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Ludhiana : युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए अभियान, कानूनी सहायता के लिए टोल-फ्री नंबर

लुधियाना में युवाओं को नशे से दूर रखने और आत्मनिर्भर बनाने के लिए पुनर्वास अभियान चलाया जा रहा है। जानें कौशल विकास, काउंसलिंग और कानूनी सहायता के बारे में।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब राज्य कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, एसएएस नगर के मार्गदर्शन में युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति और पुनर्वास के उद्देश्य से ‘युवा रिकवरी और पुनर्वास’ अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत जगराओं स्थित ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर में युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं।

जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी, लुधियाना की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, अभियान के तहत विभिन्न जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को नशे से दूर रहने, सकारात्मक सोच अपनाने और अपने जीवन को सही दिशा देने के लिए प्रेरित किया जा रहा है।

अभियान के दौरान युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में भी जानकारी दी जा रही है। इनमें प्लंबिंग, बिजली का काम और अन्य तकनीकी कौशल सीखने के अवसर शामिल हैं। इसका उद्देश्य युवाओं को रोजगार के योग्य बनाना और उन्हें आत्मनिर्भर जीवन जीने के लिए प्रोत्साहित करना है।

युवाओं की रिकवरी और पुनर्वास को लेकर ‘नशा छोड़ो, जिंदगी जोड़ो’ विषय पर विशेष जागरूकता सेमिनार भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें नशे के दुष्प्रभावों, नशा मुक्ति के महत्व, मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग और पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।

जिला कानूनी सेवाएं अथॉरिटी का उद्देश्य जरूरतमंद युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना और उन्हें कानूनी सहायता सहित विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं से जोड़ना है। इसके माध्यम से युवाओं को नशे से बाहर निकलने, अपने कौशल को विकसित करने और सम्मानजनक व आत्मनिर्भर जीवन की ओर बढ़ने में सहायता देने पर जोर दिया जा रहा है।

अथॉरिटी ने अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति को कानूनी सहायता या पुनर्वास संबंधी मार्गदर्शन की आवश्यकता है, तो वह संपर्क कर सकता है। इसके लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 उपलब्ध कराया गया है।

Ludhiana Youth Anti-Drug Campaign : युवाओं को नशे से बचाने की पहल, स्किल डेवलपमेंट और पुनर्वास पर जोर

लुधियाना में लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के युवा रिकवरी अभियान के तहत नशा मुक्ति, काउंसलिंग, पुनर्वास और स्किल डेवलपमेंट के जरिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने पर जोर दिया जा रहा है।

लुधियाना / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : बसंत सिंह रोड़िया

तारीख : 27 अक्टूबर 2026

पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, एसएएस नगर की ओर से चलाए जा रहे “यूथ रिकवरी एंड रिहैबिलिटेशन” अभियान के तहत युवाओं को नशे से दूर रखने, नशा मुक्ति और पुनर्वास के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। इस अभियान के तहत जगराओं स्थित ड्रग डी-एडिक्शन सेंटर में युवाओं के सर्वांगीण विकास और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने पर जोर दिया जा रहा है।

डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, लुधियाना के चीफ ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट-कम-सेक्रेटरी ने जानकारी देते हुए बताया कि अभियान के दौरान युवाओं को जागरूक करने के लिए विभिन्न जागरूकता सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। इनका उद्देश्य युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में बताना और उन्हें अपनी जिंदगी को सही दिशा देने के लिए प्रेरित करना है।

उन्होंने बताया कि युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सेल्फ-एम्प्लॉयमेंट और स्किल डेवलपमेंट से जुड़े विभिन्न व्यावसायिक प्रशिक्षण कार्यक्रमों की जानकारी भी दी जा रही है। इनमें प्लंबिंग, इलेक्ट्रिकल कार्य और अन्य तकनीकी कौशल सीखने के अवसर शामिल हैं। इन कार्यक्रमों के माध्यम से युवाओं को रोजगार के नए अवसरों से जोड़ने और बेहतर भविष्य बनाने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है।

अभियान के तहत युवाओं को पढ़ाई पर ध्यान देने, नई स्किल सीखने और सकारात्मक सोच अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, नशे से दूरी बनाकर और सही मार्गदर्शन प्राप्त करके युवा अपने जीवन को बेहतर बना सकते हैं।

