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साहिल अग्रवाल बने पंजाब अग्रवाल कल्याण बोर्ड के वरिष्ठ उपाध्यक्ष, AAP नेताओं ने दी बधाई

लुधियाना / सत्ता संदेश

बुधवार को स्थानीय बचत भवन में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ता और पदाधिकारी एकत्रित हुए, जहां साहिल अग्रवाल को पंजाब अग्रवाल कल्याण बोर्ड का वरिष्ठ उपाध्यक्ष नियुक्त किए जाने पर सम्मानित किया गया।

इस अवसर पर आम आदमी पार्टी की पूरी टीम ने पंजाब के मुख्यमंत्री सरदार भगवंत सिंह मान और पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह नियुक्ति समाज सेवा और जनकल्याण के क्षेत्र में किए जा रहे कार्यों की पहचान है।

नवनियुक्त वरिष्ठ उपाध्यक्ष श्री साहिल अग्रवाल ने उन्हें यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपने के लिए पार्टी नेतृत्व का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि वह समाज और व्यापारिक वर्ग के हितों के लिए पूरी निष्ठा और ईमानदारी से कार्य करेंगे।

इस दौरान श्री साहिल अग्रवाल ने पंजाब राज्य व्यापार आयोग के जिला उपाध्यक्ष रोहित वर्मा, उत्तरी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष राजू चावला, दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. इंदरजीत वर्मा, आतम नगर विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष मनप्रीत, पूर्वी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष अनुज चौधरी, पश्चिमी विधानसभा क्षेत्र के अध्यक्ष डॉ. दविंदर सिंह घुमन, रूपेश, वीरेंद्र पांडे, वेद तथा अन्य सहयोगियों का भी विशेष रूप से धन्यवाद किया।

कार्यक्रम में मौजूद नेताओं और कार्यकर्ताओं ने साहिल अग्रवाल को नई जिम्मेदारी मिलने पर शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि उनके नेतृत्व में बोर्ड समाज के कल्याण और विकास के लिए प्रभावी भूमिका निभाएगा।

राघव चड्ढा बने राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष, 10 सदस्यीय नई समिति का पुनर्गठन

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण संसदीय बदलाव के तहत आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha को राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही समिति का पुनर्गठन करते हुए राज्यसभा सभापति की ओर से 10 सदस्यों को इसमें नामित किया गया है।

हालांकि, कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में उनके राजनीतिक दल परिवर्तन को लेकर गलत दावे किए गए थे, लेकिन आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार Raghav Chadha अभी भी आम आदमी पार्टी से ही राज्यसभा सदस्य हैं और उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।

संसदीय सूत्रों के मुताबिक, याचिका समिति नागरिकों और संगठनों से प्राप्त याचिकाओं की जांच करती है और उनसे जुड़े मामलों पर संसद को सिफारिशें देती है। इस समिति की भूमिका जनहित से जुड़े मुद्दों को संसद तक पहुंचाने में अहम मानी जाती है।

राज्यसभा सभापति की ओर से किए गए इस पुनर्गठन को संसदीय समितियों के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। नई समिति आने वाले समय में विभिन्न जनहित याचिकाओं पर विचार करेगी और आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब संसद की विभिन्न समितियों में नए सिरे से जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं ताकि विधायी कार्यों को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।

अमित शाह का मिशन पंजाब, नशे के मुद्दे पर ‘आप’ को घेरने की तैयारी

दिल्ली/सत्ता संदेश
पांच राज्यों के चुनाव खत्म होने के बाद अब बीजेपी ने मिशन पंजाब को अमलीजामा पहनाना शुरू कर दिया है। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह अब हर महीने पंजाब जाएंगे। वह पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ यात्रा की शुरुआत करेंगे। पंजाब में अगले साल फरवरी में उत्तर प्रदेश, गोवा, उत्तराखंड और मणिपुर के साथ विधानसभा चुनाव होने हैं। बाकी चार राज्यों में बीजेपी की सरकारें हैं लेकिन पंजाब में बीजेपी अपनी जमीन मजबूत करना चाहती है।


