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पीजीआईएमईआर में 20 अप्रैल से न्यूरोलॉजी एवं न्यूरोसर्जरी ओपीडी एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर में शिफ्ट होंगी

“रोगी देखभाल को बेहतर बनाने और क्लिनिकल दक्षता को सुव्यवस्थित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम” : प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर

चंडीगढ़, 17 2026: अप्रैल पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ ने घोषणा की है कि न्यूरोलॉजी और न्यूरोसर्जरी (न्यूरोसर्जरी ट्रॉमा ओपीडी को छोड़कर) की बाह्य रोगी सेवाएं (ओपीडी) 20 अप्रैल 2026 से एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर के लेवल-2 पर (एसबीआई बैंक और गोल मार्केट के पास) संचालित होंगी।

इस परिवर्तन को सुगम बनाने के लिए ये सेवाएं 18 अप्रैल 2026 की दोपहर के बाद न्यू ओपीडी ब्लॉक से बंद कर दी जाएंगी।

इस बदलाव को रोगी देखभाल और क्लिनिकल दक्षता को बेहतर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताते हुए पीजीआईएमईआर के निदेशक प्रो. विवेक लाल ने कहा,“यह केवल स्थान परिवर्तन नहीं, बल्कि न्यूरोलॉजिकल देखभाल प्रदान करने के तरीके में एक परिवर्तनकारी कदम है। एडवांस्ड न्यूरोसाइंस सेंटर में परामर्श, जांच और उन्नत उपचार सुविधाओं को एकीकृत करके हम एक रोगी-केंद्रित प्रणाली विकसित कर रहे हैं, जो विलंब को कम करती है, उपचार के परिणामों को बेहतर बनाती है और मरीजों को अधिक सहज अनुभव प्रदान करती है। यह कदम सुपर-स्पेशलिटी स्वास्थ्य सेवाओं में नए मानक स्थापित करने की पीजीआईएमईआर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।”

ओपीडी के समय और कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया गया है।न्यूरोलॉजी ओपीडी सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को संचालित होंगी, जबकि गुरुवार को विशेष क्लिनिक (सुबह 11:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक) लगेगा।न्यूरोसर्जरी ओपीडी मंगलवार, गुरुवार और शनिवार को पूर्ववत संचालित होंगी, जिनका सामान्य समय सुबह 8:00 बजे से 11:00 बजे तक रहेगा।

मरीज और उनके परिजन पीजीआईएमईआर, चंडीगढ़ के गेट नंबर 3 से एडवांस्ड न्यूरोसाइंसेज सेंटर में प्रवेश कर सकते हैं। आगंतुकों के मार्गदर्शन और सुचारू व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक प्रबंध किए गए हैं।

सभी संबंधित पक्षों से अनुरोध है कि इस परिवर्तन का संज्ञान लें और सहयोग प्रदान करें।

एक्ट ह्यूमेन एनजीओ ने कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (सीएसआर) पहल के तहत 100 टीबी मरीजों को गोद लिया

सामुदायिक स्वास्थ्य को मजबूत करने और टीबी मुक्त भारत के तहत सरकार की ‘निक्षय मित्र’ पहल का समर्थन करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए, एक्ट ह्यूमेन एनजीओ ने अपनी सीएसआर पहल के तहत जिले में 100 टीबी मरीजों को गोद लेने का निर्णय लिया है।इस पहल के तहत, संगठन छह महीने की अवधि के लिए हर महीने प्रोटीन युक्त आहार किट प्रदान करेगा, जिससे उपचार करा रहे मरीजों को पोषण संबंधी सहायता सुनिश्चित हो सकेगी। इस प्रयास का उद्देश्य बेहतर स्वास्थ्य परिणाम प्राप्त करना, टीबी से जुड़े कलंक को कम करना और टीबी मुक्त एवं स्वस्थ समुदाय के निर्माण के व्यापक लक्ष्य में योगदान देना है।यह पहल लुधियाना के उपायुक्त श्री हिमांशु जैन (आईएएस), सहायक आयुक्त (सामान्य) श्रीमती पायल गोयल और श्री अंबर बंदोपाध्याय के मार्गदर्शन में की गई। इस पहल का समन्वय और संचालन जिला परिवर्तन सहयोगी सिमरनजीत कौर (सीएसआर) और साहिल सिद्दीकी (स्वास्थ्य) द्वारा किया गया, जिन्होंने इस सहयोग को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई।

