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जापान के कुमामोटो प्रांत में 7.1 तीव्रता का आया भूंकप, सुनामी की भी चेतावनी

जापान / सत्ता संदेश

जापान के दक्षिणी कुमामोटो प्रांत में मंगलवार को 7.1 तीव्रता का भूकंप आया। जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने यह जानकारी दी।

भूकंप के बाद जापान मौसम विज्ञान एजेंसी ने 1 मीटर (3.28 फीट) ऊंची लहरों वाली सुनामी की चेतावनी जारी की है। जापान सरकार ने दक्षिणी क्यूशू द्वीप के कुमामोटो, नागासाकी, कागोशिमा, फुकुओका, सागा, ओइता और मियाजाकी प्रांतों के लिए आपातकालीन भूकंप चेतावनी जारी की है। मौसम एजेंसी ने लोगों को समुद्र और तटों से दूर रहने की सलाह दी है।

दुनिया के सर्वाधिक भूकंप प्रभावित देशों में एक है जापान
जापान दुनिया के सबसे ज्यादा भूकंप प्रभावित देशों में से एक है। यहां कम से कम हर पांच मिनट में भूकंप के झटके महसूस किए जाते हैं। जापान प्रशांत महासागर के चारों ओर फैले ज्वालामुखियों और समुद्री गर्तों वाले क्षेत्र ‘रिंग ऑफ फायर’ में स्थित है। दुनिया में 6.0 या उससे ज्यादा तीव्रता वाले भूकंपों में से करीब 20 फीसदी जापान में आते हैं।


ट्रेन सेवाएं रोकी गईं
क्यूशू इलेक्ट्रिक पावर ने कहा कि भूकंप के बाद उसके सेंडाई और जेनकाई परमाणु ऊर्जा संयंत्रों में किसी तरह की गड़बड़ी की कोई सूचना नहीं है। ट्रेन संचालक जेआर क्यूशू ने बताया कि भूकंप के बाद उसने अपनी सेवाएं रोक दी हैं। इसमें हाई-स्पीड शिंकानसेन ट्रेनें भी शामिल हैं।


चीन के छिंगहाई प्रांत में 20 मिनट के भीतर आए दो भूकंप
इससे पहले, चीन के एक दूरदराज प्रांत में भी मंगलवार सुबह करीब 20 मिनट के अंतराल में दो भूकंप के झटके महसूस किए गए। 

अमेरिकी भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (यूएसजीएस) ने बताया कि चीन के छिंगहाई प्रांत में सुबह 11 बजकर 16 मिनट और 11 बजकर 34 मिनट पर भूकंप के झटके महसूस किए गए। इनकी तीव्रता क्रमशः 5.7 और 5.8 थी। दोनों भूकंप जमीन से 10 किलोमीटर (6 मील) की गहराई पर आए। भूकंप से किसी के हताहत होने की तत्काल कोई सूचना नहीं है। चीन के उत्तर-पश्चिम में स्थित छिंगहाई प्रांत कम आबादी वाला क्षेत्र है और यहां अक्सर भूकंप आते रहते हैं। सरकारी प्रसारक सीसीटीवी के एक वीडियो में दिखाया गया कि जमीन हिलने के दौरान चट्टानों से धूल के बादल उठ रहे थे।

इन भूकंपों का असर पड़ोसी गांसू प्रांत के लानझोउ शहर में भी महसूस किया गया। यह इस इलाके के सबसे बड़े शहरों में से एक है। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में शहर के घरों के अंदर लगे लैंप हिलते हुए दिखाई दिए।

फिलीपींस में 7.8 तीव्रता के भूकंप, 4 लोगों की मौत, 200 से ज्यादा घायल

इंटरनेशनल डेस्क / सत्ता संदेश

फिलीपींस के दक्षिणी हिस्से मिंडानाओ में सोमवार सुबह तेज भूकंप के झटकों ने लोगों को दहशत में डाल दिया। रिक्टर पैमाने पर भूकंप की तीव्रता 7.8 दर्ज की गई है, जिसके बाद कई तटीय इलाकों में सुनामी की चेतावनी जारी कर दी गई है। भूकंप के बाद बिजली आपूर्ति बाधित होने और लोगों के घरों से बाहर निकलकर सुरक्षित स्थानों की ओर भागने की खबरें सामने आई हैं। हालांकि अब तक किसी बड़े नुकसान या जनहानि की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।

