता/पता नहीं चला: 4,12,715 मतदाता (1.92%) घर पर नहीं मिले.
  • फर्जी/एक से अधिक जगह नाम: 1,19,145 मतदाता (0.56%) डबल एंट्री वाले थे.
  • लुधियाना, जालंधर और मोहाली (साहिबजादा अजीत सिंह नगर) में प्रवासी मजदूरों और किराएदारों की संख्या अधिक होने के कारण, दस्तावेजों की कमी या पते बदलने से सबसे ज्यादा वोट कटे हैं.
  • अमृतसर, जालंधर, पटियाला और गुरदासपुर – इन जिलों से भारी संख्या में युवाओं का विदेश में पलायन हो चुका है, जिससे अनुपस्थित पाए जाने पर हजारों नाम सूची से हटाए गए हैं.
  • अकेले बठिंडा जिले में कुल 10,53,091 वोटर्स में से 65,072 मतदाताओं को ASDD कैटेगरी में डालकर सूची से बाहर किया गया है.
  • बड़ी बात ये है कि जिन सीटों पर ज्यादा वोट कटे हैं वो शहरी सीटें हैं और यहां पर प्रवासी वोट बैंक बड़ी संख्या में हैं और उनके ही ज्यादातर वोट कटने की बात सामने आ रही है.
केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए करेगी बड़ी पहल : जंगी लाल महाजन

टांडा / होशियारपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : जसप्रीत सिंह सैनी

भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक गतिविधियों को लेकर टांडा में एक विशेष बैठक आयोजित की गई। बैठक में जिला अध्यक्ष योगेश सपरा और मुकेरियां विधानसभा क्षेत्र के विधायक जंगी लाल महाजन विशेष रूप से शामिल हुए। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ आगामी रणनीति तथा संगठन को मजबूत बनाने पर चर्चा की गई।

बैठक को संबोधित करते हुए विधायक जंगी लाल महाजन ने कहा कि केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार देशभर के साथ-साथ पंजाब के विकास के लिए बड़े स्तर पर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा ने वर्ष 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए अपनी तैयारियां शुरू कर दी हैं और पार्टी कार्यकर्ताओं के साथ लगातार तालमेल बनाकर संगठन को मजबूत किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार पंजाब को विकसित राज्य बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं पर काम कर रही है। जालंधर में विकसित आधुनिक रेलवे स्टेशन का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि यह दोआबा क्षेत्र के लिए गर्व की बात है और केंद्र सरकार की विकासवादी सोच का उदाहरण है।

जंगी लाल महाजन ने दावा किया कि पंजाब में हो रहे अधिकांश बड़े विकास कार्य केंद्र सरकार के सहयोग से संभव हो रहे हैं। उन्होंने भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को लेकर भी अपनी प्रतिक्रिया दी और इस संबंध में पार्टी का पक्ष रखा। इसके साथ ही उन्होंने दिल्ली में NEET परीक्षा से जुड़े छात्रों के मुद्दे पर भी अपनी बात रखी।

बैठक के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं से बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनावों के लिए पूरी सक्रियता के साथ कार्य करने का आह्वान किया गया।