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बेअदबी कानून पर पंजाब सरकार ने श्री अकाल तख्त सचिवालय को सौंपा संशोधन मसौदा

अमृतसर / सत्ता संदेश

श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा।

Punjab government's draft on sacrilege law submitted to Sri Akal Takht

श्री अकाल तख्त साहिब के निर्देशानुसार बेअदबी कानून पर सरकार का मसाैदा तख्त सचिवालय को साैंप दिया गया।

पंजाब सरकार के प्रतिनिधि विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर और अमृतसर के डीसी तलविंदरजीत सिंह ने बुधवार को बेअदबी रोकथाम कानून में आपत्तिजनक मानी गई धाराओं से संबंधित सरकार का पक्ष और संशोधन का मसौदा श्री अकाल तख्त सचिवालय में इंचार्ज सरदार बगीचा सिंह को आधिकारिक रूप से सौंप दिया। 

यह कार्रवाई श्री अकाल तख्त द्वारा निर्धारित समयसीमा के अंतिम दिन की गई। श्री अकाल तख्त ने पंजाब सरकार को बेअदबी कानून की आपत्तिजनक धाराओं पर पुनर्विचार कर संशोधन का मसौदा प्रस्तुत करने के लिए एक माह का समय दिया था। सरकार की ओर से सौंपे गए इस मसौदे पर अब श्री अकाल तख्त सचिवालय स्तर पर विचार किया जाएगा। इसके बाद जत्थेदार और संबंधित धार्मिक प्रतिनिधियों की ओर से आगे का फैसला लिया जाएगा। 

पूर्व विधायक से. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • पूर्व विधायक स. दर्शन सिंह शिवालिक अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ में शामिल
  • हलका गिल के सभी गांवों के बड़ी संख्या में पहुंचे सरपंचों, पंचों और कार्यकर्ताओं ने दर्ज कराई अपनी भागीदारी
  • आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी से गठबंधन नहीं किया जाएगा: बापू स. तरसेम सिंह खालसा

लुधियाना/सत्ता संदेश

अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ को आज उस समय बड़ी मजबूती मिली, जब पूर्व विधायक एवं पंजाब सरकार के पूर्व संसदीय सचिव स. दर्शन सिंह शिवालिक अपने साथियों सहित पार्टी में शामिल हो गए। अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ के संरक्षक बापू स. तरसेम सिंह खालसा, विधायक स. मनप्रीत सिंह इयाली, सेक्रेटरी जनरल स. मनदीप सिंह सिद्धू सहित पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व ने उनका गर्मजोशी से स्वागत किया। इस अवसर पर स्थानीय कैनाल रोड पर आयोजित कार्यक्रम में हलका गिल के सभी गांवों से बड़ी संख्या में सरपंच, पंच और कार्यकर्ता पहुंचे तथा अपनी भागीदारी दर्ज कराते हुए, पार्टी के प्रति समर्थन व्यक्त किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने स. दर्शन सिंह शिवालिक का पार्टी में स्वागत करते हुए, कहा कि पंजाब को एक निरोल पंथक सरकार की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव मुख्यमंत्री उम्मीदवार सांसद भाई स. अमृतपाल सिंह खालसा के नेतृत्व में लड़ेगा। उन्होंने कहा कि समाज का हर वर्ग पार्टी की नीतियों के साथ खड़ा है।

पत्रकारों से बातचीत करते हुए, बापू स. तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि बड़ी संख्या में लोग पार्टी से जुड़ रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ आगामी विधानसभा चुनाव किसी भी राष्ट्रीय पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि केवल एक क्षेत्रीय पार्टी ही पंजाब के मुद्दों का प्रभावी समाधान कर सकती है।

इससे पहले विधायक स. मनप्रीत सिंह अयाली ने कार्यक्रम में बड़ी संख्या में पहुंचे लोगों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि पार्टी को मिल रहा भारी जनसमर्थन इस बात का संकेत है कि पंजाब में अगली पंथक सरकार बनने जा रही है। उन्होंने जोर देते हुए, कहा कि अकाली दल ‘वारिस पंजाब दे’ ही राज्य को सही दिशा और दशा प्रदान कर सकता है।

