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विश्व तंबाकू निषेध दिवस: शिक्षा मंत्रालय ने सम्मानित किए तंबाकू-मुक्त स्कूल, लॉन्च किया नया पोर्टल

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

विश्व तंबाकू निषेध दिवस से पहले शिक्षा मंत्रालय के विद्यालय शिक्षा एवं साक्षरता विभाग (डीओएसईएल) ने नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान “तंबाकू-मुक्त पीढ़ी की ओर: स्कूल चैलेंज 2025” के विजेता स्कूलों को सम्मानित किया गया।

कार्यक्रम में डीओएसईएल के सचिव संजय कुमार ने विजेता स्कूलों को पुरस्कार प्रदान किए। उन्होंने बताया कि देशभर के 17,000 से अधिक स्कूलों ने इस अभियान में भाग लिया। उन्होंने सभी स्कूलों से तंबाकू और नशा मुक्त वातावरण बनाने की अपील की।

संजय कुमार ने कहा कि स्कूल बच्चों में स्वस्थ आदतें विकसित करने और नशे से दूर रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बताया कि देश की शिक्षा व्यवस्था लगभग 24.69 करोड़ छात्रों तक पहुंचती है, जिससे यह अभियान एक बड़े सामाजिक आंदोलन का रूप ले सकता है।

इस अवसर पर नशा-मुक्त भारत अभियान के तहत 2026-2029 की तीन वर्षीय कार्य योजना और नशा मुक्त विद्यालय पोर्टल भी लॉन्च किया गया। यह पोर्टल स्कूलों में नशा-मुक्त अभियान की प्रगति की निगरानी करेगा।

नई कार्य योजना के तहत स्कूलों के आसपास 500 मीटर क्षेत्र को नशा-मुक्त क्षेत्र बनाने, पाठ्यक्रम में नशा विरोधी शिक्षा शामिल करने, शिक्षकों को प्रशिक्षण देने और छात्रों व अभिभावकों में जागरूकता बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा।

कार्यक्रम में चार श्रेणियों—फाउंडेशनल, प्रिपरेटरी, मिडिल और सेकेंडरी—में कुल 12 स्कूलों को सम्मानित किया गया। प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले स्कूलों को 50,000 रुपये, द्वितीय स्थान पर 25,000 रुपये और तृतीय स्थान पर 15,000 रुपये की पुरस्कार राशि दी गई। इसके अलावा 41 स्कूलों को उनके उत्कृष्ट प्रयासों के लिए प्रशंसा पुरस्कार प्रदान किए गए।

शिक्षा मंत्रालय ने कहा कि स्कूलों, परिवारों और समुदायों के सहयोग से तंबाकू और नशे के खिलाफ प्रभावी अभियान चलाकर देश में एक स्वस्थ और जागरूक पीढ़ी तैयार की जा सकती है।

यूपीएससी सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 में तीन नए जोड़े गए केंद्रों को 23,000 से अधिक उम्मीदवारों ने चुना; इससे विद्यमान केंद्रों पर दबाव कम हुआ

दिल्ली / सत्ता संदेश

सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के परीक्षा केंद्रों पर भीड़ कम करने के प्रयास में, संघ लोक सेवा आयोग (यूपीएससी) ने भुवनेश्वर, कानपुर और मेरठ में तीन नए परीक्षा केंद्र आरंभ किए हैं। इन केंद्रों के जुड़ने से प्रारंभिक परीक्षा के लिए केंद्रों की कुल संख्या 80 से बढ़कर 83 हो गई है। लगभग 23,000 उम्मीदवारों ने इन नए केंद्रों के लिए आवेदन किया है, जिससे सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए आस-पास के केंद्रों पर भीड़ कम हो गई है।

संघ लोक सेवा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजय कुमार ने इस पहल पर विचार व्यक्त करते हुए कहा, “हमारा उद्देश्य परीक्षा प्रक्रिया को उम्मीदवारों के लिए अधिक सुगम, सुलभ और प्रभावी बनाना है। तीन नए केंद्रों को जोड़ने का उद्देश्य भीड़भाड़ को कम करना और उम्मीदवारों को अधिक सुविधा प्रदान करना है। इसके अलावा, दिव्यांग उम्मीदवारों को उनके पसंदीदा परीक्षा केंद्र आवंटित करके, आयोग भौगोलिक और भौतिक बाधाओं को दूर करने के लिए सक्रिय रूप से प्रयासरत है ताकि यूपीएससी की यात्रा सभी के लिए वास्तव में सुलभ और समावेशी हो सके।”

भुवनेश्वर में नए केंद्र की स्थापना से कटक पर दबाव अत्यधिक कम हो गया है। सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा – 2026 के लिए भुवनेश्वर केंद्र को 10,656 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इसी प्रकार, कानपुर केंद्र के जुड़ने से लखनऊ पर दबाव कम हुआ है। कानपुर में नए केंद्र के लिए 6,938 आवेदन प्राप्त हुए हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश में, मेरठ केंद्र की स्थापना से आसपास के क्षेत्रों के उम्मीदवारों को लाभ हुआ है और गाजियाबाद पर निर्भरता कम हुई है। मेरठ में नए केंद्र के लिए 5,902 आवेदन प्राप्त हुए हैं।