जनरल सैंटोस के पास था भूकंप का केंद्र

फिलीपींस इंस्टीट्यूट ऑफ वोल्केनोलॉजी एंड सीस्मोलॉजी के अनुसार, भूकंप का केंद्र मिंडानाओ द्वीप पर जनरल सैंटोस शहर से लगभग 13 किलोमीटर दक्षिण-पश्चिम में स्थित था। इसकी गहराई लगभग 10 किलोमीटर थी। भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह 7:37 बजे आया, जिससे पूरे क्षेत्र में तेज झटके महसूस किए गए।

सुनामी का खतरा, ऊंची लहरों की चेतावनी

भूकंप के तुरंत बाद अमेरिकी सुनामी चेतावनी प्रणाली ने संभावित सुनामी का अलर्ट जारी किया। इसके बाद इंडोनेशिया की भूभौतिकी एजेंसी ने भी अपने उत्तर-पूर्वी तटीय इलाकों के लिए चेतावनी जारी कर दी। फिलीपींस के ज्वालामुखी एवं भूकंप विज्ञान संस्थान (PHIVOLCS) ने चेतावनी दी है कि प्रभावित तटीय क्षेत्रों में सामान्य ज्वार स्तर से एक मीटर से अधिक ऊंची लहरें उठ सकती हैं। इन लहरों का असर कई घंटों तक बना रह सकता है।विज्ञापन

लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की सलाह

फिलीपींस भूकंप संस्थान के प्रमुख टेरेसिटो बाकोलकोल ने तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को तुरंत सुरक्षित स्थानों या ऊंचे इलाकों में जाने की सलाह दी है। अधिकारियों ने कहा है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है और राहत एवं बचाव दल को अलर्ट कर दिया गया है।

कई देशों में महसूस हुए झटके

भूकंप के झटके सिर्फ फिलीपींस तक सीमित नहीं रहे। इंडोनेशिया के उत्तरी सुलावेसी और नॉर्थ मालुकू प्रांतों में भी कंपन महसूस किया गया। इसके अलावा ताइवान, जापान, गुआम, पापुआ न्यू गिनी और पश्चिमी प्रशांत के कई द्वीप देशों में भी हल्के झटकों की संभावना जताई गई है।

क्यों बार-बार आता है भूकंप?

गौरतलब है कि फिलीपींस और इंडोनेशिया दोनों दुनिया के सबसे अधिक भूकंप प्रभावित क्षेत्रों में गिने जाते हैं। ये देश “पैसिफिक रिंग ऑफ फायर” नामक भूगर्भीय क्षेत्र में स्थित हैं, जहां कई टेक्टोनिक प्लेटें आपस में टकराती हैं। इसी कारण यहां अक्सर बड़े भूकंप, ज्वालामुखी विस्फोट और सुनामी जैसी प्राकृतिक आपदाएं देखने को मिलती हैं। साथ ही यह देश हर साल करीब 20 तूफानों और टाइफून का भी सामना करता है।

दिल्ली-NCR और उत्तर भारत में भूकंप के तेज झटके; रिक्टर पैमाने पर 5.9 रही तीव्रता, दहशत में आए लोग

नेशनल डेस्क: भारत के विभिन्न राज्यों में शुक्रवार रात (3 अप्रैल 2026) को भूकंप के जोरदार झटके महसूस किए गए, जिससे लोगों के बीच चिंता और डर की लहर दौड़ गई। दिल्ली-NCR के अलावा जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और पंजाब में भी धरती हिल उठी।

तीव्रता और केंद्र: भूकंप की तीव्रता रिक्टर पैमाने पर 5.9 मापी गई है। इसका केंद्र अफगानिस्तान-ताजिकिस्तान सीमा क्षेत्र में जमीन से 175 किलोमीटर की गहराई में था।

प्रभावित इलाके: दिल्ली और कश्मीर के विभिन्न हिस्सों के साथ-साथ पंजाब के पठानकोट में रात करीब 9:50 बजे हल्के झटके महसूस किए गए। उत्तर प्रदेश के नोएडा में भी कई सेकंड तक झटके महसूस किए गए।

नुकसान की स्थिति: राहत की बात यह है कि अब तक इस भूकंप के कारण किसी भी तरह के जान-माल के नुकसान की खबर सामने नहीं आई है। हालांकि, झटकों के बाद कई इलाकों में लोग सुरक्षा के लिहाज से अपने घरों से बाहर निकल आए।

भूकंप का कारण: विशेषज्ञों के अनुसार, भूकंप आने का मुख्य कारण धरती के भीतर मौजूद टेक्टोनिक प्लेटों का आपस में टकराना, रगड़ना या खिसकना होता है, जिससे जमा ऊर्जा बाहर निकलती है।

भारत समेत दुनिया के कई देशों में पिछले कुछ समय से लगातार भूकंप के झटके महसूस किए जा रहे हैं, जिससे लोगों में सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है।