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पंजाब के फिरोजपुर में भीषण हादसा, पिकअप और ट्रेलर में टक्कर, 9 लोगों की मौत

पंजाब / सत्ता संदेश

पंजाब के फिरोजपुर जिले में शनिवार सुबह एक भीषण सड़क हादसे हो गया। फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर महिंद्रा पिकअप वाहन और एक ट्रेलर के बीच हुई जोरदार टक्कर में 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कुछ गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया।

जलालाबाद क्षेत्र से एक परिवार अपने रिश्तेदारों के साथ महिंद्रा पिकअप वाहन में सवार होकर जा रहा था। बता दें कि वाहन में करीब 25 से 28 लोग मौजूद थे। इसी दौरान फिरोजपुर-फाजिल्का रोड पर जंगा वाले मोड़ के पास गांव हुसैनशाह वाला के नजदीक उनकी गाड़ी एक ट्रेलर से टकरा गई।


पिकअप के परखच्चे उड़ गए

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर इतनी भीषण थी कि पिकअप वाहन के परखच्चे उड़ गए। हादसे में कई लोग वाहन के अंदर ही फंस गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी। शुरुआती जानकारी में चार लोगों की मौके पर ही मौत की बात सामने आई थी, जिनमें तीन पुरुष और एक महिला शामिल थे। बाद में मृतकों की संख्या बढ़कर 9 हो गई।

हादसे में घायल हुए लोगों को तुरंत नजदीकी सरकारी और निजी अस्पतालों में पहुंचाया गया। कई घायलों की हालत गंभीर होने के कारण उन्हें बेहतर इलाज के लिए फरीदकोट रेफर किया गया है। डॉक्टरों की टीम लगातार घायलों के उपचार में जुटी हुई है।


मौके पर पहुंचे एसएसपी

घटना की सूचना मिलते ही एसएसपी सहित पुलिस के आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने घटनास्थल और राहत कार्यों का जायजा लिया। पुलिस ने दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है. फिलहाल यह पता लगाने का कोशिश की जा रही है कि हादसा तेज रफ्तार, लापरवाही या किसी अन्य वजह से हुआ।

इस दर्दनाक हादसे के बाद मृतकों के परिवारों में मातम पसरा हुआ है। अस्पतालों और घटनास्थल पर परिजनों की चीख-पुकार सुनकर हर किसी की आंखें नम हो गईं। प्रशासन की ओर से मृतकों की पहचान और घायलों के उपचार को लेकर आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। वहीं पुलिस पूरे मामले की गहन जांच में जुटी हुई है।

छुट्टी पर आए सेना के जवान ने की आत्महत्या, घर में अकेला था फौजी; परिवार गया था श्री हजूर साहिब

पंजाब डेस्क : पंजाब: पंजाब के बटाला के पास स्थित गांव रंगड़ नंगल में भारतीय सेना के एक जवान द्वारा फंदा लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त करने का दुखद मामला सामने आया है। मृतक की पहचान निर्मलजीत सिंह के रूप में हुई है, जो वर्तमान में राजस्थान में तैनात थे।

पिता की बरसी पर आए थे छुट्टी: परिजनों और सरपंच जसबीर सिंह के अनुसार, निर्मलजीत सिंह करीब 10 दिन पहले अपने पिता की बरसी के कार्यक्रम में शामिल होने के लिए छुट्टी लेकर गांव आए थे। घटना के समय वे घर में अकेले थे, क्योंकि उनकी माता, पत्नी और बच्चे श्री हजूर साहिब (नांदेड़) की यात्रा पर गए हुए थे।

कमरे में पंखे से लटका मिला शव : मंगलवार दोपहर बाद जब चचेरे भाई और अन्य लोग घर पहुंचे, तो उन्होंने निर्मलजीत का शव कमरे में छत वाले पंखे से लटकता हुआ पाया। सरपंच ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। निर्मलजीत अपने पीछे बुजुर्ग माता, पत्नी और 7 व 9 साल के दो बेटों को छोड़ गए हैं।

