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PEC में स्वर्गीय सुधीर गुप्ता की स्मृति में छात्रा की इंजीनियरिंग फीस प्रायोजित करने के लिए MoU

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी), चंडीगढ़ ने PEC के पूर्व छात्र एवं 1990 बैच के सिल्वर मेडलिस्ट स्वर्गीय श्री सुधीर गुप्ता के परिवार के साथ एक समझौता ज्ञापन (MoU) पर हस्ताक्षर किए। इस पहल का उद्देश्य PEC में अध्ययनरत एक छात्रा की इंजीनियरिंग शिक्षा को आर्थिक सहयोग प्रदान करना है।

समझौते के तहत गुप्ता परिवार ने PEC की एक योग्य छात्रा की इंजीनियरिंग शिक्षा की फीस प्रायोजित करने की प्रतिबद्धता जताई है। इस पहल के माध्यम से पेशेवर इंजीनियरिंग शिक्षा हासिल कर रही छात्रा को आर्थिक सहायता मिलेगी। साथ ही, यह स्वर्गीय श्री सुधीर गुप्ता के अपने अल्मा मेटर के साथ जुड़ाव और उनके मूल्यों की स्मृति को एक स्थायी सामाजिक पहल के रूप में आगे बढ़ाने का प्रयास है।

MoU पर PEC के निदेशक (एड-इंटरिम) डॉ. राजेश कुमार भाटिया तथा डीन, एलुमनाई रिलेशंस डॉ. राजेश कंडा की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए। गुप्ता परिवार की ओर से स्वर्गीय सुधीर गुप्ता के पिता दया किशन गुप्ता, पत्नी रश्मि गुप्ता, बहन सुनीता गुप्ता और पुत्र आरुष गुप्ता उपस्थित रहे।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए PEC के निदेशक (एड-इंटरिम) डॉ. राजेश कुमार भाटिया ने स्वर्गीय श्री सुधीर गुप्ता के जीवन, मूल्यों और उनके योगदान को याद किया। उन्होंने युवा पीढ़ी से ऐसे अनुकरणीय व्यक्तित्वों से प्रेरणा लेने का आह्वान किया, जिन्होंने ईमानदारी और नैतिक मूल्यों के प्रति अपनी प्रतिबद्धता बनाए रखी।

डॉ. भाटिया ने कहा कि स्वर्गीय सुधीर गुप्ता के योगदान और बलिदान को उचित सम्मान और पहचान मिलनी चाहिए। उन्होंने उनके जीवन मूल्यों को आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बताया।

MoU हस्ताक्षर समारोह के साथ स्वर्गीय सुधीर गुप्ता की स्मृति में “Energy Security and Strengthening India’s Green Pathways” विषय पर एक स्मृति व्याख्यान भी आयोजित किया गया। यह व्याख्यान भारत सरकार के पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस नियामक बोर्ड (PNGRB) में इंजीनियरिंग कंसल्टेंट एस. के. सिन्हा ने दिया। व्याख्यान में ऊर्जा सुरक्षा, स्थिरता और भारत के हरित ऊर्जा की ओर बढ़ते संक्रमण से जुड़े महत्वपूर्ण पहलुओं पर चर्चा की गई।

कार्यक्रम का समन्वय PEC के पूर्व छात्र, स्वर्गीय श्री सुधीर गुप्ता के सहपाठी एवं करीबी मित्र और Orange Business में सीनियर सॉल्यूशन आर्किटेक्ट श्री दीपक जैन ने किया। उन्होंने कार्यक्रम के आयोजन और इसके सफल संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।

PEC ने गुप्ता परिवार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि स्वर्गीय श्री सुधीर गुप्ता की स्मृति को एक ऐसी स्थायी पहल में बदलना, जो एक योग्य छात्रा को इंजीनियरिंग शिक्षा के लिए आर्थिक सहयोग और सशक्तिकरण प्रदान करे, उनके जीवन मूल्यों को सम्मान देने का सार्थक प्रयास है।

NITTTR Chandigarh का 59वां वार्षिक दिवस, Outstanding Researcher Award से सम्मानित हुए प्रो. रूपिंदर सिंह

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

राष्ट्रीय तकनीकी शिक्षक प्रशिक्षण एवं अनुसंधान संस्थान (NITTTR), चंडीगढ़ ने सोमवार को अपना 59वां वार्षिक दिवस उत्साह और उमंग के साथ मनाया। शिक्षा मंत्रालय, भारत सरकार के अधीन मानद विश्वविद्यालय (विशिष्ट श्रेणी) के रूप में संस्थान ने इस अवसर पर तकनीकी शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, अनुसंधान और उद्योग-अकादमिक सहयोग में अपनी उपलब्धियों को सामने रखा।

