राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 27 जुलाई को फिर सुनवाई
नई दिल्ली / सत्ता संदेश
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक नई विशेष जांच टीम गठित करने के संकेत दिए। कोर्ट ने कहा कि नई SIT में पहले से जांच कर रहे अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वरिष्ठ IAS अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई गई है और उसकी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी गई है। एसआईटी की जांच के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत तीन-चार दिन बाद मामले पर दोबारा सुनवाई करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों की नई एसआईटी बनाई जाए, जिसमें पहले से जांच कर रहे अधिकारी भी शामिल हों। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।
मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को मामले का राजनीतिकरण न करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह एक साधारण आर्थिक अपराध का मामला है और जांच एजेंसियों को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन नई एसआईटी के गठन और जांच की प्रगति पर आगे विचार किया जाएगा।राम मंदिर चढ़ावा चोरी में सुप्रीम कोर्ट का बड़ा आदेश, 27 जुलाई को फिर सुनवाई
श्रीराम जन्मभूमि मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान अदालत ने मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों की एक नई विशेष जांच टीम गठित करने के संकेत दिए। कोर्ट ने कहा कि नई SIT में पहले से जांच कर रहे अधिकारियों को भी शामिल किया जा सकता है।
सुनवाई के दौरान उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से पेश सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने बताया कि वरिष्ठ IAS अधिकारी के नेतृत्व में जांच कराई गई है और उसकी स्टेटस रिपोर्ट अदालत में दाखिल कर दी गई है। एसआईटी की जांच के आधार पर पुलिस ने FIR दर्ज की है और अब तक आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
इस पर मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि अदालत तीन-चार दिन बाद मामले पर दोबारा सुनवाई करेगी। उन्होंने सुझाव दिया कि वरिष्ठ अधिकारियों की नई एसआईटी बनाई जाए, जिसमें पहले से जांच कर रहे अधिकारी भी शामिल हों। इस पर सॉलिसिटर जनरल ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से अदालत को भरोसा दिलाया कि सरकार ऐसा करने के लिए तैयार है।
मुख्य न्यायाधीश ने याचिकाकर्ता को मामले का राजनीतिकरण न करने की भी नसीहत दी। उन्होंने कहा कि यह एक साधारण आर्थिक अपराध का मामला है और जांच एजेंसियों को अपना काम स्वतंत्र रूप से करने दिया जाना चाहिए। सुप्रीम कोर्ट ने मामले की अगली सुनवाई 27 जुलाई को निर्धारित की है। उस दिन नई एसआईटी के गठन और जांच की प्रगति पर आगे विचार किया जाएगा।

