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144 वर्षों बाद पायल के किसानों को मिलेगा नहरी पानी, 4 करोड़ की परियोजना का शुभारंभ

लुधियाना / सत्ता संदेश

पायल विधानसभा क्षेत्र के किसानों के लिए एक ऐतिहासिक पहल के तहत गांव निजामपुर में लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से नहरी पानी परियोजना का शुभारंभ किया गया। पंजाब सरकार की “नहरी पानी से खेती” योजना के अंतर्गत शुरू की गई इस परियोजना का उद्घाटन आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने किया।

इस अवसर पर विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि परियोजना का कार्य शुरू हो चुका है और इसे निर्धारित समय में पूरा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि परियोजना के पूरा होने के बाद करीब 1200 एकड़ कृषि भूमि को नहर के पानी से सिंचाई की सुविधा मिलेगी, जिससे क्षेत्र के किसानों को बड़ा लाभ होगा। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर आसपास के गांवों की मांग के अनुसार पाइपलाइन का विस्तार भी किया जा सकता है।

विधायक ग्यासपुरा ने कहा कि वर्ष 1882 में इस क्षेत्र में नहर निकाली गई थी, लेकिन पिछले लगभग 144 वर्षों में किसानों को खेती के लिए नहरी पानी का पूरा लाभ नहीं मिल पाया। उन्होंने कहा कि आजादी के बाद कई सरकारें सत्ता में आईं, लेकिन किसी ने भी किसानों तक नहर का पानी पहुंचाने के लिए गंभीर प्रयास नहीं किए। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले नहरों से पानी लेने वाले किसानों पर चोरी के मामले तक दर्ज किए जाते थे।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान के नेतृत्व में पंजाब सरकार किसानों के हित में ऐतिहासिक फैसले ले रही है। राज्य में तेजी से गिरते भूजल स्तर को बचाने के लिए बड़े स्तर पर नहरी पानी से खेती को बढ़ावा दिया जा रहा है। इसके तहत विभिन्न गांवों में पाइपलाइन बिछाकर खेतों तक नहर का पानी पहुंचाया जा रहा है। निजामपुर की यह परियोजना भी इसी अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है।

ग्यासपुरा ने कहा कि इस योजना से किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध होगा, जिससे ट्यूबवेलों पर निर्भरता कम होगी और भूजल संरक्षण को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान को किसानों का सच्चा हितैषी बताते हुए कहा कि उनकी सरकार खेती और किसान कल्याण को प्राथमिकता दे रही है।

गांव निजामपुर के सरपंच लखवीर सिंह ने मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान और विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना क्षेत्र के किसानों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है। उन्होंने कहा कि सरपंच बनने के समय उन्होंने ग्रामीणों से नहरी पानी की सुविधा उपलब्ध करवाने का वादा किया था और पंजाब सरकार ने उस वादे को पूरा करके दिखाया है।

इस अवसर पर मार्केट कमेटी चेयरमैन करण सिहौड़ा, सरपंच परगट सिंह सियाड़, नहरी विभाग के अधिकारी, गांव के गणमान्य व्यक्ति तथा बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।

जल जीवन मिशन की पानी टंकी में भारी रिसाव, ग्रामीणों ने निर्माण गुणवत्ता और भ्रष्टाचार पर उठाए सवाल

जबलपुर/ सत्ता संदेश

मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले के कुलोन गांव में Jal Jeevan Mission के तहत निर्मित पानी की टंकी में बड़े पैमाने पर रिसाव सामने आने के बाद ग्रामीणों में नाराजगी बढ़ गई है। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गंभीर अनियमितताएं हुई हैं और घटिया सामग्री के इस्तेमाल के कारण टंकी शुरू होने से पहले ही क्षतिग्रस्त होने लगी है।

ग्रामीणों के अनुसार, गांव में हर घर तक स्वच्छ पेयजल पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई गई पानी की टंकी से लगातार पानी रिस रहा है। कई स्थानों पर दरारें और सीपेज दिखाई देने के कारण लोगों को निर्माण की गुणवत्ता पर संदेह है। उनका कहना है कि जिस परियोजना से गांव की पेयजल समस्या का समाधान होना था, वही अब सवालों के घेरे में आ गई है।

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि निर्माण कार्य के दौरान गुणवत्ता मानकों का पालन नहीं किया गया और परियोजना में भ्रष्टाचार की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य सही तरीके से हुआ होता तो नई टंकी में इतनी जल्दी रिसाव की समस्या सामने नहीं आती।

गांव के निवासियों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों तथा ठेकेदारों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि सरकारी धन से बनने वाली योजनाओं में पारदर्शिता और गुणवत्ता सुनिश्चित की जानी चाहिए ताकि ग्रामीणों को वास्तविक लाभ मिल सके।

