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नए आयकर अधिनियम 2025 के अंतर्राष्ट्रीय कर एवं ट्रांसफर प्राइसिंग प्रावधानों पर CBDT का जागरूकता वेबिनार आयोजित

नई दिल्ली / सत्ता संदेश

आयकर विभाग और पीडब्ल्यूसी इंडिया ने 9 जून को नए आयकर अधिनियम 2025 और नए आयकर नियम, 2026 में परिवर्तन पर “नए आयकर अधिनियम, 2025 की समझ अंतर्राष्ट्रीय कर और हस्तांतरण मूल्य निर्धारण पहलू” विषय पर वेबिनार का आयोजन किया।

इस वेबिनार में अमेरिका, ब्रिटेन, ऑस्ट्रेलिया, चीन, सिंगापुर, साइप्रस, जापान, मॉरीशस, कतर, यूएई आदि सहित 16 देशों के 1,100 से अधिक प्रतिभागियों ने भाग लिया। इस वेबिनार ने भारत में विकसित हो रहे कराधान ढांचे पर आपसी संवाद और ज्ञान साझा करने के लिए एक महत्वपूर्ण मंच के रूप में कार्य किया।

आयकर विभाग की ओर से प्रधान मुख्य आयकर आयुक्त मोनिका भाटिया, मुख्य आयकर आयुक्त रमन चोपड़ा और आयकर आयुक्त 2, नई दिल्ली की डॉ. अंजुला जैन उपस्थित थीं, जबकि पीडब्ल्यूसी इंडिया की ओर से वरिष्ठ साझेदार उपस्थित थे।

उपस्थित लोगों को संबोधित करते हुए मोनिका भाटिया ने विभाग और हितधारकों के सामूहिक प्रयासों पर प्रकाश डाला, जिनके कारण नए आयकर अधिनियम, 2025 में सुचारू रूप से परिवर्तन सुनिश्चित हुआ। उन्होंने सीमा पार हस्तांतरण मूल्य निर्धारण तंत्र, अंतर्राष्ट्रीय सहयोग और वैश्विक कराधान प्रणाली में भारत की बढ़ती भूमिका के महत्व पर भी विस्तार से चर्चा की। इसके अलावा, उन्होंने अग्रिम मूल्य निर्धारण समझौतों की सफलता और प्रासंगिकता के बारे में बात की और करदाताओं के लिए अनुपालन में निश्चितता और सुगमता सुनिश्चित करने में सुरक्षित आश्रय प्रावधानों के महत्व पर जोर दिया।

आयकर अधिनियम, 1961 और आयकर अधिनियम, 2025 के प्रमुख परिवर्तनों, संरचनात्मक सुधारों और तुलनात्मक पहलुओं पर भी एक प्रस्तुति दी गई , जिसमें नए नियम, प्रपत्र और प्रक्रियात्मक अद्यतन शामिल थे। संवादात्मक सत्र के दौरान प्रतिभागियों ने कई प्रश्न पूछे, जिनका उत्तर आयकर विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने दिया। विभिन्न प्रतिभागियों ने इस पहल की सराहना की और विभाग के साथ इस तरह के और अधिक संवादों की अपेक्षा व्यक्त की।

ईरान-इजराइल तनाव के बीच अमेरिका ने खर्च किए ‘थाड’ मिसाइल सिस्टम के करीब आधे इंटरसेप्टर

वाशिंगटन, 22 मई: United States ने ईरान के साथ बढ़ते तनाव और संघर्ष के दौरान Israel की रक्षा में अपनी उन्नत मिसाइल रोधी प्रणाली ‘THAAD’ (टर्मिनल हाई एल्टीट्यूड एरिया डिफेंस) के लगभग आधे भंडार का इस्तेमाल कर लिया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट में यह दावा किया गया है।

अमेरिकी अखबार The Washington Post की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका ने इजराइल को बैलिस्टिक मिसाइल हमलों से बचाने के लिए बड़ी संख्या में ‘थाड’ इंटरसेप्टर मिसाइलें तैनात और इस्तेमाल कीं। यह प्रणाली दुश्मन की मिसाइलों को हवा में ही नष्ट करने में सक्षम मानी जाती है।