पुलिस की कार्रवाई और जांच : सूचना मिलते ही डीएसपी हरीश बहल और एसएचओ गुरइकबाल सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बटाला के सिविल अस्पताल भेज दिया है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है और पुलिस परिजनों के बयानों के आधार पर कानूनी कार्रवाई कर रही है।

लुधियाना में 6वीं की छात्रा ने की आत्महत्या: पेपर देकर लौटी थी 13 साल की अंजलि; कमरे में पंखे से लटका मिला शव

पंजाब डेस्क : पंजाब के लुधियाना स्थित ढंडारी खुर्द इलाके में एक बेहद दुखद घटना सामने आई है, जहाँ छठी कक्षा में पढ़ने वाली एक 13 वर्षीय छात्रा ने अपने घर में फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान अंजलि के रूप में हुई है। इस आत्मघाती कदम के बाद से पूरे इलाके में मातम पसरा हुआ है।

परीक्षा देकर लौटी थी छात्रा: परिजनों के अनुसार, अंजलि मंगलवार को स्कूल में अपनी सालाना परीक्षा (Exam) देकर घर लौटी थी। उस समय वह बिल्कुल सामान्य लग रही थी। घर आने के कुछ देर बाद वह अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। काफी देर तक जब कमरे से कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजनों ने दरवाजा खटखटाया।

पंखे से लटका मिला शव: अंदर से कोई जवाब न मिलने पर जब खिड़की से झांक कर देखा गया, तो अंजलि का शव पंखे से लटका हुआ था। परिजनों के शोर मचाने पर पड़ोसी इकट्ठा हुए और दरवाजा तोड़कर बच्ची को नीचे उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। अंजलि के पिता एक फैक्ट्री में काम करते हैं और उसके 4 भाई-बहन हैं।

जांच जारी : घटना की सूचना मिलते ही हेड कांस्टेबल हरबंस सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुँची। पुलिस ने बताया कि मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है।

पुलिस अब छात्रा के स्कूल बैग की तलाशी ले रही है और उसकी सहेलियों से भी पूछताछ की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि कहीं वह किसी मानसिक दबाव या स्कूल की किसी समस्या से तो नहीं जूझ रही थी।पुलिस ने धारा 174 के तहत कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भेज दिया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी।

लुधियाना में बड़ी घटना : नौजवान की गोली मारकर की हत्या, हैरान करेगा पूरा मामला

पंजाब डेस्क: लुधियाना के जमालपुर इलाके में स्थित ग्रीन पार्क में बुधवार दोपहर एक वॉन्टेड क्रिमिनल की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मरने वाले की पहचान राम नगर भामिया के रहने वाले प्रदीप बिल्ला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह पार्क में टहल रहा था।

झगड़े के बाद सिर में मारी गोली: जानकारी के मुताबिक, प्रदीप बिल्ला दो महिलाओं के साथ पार्क में मौजूद था। इसी दौरान स्कूटर सवार दो लोग वहां पहुंचे और बिल्ला से उनकी बहस हो गई। बहस इतनी बढ़ गई कि हमलावरों ने प्रदीप बिल्ला के सिर में गोली मार दी, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद हमलावर और बिल्ला के साथ मौजूद महिलाएं मौके से भाग गईं।

क्रिमिनल बैकग्राउंड और पुलिस जांच: जमालपुर SHO सब-इंस्पेक्टर दलजीत सिंह ने बताया कि मरने वाले प्रदीप बिल्ला के पास उसकी रिवॉल्वर भी थी। बिल्ला पर पहले से ही पांच से छह क्रिमिनल केस दर्ज थे और पुलिस को कई केस में उसकी तलाश थी। पुलिस को घटना की जानकारी शाम 4:30 बजे मिली, जिसके बाद बॉडी को सिविल हॉस्पिटल भेजा गया।

