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नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू पर केस दर्ज, भादसों थाने के बाहर BJP का धरना

नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू पर केस दर्ज होने के बाद बीबा जय इंदर कौर की अगुवाई में भादसों थाने के बाहर प्रदर्शन हुआ। BJP ने निष्पक्ष जांच की मांग की।मुख्य हेडिंग (H1)

नाभा / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : चेतन मेहता, नाभा

पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई और इस मुद्दे पर राजनीतिक टकराव एक बार फिर चर्चा में है। नाभा में ड्रग्स के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन करने वाले BJP नेता वरिंदर बिट्टू और उनके कुछ साथियों के खिलाफ पुलिस की ओर से नया मामला दर्ज किए जाने के बाद भारतीय जनता पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाना भादसों के बाहर धरना देकर विरोध जताया।

मिली जानकारी के अनुसार, दो दिन पहले BJP नेता वरिंदर बिट्टू ने नाभा क्षेत्र में कथित ड्रग तस्करी के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन किया था। इस दौरान तीन लोगों को नशीले पदार्थों और नशीले कैप्सूलों के साथ पकड़े जाने का दावा किया गया था। इसके बाद उन्हें पुलिस के हवाले कर दिया गया। इस मामले में आम आदमी पार्टी से जुड़े एक नेता का नाम भी सामने आया था, जिसके खिलाफ पुलिस ने FIR दर्ज की थी।

अब वरिंदर बिट्टू और उनके कुछ साथियों के खिलाफ एक अन्य मामला दर्ज होने के बाद राजनीतिक विवाद तेज हो गया है। BJP नेताओं का आरोप है कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने और कथित तस्करों के मामले को सामने लाने के बावजूद उनके खिलाफ कार्रवाई की गई है। नेताओं के मुताबिक, वरिंदर बिट्टू के विरोध प्रदर्शन के दौरान पानी की टंकी पर चढ़ने और BJP कार्यकर्ताओं की ओर से सड़क जाम किए जाने को लेकर पुलिस ने नया केस दर्ज किया है।

इस कार्रवाई के विरोध में BJP नेता बीबा जय इंदर कौर की अगुवाई में पार्टी कार्यकर्ता थाना भादसों के बाहर एकत्र हुए और पुलिस प्रशासन के खिलाफ प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में वरिंदर बिट्टू सहित अन्य BJP नेता और कार्यकर्ता भी शामिल हुए।

प्रदर्शन के बाद थाना भादसों के प्रभारी ने विरोध कर रहे BJP नेताओं के साथ बैठक की। BJP नेताओं के अनुसार, थाना प्रभारी ने उन्हें भरोसा दिलाया कि मामले की दोबारा जांच SSP पटियाला के समक्ष करवाई जाएगी।

BJP नेता बीबा जय इंदर कौर और वरिंदर बिट्टू ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों पर ही कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि वरिंदर बिट्टू ने कथित ड्रग तस्करी का मामला सामने लाकर पुलिस को कार्रवाई के लिए सौंपा था, लेकिन अब उनके और उनके साथियों के खिलाफ ही केस दर्ज कर दिया गया है। BJP नेताओं ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की।

इस पूरे घटनाक्रम ने पंजाब में नशे के खिलाफ कार्रवाई, पुलिस की भूमिका और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालांकि, BJP नेताओं की ओर से लगाए गए आरोपों और पुलिस की कार्रवाई से जुड़े सभी तथ्यों की स्वतंत्र पुष्टि तथा पुलिस का विस्तृत पक्ष सामने आना अभी बाकी है।

अब देखना होगा कि SSP पटियाला के स्तर पर प्रस्तावित दोबारा जांच में क्या सामने आता है और इस मामले में पुलिस प्रशासन आगे क्या कदम उठाता है।

पंजाब दौरे पर अमित शाह ने AAP सरकार को घेरा, नशे के खिलाफ आवाज उठाने वालों की मौत पर उठाए सवाल