खबरों के मुताबिक, अमित शाह का ‘मिशन पंजाब’ मई महीने से शुरू हो जाएगा. मई में वह पंजाब के दौरे पर जाएंगे। इस दौरान पूरे पंजाब में ड्रग्स के खिलाफ बीजेपी की यात्राओं की शुरुआत भी की जाएगी। इस यात्राओं में अलग-अलग समय पर अलग-अलग जगहों पर बीजेपी के राज्य और केंद्र के बड़े नेता भी समय समय पर जुड़ेंगे। बीजेपी नेता जनता को ये भी बताएंगे की चूंकि पंजाब बॉर्डर राज्य है लिहाजा बीजेपी सरकार बनने पर डबल इंजन सरकार के मार्फत सीमा से ड्रग्स की तस्करी पर भी नकेल लगाने में मदद मिलेगी।

पंजाब में ड्रग्स बड़ा मुद्दा है


बीजेपी चुनावों से पहले ड्रग्स को एक बड़ा मुद्दा बनाना चाहती है इसलिए इसके खिलाफ जनजागरुकता अभियान चलाया जाएगा। बीजेपी नेताओं का कहना है कि अमित शाह ने पूरे देश में ड्रग्स के खिलाफ लडाई छेड़ी हुई है ऐसे में पंजाब को भी ड्रग्स मुक्त किया जाएगा। पार्टी को लगता है कि पंजाब में नशे की लत के चलते लाखों घर बर्बाद हुई, युवाओं में इस लत के चलते परिवार टूट रहे हैं।
बीजेपी का मानना है कि इस अभियान से उनकों लोगों का समर्थन और साथ मिलेगा। साथ ही पंजाब सरकार की ड्रग्स पर नकेल कसने को लेकर नाकामी को भी जनता के सामने लाया जाएगा। इस यात्रा के जरिए राज्य की आम आदमी पार्टी सरकार को इस मुद्दे पर एक्सपोज करने की तैयारी है।

नशे के बहाने ‘आप’ को घेरने की तैयारी में बीजेपी


2016 में बीजेपी अकाली गठबंधन सरकार के समय भी बतौर पार्टी अध्यक्ष उन्होंने यह यात्रा निकालने का फैसला किया था, लेकिन तब अंदरूनी कारणों से इस फैसले को टाल दिया गया था। 2022 में आम आदमी पार्टी ने भी ड्रग्स को विधानसभा चुनाव में एक बड़ा मुद्दा बनाया था और उसकी जीत के पीछे इसे भी एक बड़ा कारण माना गया था। बीजेपी ने पंजाब में अकेले चुनाव लड़ने का फैसला किया है। पार्टी अपने पुराने सहयोगी शिरोमणि अकाली दल के साथ गठबंधन नहीं करेगी।

पंजाब की सियासी जमीन पर कमल खिलाने की तैयारी


मार्च 2026 में अमित शाह ने मोगा में बदलाव रैली के जरिए पंजाब में बीजेपी के चुनावी अभियान की शुरूआत कर दी है। अब इस ड्रग्स के खिलाफ यात्रा से पार्टी को पंजाब के पिंड पिंड तक पहुंचने की उम्मीद है, क्योकि पंजाब का लगभग हर इलाका इससे प्रभावित है। साथ ही बीजेपी का आकलन है कि अब पंजाब के जमीनी हालात बदले हैं। जहां एक तरफ आम आदमी पार्टी सरकार अपने वादे पूरे नहीं कर पाई तो वहीं कांग्रेस भी अंदरूनी गुटबाजी से जुझ रही है। अकाली दल भी सरदार प्रकाश सिंह बादल के निधन के बाद आंतरिक मतभेदों में उलझी है। लिहाजा बीजेपी को इस बार पंजाब सियासी तौर पर उपजाऊ जमीन नजर आ रहा है।

विधायक अशोक पाराशर पप्पी के नेतृत्व में विभिन्न दलों के नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हुए।

