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57वीं GST काउंसिल बैठक: कारोबारियों को बड़ी राहत, गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश; अभियोजन की सीमा 5 करोड़

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की अध्यक्षता में 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली के भारत मंडपम में 57वीं जीएसटी काउंसिल की बैठक हुई। बैठक में जीएसटी व्यवस्था को सरल बनाने, टैक्स अनुपालन का बोझ घटाने, छोटे कारोबारियों और एमएसएमई को राहत देने तथा कर प्रशासन को अधिक पारदर्शी बनाने से जुड़े कई अहम फैसले लिए गए।

बैठक में जीएसटी अधिकारियों की गिरफ्तारी शक्तियों पर अंकुश लगाने और जीएसटी से जुड़े आपराधिक अभियोजन की सीमा बढ़ाने जैसे महत्वपूर्ण सुधारों पर निर्णय लिया गया। आपराधिक अभियोजन शुरू करने की न्यूनतम कर राशि की सीमा 1 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 5 करोड़ रुपये कर दी गई है। इससे छोटे और अपेक्षाकृत कम गंभीर कर मामलों में आपराधिक कार्रवाई का दायरा कम होगा।

छोटे टैक्स मामलों में नोटिस का बोझ घटेगा

काउंसिल ने करदाताओं पर छोटे-मोटे मामलों में कार्रवाई का बोझ कम करने के लिए सामान्य मानक तय करने की दिशा में भी कदम उठाया है। आपके उपलब्ध विवरण के अनुसार 10,000 रुपये से कम की कर राशि वाले मामलों में नए डिमांड नोटिस जारी नहीं करने और ऐसे लंबित नोटिस वापस लेने की सिफारिश की गई है।

इसके साथ ही सामान्य पेनल्टी की सीमा को भी कम करने का फैसला सामने आया है। रिपोर्टों के मुताबिक सामान्य पेनल्टी को 25,000 रुपये से घटाकर 10,000 रुपये किया गया है।

रिफंड प्रक्रिया होगी तेज

जीएसटी रिफंड से जुड़ी प्रक्रिया को भी आसान और तेज बनाने पर जोर दिया गया है। काउंसिल ने रिफंड दावों के निपटारे की समयसीमा कम करने की दिशा में फैसला लिया है। इसका उद्देश्य कारोबारियों की कार्यशील पूंजी को लंबे समय तक टैक्स विभाग में फंसे रहने से बचाना है।

साथ ही इनपुट टैक्स क्रेडिट यानी ITC को लेकर भी खरीदारों को राहत देने के उपाय किए गए हैं, ताकि सप्लायर की गलती या डिफॉल्ट का असर वास्तविक और अनुपालन करने वाले खरीदारों पर न पड़े।

छोटे ई-कॉमर्स कारोबारियों को राहत

ई-कॉमर्स के जरिए सामान और सेवाएं बेचने वाले छोटे कारोबारियों के लिए जीएसटी रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया को सरल बनाने की सिफारिश की गई है। इसका उद्देश्य छोटे विक्रेताओं के लिए अलग-अलग राज्यों में कारोबार करने की प्रक्रियात्मक बाधाओं को कम करना है।

जीएसटी व्यवस्था में मल्टी-स्टेट रजिस्ट्रेशन और अनुपालन को आसान बनाने से ई-कॉमर्स कारोबारियों के लिए देशभर में कारोबार का विस्तार करना अपेक्षाकृत आसान हो सकता है। सरकार की ओर से जीएसटी अनुपालन में ऑटोमेशन और कम कागजी कार्रवाई पर भी जोर दिया जा रहा है।

GST दरों में बदलाव नहीं

57वीं जीएसटी काउंसिल बैठक का फोकस मुख्य रूप से प्रोसेस रिफॉर्म, अनुपालन, रजिस्ट्रेशन, रिफंड, ITC और टैक्स प्रशासन से जुड़े मुद्दों पर रहा। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार इस बैठक में जीएसटी दरों में कोई नया बदलाव नहीं किया गया।

एमएसएमई और छोटे कारोबारियों पर असर

इन सुधारों का सबसे सीधा असर छोटे कारोबारियों और एमएसएमई क्षेत्र पर पड़ सकता है। अभियोजन की सीमा बढ़ने, गिरफ्तारी शक्तियों पर नियंत्रण, छोटे टैक्स मामलों में नोटिस का बोझ कम होने और रिफंड प्रक्रिया तेज होने से कारोबारियों के लिए अनुपालन लागत कम करने तथा कार्यशील पूंजी को बेहतर तरीके से इस्तेमाल करने में मदद मिल सकती है।

सरकार का व्यापक उद्देश्य जीएसटी व्यवस्था को अधिक ट्रस्ट-बेस्ड, पारदर्शी और कारोबार-अनुकूल बनाना है। 57वीं बैठक में सामने आए सुधारों को इसी दिशा में GST 2.0 के अगले चरण के रूप में देखा जा रहा है।