लुधियाना / मानसा / सत्ता संदेश

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने अपने पंजाब दौरे के दौरान राज्य में नशे की समस्या को लेकर आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार पर तीखा हमला बोला। मंगलवार को गुरदासपुर, संगरूर और मानसा में नशे से जुड़े मामलों से प्रभावित परिवारों से मुलाकात के बाद शाह ने आरोप लगाया कि पंजाब में नशीले पदार्थों का कारोबार गंभीर चुनौती बना हुआ है और इसके खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं।

अमित शाह ने गुरदासपुर के विक्रमजीत सिंह, संगरूर के गुलजार सिंह और मानसा के एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि इन घटनाओं ने उन्हें गहरा दुख पहुंचाया है। उन्होंने पंजाब सरकार से सवाल किया कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों और उनके परिवारों को न्याय दिलाने के लिए क्या कदम उठाए गए हैं।

शाह ने आरोप लगाया कि राज्य में जमीनी हालात चिंताजनक हैं और नशे की समस्या से निपटने के लिए सरकार को ठोस कार्रवाई करनी चाहिए। उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवारों से मिलने का उनका उद्देश्य उनके दुख में शामिल होना और उन्हें न्याय का भरोसा दिलाना था।

‘गांव-गांव में बिक रहा नशा’, AAP सरकार से पूछे सवाल

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि आम आदमी पार्टी ने सत्ता में आने से पहले पंजाब को नशामुक्त बनाने का वादा किया था, लेकिन उनके अनुसार राज्य में नशीले पदार्थों का कारोबार अब भी चिंता का विषय है। उन्होंने पुलिसकर्मियों से कथित तौर पर नशीले पदार्थों की बरामदगी का उल्लेख करते हुए नशे के नेटवर्क पर प्रभावी कार्रवाई की जरूरत बताई।

शाह ने पंजाब सरकार से PIT-NDPS कानून के तहत की गई कार्रवाई पर भी सवाल उठाए। उनके दावे के अनुसार, पिछले एक साल में इस कानून के तहत 929 मामले दर्ज किए गए, लेकिन नशे के कारोबार से प्रभावित क्षेत्रों में गिरफ्तारियों को लेकर उन्होंने सरकार से जवाब मांगा।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर गंभीर मामलों की समीक्षा के लिए पर्याप्त कदम नहीं उठाने का आरोप लगाया। शाह ने कहा कि नशे के खिलाफ लड़ाई में केवल बयान देने के बजाय ठोस कार्रवाई और जवाबदेही सुनिश्चित करना जरूरी है।

‘गालियां देने से फायदा नहीं, नशे का कारोबार बंद करें’

अमित शाह ने कहा कि पंजाब दौरे पर आने का उनका उद्देश्य नशे से प्रभावित परिवारों को सांत्वना देना था। उन्होंने कहा कि राजनीतिक बयानबाजी या उनके प्रति नाराजगी जताने से नशे की समस्या का समाधान नहीं होगा।

शाह ने राज्य सरकार से अपील की कि नशीले पदार्थों के कारोबार को रोकने और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई करने पर ध्यान दिया जाए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि केंद्र सरकार नशे के खिलाफ अभियान में पंजाब के लोगों के साथ खड़ी है।

BJP सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक नशामुक्त पंजाब का वादा

केंद्रीय गृह मंत्री ने कहा कि नशे के अवैध कारोबार में शामिल लोगों और उन्हें संरक्षण देने वालों की पहचान कर कानून के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए। उन्होंने पंजाब की जनता से वादा दोहराया कि राज्य में भाजपा की सरकार बनने पर 31 दिसंबर 2029 तक पंजाब को नशामुक्त बनाने का लक्ष्य रखा जाएगा।

शाह ने यह भी कहा कि नशे के खिलाफ आवाज उठाने वाले लोगों को न्याय मिलना चाहिए और इस तरह की घटनाओं में शामिल आरोपियों को कानून के दायरे में लाया जाना चाहिए।

‘पाताल से भी ढूंढ निकाले जाएंगे आरोपी’, CBI जांच पर शाह का बयान

परविंदर सिंह झोटा के मामले का जिक्र करते हुए अमित शाह ने कहा कि आरोपी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के सामने लाया जाना चाहिए। उन्होंने मामले की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) को सौंपे जाने के फैसले का स्वागत किया और दोषियों को सजा दिलाने का भरोसा दिया।

