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ट्राई ने देश में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के प्रसार के लिए परामर्श पत्र जारी किया

दिल्ली /सत्ता संदेश

भारतीय दूरसंचार नियामक प्राधिकरण (ट्राई) ने आज “देश में सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के प्रसार” के लिए परामर्श पत्र जारी किया है।

इस परामर्श पत्र में मौजूदा नियामक ढांचे की समीक्षा की गई है, सार्वजनिक वाई-फाई नेटवर्क के प्रसार को प्रभावित करने वाली चुनौतियों की पहचान की गई है, और देश भर में सार्वजनिक वाई-फाई के बुनियादी ढांचे के प्रसार में तेजी लाने के उपायों पर हितधारकों से टिप्पणियां आमंत्रित की गई हैं। परामर्श पत्र में निम्नलिखित प्रमुख क्षेत्रों को शामिल किया गया है:

  • अन्य देशों में सार्वजनिक वाई-फाई इकोसिस्टम का अवलोकन और अंतर्राष्ट्रीय अनुभवों तथा वैश्विक सर्वोत्तम प्रथाओं से प्राप्त प्रमुख निष्कर्ष।
  • देश में सार्वजनिक वाई-फाई की वर्तमान स्थिति का आकलन, जिसमें नेटवर्क से जुड़े रुझान और मांग के पैटर्न शामिल हैं।
  • देश में सार्वजनिक वाई-फाई के प्रसार को प्रभावित करने वाली प्रमुख समस्याओं और चुनौतियों की पहचान।
  • ग्रामीण क्षेत्रों, शहरी केंद्रों और अधिक भीड़भाड़ वाले स्थानों पर व्यवहार्य सार्वजनिक वाई-फाई मॉडल विकसित करने के लिए केंद्र और राज्य सरकारों, स्थानीय निकायों, टीएसपी/आईएसपी और निजी संस्थाओं जैसे प्रमुख हितधारकों की भूमिका का परीक्षण।
  • भारतीय सार्वजनिक वाई-फाई प्रणाली के अंतर्गत प्राधिकरण, प्रमाणीकरण, रोमिंग और बिलिंग प्रणालियों से संबंधित समस्याओं की जांच।
  • सार्वजनिक वाई-फाई की स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए उपयुक्त संभावित प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष राजस्व मॉडलों का विश्लेषण।

परामर्श पत्र ट्राई की वेबसाइट www.trai.gov.in पर उपलब्ध है। हितधारकों से परामर्श पत्र पर लिखित टिप्पणियां 25 मई 2026 तक और यदि कोई प्रति-टिप्पणी हो तो 8 जून 2026 तक आमंत्रित की गई हैं।

टिप्पणियां advbbpa@trai.gov.in पर भेजी जा सकती हैं, जिसकी एक प्रति jtadvbbpa-1@trai.gov.in पर भी भेजी जानी चाहिए। किसी भी स्पष्टीकरण/जानकारी के लिए, ट्राई के सलाहकार (ब्रॉडबैंड और नीति विश्लेषण) डॉ. अब्दुल कयूम से +91-11 20907757 पर संपर्क किया जा सकता है।

सीसीए पंजाब ने भारतनेट कार्यक्रम के तहत क्वालिटी एफटीटीएच कनेक्टिविटी सुनिश्चित करने हेतु फील्ड चेक किए

चंडीगढ़, 07 अप्रैल 2026: संचार मंत्रालय के दूरसंचार विभाग के अंतर्गत, नियंत्रक संचार लेखा कार्यालय, पंजाब, डिजिटल भारत निधि से वित्त पोषित संशोधित भारतनेट कार्यक्रम के तहत प्रदान की जा रही एफटीटीएच (फाइबर टू द होम) कनेक्शनों की भौतिक सत्यापन हेतु राज्य के विभिन्न जिलों में फील्ड विजिट्स कर रहा है।

यह सत्यापन अभियान सेवा वितरण की स्थिति का आकलन करने व कार्यक्रम के उद्देश्यों के अनुरूप घरेलू उपभोक्ताओं को किफायती दामों पर हाई-स्पीड इंटरनेट सेवाएं सुनिश्चित करने के लक्ष्य से संचालित है। विजिट्स के दौरान सीसीए टीमें सब्सक्राइबर्स व स्थानीय हितधारकों से बातचीत कर सेवाओं की गुणवत्ता, पहुंच व प्रभावशीलता पर इनपुट ले रही हैं।

उपभोक्ताओं से प्राप्त इनपुट बताते हैं कि एफटीटीएच कनेक्टिविटी ऑनलाइन शिक्षा, ई-गवर्नेंस सेवाओं, डिजिटल प्लेटफॉर्म्स व संचार सुविधाओं तक पहुंच सक्षम करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है। विश्वसनीय इंटरनेट कनेक्टिविटी की उपलब्धता ग्रामीण व दुर्गम क्षेत्रों में सामाजिक-आर्थिक स्थितियों में सुधार ला रही है।

यह पहल माननीय प्रधानमंत्री की “सभी के लिए इंटरनेट” सुनिश्चित करने व डिजिटल डिवाइड को पाटने हेतु डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने की दृष्टि से मेल खाती है। प्रयास हर घर में इंटरनेट पहुंच प्रदान करने व समावेशी डिजिटल विकास को बढ़ावा देने के व्यापक उद्देश्य से भी जुड़े हैं।

फील्ड सत्यापन अभियान सीसीए पंजाब के निरंतर निगरानी तंत्र का हिस्सा है जो डिजिटल कनेक्टिविटी पहलों के प्रभावी कार्यान्वयन व अंतिम छोर तक सहज कनेक्टिविटी सुनिश्चित करता है। सीसीए पंजाब ने डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने व सरकारी कार्यक्रमों के लाभ राज्य के हर कोने तक पहुंचाने के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई।