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लुधियाना अनाज मंडी में बारिश से किसानों की बढ़ी मुश्किलें, खुले में पड़ी फसल भीगी; खरीद में देरी की आशंका

लुधियाना की अनाज मंडी में बारिश से खुले में पड़ी धान की फसल प्रभावित हुई। किसानों को नमी बढ़ने, खरीद में देरी और फसल की लिफ्टिंग की समस्या का सामना करने की आशंका है।

लुधियाना / सत्ता संदेश

पंजाब के विभिन्न जिलों में हुई बारिश का असर लुधियाना में भी देखने को मिला है। लुधियाना की अनाज मंडी में खुले आसमान के नीचे पड़ी किसानों की फसल बारिश की चपेट में आ गई, जिससे किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं। किसानों को अब फसल की सुरक्षा, नमी बढ़ने और खरीद प्रक्रिया में देरी होने का डर सता रहा है।

किसानों के मुताबिक, बारिश के कारण मंडी में पड़ी धान की फसल में नमी का स्तर बढ़ सकता है। ऐसे में फसल को निर्धारित नमी स्तर तक लाने के लिए धूप निकलने का इंतजार करना पड़ेगा। इससे फसल की खरीद प्रभावित होने और किसानों को मंडियों में अधिक समय तक इंतजार करने की आशंका है।

वहीं, किसानों ने मंडियों में फसल की लिफ्टिंग यानी खरीदी गई उपज को मंडी से उठाने की व्यवस्था पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पहले ही फसल की उठान में देरी के कारण परेशानी हो रही है और अब बारिश ने मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। यदि समय पर फसल की खरीद और उठान नहीं हुई, तो मंडियों में उपज का ढेर लग सकता है।

किसानों ने खेतों में खड़ी फसल पर भी बारिश के संभावित प्रभाव को लेकर चिंता जताई है। उनका कहना है कि मौसम की मार के बीच फसल को सुरक्षित रखना और उचित समय पर उसकी खरीद सुनिश्चित करना बेहद जरूरी है।

अब किसानों की नजर मौसम साफ होने, मंडियों में बेहतर इंतजाम और फसल की समय पर खरीद व उठान पर टिकी है। किसानों को उम्मीद है कि संबंधित अधिकारी उनकी समस्याओं का जल्द समाधान करेंगे, ताकि उन्हें आर्थिक नुकसान और अनावश्यक इंतजार से राहत मिल सके।

पंजाब में बदला मौसम का मिजाज: तेज हवाओं और बारिश का ‘ऑरेंज अलर्ट’, भीषण गर्मी से मिलेगी राहत

पंजाब डेस्क: पंजाब और चंडीगढ़ में मौसम ने करवट बदल ली है, जिससे तपती गर्मी से जूझ रहे लोगों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। पहाड़ी इलाकों में हुई बारिश के कारण मैदानी इलाकों के तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई है।

इन जिलों के लिए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी : मौसम विज्ञान केंद्र, चंडीगढ़ के अनुसार, आज 30 मई को राज्य के कई हिस्सों में तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। विभाग ने पठानकोट, तरनतारन, फाजिल्का, मुक्तसर और बठिंडा में गरज-चमक के साथ ओलावृष्टि (Hailstorm) की आशंका जताते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

तापमान में भारी गिरावट और लू से राहत: मौसम विभाग का अनुमान है कि अगले तीन दिनों में अधिकतम तापमान में 6 से 8 डिग्री सेल्सियस तक की कमी आ सकती है। पिछले 24 घंटों के दौरान पंजाब के तापमान में पहले ही 4.6 डिग्री की गिरावट देखी गई है। बठिंडा में अधिकतम तापमान 43.4 डिग्री दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.8 डिग्री कम रहा। विशेषज्ञों का कहना है कि 4 जून तक लू (Heatwave) का प्रभाव पूरी तरह से कम हो जाएगा।

क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, उत्तर भारत में एक वेस्टर्न डिस्टर्बेंस (Western Disturbance) सक्रिय है। इसके साथ ही पाकिस्तान से राजस्थान और अरब सागर तक एक कम दबाव की प्रणाली (ट्रफ) बनी हुई है, जो हवाओं में अस्थिरता पैदा कर रही है और बारिश व बादलों के लिए अनुकूल परिस्थितियां बना रही है। हालांकि, यह राहत अस्थायी हो सकती है, क्योंकि 4 जून के बाद तापमान एक बार फिर धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हो जाएगा।