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने 20 अक्टूबर को झोटा हत्याकांड की जांच CBI को सौंपने की घोषणा की थी। इसके बाद CBI की टीम मानसा पहुंची और मामले की जांच अपने हाथ में लेने की प्रक्रिया शुरू की। शाह ने गुरदासपुर और संगरूर से जुड़े अन्य मामलों की जांच भी CBI को सौंपने की मांग उठाई।

झोटा परिवार से मुलाकात, इंसाफ की मांग पर कायम परिजन

मानसा में अमित शाह ने एंटी-ड्रग एक्टिविस्ट परविंदर सिंह झोटा के परिवार से मुलाकात की। परिवार ने उनसे मामले में इंसाफ दिलाने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित करने की मांग की। परिजनों के अनुसार, शाह ने उन्हें न्याय दिलाने का भरोसा दिया और जांच में कार्रवाई को लेकर इंतजार करने के लिए कहा।

झोटा परिवार और समर्थक मामले की निष्पक्ष जांच तथा दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। CBI जांच शुरू होने के बाद अब इस मामले में जांच की प्रगति और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर रहेगी।

अमित शाह का यह दौरा पंजाब में नशे की समस्या, कानून-व्यवस्था और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने के मुद्दे पर केंद्र और राज्य सरकार के बीच राजनीतिक टकराव को भी सामने लाता है। जहां भाजपा ने राज्य सरकार की कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं, वहीं झोटा मामले को CBI को सौंपने का फैसला पंजाब सरकार की ओर से परिवार की मांग स्वीकार किए जाने के रूप में सामने आया है।

Barnala : BJP प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के घर के बाहर AAP का प्रदर्शन, ED-CBI कार्रवाई के खिलाफ नारेबाजी

बरनाला / सत्ता संदेश

पंजाब में आम आदमी पार्टी (AAP) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के बीच सियासी टकराव लगातार बढ़ता नजर आ रहा है। ED और CBI की कार्रवाई के विरोध में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने बुधवार को बरनाला में जोरदार प्रदर्शन किया। AAP कार्यकर्ता पंजाब बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के आवास के बाहर पहुंचे और केंद्र सरकार तथा बीजेपी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

प्रदर्शन को देखते हुए केवल सिंह ढिल्लों की कोठी के बाहर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया और आवास के बाहर बैरिकेडिंग की गई।

AAP कार्यकर्ताओं का आरोप है कि केंद्र की जांच एजेंसियों ED और CBI की कार्रवाई का इस्तेमाल राजनीतिक विरोधियों को निशाना बनाने के लिए किया जा रहा है। इसी के विरोध में पार्टी की ओर से पंजाब के अलग-अलग जिलों में बीजेपी नेताओं के खिलाफ प्रदर्शन किए जा रहे हैं।

बरनाला में भी AAP कार्यकर्ताओं ने बीजेपी प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों के आवास के बाहर पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और बीजेपी के खिलाफ नारे लगाए।

प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस ने मौके पर सुरक्षा घेरा मजबूत किया और बैरिकेडिंग के जरिए प्रदर्शनकारियों को आवास से दूर रखा। पुलिस प्रशासन की ओर से स्थिति पर नजर रखी गई।

पंजाब में ED और CBI की कार्रवाई को लेकर AAP और BJP के बीच राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। बरनाला में हुआ यह प्रदर्शन इसी बढ़ते सियासी टकराव की एक कड़ी माना जा रहा है।

Punjab CM Bhagwant Mann Camp Office CBI Raid: भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का दावा, जानें पूरा मामला

पंजाब CM भगवंत मान के कैंप ऑफिस पर CBI की रेड का दावा, बोले- चुनाव से पहले BJP कर रही एजेंसियों का दुरुपयोग