विधायक अशोक पाराशर पप्पी के नेतृत्व में विभिन्न दलों के नेता आम आदमी पार्टी में शामिल हुए और जनहितैषी नीतियों पर भरोसा जताया। आज आम आदमी पार्टी के जनहितैषी और विकासोन्मुखी कार्यों से प्रभावित होकर विभिन्न राजनीतिक दलों से जुड़े कई प्रमुख नेताओं ने पार्टी में शामिल होने की घोषणा की। इस अवसर पर समारोह में उत्साहपूर्ण वातावरण के बीच, नए सदस्यों ने पार्टी की नीतियों और जन-केंद्रित सोच की सराहना करते हुए अपना विश्वास व्यक्त किया।

आम आदमी पार्टी में शामिल होने वालों में कावलजीत सिंह बावा ओबेरॉय, एकजोत ओबेरॉय, सिमरनजीत सहगल, जशन ढल, जस नूर, नरिंदर कौर, आशा, ममता, मनदीप सिंह और विजय गुजराती शामिल हैं। इन सभी ने आम आदमी पार्टी की सिद्धांतवादी राजनीति और पारदर्शी शासन से प्रभावित होकर यह कदम उठाया है।

इस अवसर पर विधायक अशोक पाराशर पप्पी ने सभी नए सदस्यों का हार्दिक स्वागत करते हुए कहा कि आम आदमी पार्टी हमेशा से आम जनता की आवाज को मजबूत करने के लिए प्रतिबद्ध रही है।
उन्होंने कहा कि पार्टी में शामिल होने वाले प्रत्येक सदस्य को उचित सम्मान दिया जाएगा और उनकी योग्यता और अनुभव का उपयोग जन कल्याण कार्यों में किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी सरकार द्वारा चलाए जा रहे विकास कार्यों और जन कल्याण योजनाओं के कारण जनता का विश्वास लगातार बढ़ रहा है, जिसका स्पष्ट प्रमाण विभिन्न दलों के नेताओं का पार्टी में शामिल होना है।
अंत में, उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि नए सदस्यों के शामिल होने से पार्टी और मजबूत होगी और लोगों की सेवा अधिक तेजी से और प्रभावी ढंग से की जा सकेगी।
AAP का बड़ा एक्शन: राघव चड्ढा को राज्यसभा में उपनेता पद से हटाया; अशोक मित्तल संभालेंगे कमान

पंजाब डेस्क: आम आदमी पार्टी (AAP) ने एक बड़ा संगठनात्मक बदलाव करते हुए राघव चड्ढा को राज्यसभा में पार्टी के उपनेता (Deputy Leader) के पद से हटा दिया है। पार्टी और राघव चड्ढा के बीच बढ़ती दूरियों और मतभेदों की अटकलों के बीच इस कदम को काफी अहम माना जा रहा है।

नया उपनेता: पंजाब से राज्यसभा सदस्य डॉ. अशोक मित्तल अब राज्यसभा में पार्टी के नए उपनेता के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगे।

सचिवालय को पत्र: पार्टी ने इस संबंध में राज्यसभा सचिवालय को आधिकारिक पत्र भेज दिया है।बोलने पर रोक की मांग: चौंकाने वाली बात यह है कि ‘आप’ ने सचिवालय से यह भी अनुरोध किया है कि राघव चड्ढा को संसद में बोलने के लिए समय न दिया जाए।

मतभेदों की पुष्टि: हालांकि पार्टी ने आधिकारिक तौर पर किसी विवाद की बात नहीं कही है, लेकिन इस फैसले को राघव चड्ढा और पार्टी नेतृत्व के बीच चल रहे मनमुटाव पर मुहर के रूप में देखा जा रहा है।

राघव चड्ढा का सफर: राघव चड्ढा साल 2012 के लोकपाल आंदोलन के समय से ही अरविंद केजरीवाल के साथ जुड़े हुए हैं। वे 2022 में 33 साल की उम्र में राज्यसभा के सबसे कम उम्र के सदस्य बने थे और 2023 में उन्हें संजय सिंह की जगह राज्यसभा में पार्टी का नेता नियुक्त किया गया था। वर्तमान में राज्यसभा में ‘आप’ के कुल 10 सदस्य हैं, जिनमें से 7 पंजाब और 3 दिल्ली से हैं।

