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सांसदों के वेतन-भत्तों पर संयुक्त समिति के अध्यक्ष बने बीरेंद्र प्रसाद बैश्य

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

Assam से राज्यसभा सांसद Birendra Prasad Baishya को वर्ष 2026-27 के लिए सांसदों के वेतन और भत्तों से संबंधित संसद की संयुक्त समिति का अध्यक्ष चुना गया है। यह समिति सांसदों के वेतन ढांचे और भत्तों से जुड़े नियमों की समीक्षा और सिफारिशें तैयार करने का कार्य करती है।

यह नियुक्ति संसद सदस्यों के वेतन एवं भत्ता अधिनियम, 1954 के तहत गठित संयुक्त समिति के तहत की गई है। इस समिति में लोकसभा के 10 और राज्यसभा के 5 सदस्य शामिल होते हैं, जो मिलकर सांसदों के वेतन, भत्तों और अन्य सुविधाओं से जुड़े प्रावधानों पर विचार करते हैं।

समिति का मुख्य उद्देश्य सांसदों के पारिश्रमिक ढांचे को समयानुकूल बनाना और प्रशासनिक आवश्यकताओं के अनुरूप उसमें आवश्यक संशोधनों की सिफारिश करना होता है। इसके साथ ही यह समिति यह भी देखती है कि सार्वजनिक प्रतिनिधियों के वेतन-भत्ते पारदर्शी और संतुलित हों।

बीरेंद्र प्रसाद बैश्य असम गण परिषद (Asom Gana Parishad) के वरिष्ठ नेता हैं और लंबे समय से संसदीय कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। उनके अनुभव को देखते हुए उन्हें इस महत्वपूर्ण समिति की जिम्मेदारी सौंपी गई है।

संसदीय मामलों के जानकारों का कहना है कि यह समिति भले ही तकनीकी प्रकृति की हो, लेकिन इसके निर्णय सांसदों की वित्तीय सुविधाओं और संसदीय व्यवस्था के संचालन पर महत्वपूर्ण प्रभाव डालते हैं। इसलिए इसके अध्यक्ष की भूमिका काफी जिम्मेदारी भरी मानी जाती है।

इस नियुक्ति के बाद उम्मीद जताई जा रही है कि समिति आने वाले समय में सांसदों के वेतन और भत्तों से जुड़े विभिन्न पहलुओं की समीक्षा कर नई सिफारिशें प्रस्तुत कर सकती है।

राघव चड्ढा बने राज्यसभा की याचिका समिति के अध्यक्ष, 10 सदस्यीय नई समिति का पुनर्गठन

नयी दिल्ली / सत्ता संदेश

राज्यसभा में एक महत्वपूर्ण संसदीय बदलाव के तहत आम आदमी पार्टी के सांसद Raghav Chadha को राज्यसभा की याचिका समिति (Committee on Petitions) का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के साथ ही समिति का पुनर्गठन करते हुए राज्यसभा सभापति की ओर से 10 सदस्यों को इसमें नामित किया गया है।

हालांकि, कुछ शुरुआती रिपोर्ट्स में उनके राजनीतिक दल परिवर्तन को लेकर गलत दावे किए गए थे, लेकिन आधिकारिक और विश्वसनीय जानकारी के अनुसार Raghav Chadha अभी भी आम आदमी पार्टी से ही राज्यसभा सदस्य हैं और उन्होंने किसी अन्य दल में शामिल होने की पुष्टि नहीं की है।

संसदीय सूत्रों के मुताबिक, याचिका समिति नागरिकों और संगठनों से प्राप्त याचिकाओं की जांच करती है और उनसे जुड़े मामलों पर संसद को सिफारिशें देती है। इस समिति की भूमिका जनहित से जुड़े मुद्दों को संसद तक पहुंचाने में अहम मानी जाती है।

राज्यसभा सभापति की ओर से किए गए इस पुनर्गठन को संसदीय समितियों के कामकाज को और अधिक प्रभावी बनाने की दिशा में एक कदम माना जा रहा है। नई समिति आने वाले समय में विभिन्न जनहित याचिकाओं पर विचार करेगी और आवश्यक सिफारिशें प्रस्तुत करेगी।

यह नियुक्ति ऐसे समय में हुई है जब संसद की विभिन्न समितियों में नए सिरे से जिम्मेदारियां बांटी जा रही हैं ताकि विधायी कार्यों को और अधिक सुचारू रूप से संचालित किया जा सके।