वार्षिक दिवस समारोह में बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के कुलपति और आईआईटी रुड़की के पूर्व निदेशक प्रो. ए. के. चतुर्वेदी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। उन्होंने NITTTR चंडीगढ़ को संस्थान की उपलब्धियों के लिए बधाई देते हुए भविष्य में निरंतर विकास और उत्कृष्टता की दिशा में आगे बढ़ने की शुभकामनाएं दीं।

प्रो. चतुर्वेदी ने संस्थान में सुधार और नई दिशा तय करने के लिए फैकल्टी सदस्यों के बीच नियमित विचार-मंथन सत्र आयोजित करने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि तकनीकी और शैक्षणिक क्षेत्रों में भारत को वैश्विक नेतृत्वकर्ता बनाने में NITTTR चंडीगढ़ महत्वपूर्ण भूमिका निभाने की क्षमता रखता है।

समारोह में राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (NAAC) की कार्यकारी समिति के अध्यक्ष और IGNOU, नई दिल्ली के पूर्व कुलपति प्रो. नागेश्वर राव विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उन्होंने राष्ट्र निर्माण में गुणवत्तापूर्ण शैक्षणिक संस्थानों की भूमिका पर प्रकाश डालते हुए कहा कि ऐसे संस्थान युवाओं के चरित्र और भविष्य को आकार देने में महत्वपूर्ण योगदान देते हैं।

प्रो. राव ने NITTTR चंडीगढ़ की भूमिका को विकसित भारत, भारतीय ज्ञान प्रणाली (IKS) और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP) 2020 के लक्ष्यों से जोड़ते हुए अधिक संख्या में MOOCs (Massive Open Online Courses) विकसित करने की संभावनाओं पर भी जोर दिया।

इस अवसर पर NITTTR चंडीगढ़ के निदेशक प्रो. (डॉ.) भोला राम गुर्जर ने संस्थान की वार्षिक रिपोर्ट प्रस्तुत की। रिपोर्ट में संस्थान की प्रमुख उपलब्धियों, नई पहलों और महत्वपूर्ण मील के पत्थरों की जानकारी दी गई। उन्होंने उच्च शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण और तकनीकी कार्यबल के कौशल विकास के क्षेत्र में संस्थान द्वारा किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया।

तकनीकी शिक्षा में उत्कृष्ट योगदान के लिए पुरस्कार

वार्षिक दिवस समारोह के दौरान तकनीकी शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले संस्थानों और शिक्षाविदों को सम्मानित किया गया। अखिल भारतीय स्तर पर गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण योगदान के लिए ‘सर्वश्रेष्ठ पॉलिटेक्निक’ और ‘सर्वश्रेष्ठ इंजीनियरिंग कॉलेज’ पुरस्कार प्रदान किए गए।

वहीं, NITTTR चंडीगढ़ के मैकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रोफेसर प्रो. रूपिंदर सिंह को अनुसंधान के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान के लिए Outstanding Researcher Award से सम्मानित किया गया। उन्हें प्रशस्ति पत्र के साथ 1 लाख रुपये की पुरस्कार राशि प्रदान की गई।

उद्योग और शिक्षा जगत के बीच बेहतर तालमेल पर मंथन

वार्षिक दिवस समारोह के हिस्से के रूप में PHD Chamber of Commerce and Industry (PHDCCI) के सहयोग से ‘इंडस्ट्री-अकादमिक इंटीग्रेशन मीट’ का भी आयोजन किया गया।

बैठक में उद्योग जगत के वरिष्ठ पेशेवरों और अकादमिक प्रशासकों ने हिस्सा लिया। इस दौरान उद्योगों में तेजी से हो रहे तकनीकी और प्रक्रियागत बदलावों, बदलती कौशल एवं योग्यता आवश्यकताओं और शैक्षणिक पाठ्यक्रमों को भविष्य की कार्यक्षमता और रोजगार की जरूरतों के अनुरूप बनाने पर चर्चा हुई।

प्रतिभागियों ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा जगत और उद्योग के बीच मजबूत तालमेल से विद्यार्थियों को बदलते रोजगार बाजार के लिए बेहतर ढंग से तैयार किया जा सकता है।

सांस्कृतिक संध्या ने बांधा समां

कार्यक्रम का समापन एक जीवंत सांस्कृतिक संध्या के साथ हुआ। इसमें NITTTR चंडीगढ़ के विद्यार्थियों, फैकल्टी सदस्यों और कर्मचारियों ने अपनी प्रतिभा और रचनात्मकता का प्रदर्शन किया।

59वां वार्षिक दिवस समारोह संस्थान की अकादमिक और व्यावसायिक उत्कृष्टता के प्रति प्रतिबद्धता के साथ-साथ एक समावेशी, जीवंत और समग्र शैक्षणिक वातावरण को बढ़ावा देने के संकल्प को भी दर्शाता है।