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने दावा किया है कि केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने उनके कैंप ऑफिस पर छापेमारी की है। मुख्यमंत्री मान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर भारतीय जनता पार्टी (BJP) पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि पंजाब में आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए केंद्रीय जांच एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री भगवंत मान ने अपने पोस्ट में कहा कि भाजपा ने पंजाब चुनाव की तैयारियां शुरू कर दी हैं। उन्होंने दावा किया कि उनके कैंप ऑफिस पर CBI की टीम पहुंची है और आने वाले समय में पंजाब सरकार तथा उन्हें बदनाम करने के लिए ED और CBI का गलत इस्तेमाल किया जा सकता है। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि पंजाब में उन्हें मिल रहे लोगों के प्यार से भाजपा घबरा गई है।

जानकारी के मुताबिक, CBI की टीमें पंजाब और चंडीगढ़ में कई स्थानों पर कार्रवाई कर रही हैं। इसी कार्रवाई के दौरान मुख्यमंत्री के OSD राजबीर सिंह घुम्मन के आवास पर भी CBI टीम के पहुंचने की बात सामने आई है। सूत्रों के अनुसार, जांच टीम कथित तौर पर संबंधित दस्तावेजों और रिकॉर्ड की जांच कर रही है।

हाई कोर्ट के आदेश के बाद CBI की कार्रवाई

CBI की यह कार्रवाई पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट के उस आदेश के एक दिन बाद सामने आई है, जिसमें ट्रांसफर और पोस्टिंग से जुड़े मामले की CBI जांच के निर्देश दिए गए थे। बताया जा रहा है कि इसी मामले के सिलसिले में CBI की टीमें अलग-अलग स्थानों पर जांच कर रही हैं।

यह मामला ऐसे समय में सामने आया है, जब ट्रांसफर, पोस्टिंग और सरकारी कामकाज में कथित हस्तक्षेप से जुड़े मामले की सुप्रीम कोर्ट में भी सुनवाई होनी है।

बिक्रम सिंह मजीठिया ने बताया ‘बड़ी कार्रवाई’

CBI की कार्रवाई को लेकर शिरोमणि अकाली दल के नेता बिक्रम सिंह मजीठिया ने भी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इसे CBI की बड़ी कार्रवाई बताते हुए कहा कि यह भ्रष्टाचार के खेल के अंत की शुरुआत है।

क्या है ट्रांसफर-पोस्टिंग से जुड़ा पूरा मामला?

मामला पंजाब में अधिकारियों के ट्रांसफर और पोस्टिंग तथा कथित भ्रष्टाचार के आरोपों से जुड़ा है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) की ओर से पंजाब के DGP को पत्र लिखे जाने की बात सामने आई थी। इन पत्रों में मुख्यमंत्री भगवंत मान के OSD राजबीर सिंह घुम्मन समेत कुछ अन्य लोगों के खिलाफ कथित भ्रष्टाचार के आरोप लगाए गए थे।

ED की ओर से लगाए गए आरोपों में IAS और IPS अधिकारियों की ट्रांसफर-पोस्टिंग में कथित हस्तक्षेप तथा सरकारी टेंडरों से जुड़े मामलों में दखल का उल्लेख किया गया था। एजेंसी ने इन आरोपों के संबंध में कार्रवाई और FIR दर्ज करने की मांग भी की थी।

हालांकि, इन आरोपों पर संबंधित पक्षों का पक्ष और जांच के अंतिम निष्कर्ष अलग विषय हैं। CBI की मौजूदा कार्रवाई के बाद मामले में आगे की जांच और सामने आने वाले तथ्यों पर नजर बनी हुई है।

बंगला साहिब में नतमस्तक हुए चरणजीत सिंह चन्नी, बोले- ‘जब भी दिल्ली आता हूं, आशीर्वाद लेने जरूर पहुंचता हूं’

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस सांसद चरणजीत सिंह चन्नी ने दिल्ली स्थित गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेका। इस दौरान उन्होंने कहा कि जब भी वह दिल्ली आते हैं, गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेककर आशीर्वाद लेते हैं।

गुरुद्वारा साहिब में नतमस्तक होने के बाद चन्नी ने पंजाब कांग्रेस में नेतृत्व और संगठन से जुड़े मुद्दों पर भी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि पार्टी में किसे कब पद देना है या किसी पद से बदलाव करना है, यह कांग्रेस आलाकमान और राहुल गांधी का अधिकार है।

