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ITI Recruitment 2026: सरकारी ITI में इंस्ट्रक्टर भर्ती, ₹15,000 वेतन; 9 सितंबर को इंटरव्यू

लुधियाना / सत्ता संदेश

सरकारी ITI लुधियाना में अलग-अलग ट्रेड के लिए गेस्ट फैकल्टी कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर इंस्ट्रक्टर की भर्ती की जा रही है। जिला रोजगार एवं व्यवसाय ब्यूरो, लुधियाना की डिप्टी डायरेक्टर रूपिंदर कौर ने बताया कि इंस्टीट्यूट मैनेजमेंट कमेटी (IMC), सरकारी ITI लुधियाना की ओर से यह भर्ती की जाएगी।

उन्होंने बताया कि भर्ती के तहत रेफ्रिजरेटर एवं एयर कंडीशनर, वायरमैन, इलेक्ट्रीशियन, ड्रोन टेक्नीशियन, इंडस्ट्रियल रोबोटिक्स एवं डिजिटल मैन्युफैक्चरिंग टेक्नीशियन, मशीनिस्ट, फिटर, वेल्डर, टूल एंड डाई मेकर (प्रेस टूल, जिग एवं फिक्सचर), CNC मशीनिंग, मोटर मैकेनिक व्हीकल, सोलर टेक्नीशियन और मैकेनिक इलेक्ट्रिकल व्हीकल ट्रेड शामिल हैं।

15 हजार रुपये मासिक मिलेगा वेतन

डिप्टी डायरेक्टर रूपिंदर कौर ने बताया कि ये पद पूरी तरह अस्थायी आधार पर गेस्ट फैकल्टी कॉन्ट्रैक्ट बेसिस पर भरे जाएंगे। नियुक्ति शैक्षणिक सत्र 2026-27 तक के लिए होगी और चयनित उम्मीदवारों को 15,000 रुपये प्रति माह फिक्स्ड वेतन दिया जाएगा।

9 सितंबर को होगा इंटरव्यू

योग्य एवं इच्छुक उम्मीदवारों को इंटरव्यू के लिए 9 सितंबर 2026 को सरकारी ITI, गिल रोड, लुधियाना में पहुंचना होगा। उम्मीदवारों को अपने मूल दस्तावेजों के साथ उनकी अटेस्टेड कॉपियां भी साथ लानी होंगी।

उम्मीदवार संबंधित ट्रेड के लिए शैक्षणिक योग्यता, अनुभव और अन्य आवश्यक जानकारी DGT की CTS Details वेबसाइट पर देख सकते हैं।

अधिक जानकारी के लिए इच्छुक उम्मीदवार जिला रोजगार एवं व्यवसाय ब्यूरो, प्रताप चौक, संगीत सिनेमा के सामने, लुधियाना से भी संपर्क कर सकते हैं।

भर्ती का उद्देश्य सरकारी ITI में विभिन्न तकनीकी ट्रेडों के लिए प्रशिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित करना और विद्यार्थियों को बेहतर व्यावसायिक प्रशिक्षण प्रदान करना है।

नौकरी नियमितीकरण की मांग को लेकर कैट पहुंचे ओलंपिक पदक विजेता रवि दहिया और पैरालंपियन शरद कुमार

नई दिल्ली / सत्ता संदेश


टोक्यो ओलंपिक के रजत पदक विजेता पहलवान Ravi Kumar Dahiya और पैरालंपिक ऊंची कूद के पदक विजेता Sharad Kumar ने दिल्ली सरकार में अपनी सेवाओं के नियमितीकरण की मांग को लेकर केंद्रीय प्रशासनिक पंचाट (कैट) का दरवाजा खटखटाया है।

दोनों खिलाड़ियों ने अपनी याचिकाओं में आरोप लगाया है कि वर्षों से सहायक शिक्षा निदेशक (खेल) के रूप में नियमित प्रशासनिक कार्य करने के बावजूद उन्हें केवल अस्थायी विस्तार दिए जा रहे हैं, जबकि उनकी सेवाओं को स्थायी करने की प्रक्रिया लंबित है।

याचिकाकर्ताओं का कहना है कि उन्होंने अपनी अंतरराष्ट्रीय उपलब्धियों के आधार पर “ग्रुप ए” पदों की पेशकश मिलने के बाद सुरक्षित सरकारी नौकरियां छोड़कर दिल्ली सरकार से जुड़ने का निर्णय लिया था, इस उम्मीद के साथ कि उनकी नियुक्तियां जल्द ही नियमित कर दी जाएंगी।

अब दोनों खिलाड़ियों ने न्यायिक हस्तक्षेप की मांग करते हुए कहा है कि लंबे समय से अनिश्चित स्थिति में काम करने से उनके करियर और भविष्य दोनों पर असर पड़ रहा है।

मामला अब कैट के समक्ष विचाराधीन है, और आने वाले दिनों में इस पर सुनवाई होने की संभावना है।