इस दौरान उन्होंने विवादित वीडियो मामले में श्री अकाल तख्त साहिब द्वारा जारी हुक्मनामे के पालन के लिए पार्टी की ओर से पूर्ण समर्थन व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि श्री अकाल तख्त साहिब सिखों की सर्वोच्च धार्मिक संस्था है और उनके आदेश सर्वोपरि हैं। इसके अलावा, उन्होंने कहा कि वे 29 जून को श्री अकाल तख्त साहिब के आदेशानुसार उपस्थित होंगे।

वहीं पर, सरदार दर्शन सिंह शिवालिक ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पार्टी उन्हें जो भी जिम्मेदारी सौंपेगी, वह उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि विभिन्न राजनीतिक दलों को आजमा चुके पंजाब के लोगों को अब पार्टी से काफी उम्मीदें हैं और पार्टी उन उम्मीदों पर पूरी तरह खरी उतरेगी।

कार्यक्रम के दौरान काबल सिंह भुल्लर, अमरजीत सिंह वनचिड़ी, संदीप सिंह रुपालों, हरभजन सिंह तूड़, हरबीर सिंह अयाली, पृथीपाल सिंह बटाला, हल्का इंच जगराओं राजीव कुमार लवली, मनदीप सिंह हसनपुर, हरपाल सिंह कोहली, हरप्रीत सिंह प्रिंस, हनी सिंगला, हरभजन सिंह अयाली, जगरूप सिंह, मलकीत सिंह बल्ल तथा बलराज सिंह लुधियाना सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।

CM भगवंत मान श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए: जत्थेदार को सफाई दी; कहा- “मेरे पास अकाल तख्त को चुनौती देने का अधिकार नहीं है”

पंजाब डेस्क: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान आज (15 जनवरी, 2026) अमृतसर में सिखों की सबसे बड़ी संस्था श्री अकाल तख्त साहिब में पेश हुए। मुख्यमंत्री ने सेक्रेटेरिएट में जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गरगज्ज से मुलाकात की और सिखों के अलग-अलग मुद्दों पर अपनी लिखी हुई सफाई दी।

एक विनम्र सिख के तौर पर पेश हुए: अकाल तख्त पर पेश होने से पहले CM मान ने नंगे पैर श्री हरमंदिर साहिब में माथा टेका। उसके बाद, वे सबूतों से भरे दो काले बैग लेकर अकाल तख्त सेक्रेटेरिएट पहुंचे। मुख्यमंत्री करीब 45 मिनट तक अंदर रहे और जत्थेदार से बहुत गर्मजोशी भरे माहौल में बात की।

सफाई में क्या कहा? मीटिंग के बाद मीडिया से बात करते हुए भगवंत मान ने कहा कि उनमें न तो श्री अकाल तख्त साहिब को चुनौती देने की हिम्मत है और न ही अधिकार। उन्होंने साफ किया कि सोशल मीडिया पर एक झूठी कहानी बनाई जा रही है कि वह संस्था को चुनौती दे रहे हैं, जबकि वह हमेशा अकाल तख्त के सामने सिर झुकाते हैं। उन्होंने अकाल तख्त को सिखों की ‘मिनी पार्लियामेंट’ और सबसे ऊंची संस्था बताया।

पेश होने का कारण और आगे की कार्रवाई: मुख्यमंत्री को जत्थेदार ने 5 जनवरी को एक आपत्तिजनक वीडियो, गोलक पर दिए गए बयान और दूसरे सिख मुद्दों को लेकर तलब किया था। चूंकि मुख्यमंत्री अमृतधारी सिख नहीं हैं, इसलिए वह अकाल तख्त की फसील के बजाय सेक्रेटेरिएट में पेश हुए। मुख्यमंत्री ने कहा कि जत्थेदार अब उनके जवाबों और डॉक्यूमेंट्स की जांच करेंगे और जो भी फैसला होगा, वह उसे बिना किसी शर्त के मानेंगे।