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भारत-नेपाल के बीच सीमा पार धन प्रेषण सेवा शुरू, UPI और नेपाल के भुगतान नेटवर्क का सीधा एकीकरण

दिल्ली / सत्ता संदेश

भारत और नेपाल ने डिजिटल वित्तीय सहयोग को नई ऊंचाई देते हुए सीमा पार व्यक्ति-से-व्यक्ति धन प्रेषण तंत्र की शुरुआत कर दी है। 6 जून को लॉन्च की गई इस नई व्यवस्था के तहत भारत के यूनिफाइड पेमेंट्स इंटरफेस और नेपाल के नेशनल पेमेंट इंटरफेस को सीधे जोड़ा गया है।

इस एकीकरण के माध्यम से दोनों देशों के नागरिक अब मोबाइल बैंकिंग ऐप और डिजिटल वॉलेट की मदद से वास्तविक समय में सुरक्षित, तेज और निर्बाध तरीके से धन हस्तांतरित कर सकेंगे। यह कदम भारत और नेपाल के बीच वित्तीय समावेशन को बढ़ावा देने के साथ-साथ डिजिटल और आर्थिक एकीकरण को भी मजबूत करेगा।

यह तकनीकी साझेदारी नेशनल पेमेंट्स कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया इंटरनेशनल पेमेंट्स लिमिटेड और नेपाल क्लियरिंग हाउस लिमिटेड के सहयोग से लागू की गई है। इसका उद्देश्य सीमा पार भुगतान को अधिक सुलभ, सुरक्षित और किफायती बनाना है।

नई व्यवस्था से दोनों देशों के यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। अब उन्हें मुद्रा विनिमय की जटिलताओं, अधिक नकदी साथ रखने और अतिरिक्त विदेशी मुद्रा शुल्क जैसी समस्याओं का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं नेपाल के स्थानीय व्यापारियों और व्यवसायों को भारतीय पर्यटकों और ग्राहकों तक सीधी पहुंच मिलने से व्यापारिक गतिविधियों में वृद्धि होने की संभावना है।

इसके अलावा डिजिटल भुगतान प्रणाली से नकदी प्रबंधन की लागत कम होगी, भुगतान का निपटान वास्तविक समय में होगा और सीमा पार नकदी ले जाने की आवश्यकता भी घटेगी। इससे व्यापारिक लेनदेन अधिक सुरक्षित और सुविधाजनक बनेंगे।

गौरतलब है कि वर्तमान में यूपीआई दुनिया के नौ देशों—सिंगापुर, संयुक्त अरब अमीरात, फ्रांस, मॉरीशस, नेपाल, भूटान, कतर, श्रीलंका और कंबोडिया—में स्वीकार किया जाता है। इन देशों में भारतीय यात्री अपने परिचित यूपीआई प्लेटफॉर्म के माध्यम से आसानी से डिजिटल भुगतान कर सकते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि भारत-नेपाल के बीच शुरू हुई यह नई भुगतान व्यवस्था दोनों देशों के बीच आर्थिक संबंधों को और मजबूत करने के साथ-साथ क्षेत्रीय डिजिटल भुगतान सहयोग का एक महत्वपूर्ण उदाहरण बनेगी।

गूगल पे और फोनपे यूजर्स के लिए बड़ी खबर! UPI के नए नियम: फरवरी से बदल जाएगा पेमेंट का तरीका

नेशनल डेस्क : अगर आप भी रोजमर्रा के लेन-देन के लिए गूगल पे (Google Pay), फोनपे (PhonePe) या पेटीएम (Paytm) का इस्तेमाल करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बहुत महत्वपूर्ण है। फरवरी 2026 से यूपीआई पेमेंट सिस्टम में कई बड़े बदलाव लागू किए जा रहे हैं, जिनका उद्देश्य ट्रांजैक्शन को पहले से अधिक तेज, सुरक्षित और भरोसेमंद बनाना है।

10 सेकंड में पूरा होगा ट्रांजैक्शन: नए नियमों के तहत अब किसी भी यूपीआई ट्रांजैक्शन को अधिकतम 10 सेकंड के भीतर पूरा करना अनिवार्य होगा। पहले इसके लिए 30 सेकंड की समय सीमा थी, जिसकी वजह से अक्सर पेमेंट अटक जाते थे। अब डिजिटल पुल (API) के रिस्पॉन्स टाइम को तेज किया गया है ताकि पीक टाइम में भी पेमेंट सुचारू रूप से हो सके।

सुरक्षा और यूजर कंट्रोल पर जोर: डिजिटल धोखाधड़ी को रोकने के लिए सुरक्षा की नई परतें जोड़ी गई हैं:अतिरिक्त वेरिफिकेशन: बड़े अमाउंट के ट्रांजैक्शन के लिए अब एक्स्ट्रा वेरिफिकेशन स्टेप्स पूरे करने होंगे।

स्पष्ट कन्फर्मेशन: पैसे भेजने से पहले स्क्रीन पर साफ कन्फर्मेशन दिखेगा ताकि गलती से ट्रांजैक्शन न हो।सब्सक्रिप्शन कंट्रोल: अब ऑटो-डेबिट और मंथली सब्सक्रिप्शन को मैनेज या कैंसिल करना पहले से कहीं आसान होगा।

फ्रॉड पर लगाम और तेज रिफंड: जो यूपीआई आईडी लंबे समय से इस्तेमाल नहीं हुई हैं, उन्हें फ्रॉड के खतरे को कम करने के लिए अस्थायी रूप से सीमित कर दिया जाएगा और उन्हें दोबारा शुरू करने के लिए री-वेरिफिकेशन जरूरी होगा।

इसके अलावा, अगर कोई ट्रांजैक्शन फेल होता है, तो उसका समाधान अब तेजी से किया जाएगा और ग्राहकों को रिफंड कुछ ही घंटों में मिल सकेगा। साथ ही, बार-बार आने वाली स्पैम ‘कलेक्ट रिक्वेस्ट’ (पैसे मांगने वाले नोटिफिकेशन) पर भी सीमा तय की गई है।