पंजाब में आम आदमी पार्टी के विधायक और सात अन्य को 2013 के छेड़छाड़ मामले में बरी किया गया

चंडीगढ़, 31 मार्च (भाषा) पंजाब और हरियाणा उच्च न्यायालय ने छेड़छाड़ और हमले से जुड़े साल 2013 के एक मामले में दोनों पक्षों के बीच समझौता होने के बाद आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक मनजिंदर सिंह लालपुरा और सात अन्य लोगों को बरी कर दिया।

अदालत ने पंजाब की खडूर साहिब विधानसभा सीट से विधायक लालपुरा और सात अन्य आरोपियों को पिछले सितंबर में तरन तारन की अदालत द्वारा सुनाई गई चार साल कैद की सजा सोमवार को रद्द कर दी।

न्यायमूर्ति त्रिभुवन दाहिया की पीठ ने याचिका स्वीकार करते हुए मार्च 2013 में तरन तारन थाने में भारतीय दंड सहिंता (आईपीसी) की विभिन्न धाराओं और एससी/एसटी अधिनियम के तहत दर्ज प्राथमिकी भी खारिज कर दी।

अनुसूचित जाति (एससी) से संबंधित महिला शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया था कि तीन मार्च 2013 को तरन तारन में विधायक लालपुरा और कुछ पुलिसकर्मियों ने उनकी और उनके परिवार के कुछ सदस्यों की पिटाई की थी। उस समय लालपुरा एक टैक्सी चालक थे।

अदालत ने आदेश में कहा कि आठों आरोपियों को सभी आरोपों से बरी किया जाता है। अदालत ने इस बात पर भी गौर किया कि याचिकाकर्ताओं का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है।

अदालत ने कहा कि विवादों का आपसी समझौते के जरिए समाधान हो चुका है। याचिकाकर्ता और शिकायतकर्ता ने चार फरवरी को समझौता किया था।

युद्ध नशीआन विरुद्ध अभियान नशे की समस्या का अंतिम हलका साबित हुआ है। भगवंत मान सरकार पंजाब से इसे जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है: मनीष सिसोदिया

नशीली दवाओं के व्यापार में शामिल किसी को भी बख्शा नहीं जाएगा, चाहे वे AAP के ही क्यों न हों। उनके खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी: मनीष सिसोदिय, AAP संघर्ष से जन्मी है। जिस तरह हमने भ्रष्टाचार से लड़ाई लड़ी, उसी तरह हम पंजाब से नशीली दवाओं को जड़ से खत्म करेंगे: मनीष सिसोदिया ,भगवंत मान सरकार युद्धस्तर पर कार्रवाई कर रही है। बड़े तस्करों को गिरफ्तार किया जाएगा और उनकी अवैध संपत्तियां जब्त की जाएंगी: हरदीप सिंह मुंडियन

आम आदमी पार्टी (AAP) के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने बुधवार को भगवंत मान सरकार के ‘युद्ध नशीयन विरुद्ध’ अभियान को नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने का अंतिम कदम बताते हुए कहा कि पंजाब सरकार ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए निर्णायक और बिना किसी समझौते के अभियान शुरू किया है। मालवा जोन में हुई बैठक के दौरान दिल्ली के पूर्व उपमुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई पूर्ण और निष्पक्ष होगी, और नशे के व्यापार में शामिल हर व्यक्ति के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ा हो या नहीं।

सभा को संबोधित करते हुए AAP के वरिष्ठ नेता और पंजाब प्रभारी मनीष सिसोदिया ने कहा, “नशे के खिलाफ लड़ाई एक लंबी और निर्णायक लड़ाई है, और भगवंत सिंह मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार पंजाब से नशे की समस्या को जड़ से खत्म करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।”

