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कपूरथला पहुंचे सीएम नायब सिंह सैनी, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

कपूरथला / सत्ता संदेश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कपूरथला दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शेखूपुर स्थित माता भद्रकाली मंदिर में माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम पासी के निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।


प्रेस वार्ता के दौरान नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में हुए निकाय चुनावों में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं और बड़े स्तर पर वोट चोरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं तथा बैलेट पेपर से चुनाव करवाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हार से डरी हुई है।


गठबंधन संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री सैनी ने दोहराया कि भाजपा को किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को ही आगे बढ़ाएगी। कांग्रेस या आम आदमी पार्टी के नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की बात को भी उन्होंने खारिज किया।


पंजाब भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर पूछे गए सवाल पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब में भाजपा का कमल का फूल और अधिक मजबूती के साथ खिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर पंजाब में भाजपा को मजबूत करेंगे और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।


कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों और पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी राय रखते हों, लेकिन वह भाजपा के शीर्ष नेताओं में शामिल हैं और पार्टी में उनका पूरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर टिप्पणी करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह एक कलाकार हैं और केवल तालियां बजवाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि तालियां बजाने से लोगों का पेट नहीं भरता। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, गैंगस्टरवाद को बढ़ावा मिला है और विकास कार्यों के नाम पर कुछ खास नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शाम पांच बजे के बाद “रंगला पंजाब” बनाना शुरू कर देते हैं, जिसके बारे में सभी जानते हैं


पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब भी उनकी अपनी धरती है। गुरुओं, पीरों और संत-महात्माओं से मिली सीख के अनुसार ही दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

पंजाब में 2027 का लक्ष्य तय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बोले- राज्य में खिलेगा कमल

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

Bharatiya Janata Party की पंजाब इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद Keval Singh Dhillon ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत कर नए राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से काम करेगी।

प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने के तुरंत बाद ढिल्लों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करेगी और आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

76 वर्षीय ढिल्लों ने कहा कि उनका पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य पंजाब में भाजपा की सरकार बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य की जनता भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनाधार बढ़ाने का काम करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब लंबे समय से कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें बेरोजगारी, नशाखोरी, कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट प्रमुख हैं। भाजपा इन मुद्दों का स्थायी समाधान देने के लिए जनता के बीच जाएगी और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, पंजाब में भाजपा के लिए 2027 का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद भाजपा राज्य में अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को पार्टी के विस्तार अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

ढिल्लों का राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है और वे पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपने जनाधार को बढ़ाने में सफल होगी।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों का लाभ पार्टी को पंजाब में भी मिलेगा। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा के इस दावे को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।

पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीतियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा का यह दावा कि 2027 में पंजाब में “कमल खिलेगा”, राज्य की राजनीति में नई बहस और चुनावी चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

पंजाब निकाय चुनाव में हिंसा के बीच 61.5% मतदान: कहीं चलीं गोलियां, कहीं हुआ पथराव; कई उम्मीदवार घायल

पंजाब डेस्क: पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए मंगलवार को हुए मतदान में भारी हिंसा और झड़पों के बावजूद 61.5% वोटिंग दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चली, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और टकराव की खबरें सामने आईं।चुनावी हिंसा और झड़पें मतदान के दौरान कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण रही:

पटियाला (समाना): यहाँ पुलिस और भीड़ के बीच जबरदस्त पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। हवाई फायरिंग की भी खबरें मिली हैं।

लुधियाना (रायकोट): वार्ड नंबर-4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें लुधियाना के डीमसी अस्पताल रेफर किया गया।

बठिंडा: यहाँ भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें भाजपा के जिला अध्यक्ष घायल हो गए। बचाव में समर्थकों ने हवा में गोलियां चलाईं।

बरनाला: यहाँ भाजपा उम्मीदवार के पति पर तेजधार हथियार से हमला किया गया और उनकी पगड़ी उतार दी गई।

राजनीतिक आरोप: प्रत्यारोप चुनाव के दौरान गंभीर आरोप भी लगाए गए। फरीदकोट में AAP विधायक गुरदित्त सेखों ने भाजपा पर वोटरों को लाने के लिए आर्मी स्कूल बस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, अमृतसर के मजीठा में अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया और SSP के बीच तीखी बहस हुई। विरोध के एक अनोखे तरीके में, पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी पर वोट डालने पहुंचे।

2027 का लिटमस टेस्ट: इन चुनावों को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि साढ़े चार साल बाद सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ (सरकार विरोधी लहर) है या नहीं।

कांग्रेस का कैप्टन को ‘घर वापसी’ का ऑफर: ईडी नोटिस के बाद गरमाई पंजाब की सियासत; बेटी बोली- ‘भाजपा में ही रहेंगे पिता’

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पुराने मामले में कैप्टन को समन (Notice) जारी किए जाने के बाद, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस लौटने का न्योता दिया है।

