ब्रेकिंग न्यूज़
Abhimanyu Kohar Meets CM Nayab Singh Saini: किसानों की MSP, फसल खरीद और मुआवजे की मांग पर चर्चा

हरियाणा में अभिमन्यु कोहाड़ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर किसानों की फसल खरीद, MSP की कानूनी गारंटी, बाढ़-सूखे से हुए नुकसान का मुआवजा, फसल बीमा और मुकदमे वापस लेने समेत कई मांगें उठाईं।

चंडीगढ़ / सत्ता संदेश

हरियाणा की राजनीति और किसान आंदोलनों से जुड़े प्रमुख चेहरे अभिमन्यु कोहाड़ ने मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी से मुलाकात कर किसानों से जुड़े विभिन्न मुद्दों को सरकार के सामने रखा। चंडीगढ़ में हुई इस बैठक में फसलों की खरीद, न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की गारंटी और बाढ़-सूखे से हुए फसल नुकसान के मुआवजे समेत कई मांगों पर चर्चा हुई।

बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत में अभिमन्यु कोहाड़ ने बताया कि उन्होंने किसानों की लंबित मांगों को मुख्यमंत्री के समक्ष प्रमुखता से उठाया। उन्होंने फसलों की खरीद व्यवस्था को बेहतर बनाने और किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य सुनिश्चित करने की मांग रखी।

कोहाड़ ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी का मुद्दा भी उठाया। इसके साथ ही हालिया बाढ़ और सूखे के कारण किसानों को हुए फसल नुकसान के लिए उचित मुआवजा देने की मांग की गई।

उन्होंने फसल बीमा योजना से जुड़ी समस्याओं का भी मुद्दा उठाया। कोहाड़ के अनुसार, किसानों की शिकायत है कि बीमा कंपनियों की ओर से क्लेम के भुगतान में देरी होती है। उन्होंने सरकार से फसल बीमा व्यवस्था की खामियों को दूर करने और किसानों को समय पर बीमा क्लेम दिलाने की मांग की।

इसके अलावा किसान आंदोलनों के दौरान किसानों पर दर्ज किए गए मुकदमों को वापस लेने की मांग भी मुख्यमंत्री के सामने रखी गई। कोहाड़ ने कहा कि किसानों से जुड़े मुद्दों का समाधान बातचीत और सकारात्मक पहल के जरिए किया जाना चाहिए।

उन्होंने कहा कि किसानों की मांगों को नजरअंदाज किए जाने की स्थिति में किसान संगठन आंदोलन का रास्ता अपनाने पर विचार कर सकते हैं। हालांकि, बैठक के बाद सरकार की ओर से किन मांगों पर क्या ठोस निर्णय लिया गया, इसकी विस्तृत जानकारी सामने आना अभी बाकी है।

अब किसानों की नजर सरकार की आगामी कार्रवाई पर है। फसल खरीद, MSP, फसल नुकसान मुआवजा, बीमा क्लेम और किसानों पर दर्ज मुकदमों जैसे मुद्दों पर सरकार की अगली पहल महत्वपूर्ण मानी जा रही है।

किसान मजदूर मोर्चा ने कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर पक्के मोर्चे लगाने की तैयारी

किसान मजदूर मोर्चा के नेता सरवन सिंह पंधेर ने पंजाब सरकार के खिलाफ 8 कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर पक्के विरोध प्रदर्शन का ऐलान किया। MSP, कर्ज माफी, लैंड पूलिंग और नशे समेत कई मांगें उठाईं।

अमृतसर / सत्ता संदेश

अमृतसर में किसान मजदूर मोर्चा (KMM) ने पंजाब सरकार के खिलाफ आंदोलन को और तेज करने का ऐलान किया है। किसान नेता सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि मोर्चे की ओर से पंजाब के करीब 8 कैबिनेट मंत्रियों के घरों के बाहर पक्के विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। इनमें माझा क्षेत्र के दो, दोआबा के दो और मालवा क्षेत्र के चार कैबिनेट मंत्री शामिल हैं।

सरवन सिंह पंधेर ने कहा कि वह फिलहाल न्यू अमृतसर में कैबिनेट मंत्री हरभजन सिंह ईटीओ के घर के बाहर मौजूद हैं, जहां विरोध प्रदर्शन के लिए जगह की सफाई और अन्य तैयारियां की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि इन मोर्चों के लिए गांवों से राशन, दूध और अन्य जरूरी सामान जुटाने की भी तैयारी की जा रही है।

किसान मजदूर मोर्चा की प्रमुख मांगों में पांच फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की खरीद की कानूनी गारंटी शामिल है। पंधेर ने कहा कि गेहूं और धान की सरकारी खरीद की व्यवस्था अपेक्षाकृत मजबूत है, लेकिन अन्य फसलों के मामले में किसानों को परेशानियों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने फसलों के दाम C2+50 प्रतिशत फॉर्मूले के आधार पर तय करने और पंजाब सरकार से खरीद की कानूनी गारंटी सुनिश्चित करने की मांग की।

पंधेर ने किसानों और खेत मजदूरों की कर्ज समस्या का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कर्ज के कारण आत्महत्या करने वाले किसानों और खेत मजदूरों के परिवारों को 10 लाख रुपये मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की। इसके साथ ही किसानों के जमीन और संपत्ति से जुड़े अधिकारों को मजबूत करने की भी मांग रखी।

किसान नेता ने पंजाब की लैंड पूलिंग पॉलिसी को वापस लेने की मांग करते हुए शंभू-खनौरी आंदोलन के दौरान हुए नुकसान की भरपाई की मांग की। उन्होंने आंदोलन के दौरान जान गंवाने वाले किसानों के परिवारों को मुआवजा और सरकारी नौकरी देने तथा घायलों को उचित मुआवजा और इलाज की सुविधा उपलब्ध कराने की मांग की।

उन्होंने पंजाब और दिल्ली में किसान आंदोलनों के दौरान किसानों के खिलाफ दर्ज पुलिस, रेलवे और पराली जलाने से संबंधित मामलों को वापस लेने की मांग भी की। इसके अलावा पंजाब के नदी जल विवाद को रिपेरियन सिद्धांत के अनुसार हल करने और बारिश के पानी को जमीन के भीतर पहुंचाने के लिए ठोस नीति बनाने की मांग उठाई।

पंधेर ने पंजाब में नशे की समस्या को लेकर भी सरकार से युवाओं के पुनर्वास और रोजगार की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने कहा कि नशे की गिरफ्त में आए युवाओं को पुनर्वास के जरिए समाज की मुख्यधारा में वापस लाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।

किसान मजदूर मोर्चा ने भारत-अमेरिका फ्री ट्रेड एग्रीमेंट, इलेक्ट्रिसिटी अमेंडमेंट एक्ट, सीड एक्ट और सहकारी संस्थाओं के केंद्रीयकरण जैसे मुद्दों पर भी पंजाब विधानसभा में प्रस्ताव पारित कर इनके विरोध की मांग की है।

सरवन सिंह पंधेर ने लोगों से किसान मजदूर मोर्चा के आंदोलन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने अमृतसर के लोगों को पहले दिए गए सहयोग के लिए धन्यवाद भी दिया।