Chandigarh VBYLD 2026: युवाओं को प्रधानमंत्री मोदी के सामने विज़न रखने का मौका, जानें पात्रता और आवेदन प्रक्रिया

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

चंडीगढ़ के युवाओं के लिए अपने विचारों और नवाचार को राष्ट्रीय मंच तक पहुंचाने का सुनहरा अवसर सामने आया है। मेरा युवा भारत (MY Bharat), चंडीगढ़ की ओर से युवाओं को ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ (VBYLD) में भाग लेने के लिए आमंत्रित किया गया है। इस पहल के माध्यम से चयनित युवाओं को विकसित भारत के निर्माण को लेकर अपने विज़न और कार्ययोजना को सीधे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समक्ष प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

कार्यक्रम को लेकर जिला युवा अधिकारी विनय कुमार ने युवाओं को प्रतियोगिता की चयन प्रक्रिया और ‘विकसित भारत क्विज़’ (Viksit Bharat Quiz) के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि क्विज़ इस राष्ट्रीय संवाद प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी का पहला चरण है और पात्र युवाओं को इसमें अधिक से अधिक संख्या में हिस्सा लेना चाहिए।

क्विज़ से शुरू होगी चयन प्रक्रिया

VBYLD की चयन प्रक्रिया की शुरुआत MY Bharat पोर्टल पर आयोजित विकसित भारत क्विज़ से होगी। क्विज़ में सफल प्रतिभागियों को आगे की चयन प्रक्रिया में शामिल होने का मौका मिलेगा। इसके बाद प्रतिभागियों को निबंध लेखन और राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं जैसे विभिन्न चरणों से गुजरना होगा।

इन चरणों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले युवाओं को राष्ट्रीय स्तर के मंच तक पहुंचने का अवसर मिलेगा, जहां वे विकसित भारत को लेकर अपने विचार और योजनाएं प्रस्तुत कर सकेंगे।

इन विषयों पर रख सकते हैं अपना विज़न

‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के तहत युवाओं को देश के भविष्य से जुड़े कई महत्वपूर्ण विषयों पर अपने विचार रखने का अवसर मिलेगा। इनमें तकनीक, सतत विकास, सुशासन, महिला नेतृत्व विकास और उद्यमिता जैसे विषय प्रमुख हैं।

इस पहल का उद्देश्य युवाओं की रचनात्मक सोच, नेतृत्व क्षमता और नए विचारों को सामने लाना तथा उन्हें देश के विकास से जोड़ना है।

15 से 29 वर्ष के युवा ले सकते हैं हिस्सा

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग में 15 से 29 वर्ष की आयु के युवा भाग ले सकते हैं। इच्छुक प्रतिभागी MY Bharat के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं और विकसित भारत क्विज़ में हिस्सा ले सकते हैं।

युवाओं के लिए यह पहल इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि चयन के अंतिम चरण तक पहुंचने वाले प्रतिभागियों को देश के प्रधानमंत्री के सामने अपने विचार और कार्ययोजना प्रस्तुत करने का अवसर मिलेगा।

कैसे करें आवेदन:
इच्छुक युवा MY Bharat पोर्टल पर जाकर पंजीकरण कर सकते हैं और ‘विकसित भारत क्विज़’ में भाग ले सकते हैं।

वेबसाइट: mybharat.gov.in

केंद्र सरकार ने सुखविंदर सिंह बिंद्रा को दूसरी बार बनाया NISD मेंबर

सुखविंदर सिंह बिंद्रा को केंद्र सरकार ने दूसरी बार NISD मेंबर बनाया है। बिंद्रा ने युवाओं को नशे से दूर रखने, यूथ एम्पावरमेंट और स्पोर्ट्स को बढ़ावा देने पर जोर दिया।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत सरकार ने सामाजिक क्षेत्र में सुखविंदर सिंह बिंद्रा की सेवाओं और योगदान को देखते हुए उन्हें दूसरी बार NISD (National Institute of Social Defence) का मेंबर बनाया है। बिंद्रा वर्तमान में भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय के तहत NISD मेंबर के रूप में कार्य कर रहे हैं। इसके साथ ही वह NCCDR में स्पेशल मेंबर/इनवाइट के तौर पर भी अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

केंद्र सरकार की ओर से उनके कार्यकाल को आगे बढ़ाने का फैसला सामाजिक क्षेत्र में उनके कार्यों और योगदान को ध्यान में रखते हुए किया गया है। इस जिम्मेदारी के लिए सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार का आभार जताया।

बिंद्रा ने कहा कि उनका विभाग युवाओं को नशे से दूर रखने और उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाने के लिए लगातार काम कर रहा है। उन्होंने कहा कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के मंत्री डॉ. वीरेंद्र कुमार के नेतृत्व में युवाओं की भलाई, विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर आगे भी मिलकर काम किया जाएगा।