पुलिस की जांच जारी: पुलिस हत्या के कारणों और हमलावरों का पता लगाने के लिए मृतक के दोस्तों और आस-पास के लोगों से पूछताछ कर रही है। गौरतलब है कि यह पार्क जमालपुर चौक के पास है, जहां शाम को लोगों की भारी भीड़ होती है।

पंजाब में बड़ी घटना! प्रवासी मज़दूर ने अपने ही मालिक को मार डाला, खेती के काम के लिए रखा था घर

पंजाब डेस्क: फगवाड़ा के पास मंडाली गांव में एक बहुत ही चौंकाने वाली और दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां खेती के काम के लिए रखे गए एक प्रवासी मज़दूर की गुंडागर्दी और हाथापाई के दौरान जान चली गई।

सूत्रों के मुताबिक, इस घटना की मुख्य जानकारी इस तरह है:

घटना का कारण: मृतक की पत्नी पलविंदर कौर ने बताया कि उनके घर में रहने वाला मज़दूर उन्हें गालियां देने लगा था। जब दविंदर सिंह (मृतक) ने उसे ऐसा करने से रोका, तो मज़दूर गुस्से में आ गया और उसने किसी अनजान चीज़ से उस पर हमला कर दिया।

मौत की पुष्टि: दविंदर सिंह को घायल हालत में तुरंत सिविल अस्पताल फगवाड़ा लाया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इमरजेंसी ड्यूटी पर मौजूद डॉक्टरों ने बताया कि मौत का असली कारण पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद ही पता चलेगा।

पुलिस की कार्रवाई: घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और पूरी जांच शुरू की। आरोपी मज़दूर के खिलाफ़ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।

इलाके में विरोध: इस घटना के बाद गांव मंडाली और आस-पास के इलाकों में दहशत और विरोध का माहौल है। गांववालों ने आरोपियों के खिलाफ़ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

जालंधर का युवक पाकिस्तानी रेंजर्स के हत्थे चढ़ा: शाहकोट से लापता होने के बाद बॉर्डर पार करने का शक

पंजाब डेस्क: जालंधर के शाहकोट इलाके से एक हैरान करने वाली खबर सामने आई है, जहां इस बात की पुष्टि हुई है कि पिछले एक महीने से लापता एक भारतीय युवक पाकिस्तान पहुंच गया है। गांव भोयपुर (शाहकोट) के रहने वाले शरणदीप सिंह को पाकिस्तानी रेंजर्स ने बॉर्डर पार करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।

कसूर सेक्टर में गिरफ्तारी: सूत्रों के मुताबिक, सतनाम सिंह का बेटा शरणदीप सिंह करीब एक महीने पहले संदिग्ध हालात में लापता हो गया था, जिसके बारे में थाने में शिकायत भी दर्ज कराई गई थी। अब पता चला है कि वह भारत-पाकिस्तान बॉर्डर पार कर आया था और उसे वहां के रेंजर्स ने पाकिस्तान के कसूर सेक्टर में हिरासत में ले लिया। फिलहाल यह साफ नहीं है कि युवक किन हालात में बॉर्डर पार कर गया।

परिवार का इकलौता बेटा और क्रिमिनल बैकग्राउंड: शरणदीप के पिता ने बताया कि वह उनका इकलौता बेटा है। जांच के दौरान यह भी पता चला कि शरणदीप के खिलाफ पहले भी FIR दर्ज है और वह कुछ महीने पहले कपूरथला जेल में भी गया था।

सिक्योरिटी एजेंसियों की जांच: भारतीय सिक्योरिटी एजेंसियों को मामले की जानकारी दे दी गई है और आगे की जांच चल रही है। सीनियर पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, उन्हें दो दिन पहले एजेंसियों से जानकारी मिली थी, जिसके बाद अब परिवार से पूछताछ की जा रही है ताकि पता चल सके कि युवक बॉर्डर पर कैसे पहुंचा।