सचिन पायलट को लेकर बोले चन्नी

पंजाब कांग्रेस के नए प्रभारी सचिन पायलट को लेकर चन्नी ने कहा कि वह पास के राज्य से आते हैं और उनके पंजाब प्रभारी बनने से कांग्रेस कार्यकर्ताओं में नई उम्मीद और ऊर्जा पैदा हुई है। इससे पहले भी चन्नी पायलट की नियुक्ति का स्वागत कर चुके हैं।

चन्नी ने दावा किया कि पंजाब कांग्रेस में अब दूरियां और मतभेद खत्म हो चुके हैं और सभी नेता एकजुट होकर काम करेंगे। हालांकि, हाल के दिनों में पार्टी के भीतर नेतृत्व को लेकर खींचतान की खबरें सामने आती रही हैं।

अमित शाह की रैली पर चन्नी का हमला

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की पंजाब में रैली को लेकर चन्नी ने बीजेपी पर निशाना साधा। उन्होंने सवाल उठाया कि पंजाब की सीमा पर BSF, CRPF और सेना की तैनाती के बावजूद राज्य में नशे और ड्रोन की समस्या कैसे बनी हुई है।

चन्नी ने बीजेपी के नशा खत्म करने के दावों पर सवाल उठाते हुए कहा कि अगर इसे खत्म करने में दो साल लगेंगे तो बीजेपी को दिल्ली में ही रहना चाहिए और पंजाब आने की जरूरत नहीं है।

उन्होंने आगे दावा किया कि पंजाब में बीजेपी के पैर कभी नहीं जम सकते। चन्नी ने कहा कि एजेंसियों के जरिए डराने की कोशिश की जा सकती है, लेकिन पंजाब झुकने वाला नहीं है।

भाजपा ग्रामीण अध्यक्ष बने योगेश सपरा, टांडा में कार्यकर्ताओं ने किया भव्य अभिनंदन

टांडा उर्मुर / सत्ता संदेश

टांडा उर्मुर, होशियारपुर: भारतीय जनता पार्टी द्वारा योगेश सपरा को होशियारपुर ग्रामीण जिला अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के बाद टांडा उर्मुर में पार्टी कार्यकर्ताओं ने उनका भव्य स्वागत किया। इस अवसर पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उन्हें फूलों के गुलदस्ते और सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया तथा नियुक्ति के लिए पार्टी हाईकमान का आभार व्यक्त किया।

प्रेस से बातचीत करते हुए नवनियुक्त जिला अध्यक्ष योगेश सपरा ने कहा कि वह संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता को साथ लेकर चलेंगे और पूरी ईमानदारी, निष्ठा तथा समर्पण के साथ पार्टी को जमीनी स्तर पर मजबूत बनाने का कार्य करेंगे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा लागू जनकल्याणकारी योजनाओं, विकास कार्यों और उपलब्धियों को गांव-गांव और घर-घर तक पहुंचाने के लिए विशेष जनसंपर्क अभियान चलाया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को सरकार की योजनाओं की जानकारी मिल सके।

योगेश सपरा ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भी बड़ा बयान देते हुए कहा कि भारतीय जनता पार्टी पंजाब की सभी 117 विधानसभा सीटों पर अपने उम्मीदवार उतारेगी। उन्होंने कहा कि पार्टी प्रदेश में अपना जनाधार मजबूत करने और सरकार बनाने के लक्ष्य के साथ बूथ स्तर तक संगठन को सशक्त कर रही है।

उन्होंने यह भी दावा किया कि पंजाब में हो रहे अधिकांश विकास कार्य केंद्र सरकार की योजनाओं के माध्यम से संभव हुए हैं और भाजपा जनता की सेवा तथा प्रदेश के विकास के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।

इस मौके पर बड़ी संख्या में भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय नेता मौजूद रहे, जिन्होंने नए जिला अध्यक्ष को संगठन की जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं दीं।