उन्होंने कहा कि ड्रग्स के गलत इस्तेमाल को रोकने में यूथ एम्पावरमेंट और अवेयरनेस प्रोग्राम की अहम भूमिका है। युवाओं को नशे के दुष्प्रभावों के बारे में जागरूक करने के साथ-साथ उन्हें शिक्षा, खेल और सकारात्मक गतिविधियों से जोड़ना जरूरी है।

सुखविंदर सिंह बिंद्रा ने कहा कि वह और उनका विभाग पंजाब तथा देश के युवाओं की भलाई के लिए प्रतिबद्ध हैं। युवाओं को नशे से बचाने के लिए जागरूकता कार्यक्रमों के साथ-साथ अन्य जरूरी कदम उठाए जाएंगे।

उन्होंने विशेष रूप से खेलों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि युवाओं की ऊर्जा को सही दिशा देने के लिए उन्हें खेलों से जोड़ना बेहद जरूरी है। आने वाले समय में युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने और उन्हें नशे से दूर रखने के उद्देश्य से स्पोर्ट्स किट भी वितरित की जाएंगी।

बिंद्रा ने कहा कि खेल युवाओं में अनुशासन, आत्मविश्वास और टीम भावना विकसित करने के साथ-साथ उन्हें नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रखने में मदद कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को बेहतर अवसर उपलब्ध करवाकर उनकी ऊर्जा को सकारात्मक दिशा में लगाया जाएगा।

उन्होंने भरोसा जताया कि केंद्र सरकार और सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय के सहयोग से युवाओं के विकास और नशे के खिलाफ जागरूकता को लेकर आने वाले समय में और प्रभावी प्रयास किए जाएंगे।

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज, चंडीगढ़ में ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ शपथ समारोह आयोजित
  • PEC चंडीगढ़ में युवाओं ने ली नशामुक्त भारत की शपथ, पीएम मोदी का संदेश भी सुना
  • ‘विकसित भारत 2047’ के लिए युवाओं का संकल्प, पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज में नशा मुक्ति अभियान
  • नशे के खिलाफ युवाओं का संकल्प, PEC चंडीगढ़ में शपथ समारोह और नुक्कड़ नाटक का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब इंजीनियरिंग कॉलेज (PEC), चंडीगढ़ में रविवार को ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान के तहत शपथ समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम कॉलेज सभागार में आयोजित हुआ, जिसमें निदेशक प्रो. राजेश कुमार भाटिया, छात्र कल्याण अधिष्ठाता डॉ. पुनीत चावला, एसोसिएट डीन (ADSA), संकाय सदस्य और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।

कार्यक्रम की शुरुआत नशा मुक्ति शपथ से हुई, जिसमें सभी प्रतिभागियों ने नशीले पदार्थों से दूर रहने और समाज में इसके दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता फैलाने का संकल्प लिया।

इसके बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ऑनलाइन संबोधन प्रसारित किया गया, जिसमें उन्होंने नशामुक्त भारत के निर्माण और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को हासिल करने में युवाओं की अहम भूमिका पर बल दिया। प्रधानमंत्री ने नशीले पदार्थों के दुरुपयोग के खिलाफ युवा-नेतृत्व वाले जनआंदोलन की आवश्यकता पर जोर देते हुए काशी घोषणा-पत्र को मार्गदर्शक बताया तथा देशभर में जागरूकता फैलाने में माई भारत (MY Bharat) स्वयंसेवकों के प्रयासों की सराहना की।

कार्यक्रम के दौरान नेशनल स्कूल ऑफ ड्रामा (NSD) के विद्यार्थियों और स्वयंसेवकों ने एक प्रभावशाली नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। नाटक के माध्यम से नशे के सामाजिक दुष्प्रभावों को उजागर किया गया और युवाओं को स्वस्थ एवं नशामुक्त जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित किया गया।

समारोह का समापन धन्यवाद ज्ञापन के साथ हुआ। इस अवसर पर सभी प्रतिभागियों ने ‘नशा मुक्ति युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान को सफल बनाने और नशामुक्त समाज के निर्माण में सक्रिय योगदान देने का संकल्प दोहराया।

PM करेंगे ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत’ अभियान का शुभारंभ, युवाओं से करेंगे वर्चुअल संवाद

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय के तहत माय भारत और चंडीगढ़ प्रशासन के सहयोग से रविवार 2 अगस्त 2026 को ‘नशा मुक्त युवा फॉर विकसित भारत संकल्प अभियान’ का आयोजन किया जाएगा। चंडीगढ़ के टैगोर थिएटर में होने वाले इस कार्यक्रम की सबसे बड़ी खासियत यह होगी कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी देशभर के युवाओं को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करेंगे।

