जम्मू में टूटा पुल बना ग्रामीणों की बड़ी परेशानी, 10 महीने से नावों के सहारे जिंदगी, कई गांव अब भी दुनिया से कटे
जम्मू / सत्ता संदेश
Jammu and Kashmir के जम्मू क्षेत्र में पिछले वर्ष आई बाढ़ और तेज बहाव के कारण बहा पुल आज भी स्थानीय लोगों के लिए बड़ी समस्या बना हुआ है। लगभग 10 महीने बीत जाने के बाद भी कई गांव अब तक मुख्य मार्गों से पूरी तरह नहीं जुड़ पाए हैं। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को रोजमर्रा की जरूरतों, इलाज, शिक्षा और बाजार तक पहुंचने के लिए अब भी नावों का सहारा लेना पड़ रहा है।
स्थानीय लोगों के अनुसार, पुल बह जाने के बाद प्रशासन की ओर से अस्थायी व्यवस्थाएं तो की गईं, लेकिन स्थायी समाधान अब तक नहीं निकल पाया है। प्रभावित गांवों के लोग हर दिन जान जोखिम में डालकर नदी पार करने को मजबूर हैं। बरसात के मौसम के करीब आने से उनकी चिंताएं और बढ़ गई हैं।
ग्रामीणों ने बताया कि पुल टूटने के कारण बच्चों की पढ़ाई सबसे अधिक प्रभावित हुई है। स्कूल और कॉलेज जाने वाले छात्रों को नावों के जरिए नदी पार करनी पड़ती है, जिससे अभिभावकों में हमेशा डर बना रहता है। कई बार खराब मौसम और तेज बहाव के कारण नाव सेवा भी बंद करनी पड़ती है, जिससे छात्रों की पढ़ाई बाधित हो रही है।
स्वास्थ्य सेवाओं पर भी इसका गंभीर असर पड़ा है। गांव के लोगों का कहना है कि किसी मरीज की हालत अचानक बिगड़ने पर उसे अस्पताल पहुंचाना बेहद मुश्किल हो जाता है। कई मामलों में समय पर इलाज नहीं मिलने से मरीजों की स्थिति गंभीर हो जाती है। गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
स्थानीय व्यापार और खेती-किसानी भी इस समस्या से प्रभावित हुए हैं। किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुंचाने में भारी दिक्कतें हो रही हैं, जबकि रोज कमाने-खाने वाले लोगों की आजीविका पर भी असर पड़ा है। गांवों में जरूरी सामान पहुंचाने में देरी होने से आम लोगों की परेशानियां लगातार बढ़ रही हैं।
ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को समस्या से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक पुल निर्माण का कार्य शुरू नहीं हो सका है। लोगों ने सरकार से जल्द स्थायी पुल बनाने और सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित करने की मांग की है।
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि पुल निर्माण की प्रक्रिया पर काम चल रहा है और संबंधित विभागों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक नया पुल तैयार नहीं होता, तब तक उनकी जिंदगी खतरे और परेशानियों के बीच ही गुजरती रहेगी।
क्षेत्र के लोगों को अब डर है कि यदि मानसून के दौरान नदी का जलस्तर बढ़ा, तो हालात और अधिक खराब हो सकते हैं। ऐसे में ग्रामीणों ने सरकार से जल्द राहत और निर्माण कार्य तेज करने की अपील की है।