कपूरथला पहुंचे सीएम नायब सिंह सैनी, पंजाब सरकार पर साधा निशाना

कपूरथला / सत्ता संदेश

हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी रविवार को कपूरथला दौरे पर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने शेखूपुर स्थित माता भद्रकाली मंदिर में माथा टेका और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। इसके बाद भाजपा के वरिष्ठ नेता पुरुषोत्तम पासी के निवास पर आयोजित प्रेस वार्ता को संबोधित किया।


प्रेस वार्ता के दौरान नायब सिंह सैनी ने पंजाब सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि हाल ही में हुए निकाय चुनावों में कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ाई गईं और बड़े स्तर पर वोट चोरी की गई। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस और आम आदमी पार्टी आपस में मिली हुई हैं तथा बैलेट पेपर से चुनाव करवाकर सरकार ने साबित कर दिया है कि वह लोकतांत्रिक प्रक्रिया में अपनी हार से डरी हुई है।


गठबंधन संबंधी सवाल पर मुख्यमंत्री सैनी ने दोहराया कि भाजपा को किसी भी राजनीतिक दल के साथ गठबंधन की आवश्यकता नहीं है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि भाजपा आगामी विधानसभा चुनाव अकेले दम पर लड़ेगी। साथ ही उन्होंने कहा कि पार्टी अपने समर्पित कार्यकर्ताओं और नेताओं को ही आगे बढ़ाएगी। कांग्रेस या आम आदमी पार्टी के नेताओं के भाजपा के संपर्क में होने की बात को भी उन्होंने खारिज किया।


पंजाब भाजपा के संगठनात्मक ढांचे को लेकर पूछे गए सवाल पर नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा के नए प्रदेश प्रधान केवल सिंह ढिल्लों के नेतृत्व में पंजाब में भाजपा का कमल का फूल और अधिक मजबूती के साथ खिलेगा। उन्होंने विश्वास जताया कि पार्टी कार्यकर्ता एकजुट होकर पंजाब में भाजपा को मजबूत करेंगे और आगामी चुनावों में बेहतर प्रदर्शन करेंगे।


कैप्टन अमरिंदर सिंह के बयानों और पार्टी के भीतर मतभेदों की चर्चाओं पर प्रतिक्रिया देते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि भाजपा पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने कहा कि भले ही कैप्टन अमरिंदर सिंह अपनी राय रखते हों, लेकिन वह भाजपा के शीर्ष नेताओं में शामिल हैं और पार्टी में उनका पूरा सम्मान है। उन्होंने कहा कि भाजपा के सभी नेता और कार्यकर्ता मिलकर पार्टी को मजबूत करने के लिए काम कर रहे हैं।


पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान पर टिप्पणी करते हुए नायब सिंह सैनी ने कहा कि वह एक कलाकार हैं और केवल तालियां बजवाने का काम करते हैं। उन्होंने कहा कि तालियां बजाने से लोगों का पेट नहीं भरता। राज्य में कानून व्यवस्था की स्थिति खराब है, गैंगस्टरवाद को बढ़ावा मिला है और विकास कार्यों के नाम पर कुछ खास नहीं हुआ। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री शाम पांच बजे के बाद “रंगला पंजाब” बनाना शुरू कर देते हैं, जिसके बारे में सभी जानते हैं


पंजाब और हरियाणा के बीच पानी के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब भी उनकी अपनी धरती है। गुरुओं, पीरों और संत-महात्माओं से मिली सीख के अनुसार ही दोनों राज्यों के हितों को ध्यान में रखकर काम किया जाएगा। उन्होंने कहा कि फिलहाल यह कोई बड़ा मुद्दा नहीं है और इसे अनावश्यक रूप से विवाद का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

पंजाब में 2027 का लक्ष्य तय, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों बोले- राज्य में खिलेगा कमल

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

Bharatiya Janata Party की पंजाब इकाई के नए प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के बाद Keval Singh Dhillon ने बड़ा राजनीतिक दावा करते हुए कहा है कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनावों में भाजपा पंजाब में अपनी सरकार बनाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी राज्य में संगठन को मजबूत कर नए राजनीतिक विकल्प के रूप में उभरने की दिशा में तेजी से काम करेगी।