इस राष्ट्रव्यापी अभियान का उद्देश्य युवाओं को नशे के खिलाफ एकजुट करना और उन्हें जागरूकता, खेल, संस्कृति तथा सामुदायिक भागीदारी के माध्यम से स्वस्थ एवं जिम्मेदार जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल ‘नशा मुक्त भारत’ और ‘विकसित भारत@2047’ के लक्ष्य को मजबूत करने की दिशा में एक अहम कदम मानी जा रही है।

कार्यक्रम के दौरान देशभर के करीब 10 हजार स्थानों पर एक साथ आयोजन होंगे, जिनमें एक करोड़ से अधिक युवाओं को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें माय भारत स्वयंसेवक, एनएसएस स्वयंसेवक, युवा क्लब, स्कूल, कॉलेज, विश्वविद्यालयों के विद्यार्थी, गैर-सरकारी संगठन और विभिन्न सहयोगी संस्थाएं भाग लेंगी।

इस अवसर पर सभी प्रतिभागी नशा मुक्ति की सामूहिक शपथ लेंगे और नशामुक्त जीवनशैली अपनाने का संकल्प करेंगे। साथ ही 100 सप्ताह के राष्ट्रव्यापी रविवार सहभागिता अभियान की भी शुरुआत होगी, जिसके तहत खेल, फिटनेस, सांस्कृतिक कार्यक्रम, जागरूकता अभियान, ध्यान और सामुदायिक गतिविधियां नियमित रूप से आयोजित की जाएंगी।

अभियान के अगले चरण में 3 अगस्त 2026 को देव समाज कॉलेज फॉर वूमेन, सेक्टर-45, चंडीगढ़ में जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं का आयोजन किया जाएगा। इनमें समूह नृत्य, समूह लोकगीत, माइम एक्ट, शॉर्ट फिल्म/रील, पेंटिंग, वाद-विवाद और स्लोगन लेखन जैसी प्रतियोगिताएं शामिल होंगी।

माय भारत चंडीगढ़ और चंडीगढ़ प्रशासन ने विद्यार्थियों, शिक्षण संस्थानों, युवा संगठनों, सामाजिक संस्थाओं और आम नागरिकों से इस अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने तथा नशा मुक्त भारत के संकल्प को सशक्त बनाने की अपील की है।

पंजाब में आज से 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू, कुल संख्या बढ़कर 1,090 हुई

73 शहरी और 27 ग्रामीण क्षेत्रों में खुलेंगे नए क्लीनिक, 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मिलेंगे मुफ्त

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

पंजाब सरकार ने अपनी आम आदमी क्लीनिक योजना का विस्तार करते हुए राज्यभर में 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू करने की घोषणा की है। इन नए क्लीनिकों के शुरू होने के साथ ही पंजाब में आम आदमी क्लीनिकों की कुल संख्या बढ़कर 1,090 हो जाएगी।

सरकार के अनुसार, 25 जुलाई से 27 जुलाई तक तीन दिनों के दौरान कैबिनेट मंत्री, विधायक और वरिष्ठ नेता विभिन्न जिलों में इन नए क्लीनिकों का उद्घाटन करेंगे। नए क्लीनिकों में 73 शहरी क्षेत्रों और 27 ग्रामीण क्षेत्रों के क्लीनिक शामिल हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और अधिक व्यापक होगी।

मुफ्त मिलेंगी दवाइयां और जांच सुविधाएं

हर आम आदमी क्लीनिक में मरीजों को 107 आवश्यक दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट पूरी तरह निशुल्क उपलब्ध कराए जाएंगे। सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य लोगों को उनके घर के नजदीक गुणवत्तापूर्ण और मुफ्त प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना है।

5.90 करोड़ से अधिक मरीजों को मिला लाभ

सरकार के आंकड़ों के अनुसार, आम आदमी क्लीनिक योजना के तहत अब तक 5.90 करोड़ से अधिक ओपीडी मरीज लाभान्वित हो चुके हैं। इसके अलावा 3.43 करोड़ से अधिक मुफ्त डायग्नोस्टिक टेस्ट किए जा चुके हैं, जिससे लाखों लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं पर होने वाले खर्च से राहत मिली है।

पंजाब सरकार का कहना है कि आने वाले समय में भी स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने और लोगों तक सुलभ चिकित्सा सेवाएं पहुंचाने के लिए इस योजना का विस्तार जारी रहेगा।

पंजाब सरकार ने 100 नए आम आदमी क्लीनिक शुरू किए। अब राज्य में कुल 1,090 क्लीनिक हो गए हैं, जहां 107 दवाइयां और 47 डायग्नोस्टिक टेस्ट मुफ्त उपलब्ध होंगे।