इसी कड़ी में युवाओं की रिकवरी और पुनर्वास को लेकर “नशा छोड़ो, जिंदगी जोड़ो” विषय पर विशेष जागरूकता सेमिनार भी आयोजित किया जा रहा है। इसमें नशे के दुष्प्रभावों, नशा मुक्ति उपचार, मानसिक स्वास्थ्य, काउंसलिंग और पुनर्वास से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारियां दी जा रही हैं।

डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, लुधियाना का उद्देश्य जरूरतमंद युवाओं को उनकी आवश्यकताओं के अनुसार मार्गदर्शन उपलब्ध करवाना और उन्हें कानूनी सहायता सहित विभिन्न कल्याणकारी सेवाओं से जोड़ना है, ताकि वे नशे से उबरकर समाज की मुख्यधारा में लौट सकें और सम्मानजनक, स्वस्थ व आत्मनिर्भर जीवन जी सकें।

अधिकारियों ने बताया कि पुनर्वास या कानूनी सहायता से संबंधित मार्गदर्शन की जरूरत होने पर संबंधित अथॉरिटी से संपर्क किया जा सकता है। इसके लिए टोल फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।

लुधियाना नेशनल लोक अदालत में 1.23 लाख से ज्यादा केस निपटे, ₹260 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड

लुधियाना में नेशनल लोक अदालत के दौरान 1.25 लाख से अधिक मामलों की सुनवाई हुई और 1.23 लाख से ज्यादा मामलों का निपटारा किया गया। ₹260 करोड़ से अधिक के अवॉर्ड पास किए गए।

लुधियाना / सत्ता संदेश

जिला लुधियाना और इसके अंतर्गत आने वाले जगराओं, समराला, खन्ना और पायल सब-डिवीजनों की अदालतों में 12 सितंबर 2026 को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया गया। लोक अदालत का आयोजन भारत के चीफ जस्टिस एवं नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी, नई दिल्ली के पैट्रन-इन-चीफ जस्टिस सूर्यकांत, सुप्रीम कोर्ट के जज एवं नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के एग्जीक्यूटिव चेयरमैन जस्टिस विक्रम नाथ तथा पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट, चंडीगढ़ के चीफ जस्टिस एवं पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी के पैट्रन-इन-चीफ जस्टिस अश्विनी कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन में किया गया।

यह लोक अदालत जिला एवं सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, जिला कानूनी सेवाएं प्राधिकरण, लुधियाना हरप्रीत कौर रंधावा की देखरेख में तथा पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी की एग्जीक्यूटिव मेंबर सेक्रेटरी श्रीमती जगदीप कौर विर्क के आदेश के अनुसार आयोजित की गई।

जिला एवं सेशंस जज हरप्रीत कौर रंधावा ने बताया कि प्री-लिटिगेटिव और लंबित सिविल मामलों के साथ-साथ कंपाउंडेबल क्रिमिनल मामलों को पक्षकारों की आपसी सहमति से निपटाने के उद्देश्य से जिला मुख्यालय लुधियाना में कुल 44 बेंच बनाए गए थे। वहीं जगराओं, समराला, खन्ना और पायल सब-डिवीजनों में कुल 10 बेंच स्थापित किए गए।

उन्होंने बताया कि नेशनल लोक अदालत के दौरान 1,25,000 से अधिक मामलों की सुनवाई हुई, जिनमें से 1,23,000 से अधिक मामलों का निपटारा किया गया। इन मामलों में कुल ₹260,34,22,067 के अवॉर्ड पास किए गए।

लोक अदालत के दौरान करीब पांच वर्षों से लंबित एक मामला अमनदीप कौर बनाम सुखवीर सिंह भी जिला एवं सेशंस जज की पहल और प्रयासों से आपसी सहमति के आधार पर निपटाया गया। इसके अलावा एक्सिस बैंक बनाम परगट सिंह मामले का भी आपसी सहमति से निपटारा किया गया।

हरप्रीत कौर रंधावा ने लोक अदालत के लाभों की जानकारी देते हुए कहा कि लोक अदालत के माध्यम से मामलों का शीघ्र निपटारा होता है। लोक अदालत का अवॉर्ड सिविल कोर्ट की डिक्री के समान माना जाता है और कानून के तहत ऐसे अवॉर्ड के खिलाफ सामान्य तौर पर अपील का प्रावधान नहीं होता। इसके अलावा आपसी समझौते के आधार पर विवाद का समाधान होने के साथ कोर्ट फीस की वापसी का लाभ भी मिलता है।