प्रदेश अध्यक्ष घोषित किए जाने के तुरंत बाद ढिल्लों ने पार्टी नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे पूरी निष्ठा और समर्पण के साथ निभाया जाएगा। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में जनता के बीच अपनी पकड़ मजबूत करेगी और आगामी विधानसभा चुनावों में निर्णायक भूमिका निभाएगी।

76 वर्षीय ढिल्लों ने कहा कि उनका पहला और सबसे बड़ा लक्ष्य पंजाब में भाजपा की सरकार बनाना है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में राज्य की जनता भाजपा की नीतियों और नेतृत्व पर भरोसा जताएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी किसानों, युवाओं, व्यापारियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों को प्राथमिकता देकर जनाधार बढ़ाने का काम करेगी।

उन्होंने यह भी कहा कि पंजाब लंबे समय से कई गंभीर चुनौतियों का सामना कर रहा है, जिनमें बेरोजगारी, नशाखोरी, कानून-व्यवस्था और आर्थिक संकट प्रमुख हैं। भाजपा इन मुद्दों का स्थायी समाधान देने के लिए जनता के बीच जाएगी और एक मजबूत राजनीतिक विकल्प प्रस्तुत करेगी।

राजनीतिक जानकारों के अनुसार, पंजाब में भाजपा के लिए 2027 का चुनाव काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन टूटने के बाद भाजपा राज्य में अपने संगठन को स्वतंत्र रूप से मजबूत करने की रणनीति पर काम कर रही है। ऐसे में केवल सिंह ढिल्लों की नियुक्ति को पार्टी के विस्तार अभियान के रूप में देखा जा रहा है।

ढिल्लों का राजनीतिक अनुभव लंबा रहा है और वे पंजाब की राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। पार्टी नेतृत्व को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में भाजपा ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में अपने जनाधार को बढ़ाने में सफल होगी।

भाजपा नेताओं ने दावा किया कि केंद्र सरकार की योजनाओं और प्रधानमंत्री Narendra Modi के नेतृत्व में किए गए विकास कार्यों का लाभ पार्टी को पंजाब में भी मिलेगा। वहीं विपक्षी दलों ने भाजपा के इस दावे को राजनीतिक बयानबाजी करार दिया है।

पंजाब की राजनीति में आने वाले महीनों में संगठनात्मक बदलाव और चुनावी रणनीतियां और तेज होने की संभावना है। ऐसे में भाजपा का यह दावा कि 2027 में पंजाब में “कमल खिलेगा”, राज्य की राजनीति में नई बहस और चुनावी चर्चाओं को जन्म दे रहा है।

पंजाब निकाय चुनाव में हिंसा के बीच 61.5% मतदान: कहीं चलीं गोलियां, कहीं हुआ पथराव; कई उम्मीदवार घायल

पंजाब डेस्क: पंजाब में 8 नगर निगमों, 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए मंगलवार को हुए मतदान में भारी हिंसा और झड़पों के बावजूद 61.5% वोटिंग दर्ज की गई है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई मतदान प्रक्रिया शाम 5 बजे तक चली, जिसमें राज्य के विभिन्न हिस्सों से तनाव और टकराव की खबरें सामने आईं।चुनावी हिंसा और झड़पें मतदान के दौरान कई जिलों में स्थिति तनावपूर्ण रही:

पटियाला (समाना): यहाँ पुलिस और भीड़ के बीच जबरदस्त पथराव हुआ, जिसके बाद पुलिस को स्थिति नियंत्रित करने के लिए लाठीचार्ज करना पड़ा। हवाई फायरिंग की भी खबरें मिली हैं।

लुधियाना (रायकोट): वार्ड नंबर-4 से कांग्रेस उम्मीदवार जगदेव सिंह जग्गा पर जानलेवा हमला हुआ, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें लुधियाना के डीमसी अस्पताल रेफर किया गया।

बठिंडा: यहाँ भाजपा और आम आदमी पार्टी (AAP) के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई, जिसमें भाजपा के जिला अध्यक्ष घायल हो गए। बचाव में समर्थकों ने हवा में गोलियां चलाईं।

