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लुधियाना ईस्ट को मिलेगा 40 MW का नया पावर ग्रिड, 15 नवंबर से शुरू होगी बिजली सप्लाई

लुधियाना / सत्ता संदेश

लुधियाना ईस्ट विधानसभा क्षेत्र में बिजली सप्लाई को मजबूत करने के लिए दाना मंडी में करीब 20 करोड़ रुपये की लागत से 40 MW का नया पावर ग्रिड तैयार किया जा रहा है। विधानसभा क्षेत्र के विधायक दलजीत सिंह ग्रेवाल भोला ने गुरुवार को निर्माणाधीन पावर ग्रिड का दौरा कर काम की प्रगति का जायजा लिया।

MLA ग्रेवाल ने बताया कि पावर ग्रिड का करीब 50 प्रतिशत काम पूरा हो चुका है और इसे 15 नवंबर तक चालू करने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि नए पावर ग्रिड के शुरू होने से बहादुरके रोड स्थित होजरी कॉम्प्लेक्स और आसपास की अन्य इंडस्ट्री को बिजली सप्लाई के मामले में राहत मिलने की उम्मीद है।

उन्होंने कहा कि बहादुरके रोड और आसपास का क्षेत्र औद्योगिक गतिविधियों का प्रमुख केंद्र है, जहां बड़ी संख्या में होजरी और अन्य औद्योगिक इकाइयां हैं। नए पावर ग्रिड के शुरू होने से क्षेत्र की बिजली व्यवस्था को मजबूती मिलेगी और बिजनेस कम्युनिटी को भी लाभ होगा।

MLA दलजीत सिंह ग्रेवाल ने कहा कि पंजाब सरकार इंडस्ट्री और होजरी सेक्टर सहित राज्य के विभिन्न क्षेत्रों को बिना रुकावट बिजली सप्लाई उपलब्ध करवाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य लोगों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध करवाने के साथ पंजाब के विकास को गति देना है।

उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व वाली पंजाब सरकार की ओर से राज्य के विकास और लोगों को सुविधाएं देने के लिए किए जा रहे प्रयासों का भी उल्लेख किया।

इस दौरान सुरिंदर मदान, गुरदीप लकी, सुरिंदर बजाज, बाबू शर्मा, निमिश शर्मा और दलजीत सिंह विक्की मक्कड़ सहित अन्य लोग मौजूद रहे।

गुरदासपुर जोन 2 में धान बुवाई का काम शुरू, किसानों ने सुनाई आपबीती

गुरदासपुर / सत्ता संदेश

रिपोर्ट : लवप्रीत सिंह

पंजाब में धान का सीजन 15 मई से शुरू हो गया था। धान के सीजन में अलग-अलग जिलों को पांच जोन में बांटा गया है। वहीं जिला गुरदासपुर को जोन 2 में रखा गया है। जहां धान की बुआई का काम शुरू हो गया है।

गुरदासपुर की बात करें तो यहां ज्यादातर किसानों ने पौधे लगा दिए हैं और खेतों को समतल करने (कद्दू) का काम भी शुरू कर दिया है, लेकिन लेबर की कमी के कारण अभी तक धान की बुआई शुरू नहीं हो पाई है। हालांकि किसान इस बात से खुश हैं कि सरकार ने बिजली की सप्लाई शुरू कर दी है और उम्मीद है कि यह सप्लाई बिना रुके जारी रहेगी, लेकिन साथ ही खाद की कमी किसानों के लिए परेशानी बनती जा रही है।

किसानों का कहना है कि ज्यादातर खाद स्टोर किसानों को खाद नहीं दे रहे हैं और अगर देते भी हैं तो उन्हें फालतू दवाइयां देकर खरीदने पर मजबूर कर रहे हैं। वहीं, किसानों का कहना है कि इस बार ज़्यादा समय और बारिश होने से उम्मीद है कि किसानों की मुश्किलें कम होंगी और पैदावार भी अच्छी होगी। किसानों ने यह भी कहा कि हालांकि बासमती से पानी की बचत होती है, लेकिन बासमती की मार्केटिंग में मुश्किलें आती हैं, इसलिए किसान धान की कम समय वाली किस्मों को प्राथमिकता दे रहे है।