रिपोर्ट में कहा गया है कि पश्चिम एशिया में बढ़ते सैन्य तनाव के कारण अमेरिका की रक्षा तैयारियों और हथियार भंडार पर भी दबाव बढ़ा है। हालांकि अमेरिकी रक्षा विभाग की ओर से इस संबंध में आधिकारिक आंकड़े जारी नहीं किए गए हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि यदि क्षेत्र में तनाव लंबे समय तक जारी रहता है, तो अमेरिका को अपने मिसाइल रक्षा भंडार को फिर से मजबूत करने के लिए अतिरिक्त उत्पादन और तैनाती करनी पड़ सकती है।

पेरिस में हुई अमेरिका-चीन व्यापार वार्ता

 बीजिंग, 16 मार्च (एपी) चीन और अमेरिका के प्रतिनिधियों के बीच पेरिस में आर्थिक और व्यापार वार्ता हुई।

इस वार्ता से लगभग दो सप्ताह बाद अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की बीजिंग यात्रा का मार्ग प्रशस्त हो गया।

ट्रंप यहां चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग से मुलाकात करेंगे।

चीन की आधिकारिक समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ के अनुसार, अमेरिका के वित्त मंत्री स्कॉट बेसेंट और चीन के उपप्रधानमंत्री हे लिफेंग के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल रविवार सुबह फ्रांस की राजधानी में एकत्रित हुए।

व्हाइट हाउस ने बताया कि ट्रंप 31 मार्च से दो अप्रैल तक चीन की यात्रा करेंगे हालांकि बीजिंग ने इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की।

बेसेंट ने बृहस्पतिवार को कहा कि उनकी टीम अमेरिका के किसानों, श्रमिकों और व्यवसायों को प्राथमिकता देने वाले कार्य जारी रखेगी।

चीन के वाणिज्य मंत्रालय ने शुक्रवार को बताया था कि दोनों पक्ष ‘आपसी हित के व्यापार और आर्थिक मुद्दों’ पर चर्चा करेंगे।

अमेरिकी हमले में मारे गए 84 ईरानी नाविकों के शव श्रीलंका ने स्वदेश वापस भेजे

कोलंबो, 14 मार्च (भाषा) श्रीलंका ने एक अमेरिकी पनडुब्बी द्वारा डुबोए गए ईरानी नौसेना पोत के 84 नाविकों के शवों को स्वदेश वापस भेज दिया है। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी।

पिछले सप्ताह बुधवार को श्रीलंका ने बताया था कि उसने अमेरिकी पनडुब्बी हमले में द्वीप के दक्षिणी तट पर गाले के पास ईरानी नौसैनिक पोत ‘आईरिस देना’ के डूबने के बाद 84 ईरानी नाविकों के शव बरामद किए हैं।

यह पोत भारत के विशाखापत्तनम से ईरान लौट रहा था जहां इसने नौसेना बेड़े की समीक्षा अभ्यास में हिस्सा लिया था।

दक्षिणी जिले हंबनटोटा के मट्टाला अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर मौजूद पत्रकारों ने बताया कि ये शव तुर्किये के निजी एयरलाइन के विमान से भेजे गये जो शुक्रवार को रवाना हुआ।

मुख्य मजिस्ट्रेट समीरा डोडंगोडा ने 11 मार्च को करापितिया स्थित नेशनल हॉस्पिटल के निदेशक को आदेश दिया था कि वे ‘आईरिस देना’ पोत के 84 नाविकों के शव ईरान के दूतावास को सौंप दें।

अमेरिकी टॉरपीडो के हमले में चार मार्च को मारे गए नाविकों के शवों को गाले के कारपितिया अस्पताल में रखा गया था तथा हमले में जीवित बचे 32 लोगों का इलाज किया गया था।

श्रीलंका सरकार ने पहले कहा था कि स्थिति सुधरने तक वे शवों को अपने पास रखेंगे ताकि उन्हें स्वदेश वापस भेजा जा सके।

हमले में जीवित बचे 32 लोगों को रविवार को अस्पताल से छुट्टी दे दी गई थी।