राजस्थान पंचायत चुनाव: 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक 4 चरणों में होगा मतदान, 2.72 लाख पुलिसकर्मी रहेंगे तैनात
राजस्थान / सत्ता संदेश
राजस्थान में पंचायत चुनावों की तारीखों का ऐलान कर दिया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग के कार्यक्रम के मुताबिक पंचायत चुनाव 25 अक्टूबर से 16 नवंबर तक चार चरणों में कराए जाएंगे। चुनाव कार्यक्रम की घोषणा के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आचार संहिता लागू हो गई है।
पंच और सरपंच पदों के लिए पहले चरण का मतदान 25 अक्टूबर को 3,672 ग्राम पंचायतों में होगा। दूसरे चरण में 31 अक्टूबर को 3,626 ग्राम पंचायतों, तीसरे चरण में 6 नवंबर को 3,605 ग्राम पंचायतों और चौथे चरण में 16 नवंबर को 3,500 ग्राम पंचायतों में वोट डाले जाएंगे।
वहीं, पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव तीन चरणों में होंगे। इसके तहत पहले चरण का मतदान 13 अक्टूबर, दूसरे चरण का 16 अक्टूबर और तीसरे चरण का मतदान 23 अक्टूबर को कराया जाएगा।
जयपुर में चार चरणों में चुनाव
राजस्थान के जयपुर जिले में भी पंचायत चुनाव चार चरणों में होंगे। यहां सरपंच और वार्ड पंचों के चुनाव बैलेट पेपर से कराए जाएंगे, जबकि पंचायत समिति सदस्य और जिला परिषद सदस्यों के चुनाव ईवीएम के जरिए होंगे।
41 जिला परिषदों के सदस्यों और पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव भी पंचायत चुनाव कार्यक्रम के तहत कराए जाएंगे। वहीं, कोटा, श्रीगंगानगर, बारां और करौली जिलों में प्रमुख और प्रधान के चुनाव 22 दिसंबर को होंगे।
2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती
पंचायत चुनावों को शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न कराने के लिए राज्य में करीब 2.72 लाख पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। चुनाव में महिलाओं के लिए 50 फीसदी आरक्षण का प्रावधान है।
मतदाता आंकड़ों की बात करें तो पंचायतीराज चुनाव में करीब 51.82 फीसदी पुरुष और 48.18 फीसदी महिला मतदाता हैं। राजस्थान के 41 जिलों में जयपुर में सबसे ज्यादा 18.99 लाख मतदाता, जबकि जैसलमेर में सबसे कम 4.36 लाख मतदाता बताए गए हैं। पूरे राज्य में 4 करोड़ से अधिक मतदाता अपने मताधिकार का इस्तेमाल करेंगे।
चुनावी घोषणा के साथ आचार संहिता लागू
राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा चुनाव कार्यक्रम घोषित किए जाने के साथ ही ग्रामीण क्षेत्रों में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई है। इसके तहत सरकारी अधिकारियों के तबादलों पर रोक रहेगी। मंत्री अपने निर्वाचन क्षेत्रों में सरकारी वाहनों का इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे और सरकारी गेस्ट हाउस तथा डाक बंगलों में ठहरने पर भी प्रतिबंध रहेगा।
नई योजनाओं की घोषणा पर रोक
आचार संहिता लागू होने के बाद राज्य सरकार नई योजनाओं या नए कार्यक्रमों की घोषणा नहीं कर सकेगी। हालांकि पहले से चल रहे विकास कार्य जारी रहेंगे। जिन टेंडरों की प्रक्रिया पहले से शुरू हो चुकी है, उन पर भी रोक नहीं होगी।
आचार संहिता का उद्देश्य चुनाव के दौरान सरकारी मशीनरी और संसाधनों के इस्तेमाल से मतदाताओं को प्रभावित करने वाली घोषणाओं या गतिविधियों पर रोक लगाना है।