लुधियाना जिला प्रशासन ने संगठन के मानवीय योगदान की सराहना की है और अधिक संगठनों को अपने सीएसआर पहलों के तहत जन कल्याण और स्वास्थ्य संबंधी कार्यों में सहयोग करने के लिए आगे आने को प्रोत्साहित किया है।
प्रशासन और सामाजिक क्षेत्र के बीच इस प्रकार के सहयोगात्मक प्रयास टीबी मुक्त भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने और एक स्वस्थ समाज के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।

AMRIT मरीज देखभाल को बड़ी मजबूती देने वाला कदम है: आयुष्मान भारत 4×4 व्हील ड्राइव की तरह मरीज सेवाओं को गति देता है, जबकि AMRIT इसकी किफायती व्यवस्था की रीढ़ है”

AMRIT मरीज देखभाल को बड़ी मजबूती देने वाला कदम है: आयुष्मान भारत 4×4 व्हील ड्राइव की तरह मरीज सेवाओं को गति देता है, जबकि AMRIT इसकी किफायती व्यवस्था की रीढ़ है” — प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआरपीजीआईएमईआर ने 14वीं AMRIT फार्मेसी के साथ बनाया राष्ट्रीय कीर्तिमान — देश के किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पताल में सर्वाधिक संख्या

चंडीगढ़, 30 मार्च 2026: AMRIT फार्मेसी को “मरीज देखभाल को बड़ी मजबूती देने वाला कदम” बताते हुए, प्रो. विवेक लाल, निदेशक, पीजीआईएमईआर ने आज कहा, “आयुष्मान भारत 4×4 व्हील ड्राइव की तरह कार्य करते हुए पीजीआईएमईआर में भारी मरीज भार को संभालने और बनाए रखने में सक्षम बना रहा है, जबकि AMRIT उपचार को किफायती बनाकर इसकी रीढ़ का कार्य करता है।” यह बात उन्होंने संस्थान की 14वीं AMRIT (Affordable Medicines and Reliable Implants for Treatment) फार्मेसी के उद्घाटन अवसर पर कही, जो देश के किसी भी सार्वजनिक क्षेत्र के अस्पताल में इस प्रकार की सर्वाधिक संख्या है।

नेहरू एक्सटेंशन ब्लॉक स्थित इस सुविधा का उद्घाटन प्रो. विवेक लाल द्वारा प्रो. आर.के. राठो, डीन (एकेडमिक्स); प्रो. संजय जैन, डीन (रिसर्च); श्री पंकज राय, उप-निदेशक (प्रशासन); प्रो. संदीप बंसल, अतिरिक्त चिकित्सा अधीक्षक; विभागाध्यक्षों, वरिष्ठ संकाय सदस्यों, रेजिडेंट्स, नर्सिंग अधिकारियों एवं पीजीआईएमईआर के अन्य कर्मचारियों की उपस्थिति में किया गया।

श्री राजेश नायर, उपाध्यक्ष, AMRIT फार्मेसी, भी अपनी टीम के साथ इस अवसर पर उपस्थित रहे, जो AMRIT पहल के निरंतर सहयोग और समन्वय को दर्शाता है।

सभा को संबोधित करते हुए प्रो. विवेक लाल ने AMRIT पहल को मरीज-केंद्रित देखभाल का एक महत्वपूर्ण स्तंभ बताया और आयुष्मान भारत के लाभार्थियों के समर्थन में इसकी अहम भूमिका को रेखांकित किया।

उन्होंने कहा, “हर मरीज गुणवत्तापूर्ण और किफायती उपचार का हकदार है। AMRIT के माध्यम से हम प्रतिष्ठित और मानक कंपनियों की दवाइयों को काफी रियायती दरों पर उपलब्ध करा रहे हैं। यह पहल मरीज देखभाल की रीढ़ बन चुकी है।”

सेवाओं के व्यापक दायरे और दबाव पर प्रकाश डालते हुए उन्होंने कहा, “आयुष्मान भारत मरीजों तक पहुंच सुनिश्चित कर रहा है, बड़ी संख्या में मरीजों का समर्थन कर रहा है और यह सुनिश्चित कर रहा है कि आर्थिक बाधाएं उपचार में बाधा न बनें। AMRIT इस व्यवस्था को किफायती और सुलभ बनाकर इसे और मजबूत करता है।”