संघ लोक सेवा आयोग ने विशिष्ट दिव्यांगता वाले व्यक्तियों (पीडब्ल्यूबीडी) के लिए समावेशिता और सुलभता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया है। संशोधित व्यवस्था के तहत, यह सुनिश्चित किया गया है कि दिव्यांग उम्मीदवार को विद्यमान केंद्रों की क्षमता से अधिक होने पर भी  और आवश्यकता पड़ने पर अतिरिक्त क्षमता सृजित करके भी उनकी पसंद का केंद्र मिले। परिणामस्वरूप, अकेले दिल्ली क्षेत्र में लगभग 805 दिव्यांग उम्मीदवारों को उनकी पसंद का केंद्र मिला।

इस वर्ष सिविल सेवा (प्रारंभिक) परीक्षा-2026 के लिए यूपीएससी को कुल 8,19,372 आवेदन प्राप्त हुए हैं। परीक्षा संबंधी बुनियादी ढांचे को और सुदृढ़ करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग ने सीएसपी-2026 आवेदन पत्र में एक ड्रॉपडाउन विकल्प जोड़ा है, जिससे उम्मीदवार अपने पसंदीदा निकटवर्ती शहरों का चयन कर सकते हैं। इस प्रक्रिया से प्राप्त डेटा उम्मीदवारों की प्राथमिकताओं के सर्वेक्षण के रूप में कार्य करेगा और भविष्य में अतिरिक्त परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए उपयुक्त स्थानों की पहचान करने में सहायक होगा।

ये पहलें समकालीन आवश्यकताओं के अनुरूप अपनी प्रक्रियाओं को विकसित करने के लिए संघ लोक सेवा आयोग के निरंतर प्रयासों को दर्शाती हैं, साथ ही निष्पक्षता, पारदर्शिता और सत्यनिष्ठा के उच्चतम मानकों को बनाए रखती हैं।

सिल्वर ओक स्कूल स्टूडेंट काउंसिल का चुनाव, पारसदीप सिंह और गुरनूर कौर बने स्कूल कैप्टन

टांडा / सत्ता संदेश

Silver Oak International Senior Secondary School में छात्र परिषद का चुनाव बड़े ही धूमधाम और शानो-शौकत के साथ संपन्न हुआ। कार्यक्रम का आयोजन संस्था की प्रिंसिपल मुनीशा संगर की अगुवाई में सफलतापूर्वक किया गया। इस विशेष अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में हरप्रीत सिंह औलख तथा संस्था के चेयरमैन सरदार तरलोचन सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे।

प्रिंसिपल मुनीशा संगर ने छात्र परिषद की जानकारी देते हुए बताया कि स्कूल के होनहार विद्यार्थियों पारसदीप सिंह और गुरनूर कौर ने स्कूल कैप्टन के रूप में जिम्मेदारी संभाली। करमजीत कौर और जसमीत सिंह को वाइस कैप्टन चुना गया।

दक्ष खडवाल, रणदीप सिंह, मनजीत कौर, नमनीत कौर और अर्शदीप कौर ने डिसिप्लिन कैप्टन की जिम्मेदारी संभाली। जसनूर कौर को स्पोर्ट्स कैप्टन तथा गुरनूर सिंह, लक्ष्य टंडन और हरमनप्रीत सिंह लखा को स्पोर्ट्स काउंसिल सदस्य चुना गया।

चरणप्रीत कौर और राजदीप कौर को सीसीए कैप्टन तथा सौरभी और हरलीन कौर को वाइस सीसीए कैप्टन नियुक्त किया गया। ईको क्लब के कैप्टन के रूप में धर्मप्रीत सिंह, साहिबप्रीत सिंह, दमनप्रीत कौर और तरनप्रीत कौर सैणी ने पदभार संभाला।

दीप सुरिंदर सिंह, मनराज सिंह मुल्तानी और मनप्रीत सिंह को यूथ क्लब कैप्टन जबकि जसलीन कौर और ब्लैसी को वाइस यूथ क्लब कैप्टन चुना गया। इसके अलावा प्रभलीन कौर, रमणदीप कौर, शबनमप्रीत कौर, हरमनदीप सिंह, गुरमनप्रीत सिंह, मितुल बहल, माधव पासी, साहिजप्रीत कौर, हरलीन कौर और लवप्रीत कौर को इवेंट कोऑर्डिनेटर नियुक्त किया गया।

हाउस कैप्टन के रूप में मरकरी हाउस से मनराजप्रीत सिंह और जसमीन सैणी, अर्थ हाउस से गुरजीत सिंह और सिमरनप्रीत, जुपिटर हाउस से बलराज सिंह और सिमरन तथा थार हाउस से रितनप्रीत सिंह और रवजोत कौर को चुना गया। इनके साथ विभिन्न हाउसों के वाइस कैप्टनों की भी नियुक्ति की गई।