AAP के पंजाब प्रभारी ने नशा नेटवर्क के खिलाफ सामूहिक कार्रवाई और बिना किसी समझौते के कार्रवाई की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा, “अगर हम पंजाब को नशे से मुक्त करना चाहते हैं, तो हमें योद्धाओं की तरह लड़ना होगा। यह पंजाब के भविष्य को बचाने की सामूहिक लड़ाई है।” उन्होंने आगे कहा, “स्पष्ट निर्देश जारी किए गए हैं कि नशीले पदार्थों के व्यापार में शामिल किसी भी व्यक्ति को, चाहे वह किसी भी राजनीतिक दल से जुड़ा हो, बख्शा नहीं जाना चाहिए, भले ही आरोपी आम आदमी पार्टी का ही क्यों न हो। जो भी दोषी पाया जाए, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।”

पंजाब की विरासत का जिक्र करते हुए मनीष सिसोदिया ने लोगों को साहस और बलिदान की उनकी विरासत की याद दिलाई। उन्होंने कहा, “हम गुरुओं और शहीदों की धरती से हैं, और ‘युद्ध नशीयां विरुद्ध’ मादक पदार्थों के खतरे के ताबूत में आखिरी कील साबित होगा। यह जंग केवल साहस और दृढ़ संकल्प से ही जीती जा सकती है। हमें पंजाब को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने के अपने लक्ष्य को नहीं छोड़ना चाहिए।” उन्होंने नागरिकों से सक्रिय रूप से भाग लेने, जानकारी साझा करने और प्रवर्तन प्रयासों में सहयोग करने का आग्रह किया।

आप की वैचारिक नींव से तुलना करते हुए उन्होंने आगे कहा, “जिस प्रकार आप केवल एक राजनीतिक दल नहीं बल्कि व्यवस्था से भ्रष्टाचार और भ्रष्ट तत्वों को जड़ से उखाड़ फेंकने का एक आंदोलन है, उसी प्रकार हमें पंजाब से मादक पदार्थों और मादक पदार्थों के तस्करों को जड़ से उखाड़ फेंकना होगा। हम सभी के अथक प्रयासों से एक दिन हम यह लड़ाई जरूर जीतेंगे।”

जमीनी स्तर पर समन्वित कार्रवाई का आह्वान करते हुए मनीष सिसोदिया ने कहा, “मंत्रियों, विधायकों और हलका प्रभारियों को ब्लॉक प्रमुखों और ग्राम रक्षा समितियों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करना चाहिए। उन्हें प्रेरित करना चाहिए और उनकी सुरक्षा करनी चाहिए, साथ ही आम आदमी पार्टी के जमीनी कार्यकर्ताओं और पुलिस के साथ घनिष्ठ समन्वय सुनिश्चित करना चाहिए। कमर कस लें और पूरी गंभीरता और प्रतिबद्धता के साथ आगे बढ़कर नेतृत्व करें। अपने-अपने क्षेत्रों को नशामुक्त बनाने की पूरी जिम्मेदारी लें।”

आम आदमी पार्टी के सफर को याद करते हुए, वरिष्ठ नेता ने चुनौतियों का सामना करने में पार्टी के लचीलेपन पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा, “आम आदमी पार्टी संघर्ष से जन्मी है और इसमें कभी साहस की कमी नहीं रही। यहां तक ​​कि जब हमारे नेता, जिनमें अरविंद केजरीवाल, सत्येंद्र जैन और मैं शामिल थे, तथाकथित शराब घोटाले में निशाना बनाए गए, तब भी अदालत ने पाया कि कोई मामला बनता ही नहीं था। कई शक्तियां खोने के बावजूद, सरकार ने शिक्षा, स्वास्थ्य सेवा, बिजली और जल आपूर्ति में ऐतिहासिक सुधार किए।” इस बीच, पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियन ने भी आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार के दृढ़ रुख को दोहराया। उन्होंने कहा, “भगवंत मान सरकार ने पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए युद्धस्तर पर काम करना शुरू कर दिया है। आपूर्ति श्रृंखला को खत्म करने, बड़े तस्करों को गिरफ्तार करने और उनकी अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को जब्त करने या ध्वस्त करने के लिए कोई कसर नहीं छोड़ी जाएगी।” हरदीप सिंह मुंडियन ने सभी हितधारकों से ग्राम और वार्ड रक्षा समितियों की सक्रिय भागीदारी के माध्यम से इस अभियान को एक वास्तविक जन आंदोलन में बदलने का आग्रह किया।