जल जीवन मिशन केंद्र सरकार की प्रमुख योजनाओं में शामिल है, जिसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के प्रत्येक घर तक सुरक्षित पेयजल उपलब्ध कराना है। इस मिशन के तहत देशभर में जलापूर्ति ढांचे का निर्माण और विस्तार किया जा रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि ग्रामीण जलापूर्ति परियोजनाओं में निर्माण गुणवत्ता बेहद महत्वपूर्ण होती है। यदि जल भंडारण संरचनाओं में तकनीकी खामियां रह जाती हैं, तो न केवल सरकारी धन की बर्बादी होती है बल्कि ग्रामीणों को भी अपेक्षित सुविधाएं नहीं मिल पातीं।

स्थानीय प्रशासन ने मामले की जानकारी मिलने के बाद स्थिति का निरीक्षण करने और तकनीकी जांच कराने के संकेत दिए हैं। अधिकारियों का कहना है कि यदि निर्माण में किसी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पाई जाती है तो संबंधित एजेंसियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल कुलोन गांव के ग्रामीण जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रहे हैं और उम्मीद कर रहे हैं कि पानी की टंकी की खामियों को जल्द दूर कर उन्हें नियमित एवं सुरक्षित पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित की जाएगी।

संत बलबीर सिंह सीचेवाल के नेतृत्व में बुद्धा दरिया और कवि दरबार

लुधियाना / सत्ता संदेश

आइए धरती, जल, वायु और पंजाबियत को बचाएं – प्रो. गुरभजन सिंह गिल

बैसाखी के पवित्र दिन को समर्पित तीसरा कवि दरबार लुधियाना के ताजपुर रोड स्थित केंद्रीय जेल के संगत घाट (बेस कैंप) के पास पंजाबी लोक विरासत अकादमी लुधियाना के सहयोग से आयोजित किया गया। इस कवि दरबार में दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं की उपस्थिति में राज्यसभा सदस्य संत बलबीर सिंह सीचेवाल ने भाषण दिया। उन्होंने कहा कि आइए हम गुरु नानक पातशाह से जुड़ी इस पवित्र नदी की पवित्रता को बहाल करने के लिए चल रहे कार्यों में सक्रिय रूप से भाग लें और इन ऐतिहासिक क्षणों के प्रत्यक्षदर्शी बनें। प्रख्यात साहित्यकार प्रोफेसर गुरभजन सिंह गिल ने संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल द्वारा किए जा रहे महान कार्यों की प्रशंसा करते हुए कहा कि आइए हम पंजाबी अपने जल, वायु, भूमि, संस्कृति, स्वच्छ गीतों और पंजाबियत को बचाने का प्रयास करें। आइए हम उच्च और शुद्ध कर्म योगी बनें। आइए हम अपने गांवों और शहरों को एक नई दिशा दें। श्रीमती नीरू कत्याल गुप्ता (आईएएस) कमिश्नर निगम लुधियाना ने भी बुड्ढा नदी की सफाई में लुधियाना निवासियों को सहयोग का संदेश दिया। नगर निगम के डिप्टी कमिश्नर विनीत कुमार ने भी बुड्ढा नदी शुद्धिकरण अभियान को लुधियाना के लिए वरदान बताया। मंच का संचालन करते हुए, राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित कवि करमजीत सिंह ग्रेवाल ने कवि दरबार में कवियों की उपस्थिति सुनिश्चित की। प्रख्यात लेखिका डॉ. गुरचरण कौर कोचर द्वारा श्री गुरु गोविंद सिंह जी की स्तुति में पढ़ी गई रचना ने दर्शकों को बहुत प्रभावित किया। अपने स्वच्छ और अर्थपूर्ण गायन के लिए जाने जाने वाले, गायक पाली देतवालिया ने ‘गिव अस बैक रंगला पंजाब’, ‘चली गोलम दी जमीन लुधियाना खा गए’ और ‘मावां गीत’ सुनाकर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। इसके बाद प्रोफेसर गुरभजन सिंह गिल, अमरजीत सिंह शेरपुरी, जगपाल सिंह जग्गा जमालपुरी, करमजीत ग्रेवाल, सुखबीर संधे, दविंदर सिंह खासी कलां जेई और दलबीर कलेर ने ऊंची आवाज में गीत और कविताएं सुनाकर रचनात्मक संदेश दिया। संत बाबा बलबीर सिंह सीचेवाल और संत सुखजीत सिंह सीचेवाल ने कवियों और सेवकों को पौध, सिरोपा, पगड़ी और अन्य कई सम्मान देकर उनका आदर और आशीर्वाद किया। बुढ़ा नदी के किनारे आयोजित इस सफल कवि सम्मेलन ने श्रोताओं के मन पर गहरी छाप छोड़ी। इस अवसर पर सेवक सुखजीत सिंह सीचेवाल, हरदेव सिंह दाउधर, पाल सिंह नौली, क्षेत्र के पंचायत सदस्य और कई अन्य प्रमुख व्यक्तित्व उपस्थित थे।