उन्होंने बताया कि अगली नेशनल लोक अदालत 12 दिसंबर 2026 को आयोजित की जाएगी। वहीं धारा 138 एनआई एक्ट से संबंधित मामलों के लिए विशेष लोक अदालत का आयोजन 21 नवंबर 2026 को किया जाएगा।

लोग लोक अदालत, कानूनी सहायता और अन्य लीगल सर्विसेज से संबंधित जानकारी के लिए टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 15100 पर संपर्क कर सकते हैं।

इस अवसर पर अतिरिक्त जिला एवं सत्र न्यायाधीश डॉ. रजनीश, सिविल जज जूनियर डिवीजन गौरव गुप्ता एवं अमित बख्शी तथा एडवोकेट रजनीश लखनपाल सहित अन्य अधिकारी और न्यायिक कर्मचारी मौजूद रहे।

जल्दी इंसाफ पाने के लिए परमानेंट लोक अदालत का फायदा उठाएं : हरप्रीत कौर रंधावा

लुधियाना / सत्ता संदेश

डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज-कम-चेयरपर्सन, डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना मैडम हरप्रीत कौर रंधावा ने परमानेंट लोक अदालतों का ज़्यादा से ज़्यादा फायदा उठाने पर ज़ोर दिया।

डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज रंधावा ने कहा कि पंजाब स्टेट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, SAS नगर के निर्देशों के अनुसार, लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटीज़, 1987 के सेक्शन 22-B के तहत डिस्ट्रिक्ट लेवल पर परमानेंट लोक अदालतें (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज़) बनाई गई हैं। उन्होंने कहा कि लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटीज़ अमेंडमेंट एक्ट, 2002 के अनुसार, डिस्ट्रिक्ट लेवल पर परमानेंट लोक अदालतें (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज़) बनाई गई हैं, जबकि परमानेंट लोक अदालतों (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज़) में 01 चेयरपर्सन और 02 मेंबर होते हैं।

उन्होंने आगे बताया कि इस लोक अदालत में जनोपयोगी सेवाओं से संबंधित प्री-लिटिगेटिव केस (वे केस जो न्यायालयों में लंबित नहीं हैं) का फैसला किया जाता है। इस स्थायी लोक अदालत में जनोपयोगी सेवाओं जैसे परिवहन सेवाएं, डाक, टेलीफोन सेवाएं, बिजली सेवाओं से संबंधित मामले, पानी से संबंधित मामले, प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा या सफाई से संबंधित मामले, अस्पताल या डिस्पेंसरी में सेवाओं से संबंधित मामले, बीमा सेवाएं, बैंकिंग सेवाएं, आवास सेवाएं, वित्त सेवाएं, शिक्षा का प्रावधान एवं संबंधित मामले, नए कनेक्शन, आपूर्ति, एलपीजी रीफिलिंग एवं संबंधित मामले, आधार कार्ड, राशन कार्ड, मतदाता पहचान पत्र एवं बीपीएल कार्ड जारी करना, वृद्धावस्था पेंशन, विधवा योजना, शगुन योजना एवं बेरोजगारी भत्ता सेवाओं से संबंधित मामले, जनवितरण सेवाएं, जन्म एवं मृत्यु के पंजीकरण से संबंधित सेवाएं आदि का निपटारा किया जाता है।

उपर्युक्त सेवाओं से संबंधित ऐसे विवाद, शिकायत, विवाद जो न्यायालयों में लंबित नहीं हैं, उन्हें सादे कागज पर लिखित रूप में स्थायी लोक अदालत (जनोपयोगी सेवाएं) के अध्यक्ष के समक्ष दायर करना होगा तथा 5 लाख रुपये तक के विवाद/मामले इस लोक अदालत में 01 करोड़ तक के केस फाइल किए जा सकते हैं।

डिस्ट्रिक्ट लीगल सर्विसेज़ अथॉरिटी, लुधियाना की चेयरपर्सन मैडम हरप्रीत कौर रंधावा ने आम लोगों से अपील की कि वे ऊपर बताई गई कैटेगरी में आने वाले अपने केस परमानेंट लोक अदालत (पब्लिक यूटिलिटी सर्विसेज़) में फाइल करें। लोक अदालत में जल्दी और सस्ता इंसाफ मिलता है और इसके फैसले को सिविल कोर्ट का आदेश माना जाता है। परमानेंट लोक अदालत में केस फाइल करने के लिए कोई कोर्ट फीस नहीं लगती और इसके फैसले के खिलाफ कोई अपील नहीं होती। ज़्यादा जानकारी के लिए 15100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।