PAU में “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” विषय पर यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत माई भारत (MY Bharat) द्वारा एनएसएस इकाई, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से राजीव गांधी कॉलेज भवन, पंजाब विश्वविद्यालय, चंडीगढ़ में विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (VBYLD) 2026 – यंग प्रोफेशनल्स राउंडटेबल का सफल आयोजन किया गया। कार्यक्रम का विषय “विकसित भारत हेतु स्मार्ट एवं सतत कृषि” था। यह आयोजन देशव्यापी VBYLD पहल के अंतर्गत किया गया, जिसका उद्देश्य युवाओं एवं युवा पेशेवरों को नीति-निर्माण संबंधी संवाद में सहभागी बनाना तथा विकसित भारत @2047 के लक्ष्य को साकार करने हेतु व्यवहारिक एवं प्रभावी सुझाव प्राप्त करना है।

कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ, जिसके पश्चात अतिथियों का स्वागत एवं विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग की रूपरेखा प्रस्तुत की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. सुखजिंदर ऋषि, निदेशक, युवा कल्याण विभाग, पंजाब विश्वविद्यालय रहे। इस अवसर पर विशिष्ट अतिथियों के रूप में सुश्री रश्मीत कौर, राज्य निदेशक, माई भारत पंजाब, श्री शिवधन शर्मा, यूटी निदेशक, माई भारत चंडीगढ़ तथा श्री आकर्ष दीक्षित, राज्य निदेशक, माई भारत हरियाणा उपस्थित रहे।

तकनीकी सत्र में डॉ. संजीव चौहान एवं श्री लिवअर्पित संधू ने पैनल विशेषज्ञ के रूप में अपने विचार प्रस्तुत किए, जबकि श्री पंचम काजला ने राउंडटेबल चर्चा का सफल संचालन किया। विशेषज्ञों ने तकनीक आधारित कृषि, जलवायु-अनुकूल खेती, युवा कृषि उद्यमिता, किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को सशक्त बनाने, मृदा स्वास्थ्य संरक्षण, प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने तथा कृषि उत्पादकता एवं खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए डिजिटल नवाचारों के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने विकसित भारत के निर्माण में युवाओं की सक्रिय भागीदारी और कृषि क्षेत्र में नवाचार की आवश्यकता पर भी विशेष बल दिया।

कार्यक्रम में लगभग 200 प्रतिभागियों, जिनमें माई भारत स्वयंसेवक, एनएसएस स्वयंसेवक, युवा पेशेवर एवं युवा नेता शामिल थे, ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। प्रतिभागियों ने स्मार्ट, सतत एवं प्रौद्योगिकी आधारित कृषि प्रणाली के निर्माण हेतु अपने विचार एवं सुझाव साझा किए। खुली चर्चा (Open Floor Discussion) के दौरान प्रतिभागियों ने विशेषज्ञों के साथ संवाद स्थापित कर अपने सुझाव प्रस्तुत किए, जो भविष्य की नीतियों के लिए महत्वपूर्ण योगदान सिद्ध होंगे।

इस कार्यक्रम का सफल आयोजन श्री विनय कुमार, जिला युवा अधिकारी, माई भारत चंडीगढ़ के नेतृत्व में डॉ. भारत बजाज, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय तथा डॉ. किरण बांद्रा, एनएसएस कार्यक्रम अधिकारी, पंजाब विश्वविद्यालय के सहयोग से किया गया। उनके समन्वित प्रयासों से कार्यक्रम का सफल संचालन एवं युवाओं की व्यापक भागीदारी सुनिश्चित हुई।

कार्यक्रम का समापन इस संकल्प के साथ हुआ कि भारत के युवा स्मार्ट, समावेशी एवं सतत कृषि प्रणाली के निर्माण में अग्रणी भूमिका निभाएंगे। राउंडटेबल के दौरान प्राप्त सुझाव एवं अनुशंसाएँ विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग के व्यापक उद्देश्यों को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण योगदान देंगी तथा विकसित भारत @2047 के राष्ट्रीय लक्ष्य की प्राप्ति में सहायक सिद्ध होंगी।

भारत की अध्यक्षता में ब्रिक्स स्वास्थ्य बैठक, चंडीगढ़ में जुटे वरिष्ठ अधिकारी
  • भारत की अध्यक्षता में चल रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठकों के अंतर्गत चंडीगढ़ में वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आयोजित की ग
  • विस्तारित ब्रिक्स वैश्विक स्वास्थ्य के भविष्य को नवाचार और सर्वसम्मति-आधारित समाधानों के माध्यम से आकार देने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रस्तुत करता है: केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव
  • भारत ने लचीली और समावेशी स्वास्थ्य प्रणालियों के निर्माण के लिए ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक के तहत नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की
  • केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय शिखर सम्मेलन में एफएसएसएआई, एनएचए और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का उद्घाटन किया