विस्तार योजनाओं का उल्लेख करते हुए निदेशक पीजीआईएमईआर ने बताया कि वर्तमान में 14 AMRIT आउटलेट्स कार्यरत हैं और संस्थान निकट भविष्य में 2 से 3 और आउटलेट्स स्थापित करने की योजना बना रहा है, ताकि किफायती दवाओं की अंतिम स्तर तक पहुंच सुनिश्चित की जा सके।

उन्होंने कहा, “कार्डियोलॉजी और आपातकालीन सेवाओं जैसे उच्च भार वाले क्षेत्रों में AMRIT आउटलेट्स को 24×7 उपलब्धता के साथ स्थापित किया जा रहा है, जहां आयुष्मान भारत लाभार्थियों के लिए विशेष सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। यह कोई व्यावसायिक गतिविधि नहीं, बल्कि एक मरीज कल्याण आंदोलन है।”

AMRIT को एक परिवर्तनकारी पहल बताते हुए उन्होंने कहा, “यह मरीजों के लिए सबसे प्रभावी हस्तक्षेपों में से एक है। हम भारत सरकार के आभारी हैं कि उन्होंने इस तरह की जनहितकारी और प्रेरणादायक पहल को बढ़ावा दिया है।”

संचालन संबंधी चुनौतियों को स्वीकार करते हुए प्रो. लाल ने निरंतर सुधार पर बल दिया। उन्होंने कहा, “कोई भी प्रणाली 100 प्रतिशत परिपूर्ण नहीं होती, लेकिन हम अधिकतम दक्षता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध हैं। उपलब्धता और रिफंड जैसी चुनौतियों को सक्रिय रूप से संबोधित किया जा रहा है तथा प्रक्रियाओं को और सुगम बनाने के लिए मंत्रालय से संवाद जारी है।”

उन्होंने बढ़ते मरीज भार को संभालने के लिए मजबूत प्रणालियों की आवश्यकता पर भी जोर दिया। “मरीजों की संख्या को देखते हुए हम AMRIT आउटलेट्स की निर्बाध कार्यप्रणाली और पर्याप्त स्टॉक सुनिश्चित कर रहे हैं, ताकि विशेष रूप से आयुष्मान भारत के तहत मरीज सेवाएं प्रभावित न हों,” उन्होंने कहा।

पीजीआईएमईआर की विरासत को रेखांकित करते हुए उन्होंने कहा, “1963 से पीजीआईएमईआर मरीज देखभाल का एक सशक्त स्तंभ रहा है। हमारी सेवाओं का स्तर विश्व के श्रेष्ठ संस्थानों के समकक्ष है और हम निरंतर बुनियादी ढांचे और प्रणालियों को सुदृढ़ कर रहे हैं।”

संस्थागत सुधारों पर बोलते हुए उन्होंने कहा, “परिवर्तन के मार्ग में अदृश्य बाधाएं होती हैं, लेकिन हम दृढ़ता से आगे बढ़ रहे हैं। जो पहलें पहले कठिन लगती थीं—जैसे AMRIT को क्रिटिकल केयर क्षेत्रों तक विस्तार देना—आज वे वास्तविकता बन चुकी हैं। ये बदलाव शांत लेकिन प्रभावशाली हैं।”

भविष्य की योजनाओं की जानकारी देते हुए प्रो. लाल ने बताया कि माननीय केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री 27 अप्रैल 2026 को पीजीआईएमईआर के दीक्षांत समारोह में भाग लेंगे। इस अवसर पर न्यूरोसाइंसेज सेंटर, एडवांस्ड मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य केंद्र, क्रिटिकल केयर सेंटर सहित कई महत्वपूर्ण परियोजनाओं का उद्घाटन अपेक्षित है।

निदेशक पीजीआईएमईआर ने प्रशासनिक और वित्तीय प्रक्रियाओं में सुधार की भी सराहना की। उन्होंने कहा, “हाल के महीनों में वित्तीय प्रक्रियाएं अधिक सुगम हुई हैं, जिससे खरीद प्रक्रिया तेज हुई है और सेवा वितरण में सुधार आया है। इससे AMRIT आउटलेट्स के विस्तार और कुशल संचालन में भी मदद मिली है।”

14वीं AMRIT फार्मेसी का उद्घाटन पीजीआईएमईआर की किफायती स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति प्रतिबद्धता को और मजबूत करता है, जहां AMRIT और आयुष्मान भारत मिलकर बढ़ते मरीज भार को संभालने और जेब से होने वाले खर्च को कम करने में एक सशक्त पूरक व्यवस्था के रूप में कार्य कर रहे हैं।