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पीआईबी चंड़ीगढ़ द्वारा पत्रकार प्रतिनिधिमंडल 08 मार्च से 14 मार्च तक राजस्थान के दौरे पर

जोधपुर में बनेगा वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का अत्याधुनिक विस्तार, बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटरवंदे भारत सहित सेमी हाई स्पीड ट्रेनों के रखरखाव और प्रशिक्षण की सुविधा अब जोधपुर मेंदेश के इंजीनियरों व सहायक स्टाफ एवं लोको पायलट को हाई स्पीड ट्रेनों के अनुरक्षण का मिलेगा प्रशिक्षण

पत्र सूचना कार्यालय (पीआईबी), चंड़ीगढ़ द्वारा पंजाब, हरियाणा एवं चंडीगढ़ के विभिन्न मीडिया संस्थानों के वरिष्ठ  पत्रकारों का पत्रकार दल 08 से 14 मार्च 2026 के दौरान राजस्थान के दौरे पर है। पत्रकारों का प्रदेश में दौरे का उद्देश्य केंद्र सरकार द्वारा संचालित प्रमुख विकास परियोजनाओं की प्रगति तथा विभिन्न विभागों की बेस्ट प्रेक्टिसेस का अवलोकन एवं प्रचार प्रसार करना है।

पीआईबी चंड़ीगढ़ के पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने आज जोधपुर में रेलवे द्वारा संचालित महत्वपूर्ण रेल परियोजनाओं के अंतर्गत भगत की कोठी वंदे भारत मेंटेनेंस डिपो की प्रगति का अवलोकन किया।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल में भगत की कोठी रेलवे स्टेशन क्षेत्र में विकसित किए जा रहे वंदे भारत स्लीपर कोच मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के लिए रेलमंत्री श्री अश्विनी वैष्णव द्वारा 195 करोड़ रुपये की महत्वपूर्ण परियोजना को मंजूरी प्रदान की गई है। इस स्वीकृति से यहां अत्याधुनिक बहुद्देश्यीय वर्कशॉप और विश्वस्तरीय ट्रेनिंग सेंटर की स्थापना का मार्ग प्रशस्त हो गया है।

जोधपुर रेल मंडल के डीआरएम श्री अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि परियोजना के तहत वंदे भारत स्लीपर ट्रेनों के मेंटेनेंस डिपो के विस्तार के साथ-साथ आधुनिक प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना की जाएगी, जहां वंदे भारत सहित सभी हाई स्पीड ट्रेनों के रखरखाव से जुड़े इंजीनियरों और लोको पायलट एवं सहायक कर्मचारियों को उच्च तकनीक आधारित मशीनरी के संचालन व अनुरक्षण का विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा।

उन्होंने बताया ने कि भगत की कोठी वाशिंग लाइन के पास लगभग 167 करोड़ रुपये की लागत से वंदे भारत कोच मेंटेनेंस डिपो का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। परियोजना के दूसरे चरण में बहुद्देश्यीय, आधुनिक तथा आवासीय ट्रेनिंग सेंटर का निर्माण किया जाएगा, जिससे देशभर के इंजीनियर और तकनीकी स्टाफ को हाई स्पीड ट्रेनों के लोको पायलट रखरखाव का प्रशिक्षण जोधपुर में ही उपलब्ध हो सकेगा।
ट्रेनिंग सेंटर की इमारत का निर्माण पूर्व निर्मित लोहे की संरचनाओं (प्रिफैब्रिकेटेड स्ट्रक्चर) के उपयोग से किया जा रहा हैं जिससे तापमान को बरकरार रखने में सहायक होगा और निर्माण कार्य कम समय में पूरा किया जा सकेगा। प्रस्तावित परियोजना में समूचे डिपो और प्रशिक्षण केंद्र क्षेत्र में बिजली आपूर्ति के लिए 32 केवी के जीएसएस सहित अन्य आधुनिक सुविधाओं का भी प्रावधान रखा गया है।