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत की अध्यक्षता में चल रही ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय बैठक के अंतर्गत, वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक आज चंडीगढ़ में आयोजित की गई।

स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय में स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने बैठक का उद्घाटन किया। उन्होंने प्रतिनिधियों का स्वागत किया और सहयोग, नवाचार और स्वास्थ्य सेवा तक समान पहुंच के माध्यम से वैश्विक सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने के लिए ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग को मजबूत करने के महत्व पर जोर दिया।

अपने उद्घाटन भाषण में, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने चंडीगढ़ में प्रतिनिधिमंडलों का स्वागत किया और कहा कि नवाचार, स्थिरता और सुविचारित विकास के प्रति शहर का लोकाचार भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता के विषय, “लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता के लिए निर्माण” को बखूबी प्रतिबिंबित करता है। उन्होंने कहा कि यह विषय वैश्विक स्वास्थ्य परिदृश्य में हो रहे बदलावों के संदर्भ में और भी अधिक महत्वपूर्ण हो जाता है, जहां तेजी से जटिल और परस्पर जुड़े स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों के लिए राष्ट्रों के बीच मजबूत सहयोग, समन्वय और सामूहिक कार्रवाई की आवश्यकता है।

विस्तारित ब्रिक्स समूह के महत्व पर प्रकाश डालते हुए, केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने कहा कि यह समूह, जो विश्व की जनसंख्या, वैज्ञानिक विशेषज्ञता और विनिर्माण क्षमता के एक महत्वपूर्ण हिस्से का प्रतिनिधित्व करता है, नवाचार और सर्वसम्मति-आधारित समाधानों के माध्यम से वैश्विक स्वास्थ्य के भविष्य को आकार देने का एक अभूतपूर्व अवसर प्रदान करता है। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि साझेदारी और साझा जिम्मेदारी की भावना से प्रेरित होकर, भारत ने लचीली, न्यायसंगत और समावेशी स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करने के लिए ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक के तहत नौ प्राथमिकता वाले क्षेत्रों की पहचान की है।

उन्होंने बताया कि इन प्राथमिकता वाले क्षेत्रों में स्वास्थ्य अवसंरचना को मजबूत करना; मजबूत निगरानी प्रणालियों और प्रयोगशाला नेटवर्क के माध्यम से भविष्य की स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी बढ़ाना; डिजिटल स्वास्थ्य प्रौद्योगिकियों का लाभ उठाना; पारंपरिक चिकित्सा को स्वास्थ्य देखभाल प्रणालियों में एकीकृत करना; नियामक ढांचे को मजबूत करना; कुशल स्वास्थ्य कार्यबल विकसित करना; सहयोगात्मक अनुसंधान और विकास को बढ़ावा देना; और स्वास्थ्य सेवाओं, आवश्यक दवाओं और चिकित्सा उत्पादों तक समय पर, किफायती और समान पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने ब्रिक्स हेल्थ ट्रैक के तहत भारत की प्रमुख पहलों – स्वस्थ जीवनशैली के लिए ब्रिक्स मिशन और मानसिक स्वास्थ्य के लिए प्रस्तावित ब्रिक्स नेटवर्क ऑफ सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस – पर प्रकाश डाला, जो निवारक और प्रोत्साहक स्वास्थ्य देखभाल, विशेष देखभाल, ज्ञान साझाकरण और उभरती सार्वजनिक स्वास्थ्य चुनौतियों से निपटने में गहन सहयोग के प्रति ब्रिक्स देशों की सामूहिक प्रतिबद्धता को मजबूत करती हैं।

ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों के घोषणापत्र के मसौदे का जिक्र करते हुए पुण्य सलीला श्रीवास्तव ने कहा कि यह दस्तावेज सदस्य देशों के बीच व्यापक तकनीकी परामर्शों के सामूहिक दृष्टिकोण और परिणाम को दर्शाता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान हुई चर्चाओं से घोषणापत्र के शेष प्रावधानों पर आम सहमति बनाने में मदद मिलेगी, जिससे 16वीं ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रियों की बैठक में इसे अपनाने का मार्ग प्रशस्त होगा ।

उन्होंने परमाणु चिकित्सा जैसे क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करने और ब्रिक्स वैक्सीन अनुसंधान और विकास केंद्र की गतिविधियों का समर्थन करने के महत्व पर भी जोर दिया, साथ ही सहयोगात्मक अनुसंधान, नवाचार और वैश्विक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति ब्रिक्स देशों की साझा प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव ने भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (FSSAI), राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) और आयुष मंत्रालय के प्रदर्शनी मंडपों का भी उद्घाटन किया। इन मंडपों में खाद्य सुरक्षा, डिजिटल स्वास्थ्य, पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों और एकीकृत स्वास्थ्य सेवा वितरण के क्षेत्र में भारत की प्रमुख पहलों और नवाचारों को प्रदर्शित किया गया, जिससे प्रतिनिधियों को देश की परिवर्तनकारी स्वास्थ्य पहलों का अनुभव करने का अवसर मिला।