मुख्य अतिथि लवप्रीत सिंह औलख ने विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि स्कूल कैप्टन का चयन एक बड़ी जिम्मेदारी होती है। संस्था के चेयरमैन तरलोचन सिंह ने उम्मीद जताई कि नव-नियुक्त छात्र प्रतिनिधि स्कूल की प्रगति और अनुशासन में महत्वपूर्ण योगदान देंगे।

प्रिंसिपल मुनीशा संगर ने छात्र परिषद को संबोधित करते हुए कहा कि ऐसी जिम्मेदारियां ही भविष्य के नेताओं और अधिकारियों का निर्माण करती हैं तथा विद्यार्थियों को बड़े दायित्व निभाने के योग्य बनाती हैं।

डॉ. एवीएम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का दसवीं का परिणाम रहा शत-प्रतिशत

लुधियाना / सत्ता संदेश

डायरेक्टर राजीव कुमार लवली और प्रिंसिपल मनीषा गाबा ने विद्यार्थियों व स्टाफ को दी बधाई

लुधियाना, 12 मई: डॉ. ए.वी.एम पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल, नजदीक ईसा नगरी पुली का दसवीं कक्षा का परीक्षा परिणाम इस बार भी 100 प्रतिशत रहा। स्कूल के 107 विद्यार्थियों में से अनुष्का ने 96.15 प्रतिशत अंक प्राप्त कर मेरिट सूची में अपना नाम दर्ज कराया।

इस अवसर पर स्कूल के डायरेक्टर राजीव कुमार लवली और प्रिंसिपल मनीषा गाबा ने शानदार परिणामों के लिए सभी विद्यार्थियों और स्कूल स्टाफ को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की सफलता में उनकी कड़ी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का अहम योगदान है। इस मौके पर स्कूल प्रबंधक समिति ने अनुष्का को पुरस्कार स्वरूप 11,000 रुपये की राशि भेंट की, जबकि अन्य सभी विद्यार्थियों को गुलाब के फूल देकर सम्मानित किया गया।

इस क्रम में, दसवीं कक्षा के परिणामों में अनुष्का ने 96.15 प्रतिशत अंक हासिल कर पहला स्थान प्राप्त किया। वहीं, दमनजोत कौर ने 94.30 प्रतिशत अंकों के साथ दूसरा और यशिका ने 90.46 प्रतिशत अंकों के साथ तीसरा स्थान हासिल किया। इसके अलावा, 10 विद्यार्थियों ने 80 से 90 प्रतिशत तक अंक प्राप्त किए, जबकि कई विद्यार्थियों ने 70 से 80 प्रतिशत तथा 24 विद्यार्थियों ने 60 से 70 प्रतिशत तक अंक हासिल कर सफलता प्राप्त की।

इस दौरान सभी स्टाफ सदस्यों ने शानदार परिणामों पर खुशी व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना की। इनमें सोनिया रानी, ईशिता कतियाल, नवनीत कौर, जसवंत कौर, रूबी वर्मा, रीमा, गुरप्रीत बजाज, कुलदीप कौर, वंदना सूद, हरजीत कौर, मुस्कान, हर्ष बाला और गुरलीन कौर भी शामिल रहे।

“बिहार में नीट अभ्यर्थी की मौत: मामले की जांच अब सीबीआई से कराने की सिफारिश”

बिहार नीट अभ्यर्थी सीबीआई

पटना, 31 जनवरी (भाषा) बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शनिवार को कहा कि राज्य सरकार ने पटना में नीट परीक्षा की तैयारी कर रही 18 वर्षीय छात्रा की हाल ही में हुई मौत मामले की केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) से जांच कराने की सिफारिश की है।

बिहार पुलिस का एक विशेष जांच दल (एसआईटी) इस मामले की जांच कर रहा है।

जहानाबाद की रहने वाली छात्रा इस महीने की शुरुआत में पटना के चित्रगुप्त नगर में अपने हॉस्टल के कमरे में बेहोश मिली थी, कई दिनों तक कोमा में रहने के बाद 11 जनवरी को एक निजी अस्पताल में उसकी मौत हो गई। छात्रा के परिवार ने उसका यौन उत्पीड़न होने और अधिकारियों पर मामले को दबाने की कोशिश करने का आरोप लगाया था।

चौधरी ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने भारत सरकार से पटना में नीट छात्रा की हत्या के मामले (केस नंबर- 14/26) की जांच सीबीआई को सौंपने का आग्रह किया है। इस घटना का पूरी तरह से पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से खुलासा होना चाहिए।’’

उपमुख्यमंत्री के पास गृह विभाग भी है।

छात्रा के माता-पिता ने शनिवार को आरोप लगाया कि राज्य पुलिस यौन उत्पीड़न की बात से इनकार करके और इसे आत्महत्या का मामला बताकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है।

छात्रा की पोस्टमार्टम रिपोर्ट में यौन हिंसा की आशंका को खारिज नहीं किया गया और यह नतीजा पुलिस के शुरुआती दावे से अलग है कि मेडिकल रिपोर्ट और सीसीटीवी फुटेज ने यौन उत्पीड़न की बात को खारिज कर दिया है। इस मामले में छात्रा के हॉस्टल के एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया गया है।