उपायुक्त हिमांशु जैन ने लुधियाना को नशामुक्त जिला बनाने के लिए एक विस्तृत बहुआयामी रोडमैप प्रस्तुत किया, जिसमें पुलिस, नागरिक प्रशासन, गैर सरकारी संगठनों और स्थानीय हितधारकों के समन्वित प्रयासों से ‘युद्ध नशा विरुद्ध’ अभियान के तहत सख्त प्रवर्तन, व्यापक जागरूकता अभियान, सामुदायिक भागीदारी और मजबूत नशामुक्ति एवं पुनर्वास सहायता पर जोर दिया गया।

पुलिस आयुक्त स्वपन शर्मा ने बताया कि प्रवर्तन में पहले ही महत्वपूर्ण प्रगति हो चुकी है। उन्होंने कहा, “लगभग 2,500 नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें 352 कुख्यात अपराधी शामिल हैं। 12 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की गई है और 4,000 से अधिक लोगों को नशामुक्ति के लिए भर्ती कराया गया है।”

खन्ना एसएसपी डॉ. दर्पण अहलूवालिया और एसडीएम स्वाति तिवाना ने भी सभा को लक्षित हस्तक्षेपों के बारे में जानकारी दी और बताया कि कुख्यात मीट मार्केट हॉटस्पॉट को एक व्यापक और बहुआयामी दृष्टिकोण के माध्यम से पूरी तरह से सुधारा जा रहा है।

बैठक में विधायक सर्वजीत कौर मानूके, राजिंदरपाल कौर छीना, अशोक पराशर पप्पी, मदन लाल बग्गा, दलजीत सिंह भोला ग्रेवाल, कुलवंत सिंह सिद्धू, हाकम सिंह ठेकेदार, मनविंदर सिंह गियासपुरा, जीवन सिंह संगोवाल, रूपिंदर सिंह हैप्पी, गुरदित सिंह सेखों, दविंदरजीत सिंह लाडी धोस, अमृतपाल सिंह सुखानंद और अन्य के अलावा वरिष्ठ नेता डॉ. केएनएस कंग, मेयर प्रिंसिपल इंद्रजीत कौर, वरिष्ठ प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी उपस्थित थे। और ग्राम रक्षा समितियों (वीडीसी) के सदस्य।

तरनतारन में बड़ी वारदात: शादी समारोह में नाच रहे AAP सरपंच की गोलियों से भूनकर हत्या, चचेरा भाई घायल

पंजाब डेस्क : पंजाब के तरनतारन में एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ एक शादी समारोह के दौरान आम आदमी पार्टी (AAP) के मौजूदा सरपंच की दिन-दहाड़े हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान गांव ठ्ठियां महंता के सरपंच हरपिंदर सिंह के रूप में हुई है।

स्टेज पर नाचते समय हुआ हमला: यह वारदात तरनतारन-बठिंडा राष्ट्रीय राजमार्ग पर स्थित सिद्धू फार्म में हुई। जानकारी के अनुसार, हरपिंदर सिंह अपने दोस्तों और रिश्तेदारों के साथ स्टेज पर नाच रहे थे, तभी अज्ञात हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। हमलावरों ने सरपंच के पेट और सिर में चार गोलियां मारीं, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

AK-47 जैसे हथियार का इस्तेमाल: बताया जा रहा है कि हमलावरों की संख्या तीन से चार थी और उनमें से एक AK-47 जैसे आधुनिक हथियार से लैस था। इस अचानक हुई गोलीबारी में सरपंच का चचेरा भाई भी गंभीर रूप से घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए अमृतसर के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिस की जांच जारी : घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी सुरिंदर लांबा भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। सरहाली थाने की पुलिस ने मामले में कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है और हमलावरों की तलाश की जा रही है। दिन-दहाड़े हुई इस हत्या से इलाके में दहशत का माहौल है।