पंजाब में फिर दहशत: पटियाला में स्कूलों को उड़ाने की धमकी, पुलिस हाई अलर्ट पर

पंजाब डेस्क: पंजाब में स्कूलों को निशाना बनाने का सिलसिला जारी है। मंगलवार को पटियाला के अलग-अलग स्कूलों को ई-मेल के ज़रिए स्कूलों को उड़ाने की धमकी मिली, जिससे स्टूडेंट्स, पेरेंट्स और एडमिनिस्ट्रेशन में काफ़ी दहशत है।

धमकी की डिटेल्स: मिली जानकारी के मुताबिक, इस धमकी भरे मेल में दावा किया गया है कि पटियाला में स्कूलों और रेलवे स्टेशनों पर दोपहर 1:11 बजे से रात 9:11 बजे के बीच कभी भी धमाका हो सकता है। हैरानी की बात यह है कि इस मेल में कहा गया है कि सिर्फ़ स्कूलों को ही नहीं बल्कि कुछ पॉलिटिकल हस्तियों को भी निशाना बनाया गया है।

एडमिनिस्ट्रेटिव एक्शन और सिक्योरिटी: मामले की गंभीरता को देखते हुए पटियाला SSP वरुण शर्मा ने कहा कि पुलिस को स्कूलों से इस बारे में जानकारी मिली थी। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया और:संबंधित स्कूलों के आस-पास सिक्योरिटी का घेरा बढ़ा दिया गया है।रेलवे स्टेशन पर विजिलेंस बढ़ा दी गई है और सर्च ऑपरेशन चलाए जा रहे हैं।एहतियात के तौर पर स्कूल मैनेजमेंट ने स्कूलों में छुट्टी कर दी है।

ऐसी तीसरी धमकी मिली: सूत्रों के मुताबिक पंजाब में स्कूलों को उड़ाने की यह तीसरी बड़ी धमकी है।, इससे पहले अमृतसर और जालंधर के स्कूलों में भी दहशत फैलाने के लिए ऐसे ही धमकी भरे ईमेल भेजे गए थे।, पुलिस अब जांच कर रही है कि यह ईमेल कहां से और किसने भेजा है।

अमृतसर में बड़ी घटना! स्कूल के स्टूडेंट्स के बीच हुई खूनी झड़प, अंधाधुंध हुई फायरिंग

पंजाब डेस्क: अमृतसर के लुहारका रोड पर उस समय दहशत का माहौल बन गया जब स्टूडेंट्स के दो ग्रुप्स के बीच लड़ाई खूनी झड़प में बदल गई। इस फायरिंग के दौरान 11वीं क्लास का एक स्टूडेंट गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे तुरंत इलाज के लिए सिविल हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है।

घटना की डिटेल्स: पुलिस के मुताबिक, यह लड़ाई स्कूल में हुई किसी गलतफहमी की वजह से 11वीं और 12वीं क्लास के स्टूडेंट्स के बीच शुरू हुई थी। इसी मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष सुलह के लिए लुहारका रोड पर इकट्ठा हुए थे। लेकिन बातचीत के दौरान फिर से लड़ाई शुरू हो गई और माहौल गरमा गया।

फायरिंग और जांच: लड़ाई के दौरान एक पक्ष के हरिंदर सिंह ने गोली चलाई, जो अशप्रीत सिंह नाम के स्टूडेंट के पैर में लगी। पुलिस को जानकारी मिली है कि मौके पर 5 से 6 राउंड फायरिंग हुई। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि घटना में इस्तेमाल पिस्टल लाइसेंसी थी या नहीं। हालांकि, इस बात की कोई पुष्टि नहीं हुई है कि दूसरी पार्टी ने फायरिंग की थी।

परिवार की मांग: पीड़ित परिवार ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया है कि निज़ामपुर के कुछ लोगों ने उनके बच्चे पर गोली चलाई है। परिवार ने सरकार और प्रशासन से न्याय की मांग की है। पुलिस के मुताबिक, घायल युवक अभी बयान देने की हालत में नहीं है, उसका बयान दर्ज होते ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।