वरिष्ठ अधिकारियों की बैठक के दौरान हुई चर्चा का मुख्य केंद्र ब्रिक्स स्वास्थ्य मंत्रिस्तरीय घोषणा को अंतिम रूप देना था। वरिष्ठ अधिकारियों ने ब्रिक्स स्वास्थ्य ट्रैक के अंतर्गत प्रमुख प्राथमिकता वाले क्षेत्रों पर विस्तृत चर्चा की और सार्वजनिक स्वास्थ्य संबंधी साझा चुनौतियों से निपटने में सहयोग को मजबूत करने की अपनी प्रतिबद्धता की पुष्टि की।

इन चर्चाओं में प्राथमिक स्वास्थ्य देखभाल को मजबूत करना, सार्वभौमिक स्वास्थ्य कवरेज को आगे बढ़ाना, डिजिटल स्वास्थ्य और स्वास्थ्य नवाचार को बढ़ावा देना, सार्वजनिक स्वास्थ्य आपात स्थितियों के लिए तैयारी और प्रतिक्रिया को बढ़ाना, रोगाणुरोधी प्रतिरोध से निपटना, दवा सहयोग को मजबूत करना, गुणवत्तापूर्ण और किफायती चिकित्सा उत्पादों तक पहुंच में सुधार करना और पारंपरिक चिकित्सा और स्वास्थ्य अनुसंधान में सहयोग को बढ़ावा देना जैसे प्राथमिकता वाले क्षेत्रों को शामिल किया गया।

सहभागी देशों ने सुदृढ़ और न्यायसंगत स्वास्थ्य प्रणालियों को आगे बढ़ाने के लिए सहयोगात्मक अनुसंधान, ज्ञान साझाकरण, क्षमता निर्माण और प्रौद्योगिकी आदान-प्रदान के महत्व पर जोर दिया। बैठक में स्वास्थ्य से संबंधित सतत विकास लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए मजबूत बहुपक्षीय सहयोग की आवश्यकता पर भी बल दिया गया।

सीसीए, पंजाब कार्यालय द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

भारत सरकार के संचार मंत्रालय, दूरसंचार विभाग (DoT) के नोडल कार्यालय, नियंत्रक संचार लेखा (CCA), पंजाब के कार्यालय द्वारा अपोलो क्लिनिक (सिटी हॉस्पिटल), सेक्टर-8, चंडीगढ़ (सीजीएचएस सूचीबद्ध अस्पताल) के सहयोग से दिनांक 22 जुलाई, 2026 को कार्यालय परिसर में निःशुल्क स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया।

यह शिविर श्री विजेंद्रा एन. टंडन, नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के सक्षम नेतृत्व एवं मार्गदर्शन में आयोजित किया गया। इसका उद्देश्य कार्यालय के अधिकारियों, कर्मचारियों एवं हाउसकीपिंग स्टाफ के बीच स्वास्थ्य जागरूकता को बढ़ावा देना तथा नियमित स्वास्थ्य जांच के लिए प्रोत्साहित करना था। इस पहल का लाभ कर्मचारियों के परिवार के सदस्यों को भी मिला, जिन्होंने उत्साहपूर्वक भाग लिया और चिकित्सा परामर्श एवं स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया। शिविर के दौरान कुल 70 प्रतिभागियों, जिनमें अधिकारी, कर्मचारी, हाउसकीपिंग स्टाफ एवं परिवार के सदस्य शामिल थे, ने स्वास्थ्य जांच सुविधाओं का लाभ उठाया।

शिविर के दौरान प्रतिभागियों के लिए सामान्य चिकित्सा, अस्थि रोग, स्त्री रोग एवं नेत्र रोग विशेषज्ञों द्वारा चिकित्सा परामर्श की सुविधा उपलब्ध कराई गई। इसके अतिरिक्त, रक्तचाप (BP), रैंडम ब्लड शुगर (RBS) तथा हैंड ग्रिप स्ट्रेंथ टेस्ट सहित निःशुल्क स्वास्थ्य जांच सुविधाएं भी प्रदान की गईं।

स्वास्थ्य शिविर का सफल आयोजन नियंत्रक संचार लेखा, पंजाब के कार्यालय द्वारा अपने अधिकारियों, कर्मचारियों एवं उनके परिवारों के स्वास्थ्य, कल्याण एवं हितों के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है।