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राजपुरा के नीलम अस्पताल में युवती की मौत से मचा बवाल, पिता ने इंसाफो के लिए खोला मोर्चा

पटियाला / सत्ता संदेश

पटियाला जिले के राजपुरा में स्थित नीलम अस्पताल एकबार फिर विवादों के घेरे में आ गया है। बता दें कि 19 साल की युवती की इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों ने डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाए हैं। वहीं, दिव्यांग पिता पिछले कई घंटों से अपनी बेटी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर अस्पताल के बाहर धरने पर बैठे हैं।

मृतका खुशप्रीत जिला पटियाला के सनौर हलके के गांव भुनरहेड़ी की रहने वाली थी। उसके पिता करमजीत सिंह के अनुसार, वह 8 जुलाई को अपनी बेटी को पित्त की पथरी के ऑपरेशन के लिए नीलम अस्पताल लेकर आए थे। 9 जुलाई को उसका ऑपरेशन किया गया, लेकिन ऑपरेशन के दो दिन बाद 11 जुलाई को उसकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन की कथित लापरवाही के कारण खुशप्रीत की जान गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

घटना के बाद गुस्साए परिजनों और ग्रामीणों ने अस्पताल के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया और अस्पताल परिसर में भी हंगामा किया। उनका कहना था कि बार-बार अस्पताल प्रबंधन से वरिष्ठ अधिकारियों को बुलाने की मांग की गई, लेकिन कई घंटे बीत जाने के बावजूद कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। मीडिया द्वारा भी लगातार अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन समाचार लिखे जाने तक अस्पताल का कोई वरिष्ठ अधिकारी या प्रबंधक आधिकारिक बयान देने के लिए सामने नहीं आया।

मौके पर भारतीय किसान यूनियन शादीपुर के प्रदेश नेता मेजर सिंह मर्दांपुर भी पहुंचे। उन्होंने कहा कि परिवार के अनुसार अस्पताल की लापरवाही के कारण 19 वर्षीय खुशप्रीत की मौत हुई है। उन्होंने प्रशासन से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। फिलहाल अस्पताल प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, पुलिस और प्रशासन से परिजनों की शिकायत के आधार पर आगे की कार्रवाई की मांग की जा रही है। राजपुरा से दीपक कुमार की रिपोर्ट

वरिंदर घुम्मन मौत मामला: अमृतसर फोर्टिस के 4 डॉक्टरों पर FIR दर्ज, SIT जांच में लापरवाही उजागर

पंजाब डेस्क: जालंधर के मशहूर शाकाहारी बॉडी बिल्डर वरिंदर घुम्मन की मौत के मामले में अमृतसर पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 डॉक्टरों के खिलाफ FIR दर्ज की है,। अमृतसर स्थित फोर्टिस एस्कॉर्ट अस्पताल के इन डॉक्टरों पर बीएनएस (BNS) की धारा 106(1) के तहत लापरवाही बरतने के आरोप में केस दर्ज किया गया है।

इन डॉक्टरों पर गिरी गाज:

पुलिस द्वारा दर्ज की गई FIR में निम्नलिखित डॉक्टरों के नाम शामिल हैं:

डॉ. तपिश शुक्ला (ऑर्थोपेडिक सर्जन)

डॉ. अलका तिवारी (कंसल्टेंट एनेस्थीसिया)

डॉ. राजेन्द्र कौर (एनेस्थीसिया विभाग की हेड)

डॉ. अरूण कुमार चोपड़ा (कंसल्टेंट, कार्डियोलॉजी विभाग)

SIT रिपोर्ट में लापरवाही की पुष्टि: वरिंदर घुम्मन का निधन 9 अक्टूबर 2025 को अमृतसर में एक सर्जरी के दौरान हुआ था। परिवार ने शुरू से ही अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए थे, जिसके बाद जिला प्रशासन ने विशेषज्ञों की एक एसआईटी (SIT) गठित की थी। एसआईटी ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रोटोकॉल का पालन नहीं किया गया और घुम्मन की मौत डॉक्टरों की लापरवाही के कारण ही हुई।

परिवार ने जताया न्याय पर भरोसा: घुम्मन के भाई रब्बी बाजवा ने बताया कि परिवार को शुरू से ही एसआईटी से न्याय की उम्मीद थी। उन्होंने कहा कि पहले दिन से उनके द्वारा अस्पताल पर लगाए गए आरोप सही साबित हुए हैं और अब इस रिपोर्ट को आधार बनाकर अस्पताल के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। परिजनों ने बताया कि ऑपरेशन के बाद शव की स्थिति संदिग्ध थी और शरीर का रंग नीला-काला पड़ गया था।