भूपेश बघेल ने दिया ऑफर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्हें ‘घर वापसी’ का ऑफर दिया है। बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन कांग्रेस में लौटने पर विचार करते हैं, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। उन्होंने कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा बताया।

बेटी जय इंदर कौर का दो टूक जवाब: कांग्रेस की इस पेशकश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे और कहीं नहीं जा रहे हैं। ईडी नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नोटिस मिला है, और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और आरोप: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि जैसे ही कैप्टन ने पंजाब के मुद्दों और भाजपा की समझ पर सवाल उठाए, उन्हें ईडी का समन भेज दिया गया। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। दूसरी ओर, 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन की वकालत कर रहे हैं ताकि 2027 के चुनावों में मजबूती से उतरा जा सके।

कैप्टन का राजनीतिक सफर: कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई, जिसका सितंबर 2022 में उन्होंने भाजपा में विलय कर दिया था।

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह अस्पताल में भर्ती: घुटने का होगा ऑपरेशन

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह को मोहाली के फोर्टिस अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, उनके घुटनों का ऑपरेशन होना है, जिसके चलते उन्हें अस्पताल लाया गया है। फोर्टिस अस्पताल के प्रवक्ता ने उनकी भर्ती की पुष्टि करते हुए स्पष्ट किया है कि यह कोई गंभीर स्वास्थ्य समस्या (सीरियस इश्यू) नहीं है।

आई एम बैक इन द गेम‘: कैप्टन अमरिंदर सिंह पिछले कुछ समय से सर्जरी के कारण सक्रिय राजनीति से दूर थे, लेकिन हाल ही में उन्होंने जोरदार वापसी के संकेत दिए थे। 30 नवंबर को दिए एक इंटरव्यू में उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा था, “आई एम बैक इन द गेम” (मैं वापस खेल में हूं)। उन्होंने यह भी साफ किया कि वे भाजपा नहीं छोड़ रहे हैं और न ही कांग्रेस में वापसी का उनका कोई इरादा है।

2027 के चुनावों पर नजर: अक्टूबर 2025 में फरीदकोट और अन्य स्थानों पर भाजपा के कार्यक्रमों में शामिल होते हुए कैप्टन ने खुद को “फिट और एक्टिव” घोषित किया था। उन्होंने कहा था कि वे 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पूरी तरह तैयार हैं और उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से भाजपा को मजबूत करने की अपील भी की थी।

राजनीतिक रणनीति: कैप्टन अमरिंदर सिंह ने हाल के दिनों में पंजाब की राजनीति, गैंगस्टर और ड्रग्स जैसे मुद्दों पर अपनी आवाज बुलंद की है। उन्होंने पंजाब में SAD-BJP गठबंधन की आवश्यकता और 2027 के चुनावों के लिए अपनी विशेष रणनीति पर भी चर्चा की है, जो उनके सक्रिय राजनीतिक जीवन में लौटने की बड़ी घोषणा मानी जा रही है।

BJP नेता सुनील जाखड़ की तबीयत अचानक बिगड़ी, मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में…

पंजाब डेस्क: BJP नेता सुनील कुमार जाखड़ की रविवार सुबह अचानक तबीयत बिगड़ गई, जिसके चलते उन्हें इलाज के लिए मोहाली के फोर्टिस हॉस्पिटल में भर्ती कराना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, सुबह उन्हें सीने में दर्द की शिकायत हुई थी।

टेस्ट के बाद डिस्चार्ज: हॉस्पिटल में डॉक्टरों ने तुरंत उनकी जांच शुरू की और एंजियोग्राफी समेत कई ज़रूरी टेस्ट किए गए। राहत की बात यह रही कि मेडिकल जांच के बाद उनकी सभी रिपोर्ट नॉर्मल आईं। अब वह पूरी तरह से स्वस्थ हैं और हॉस्पिटल से डिस्चार्ज होकर अपने घर लौट आए हैं।

गवर्नर से मीटिंग टली: खराब सेहत के चलते सुनील जाखड़ ने पंजाब के गवर्नर गुलाब चंद कटारिया के साथ अपनी ज़रूरी मीटिंग टाल दी। मीटिंग सुबह 10 बजे राजपाल भवन में होनी थी। जाखड़ की गैरमौजूदगी में BJP नेता सुभाष शर्मा की लीडरशिप में एक डेलीगेशन गवर्नर से मिला।

पॉलिटिकल बैकग्राउंड: सुनील जाखड़ पंजाब की पॉलिटिक्स में एक बड़ी हस्ती हैं। वह पूर्व लोकसभा स्पीकर बलराम जाखड़ के बेटे हैं और अबोहर से तीन बार MLA रह चुके हैं। BJP में शामिल होने से पहले, वह कांग्रेस के स्टेट प्रेसिडेंट भी रह चुके हैं।