बरनाला: यहाँ भाजपा उम्मीदवार के पति पर तेजधार हथियार से हमला किया गया और उनकी पगड़ी उतार दी गई।

राजनीतिक आरोप: प्रत्यारोप चुनाव के दौरान गंभीर आरोप भी लगाए गए। फरीदकोट में AAP विधायक गुरदित्त सेखों ने भाजपा पर वोटरों को लाने के लिए आर्मी स्कूल बस का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया। वहीं, अमृतसर के मजीठा में अकाली दल नेता बिक्रम मजीठिया और SSP के बीच तीखी बहस हुई। विरोध के एक अनोखे तरीके में, पंजाब कांग्रेस प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों के विरोध में बैलगाड़ी पर वोट डालने पहुंचे।

2027 का लिटमस टेस्ट: इन चुनावों को 2027 के पंजाब विधानसभा चुनावों के सेमीफाइनल के रूप में देखा जा रहा है। नतीजों से यह स्पष्ट होगा कि साढ़े चार साल बाद सत्ताधारी आम आदमी पार्टी के खिलाफ ‘एंटी-इनकम्बेंसी’ (सरकार विरोधी लहर) है या नहीं।

कांग्रेस का कैप्टन को ‘घर वापसी’ का ऑफर: ईडी नोटिस के बाद गरमाई पंजाब की सियासत; बेटी बोली- ‘भाजपा में ही रहेंगे पिता’

पंजाब डेस्क : पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लेकर राज्य की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। प्रवर्तन निदेशालय (ED) द्वारा एक पुराने मामले में कैप्टन को समन (Notice) जारी किए जाने के बाद, कांग्रेस ने उन्हें पार्टी में वापस लौटने का न्योता दिया है।

भूपेश बघेल ने दिया ऑफर: कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव और पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल ने कैप्टन के प्रति सहानुभूति दिखाते हुए उन्हें ‘घर वापसी’ का ऑफर दिया है। बघेल ने कहा कि यदि कैप्टन कांग्रेस में लौटने पर विचार करते हैं, तो पार्टी इस पर विचार कर सकती है, हालांकि अंतिम फैसला हाईकमान ही लेगा। उन्होंने कैप्टन को पंजाब की राजनीति का एक बड़ा और प्रभावशाली चेहरा बताया।

बेटी जय इंदर कौर का दो टूक जवाब: कांग्रेस की इस पेशकश पर कैप्टन अमरिंदर सिंह की बेटी और पंजाब भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष जय इंदर कौर ने स्थिति स्पष्ट कर दी है। उन्होंने कहा कि उनके पिता भाजपा में ही रहेंगे और कहीं नहीं जा रहे हैं। ईडी नोटिस पर उन्होंने कहा कि यह पहली बार नहीं है जब उन्हें नोटिस मिला है, और वे जांच में पूरा सहयोग कर रहे हैं।

सियासी बयानबाजी और आरोप: कांग्रेस विधायक परगट सिंह ने आरोप लगाया है कि जैसे ही कैप्टन ने पंजाब के मुद्दों और भाजपा की समझ पर सवाल उठाए, उन्हें ईडी का समन भेज दिया गया। उन्होंने इसे केंद्रीय एजेंसियों के जरिए दबाव बनाने की रणनीति करार दिया। दूसरी ओर, 84 वर्षीय कैप्टन अमरिंदर सिंह लगातार पंजाब में भाजपा और शिरोमणि अकाली दल (SAD) के गठबंधन की वकालत कर रहे हैं ताकि 2027 के चुनावों में मजबूती से उतरा जा सके।

कैप्टन का राजनीतिक सफर: कैप्टन अमरिंदर सिंह तीन बार पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष और दो बार मुख्यमंत्री रहे हैं। 2021 में मुख्यमंत्री पद से हटाए जाने के बाद उन्होंने कांग्रेस छोड़ दी थी और अपनी नई पार्टी ‘पंजाब लोक कांग्रेस’ बनाई, जिसका सितंबर 2022 में उन्होंने भाजपा में विलय कर दिया था।